Patna News: बिहार सरकार के ऊर्जा विभाग के सचिव सह-अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक (BSPHCL) अजय यादव (IAS) ने रविवार को डुमरांव (बक्सर) स्थित 132/33 केवी ग्रिड सब-स्टेशन का सघन निरीक्षण किया। इस औचक निरीक्षण से ग्रिड परिसर और बिजली विभाग के अधिकारियों में हड़कंप का माहौल रहा।
निरीक्षण के दौरान ऊर्जा सचिव ने ग्रिड की परिचालन व्यवस्था, बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता और पावर ट्रांसफॉर्मर सहित अन्य सभी प्रमुख उपकरणों की कार्यक्षमता का बारीकी से जायजा लिया।
सुरक्षा मानकों और मेंटेनेंस पर विशेष जोर
अजय यादव ने पूरे ग्रिड परिसर का भ्रमण कर वहां उपलब्ध तकनीकी सुविधाओं और संचालन व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने मौके पर मौजूद इंजीनियरों और अधिकारियों से विभिन्न तकनीकी पहलुओं की जानकारी ली और निम्नलिखित कड़े निर्देश दिए:
- समय पर हो मेंटेनेंस: सभी छोटे-बड़े विद्युत उपकरणों का नियमित और समयबद्ध अनुरक्षण (Maintenance) अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए।
- सुरक्षा मानकों का पालन: ग्रिड संचालन में सुरक्षा मानकों का शत-प्रतिशत अनुपालन होना चाहिए, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
- तुरंत दुरुस्त हो फॉल्ट: किसी भी तरह की तकनीकी खराबी या ट्रिपिंग की समस्या आने पर उसका त्वरित समाधान (Quick Response) किया जाए।
“उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली देना हमारी प्राथमिकता”
अधिकारियों को कार्यशैली में सुधार की हिदायत देते हुए ऊर्जा सचिव ने साफ तौर पर कहा कि विभाग का मुख्य लक्ष्य राज्य के हर नागरिक तक सुरक्षित और निर्बाध बिजली पहुंचाना है।
”किसी भी प्रकार की तकनीकी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उपभोक्ताओं को बिना किसी रुकावट के और सुरक्षित तरीके से बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित करना ऊर्जा विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
— अजय यादव (IAS), ऊर्जा सचिव, बिहार
इस उच्च स्तरीय निरीक्षण के दौरान ऊर्जा विभाग और बिहार स्टेट पावर (होल्डिंग) कंपनी लिमिटेड के कई अन्य वरीय अधिकारी व तकनीकी विशेषज्ञ भी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।


