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श्रावणी मेला 2026: पहली सोमवारी पर सुल्तानगंज के नमामि गंगे घाट पर बिखरेगी लोक भक्ति की छटा, पद्मश्री मालिनी अवस्थी की भव्य सांस्कृतिक प्रस्तुति आज

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Bhagalpur News: विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला के प्रथम सोमवारी के पावन अवसर पर आज, 03 अगस्त को सुल्तानगंज का नमामि गंगे घाट एक ऐतिहासिक और भक्तिमय सांस्कृतिक संध्या का साक्षी बनने जा रहा है। शाम 6:30 बजे से आयोजित होने वाले इस भव्य कार्यक्रम में देश की सुप्रसिद्ध लोक गायिका पद्मश्री मालिनी अवस्थी अपनी सुरीली और मनमोहक प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को भावविभोर करेंगी।

​श्रावणी मेले के सांस्कृतिक आयोजनों की श्रृंखला में यह कार्यक्रम मुख्य आकर्षण का केंद्र रहेगा। इसमें भारतीय सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं और शिव भक्ति की अनुपम छटा देखने को मिलेगी। कांवरियों और स्थानीय लोगों के लिए यह संध्या संगीत और भक्ति का एक अद्भुत संगम साबित होगी।

​जिला प्रशासन की अपील और तैयारियाँ

​जिला प्रशासन, भागलपुर द्वारा कार्यक्रम की तमाम तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं। नमामि गंगे घाट पर सुरक्षा, प्रकाश और बैठने की माकूल व्यवस्था की गई है।

​जिला प्रशासन का संदेश:

भागलपुर जिला प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं, कांवरियों एवं आमजन से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस भव्य सांस्कृतिक संध्या का आनंद लें और कार्यक्रम को सफल बनाएं।

बिहार में 9 से 17 अगस्त तक चलेगा ‘हर घर तिरंगा’ अभियान: 21 लाख से अधिक तिरंगे फहराने की तैयारी

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Patna News: आगामी स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बिहार सरकार के कला एवं संस्कृति विभाग द्वारा 9 अगस्त से 17 अगस्त तक पूरे राज्य में व्यापक स्तर पर ‘हर घर तिरंगा’ अभियान का आयोजन किया जाएगा। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य राज्य के प्रत्येक परिवार तक राष्ट्रीय ध्वज की समयबद्ध उपलब्धता सुनिश्चित करना, अधिकतम घरों और संस्थानों में तिरंगा फहराना, राष्ट्रभक्ति की भावना और जनभागीदारी को बढ़ाना तथा ‘वंदे मातरम’ के 150वें वर्ष का भव्य आयोजन करना है।

​मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग (मुख्य सचिव कोषांग) द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, पूरे अभियान के दौरान फ्लैग कोड (राष्ट्रीय ध्वज संहिता) के नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।

​प्रखंडों के लिए विशेष बजट, 21.36 लाख ध्वजों की होगी उपलब्धता

​राष्ट्रीय ध्वज की निर्बाध आपूर्ति के लिए राज्य सरकार ने विशेष वित्तीय प्रावधान किए हैं:

  • ​प्रखंड वार वित्तीय सहायता: राज्य के प्रत्येक प्रखंड को राष्ट्रीय ध्वज की खरीद के लिए ₹1,00,000 (एक लाख रुपये) की राशि जारी की जा रही है।
  • ​ध्वज खरीद लक्ष्य: प्रत्येक प्रखंड द्वारा लगभग 4,000 राष्ट्रीय ध्वज खरीदे जाएंगे।
  • ​कुल उपलब्धता: बिहार के सभी 534 प्रखंडों के माध्यम से कुल 21.36 लाख राष्ट्रीय ध्वज उपलब्ध कराए जाएंगे।
  • ​वितरण प्रणाली: इन झंडों का वितरण ग्राम पंचायतों, जीविका स्वयं सहायता समूहों (SHGs), प्राथमिक कृषि साख समितियों (PACS) तथा स्थानीय संस्थाओं के जरिए आम जनमानस तक किया जाएगा।

​अभियान के दौरान आयोजित होंगे ये प्रमुख कार्यक्रम

​’हर घर तिरंगा’ अभियान को जन-आंदोलन का रूप देने के लिए राज्य और जिला स्तर पर विभिन्न गतिविधियों का आयोजन होगा:

  1. ​तिरंगा यात्राएं: बाइक और साइकिल रैलियों का आयोजन।
  2. ​सांस्कृतिक आयोजन: ‘वंदे मातरम’ का सामूहिक गायन, तिरंगा रंगोली प्रतियोगिताएं और प्रदर्शनियां।
  3. ​रोशनी से जगमगाएंगे भवन: सभी प्रमुख सरकारी भवनों को त्रिवर्णीय (तिरंगे के रंगों की) रोशनी से सजाया जाएगा।
  4. ​डिजिटल सहभागिता: “Selfie with Tiranga” अभियान चलाकर युवाओं को जोड़ा जाएगा।

​मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत का जिलाधिकारियों को सख्त निर्देश

​अभियान की सफलता सुनिश्चित करने के लिए बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सभी जिलाधिकारियों (DM) को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं:

    • ​12 अगस्त को भव्य तिरंगा यात्रा: 12 अगस्त को जिला स्तर पर समाज के सभी वर्गों, जनप्रतिनिधियों, एनसीसी (NCC), एनएसएस (NSS), ‘मेरा युवा भारत’ और खेल क्लबों को शामिल कर भव्य तिरंगा यात्रा निकाली जाए।
    • ​सीमावर्ती क्षेत्रों पर विशेष ध्यान: अंतरराष्ट्रीय (बॉर्डर) सीमा से सटे इलाकों के प्रत्येक घर पर 100% तिरंगा फहराना अनिवार्य किया गया है।
    • ​दैनिक समीक्षा: प्रखंड विकास अधिकारियों (BDO) के माध्यम से पंचायतवार वितरण की योजना बनेगी और जिलाधिकारी प्रतिदिन इसकी समीक्षा करेंगे।

​मुख्य सचिव का संदेश:

“हर घर तिरंगा केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनभागीदारी से जन-आंदोलन बनाने की मुहिम है। सभी जिला पदाधिकारी यह सुनिश्चित करें कि राज्य के हर घर, सरकारी कार्यालय, विद्यालय एवं सार्वजनिक संस्थान में पूरे सम्मान के साथ तिरंगा फहराया जाए।”

नवगछिया पुलिस की बड़ी कामयाबी: 50 हजार का इनामी कुख्यात अपराधी रोशन कुमार गिरफ्तार

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Bhagalpur News: नवगछिया पुलिस को अपराध नियंत्रण की दिशा में एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। जिले के टॉप-10 अपराधियों की सूची में शामिल और 50 हजार रुपये के इनामी कुख्यात अपराधी रोशन कुमार को पुलिस ने धर दबोचा है। लंबे समय से फरार चल रहे इस अपराधी की गिरफ्तारी से क्षेत्र में पुलिसिया दबदबे को और मजबूती मिली है।

​गुप्त सूचना पर भवानीपुर थाना क्षेत्र से हुई कार्रवाई

​मामले की जानकारी देते हुए नवगछिया एसपी वैभव शर्मा ने बताया कि आरोपी रोशन कुमार लंबे समय से हत्या, लूट और अन्य संगीन आपराधिक मामलों में वांछित था। पुलिस की विशेष टीम उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही थी।

​इसी क्रम में पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि आरोपी भवानीपुर थाना क्षेत्र स्थित जे.पी. कॉलेज के समीप देखा गया है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घेराबंदी की और उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।

​हथियार बरामद, आर्म्स एक्ट के तहत नया मामला दर्ज

​पुलिस द्वारा की गई तलाशी के दौरान गिरफ्तार अपराधी के पास से निम्नलिखित अवैध हथियार बरामद किए गए हैं:

  • ​एक देसी कट्टा
  • ​दो जिंदा कारतूस

​बरामदगी के संबंध में पुलिस ने भवानीपुर थाने में आर्म्स एक्ट के तहत एक नया मामला दर्ज कर लिया है।

​गोपालपुर का रहने वाला है इनामी रोशन, कई संगीन मामले हैं दर्ज

​पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गिरफ्तार अपराधी रोशन कुमार गोपालपुर थाना क्षेत्र का निवासी है। उस पर हत्या, लूट, रंगदारी और आर्म्स एक्ट समेत कई गंभीर और संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं।

​एसपी वैभव शर्मा ने बताया कि आरोपी से कड़ाई से पूछताछ की जा रही है। उसके आपराधिक नेटवर्क और गिरोह से जुड़े अन्य अपराधियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए भी लगातार छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है।

मानव सेवा ही ईश्वर सेवा: श्री सत्य साईं सेवा संगठन ने कुमरसार में कांवड़ियों की सेवा कर पेश की मिसाल

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Bhagalpur News: मानव सेवा ही सबसे बड़ी ईश्वर सेवा है’—इसी मूलमंत्र को साकार करते हुए श्री सत्य साईं सेवा संगठन, के बैनर तले भागलपुर के प्रसिद्ध व्यवसाई  सूडू साईं की ओर से कुमरसार में विशाल कांवड़िया सेवा शिविर का आयोजन किया गया। इस वर्ष संगठन के सेवा कार्य का 22वां वर्ष है। पिछले 22 सालों से लगातार साईं भक्त देवघर जाने वाले उत्तरवाहिनी गंगाजल लेकर चल रहे शिवभक्तों की निस्वार्थ सेवा करते आ रहे हैं।

​इस अवसर पर प्रीतम वर्मा सहित कई वरिष्ठ साईं भक्तों की मौजूदगी में कांवड़ियों की सेवा कर पुण्य लाभ अर्जित किया गया। शिविर में बाबा भोलेनाथ के भक्तों के लिए खान-पान से लेकर दवाइयों और मालिश तक की समुचित व्यवस्था की गई थी।

​सेवा ही संकल्प: इन सामग्रियों से की गई कांवड़ियों की सेवा

​लगातार पैदल चलने से थके-मांदे कांवड़ियों की थकान मिटाने और उन्हें ऊर्जा देने के लिए शिविर में विभिन्न प्रकार की सुविधाएं और खाद्य सामग्रियां उपलब्ध कराई गईं:

  • ​ऊर्जावर्धक फल एवं पेय: कांवड़ियों के लिए ताजा सेब, केला, नींबू शरबत, मुरब्बा और गरमा-गरम चाय की व्यवस्था की गई।
  • ​स्वास्थ्य एवं प्राथमिक चिकित्सा: पैरों के छालों और दर्द से राहत दिलाने के लिए नवरत्न तेल, पेन रिलीफ स्प्रे (Moov Spray), दर्द निवारक मलहम, गर्म पानी और प्राथमिक उपचार की पूरी सुविधा दी गई।

​दिग्गजों और साईं भक्तों की रही गरिमामयी उपस्थिति

​इस सेवा कार्य में संगठन और क्षेत्र के कई गणमान्य व्यक्तियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपने हाथों से कांवड़ियों की सेवा की। कार्यक्रम के दौरान मुख्य रूप से:

  • ​डॉ. अनिरुद्ध मंडल जी
  • ​किशोर यादव जी
  • ​प्रीतम वर्मा जी
  • ​प्रीतम कुमार जी
  • ​अमृत राज उर्फ रानू जी

​तथा ‘साईं विहार’ के कई अन्य समर्पित सदस्य एवं साईं भक्त पूरे उत्साह के साथ उपस्थित रहे।

​’बोल बम और हर-हर महादेव’ से गूंजा शिविर

​शिविर स्थल पूरे दिन ‘हर-हर महादेव’, ‘बोल बम’ और ‘जय साईं राम’ के भक्तिमय जयकारों से गुंजायमान रहा। साईं भक्तों ने कहा कि कांवड़ियों के चेहरे की मुस्कान और उनका आशीर्वाद ही इस सेवा का सबसे बड़ा पुरस्कार है। संगठन का यह संकल्प आगे भी इसी श्रद्धा और निष्ठा के साथ जारी रहेगा।

​सावन की पहली सोमवारी: अजगैवीनाथ धाम में उमड़ा आस्था का जनसैलाब, 5 लाख कांवड़ियों ने उठाया उत्तरवाहिनी गंगाजल

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Bhagalpur News: पवित्र सावन महीने की पहली सोमवारी पर सुल्तानगंज स्थित प्रसिद्ध अजगैवीनाथ धाम में आस्था का अभूतपूर्व सैलाब उमड़ पड़ा। बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल सहित देश-विदेश से पहुंचे लगभग 5 लाख श्रद्धालुओं और कांवड़ियों ने उत्तरवाहिनी गंगा में आस्था की पवित्र डुबकी लगाई। इसके बाद पौराणिक अजगैवीनाथ मंदिर में स्थित बाबा भोलेनाथ के शिवलिंग पर जलाभिषेक कर माता पार्वती की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। पूरे दिन शहर ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के गगनभेदी जयकारों से गुंजायमान रहा।

​पहली सोमवारी का विशेष महत्व

​मान्यता है कि सावन की सोमवारी को बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इसी विशेष धार्मिक महत्व के कारण स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ-साथ दूर-दराज से आए कांवड़िए गंगा जल भरकर बाबा बैद्यनाथ धाम (देवघर) की पैदल व वाहन यात्रा के लिए रवाना हुए।

​मंदिर के महंत प्रेमानंद गिरी ने बताया कि:

​”सावन माह में सोमवारी व्रत और जलाभिषेक का अत्यंत धार्मिक महत्व है। इस बार सावन में चार सोमवारी पड़ रही हैं। पहली सोमवारी को जलाभिषेक करने से शिव कृपा प्राप्त होती है।”

 

​सुरक्षा के कड़े इंतजाम, DSP ने लिया जायजा

​श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा गंगा घाट से लेकर पूरे शहर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। व्यवस्था और सुरक्षा का जायजा लेने के लिए डीएसपी नवनीत कुमार ने खुद मंदिर परिसर और गंगा घाटों का निरीक्षण किया।

​हालांकि, महंत प्रेमानंद गिरी ने यह भी उल्लेख किया कि अत्यधिक सुरक्षा घेरे के कारण कभी-कभी पुजारियों को निर्बाध पूजा-अर्चना कराने में थोड़ी व्यावहारिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

​नगर परिषद की तीन पारियों में सफाई, तो पेयजल व्यवस्था पर उठे सवाल

  • ​स्वच्छता व्यवस्था: नगर परिषद सुल्तानगंज द्वारा सुगम इंडिया लिमिटेड एजेंसी के माध्यम से पूरे सावन महीने में तीन शिफ्टों (Shift) में लगातार विशेष सफाई अभियान चलाया जा रहा है, जिससे घाट और मार्ग स्वच्छ रहें।
  • ​पेयजल की समस्या: प्रशासनिक दावों के बीच पीएचडी (PHED) विभाग की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। मंदिर परिसर में पानी की उचित व्यवस्था न होने के कारण दूर-दराज से आए कांवड़ियों को पीने के पानी के लिए काफी समस्याओं का सामना करना पड़ा।

भागलपुर: मौसी के घर जाने निकला बिहपुर का सोनू कुमार लापता, चंपानगर पुल के पास टोटो से उतरने के बाद से सुराग नहीं

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले के बिहपुर थाना क्षेत्र स्थित अमरी बिशनपुर (ग्राम- बिशनपुर) से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। मणिकांत मंडल का पुत्र सोनू कुमार शुक्रवार से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता है। परिजनों द्वारा संभावित ठिकानों पर काफी खोजबीन की गई, लेकिन अब तक सोनू का कोई सुराग नहीं मिल सका है।

​चंपानगर पुल के पास से हुआ लापता

​परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, सोनू शुक्रवार को अपने घर से ‘मौसी के घर जाने’ की बात कहकर निकला था। रास्ते में वह चंपानगर पुल (चंपा पुल) के पास टोटो (ई-रिक्शा) से उतर गया। इसके बाद से वह अचानक गायब हो गया और उसका कोई पता नहीं चला।

​सोनू के घर न पहुंचने और कोई संपर्क न होने पर परिजनों ने अपने स्तर से सभी रिश्तेदारों और आसपास के क्षेत्रों में काफी खोजबीन की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। घटना के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे किसी अनहोनी की आशंका से डरे हुए हैं।

​परिजनों का पता और पहचान का विवरण:

  • ​लापता युवक: सोनू कुमार
  • ​पिता का नाम: मणिकांत मंडल
  • ​ग्राम: बिशनपुर (पोस्ट: अमरी बिशनपुर)
  • ​थाना: बिहपुर | जिला: भागलपुर
  • ​पिन कोड: 812004

​📢 परिजनों की भावुक अपील (इन नंबरों पर दें सूचना):

​यदि किसी भी व्यक्ति को सोनू कुमार के संबंध में कोई भी जानकारी मिलती है या वह कहीं दिखाई देता है, तो कृपया तुरंत परिजनों के नीचे दिए गए मोबाइल नंबरों पर संपर्क करें:

​📞 संपर्क नंबर:

👉 7710030920

👉 7296094766

👉 9256181705

विक्रमशिला सेतु 30 नवंबर तक होगा पूरी तरह बहाल, सुल्तानगंज-अगुवानी घाट पुल नवंबर 2027 तक होगा तैयार

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Patna News: बिहार में सड़कों और पुलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए पथ निर्माण विभाग एक्शन मोड में आ गया है। विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें विक्रमशिला सेतु के जीर्णोद्धार और सुल्तानगंज-अगुवानी घाट गंगा पुल परियोजना की प्रगति का बारीकी से जायजा लिया गया। सचिव ने सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर हर हाल में पूरे किए जाएं।

​1. विक्रमशिला सेतु: 30 नवंबर 2026 तक आवागमन होगा सामान्य

​बैठक के दौरान विक्रमशिला सेतु के पुनर्निर्माण, बेली ब्रिज की मौजूदा स्थिति और बेयरिंग जांच जैसे महत्वपूर्ण तकनीकी पहलुओं पर चर्चा हुई।

    • ​सामग्री की उपलब्धता: निर्माण सामग्री को साइट पर पहुंचाने का काम तेजी से जारी है। इसके लिए एक समर्पित टीम तैनात की गई है, जो 25 अगस्त 2026 तक सामग्री आपूर्ति का काम पूरा कर लेगी।
    • ​स्पैन तोड़ने का काम: विक्रमशिला सेतु पर यातायात परिचालन बंद होते ही सेतु का स्पैन तोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। समीक्षा के दौरान आईआईटी पटना की जांच रिपोर्ट पर भी विस्तार से विचार-विमर्श हुआ।
    • ​मरम्मत एवं बेयरिंग कार्य: सेतु के बेयरिंग और जॉइंट्स की मरम्मत के कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया है। साथ ही बेली ब्रिज को हटाने की योजना पर भी सहमति बनी।
    • ​डेडलाइन: सचिव ने एजेंसी को सख्त हिदायत दी कि 30 नवंबर 2026 तक विक्रमशिला सेतु को पुनः अपनी पूर्व स्थिति में बहाल कर दिया जाए।

​बैठक में मौजूद प्रमुख अधिकारी: बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड के चेयरमैन धर्मेंद्र कुमार, ब्रिज एक्सपर्ट आलोक भौमिक, निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि एवं विभाग के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी।

 

​2. सुल्तानगंज-अगुवानी घाट गंगा पुल: नवंबर 2027 तक बनकर होगा तैयार

​विक्रमशिला सेतु के बाद सचिव पंकज कुमार पाल ने भागलपुर और खगड़िया जिलों को जोड़ने वाली महत्वाकांक्षी सुल्तानगंज-अगुवानी घाट गंगा पुल परियोजना की समीक्षा की।

      • ​महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी: गंगा नदी पर बन रहा यह 4-लेन केबल-स्टेड पुल (सह फुटपाथ) क्षेत्र में व्यापार, परिवहन और आर्थिक विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
      • ​पहुँच पथ (Approach Road): इस परियोजना के 20.3 किलोमीटर लंबे पहुँच पथ का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है।
      • ​एजेंसी का आश्वासन: समीक्षा के दौरान कार्यदायी एजेंसी ने आश्वस्त किया कि पूर्व निर्धारित टाइमलाइन के अनुसार नवंबर 2027 तक संपूर्ण पुल निर्माण का कार्य पूरा कर लिया जाएगा।

​गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं

​सचिव पंकज कुमार पाल ने सख्त लहजे में कहा कि दोनों परियोजनाओं के निर्माण में गुणवत्ता और समयसीमा का कड़ाई से पालन होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों और एजेंसियों को आपस में समन्वय बनाकर नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए और साफ चेतावनी दी कि निर्माण कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

श्रावणी मेला 2026: कांवड़ियों की सुविधा को लेकर प्रशासन अलर्ट; विक्रमशिला पुल का एसडीएम व सिटी डीएसपी ने किया निरीक्षण

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Bhagalpur News: विश्वप्रसिद्ध श्रावणी मेले के दौरान लाखों कांवड़ियों और श्रद्धालुओं की सुरक्षित, सहज और सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से भागलपुर जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। इसी कड़ी में गुरुवार को भागलपुर के सदर अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) विकास कुमार और सिटी डीएसपी अजय चौधरी ने रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण विक्रमशिला पुल का संयुक्त निरीक्षण किया।

​निरीक्षण के दौरान दोनों अधिकारियों ने पुल पर यातायात व्यवस्था, सुरक्षा इंतजामों और कांवड़ियों के आवागमन की वास्तविक स्थिति का बारीकी से जायजा लिया।

​जाम से निपटने और मुस्तैदी के दिए सख्त निर्देश

​पुल पर निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मौके पर मौजूद संबंधित अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को निर्देश दिया कि श्रावणी मेले के दौरान किसी भी श्रद्धालु को किसी तरह की अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। विशेष रूप से यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि कांवड़ियों और श्रद्धालुओं के लिए निर्धारित मार्ग पूरी तरह सुचारु रहे और भारी वाहनों का संचालन व्यवस्थित ढंग से किया जाए।

​प्रशासन का मुख्य फोकस पुल पर संभावित जाम की स्थिति को रोकना है। इसके लिए ट्रैफिक डायवर्जन, वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने, प्रमुख बिंदुओं पर बैरिकेडिंग और संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी व पुलिस बल के जरिए निगरानी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।

​अधिकारियों का बयान: सुरक्षा और सुविधा पहली प्राथमिकता

​“प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है कि श्रावणी मेले के दौरान भागलपुर से होकर गुजरने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित और सुगम यात्रा का अनुभव मिले। विक्रमशिला पुल पर यातायात व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए अधिकारियों और पुलिस बल को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।”

— विकास कुमार, सदर एसडीओ, भागलपुर

 

​“यातायात व्यवस्था को पूरी तरह चुस्त-दुरुस्त रखने के लिए पुलिस टीम लगातार फ्लैग मार्च और निगरानी कर रही है। आवश्यकता पड़ने पर पुल और उसके पहुंच मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती भी की जाएगी ताकि वाहनों का परिचालन बाधित न हो।”

— अजय चौधरी, सिटी डीएसपी, भागलपुर

 

​श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण कदम

​विक्रमशिला पुल अंग क्षेत्र और सीमावर्ती राज्यों (पश्चिम बंगाल, झारखंड और असम) से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए मुख्य मार्ग है। ऐसे में श्रावणी मेले के मद्देनजर जिला प्रशासन की यह पहल श्रद्धालुओं की सुरक्षा, समय की बचत और सुगम आवागमन सुनिश्चित करने की दिशा में बेहद महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

सुल्तानगंज में श्रावणी मेले का भव्य आगाज, ‘बोल बम’ के जयकारों से गूंजा उत्तरवाहिनी गंगा तट

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Bhagalpur News: विश्वप्रसिद्ध श्रावणी मेले का विधिवत और भव्य शुभारंभ हो गया है। सुल्तानगंज के पवित्र उत्तरवाहिनी गंगा तट पर जैसे ही मेले का औपचारिक उद्घाटन हुआ, पूरा क्षेत्र ‘बोल बम’, ‘हर-हर महादेव’ और ‘जय बाबा बैद्यनाथ’ के गगनभेदी जयघोषों से गुंजायमान हो उठा। उद्घाटन के साथ ही देश-विदेश से पहुंचे लाखों शिवभक्तों का अपार जनसैलाब उमड़ पड़ा है, जिससे सुल्तानगंज से लेकर देवघर तक फैला लगभग 98 किलोमीटर लंबा कांवड़िया पथ पूरी तरह से भगवामयी रंग में रंग गया है।

​भक्तिमय माहौल: डमरू की ताल और ‘बोल बम’ की गूंज

​उत्तरवाहिनी गंगा में आस्था की डुबकी लगाकर और पवित्र गंगाजल भरकर बाबा बैद्यनाथ धाम (देवघर) की ओर प्रस्थान करते श्रद्धालुओं के असीम उत्साह से पूरा माहौल शिवभक्ति में लीन हो गया है।

​कांवड़ियों के कंधों पर सजी आकर्षक कांवड़, हाथों में डमरू की ताल, भक्ति गीतों की मधुर गूंज और जगह-जगह लगे सेवा शिविरों की चहल-पहल ने सुल्तानगंज को देश की सबसे बड़ी धार्मिक यात्रा के जीवंत प्रवेश द्वार के रूप में स्थापित कर दिया है। गंगा घाटों से लेकर मुख्य सड़कों, कच्चा कांवड़िया पथ और विश्राम शिविरों तक हर तरफ सिर्फ और सिर्फ श्रद्धालुओं का तांता नजर आ रहा है।

​श्रद्धालुओं और जिला प्रशासन का क्या है कहना?

​“उत्तरवाहिनी गंगा से जल उठाकर बाबा धाम जाने का अनुभव अद्भुत है। प्रशासन की ओर से घाटों पर सफाई, पेयजल और चेंजिंग रूम की अच्छी व्यवस्था की गई है। कांवड़ उठाते ही सारा थकावट दूर हो जाता है और सिर्फ बाबा बैद्यनाथ का ध्यान रहता है।”

— शिवभक्त श्रद्धालु (कांवड़िया)

 

​“श्रावणी मेले में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु की सुरक्षा, सुगम आवागमन और स्वास्थ्य सुविधाएं हमारी पहली प्राथमिकता हैं। गंगा घाटों से लेकर पूरे कांवड़िया पथ पर पुलिस बल, मजिस्ट्रेट, मेडिकल टीम और एनडीआरएफ/एसडीआरएफ की तैनाती की गई है। श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए जिला प्रशासन 24 घंटे मुस्तैद है।”

— अलंकृता पांडे, जिलाधिकारी (DM), भागलपुर

 

​श्रद्धालुओं के लिए व्यापक प्रशासनिक इंतजाम

​इस विशाल धार्मिक आयोजन को सुरक्षित, स्वच्छ और सुगम बनाने के लिए भागलपुर जिला प्रशासन ने बहुस्तरीय इंतजाम किए हैं:

  • ​सुरक्षा व निगरानी: पूरे मेला क्षेत्र और कांवड़िया पथ पर सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन से निगरानी रखी जा रही है। जगह-जगह वॉच टावर और नियंत्रण कक्ष बनाए गए हैं।
  • ​स्वास्थ्य सेवाएं: 24 घंटे कार्यरत अस्थाई अस्पताल, एम्बुलेंस और मेडिकल टीमों को तैनात किया गया है।
  • ​यातायात व रेलवे: श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष ट्रेनें चलाई जा रही हैं और शहर में सुचारू यातायात के लिए रूट डायवर्जन लागू किया गया है।
  • ​पेयजल व स्वच्छता: कांवड़िया पथ पर बालू बिछाने के साथ-साथ जगह-जगह वाटरप्रूफ शेड, स्वच्छ पेयजल और वॉटर स्प्रिंकलर की व्यवस्था की गई है।

ललमटिया थाना पुलिस की बड़ी कार्रवाई: देसी कट्टा और जिंदा कारतूस के साथ 3 शातिर अपराधी गिरफ्तार

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Bhagalpur News: भागलपुर पुलिस ने अपराध नियंत्रण अभियान के तहत एक बार फिर बड़ी सफलता हासिल की है। ललमटिया थाना पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए तीन संदिग्ध अपराधियों को एक देसी कट्टा, एक जिंदा कारतूस, एक मोटरसाइकिल और डंडे के साथ रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से क्षेत्र में किसी बड़ी आपराधिक घटना की साजिश नाकाम हो गई है।

​गुप्त सूचना पर पुलिस की बड़ी घेराबंदी

​मामले का खुलासा करते हुए सिटी एसपी अतूलेश झा ने बताया कि वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) के निर्देश पर शहर में विशेष चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसी दौरान ललमटिया थाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि अल्पसंख्यक बालिका छात्रावास के पास कुछ संदिग्ध युवक अवैध हथियार के साथ किसी गंभीर वारदात को अंजाम देने की नीयत से मंडरा रहे हैं।

​सूचना के मिलते ही सिटी एसपी के मार्गदर्शन में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO-2) और ललमटिया थानाध्यक्ष के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए मौके पर पहुंचकर जाल बिछाया।

​भागने की कोशिश नाकाम, तलाशी में मिला कट्टा

​छापेमारी के दौरान पुलिस टीम ने एक ही मोटरसाइकिल पर सवार तीन युवकों को आते देखा। पुलिस बल को देखते ही तीनों आरोपी बाइक मोड़कर भागने का प्रयास करने लगे, लेकिन पहले से सतर्क पुलिस जवानों ने मुस्तैदी दिखाते हुए उन्हें चारों तरफ से घेरकर दबोच लिया।

​जब पुलिस ने तीनों की सघन तलाशी ली, तो उनके पास से एक देसी कट्टा, एक जिंदा कारतूस, घटना में इस्तेमाल मोटरसाइकिल और एक डंडा बरामद किया गया।

​“अल्पसंख्यक बालिका छात्रावास के पास अपराधियों के जुटने की गुप्त सूचना मिली थी। पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन अभियुक्तों को हथियार और कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है। इनकी गिरफ्तारी से एक बड़ी घटना टल गई है।”

— अतूलेश झा, सिटी एसपी, भागलपुर

 

​गिरफ्तार अपराधियों की पहचान

​पुलिस हिरासत में आए तीनों आरोपी शहर के अलग-अलग थाना क्षेत्रों के रहने वाले हैं:

  1. ​मो. साहिद (निवासी: हुसैनाबाद, थाना- बरारी)
  2. ​मो. निसाद (निवासी: धोबिया काली, थाना- विश्वविद्यालय)
  3. ​मो. इजियाज (निवासी: शाहजंगी, थाना- हबीबपुर)

​आर्म्स एक्ट में केस दर्ज, खंगाला जा रहा आपराधिक इतिहास

​ललमटिया थाना में तीनों आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट (Arms Act) और अन्य सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया की जा रही है। पुलिस अब इन आरोपियों के पुराने आपराधिक इतिहास (Criminal Antecedents) और इनके संभावित नेटवर्क को खंगालने में जुटी है कि वे किस घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे थे।