Bhagalpur News: विश्वप्रसिद्ध श्रावणी मेले का विधिवत और भव्य शुभारंभ हो गया है। सुल्तानगंज के पवित्र उत्तरवाहिनी गंगा तट पर जैसे ही मेले का औपचारिक उद्घाटन हुआ, पूरा क्षेत्र ‘बोल बम’, ‘हर-हर महादेव’ और ‘जय बाबा बैद्यनाथ’ के गगनभेदी जयघोषों से गुंजायमान हो उठा। उद्घाटन के साथ ही देश-विदेश से पहुंचे लाखों शिवभक्तों का अपार जनसैलाब उमड़ पड़ा है, जिससे सुल्तानगंज से लेकर देवघर तक फैला लगभग 98 किलोमीटर लंबा कांवड़िया पथ पूरी तरह से भगवामयी रंग में रंग गया है।
भक्तिमय माहौल: डमरू की ताल और ‘बोल बम’ की गूंज
उत्तरवाहिनी गंगा में आस्था की डुबकी लगाकर और पवित्र गंगाजल भरकर बाबा बैद्यनाथ धाम (देवघर) की ओर प्रस्थान करते श्रद्धालुओं के असीम उत्साह से पूरा माहौल शिवभक्ति में लीन हो गया है।
कांवड़ियों के कंधों पर सजी आकर्षक कांवड़, हाथों में डमरू की ताल, भक्ति गीतों की मधुर गूंज और जगह-जगह लगे सेवा शिविरों की चहल-पहल ने सुल्तानगंज को देश की सबसे बड़ी धार्मिक यात्रा के जीवंत प्रवेश द्वार के रूप में स्थापित कर दिया है। गंगा घाटों से लेकर मुख्य सड़कों, कच्चा कांवड़िया पथ और विश्राम शिविरों तक हर तरफ सिर्फ और सिर्फ श्रद्धालुओं का तांता नजर आ रहा है।
श्रद्धालुओं और जिला प्रशासन का क्या है कहना?
“उत्तरवाहिनी गंगा से जल उठाकर बाबा धाम जाने का अनुभव अद्भुत है। प्रशासन की ओर से घाटों पर सफाई, पेयजल और चेंजिंग रूम की अच्छी व्यवस्था की गई है। कांवड़ उठाते ही सारा थकावट दूर हो जाता है और सिर्फ बाबा बैद्यनाथ का ध्यान रहता है।”
— शिवभक्त श्रद्धालु (कांवड़िया)
“श्रावणी मेले में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु की सुरक्षा, सुगम आवागमन और स्वास्थ्य सुविधाएं हमारी पहली प्राथमिकता हैं। गंगा घाटों से लेकर पूरे कांवड़िया पथ पर पुलिस बल, मजिस्ट्रेट, मेडिकल टीम और एनडीआरएफ/एसडीआरएफ की तैनाती की गई है। श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए जिला प्रशासन 24 घंटे मुस्तैद है।”
— अलंकृता पांडे, जिलाधिकारी (DM), भागलपुर
श्रद्धालुओं के लिए व्यापक प्रशासनिक इंतजाम
इस विशाल धार्मिक आयोजन को सुरक्षित, स्वच्छ और सुगम बनाने के लिए भागलपुर जिला प्रशासन ने बहुस्तरीय इंतजाम किए हैं:
- सुरक्षा व निगरानी: पूरे मेला क्षेत्र और कांवड़िया पथ पर सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन से निगरानी रखी जा रही है। जगह-जगह वॉच टावर और नियंत्रण कक्ष बनाए गए हैं।
- स्वास्थ्य सेवाएं: 24 घंटे कार्यरत अस्थाई अस्पताल, एम्बुलेंस और मेडिकल टीमों को तैनात किया गया है।
- यातायात व रेलवे: श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष ट्रेनें चलाई जा रही हैं और शहर में सुचारू यातायात के लिए रूट डायवर्जन लागू किया गया है।
- पेयजल व स्वच्छता: कांवड़िया पथ पर बालू बिछाने के साथ-साथ जगह-जगह वाटरप्रूफ शेड, स्वच्छ पेयजल और वॉटर स्प्रिंकलर की व्यवस्था की गई है।


