Bhagalpur News: पवित्र सावन महीने की पहली सोमवारी पर सुल्तानगंज स्थित प्रसिद्ध अजगैवीनाथ धाम में आस्था का अभूतपूर्व सैलाब उमड़ पड़ा। बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल सहित देश-विदेश से पहुंचे लगभग 5 लाख श्रद्धालुओं और कांवड़ियों ने उत्तरवाहिनी गंगा में आस्था की पवित्र डुबकी लगाई। इसके बाद पौराणिक अजगैवीनाथ मंदिर में स्थित बाबा भोलेनाथ के शिवलिंग पर जलाभिषेक कर माता पार्वती की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। पूरे दिन शहर ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के गगनभेदी जयकारों से गुंजायमान रहा।
पहली सोमवारी का विशेष महत्व
मान्यता है कि सावन की सोमवारी को बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इसी विशेष धार्मिक महत्व के कारण स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ-साथ दूर-दराज से आए कांवड़िए गंगा जल भरकर बाबा बैद्यनाथ धाम (देवघर) की पैदल व वाहन यात्रा के लिए रवाना हुए।
मंदिर के महंत प्रेमानंद गिरी ने बताया कि:
”सावन माह में सोमवारी व्रत और जलाभिषेक का अत्यंत धार्मिक महत्व है। इस बार सावन में चार सोमवारी पड़ रही हैं। पहली सोमवारी को जलाभिषेक करने से शिव कृपा प्राप्त होती है।”
सुरक्षा के कड़े इंतजाम, DSP ने लिया जायजा
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा गंगा घाट से लेकर पूरे शहर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। व्यवस्था और सुरक्षा का जायजा लेने के लिए डीएसपी नवनीत कुमार ने खुद मंदिर परिसर और गंगा घाटों का निरीक्षण किया।
हालांकि, महंत प्रेमानंद गिरी ने यह भी उल्लेख किया कि अत्यधिक सुरक्षा घेरे के कारण कभी-कभी पुजारियों को निर्बाध पूजा-अर्चना कराने में थोड़ी व्यावहारिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
नगर परिषद की तीन पारियों में सफाई, तो पेयजल व्यवस्था पर उठे सवाल
- स्वच्छता व्यवस्था: नगर परिषद सुल्तानगंज द्वारा सुगम इंडिया लिमिटेड एजेंसी के माध्यम से पूरे सावन महीने में तीन शिफ्टों (Shift) में लगातार विशेष सफाई अभियान चलाया जा रहा है, जिससे घाट और मार्ग स्वच्छ रहें।
- पेयजल की समस्या: प्रशासनिक दावों के बीच पीएचडी (PHED) विभाग की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। मंदिर परिसर में पानी की उचित व्यवस्था न होने के कारण दूर-दराज से आए कांवड़ियों को पीने के पानी के लिए काफी समस्याओं का सामना करना पड़ा।


