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जामिया मिल्लिया इस्लामिया में बिहार के छात्रों के लिए बनेगा dedicated हॉस्टल? मंत्री जमा खान ने JMI प्रशासन के सामने रखी मांग

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Patna News: बिहार सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मो. जमा खान के नई दिल्ली स्थित प्रतिष्ठित केंद्रीय विश्वविद्यालय जामिया मिल्लिया इस्लामिया (JMI) आगमन पर विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा उनका आत्मीय और भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर जामिया मिल्लिया इस्लामिया के कुलपति प्रो. मज़हर आसिफ और रजिस्ट्रार महताब आलम रिज़वी ने मंत्री महोदय की अगवानी की तथा उन्हें अंगवस्त्र व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।

​स्वागत समारोह के उपरांत आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में मंत्री मो. जमा खान ने विश्वविद्यालय नेतृत्व के साथ बिहार के विद्यार्थियों के सर्वांगीण शैक्षणिक विकास, सुरक्षा और उनके उज्ज्वल भविष्य से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया।

​जम्मू-कश्मीर की तर्ज पर बने बिहार के छात्रों के लिए dedicated हॉस्टल

​बैठक के दौरान अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री ने जामिया परिसर में जम्मू-कश्मीर के विद्यार्थियों की तर्ज पर बिहार के छात्रों के लिए भी एक समर्पित छात्रावास (Dedicated Hostel) के निर्माण का औपचारिक अनुरोध किया।

​मंत्री जमा खान ने कहा, “जामिया मिल्लिया इस्लामिया में बिहार से भारी संख्या में छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। देश की राजधानी दिल्ली में पढ़ाई के दौरान सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण आवासीय सुविधा का होना विद्यार्थियों की शैक्षणिक एकाग्रता के लिए अत्यंत आवश्यक है। यदि जामिया परिसर में बिहार के छात्रों के लिए एक समर्पित हॉस्टल बनता है, तो इससे उन्हें एक सुरक्षित वातावरण मिलेगा और उनकी शैक्षणिक प्रगति को अत्यधिक प्रोत्साहन मिलेगा।”

​RCA में बिहार के अल्पसंख्यक छात्रों को मिलेगी विशेष UPSC कोचिंग

​इसके अतिरिक्त, मंत्री जी ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया के तत्वावधान में संचालित देश की प्रसिद्ध रेजिडेंशियल कोचिंग अकादमी (RCA) का विशेष उल्लेख करते हुए बिहार के अल्पसंख्यक विद्यार्थियों के लिए विशेष UPSC सिविल सेवा कोचिंग व्यवस्था उपलब्ध कराने का आग्रह किया।

​उन्होंने जोर देकर कहा कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य बिहार के दूर-दराज और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मेधावी विद्यार्थियों को देश की सर्वोच्च प्रशासनिक सेवाओं (UPSC) की तैयारी के लिए बेहतर मंच प्रदान करना है, ताकि राज्य के अधिक से अधिक युवा सिविल सेवा में चयनित होकर राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दे सकें।

​कुलपति और रजिस्ट्रार ने दिए सकारात्मक संकेत, जल्द होगी त्वरित कार्रवाई

​बैठक के दौरान दोनों पक्षों के बीच बेहद सौहार्दपूर्ण और सकारात्मक माहौल में चर्चा संपन्न हुई। जामिया के कुलपति प्रो. मज़हर आसिफ एवं रजिस्ट्रार महताब आलम रिज़वी ने माननीय मंत्री द्वारा दिए गए सभी सुझावों और मांगों को गंभीरता से सुना।

​विश्वविद्यालय प्रशासन ने आश्वस्त किया कि बिहार के विद्यार्थियों के व्यापक हित में इन मांगों पर नियमानुसार आवश्यक और त्वरित पहल की जाएगी। जल्द ही इस दिशा में सहयोग को औपचारिक रूप देकर अग्रेतर कार्रवाई शुरू करने पर सहमति बनी है।

भागलपुर में अज्ञात वाहन ने बाइक को मारी जोरदार टक्कर, वेल्थू जा रहे दो चचेरे भाइयों की दर्दनाक मौत

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले के शाहकुंड थाना क्षेत्र में गुरुवार देर रात एक हृदयविदारक सड़क हादसे में बाइक सवार दो सगे-संबंधी चचेरे भाइयों की मौत हो गई। हादसा शाहकुंड-अमरपुर स्टेट हाईवे-85 (SH-85) पर किरणपुर मदरसा के समीप उस समय हुआ, जब पीछे से आ रहे एक अनियंत्रित और तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उनकी मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।

​रिश्तेदार के घर जाते समय हुआ हादसा

​मृतकों की पहचान शाहकुंड के किरणपुर गांव निवासी 30 वर्षीय सौरभ सुमन और 23 वर्षीय नीतीश कुमार के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, दोनों चचेरे भाई एक ही बाइक पर सवार होकर वेल्थू गांव स्थित अपने एक रिश्तेदार से मिलने जा रहे थे। जैसे ही वे शाहकुंड-अमरपुर मुख्य मार्ग पर किरणपुर मदरसा के पास पहुंचे, पीछे से आ रहे अज्ञात वाहन ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों बाइक समेत सड़क पर काफी दूर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए।

​अस्पताल पहुंचने से पहले तोड़ा दम

​घटना के बाद घटनास्थल पर तेज आवाज सुनकर आसपास के स्थानीय ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने लहूलुहान हालत में पड़े दोनों युवाओं को तत्परता दिखाते हुए शाहकुंड सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पहुंचाया। हालांकि, वहां मौजूद चिकित्सकों ने प्राथमिक जांच के बाद ही दोनों को मृत घोषित कर दिया। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, अत्यधिक खून बह जाने और सिर में गंभीर चोट लगने के कारण दोनों की मौके पर ही मौत हो चुकी थी।

​पुलिस की कार्रवाई और अज्ञात वाहन की तलाश

​हादसे और मौतों की सूचना मिलते ही शाहकुंड थाना पुलिस बल के साथ अस्पताल पहुंची। पुलिस ने कागजी और कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भागलपुर सदर अस्पताल भेज दिया है।

​शाहकुंड पुलिस के अनुसार, घटना को अंजाम देकर भागने वाले अज्ञात वाहन और उसके चालक की पहचान के लिए हाईवे पर लगे आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। जल्द ही वाहन को जब्त कर चालक को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

​गांव में पसरा सन्नाटा, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

​एक ही परिवार के दो चिरागों की असमय मौत की खबर जैसे ही किरणपुर गांव पहुंची, वहां कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव के हर घर में चूल्हा नहीं जला। ग्रामीणों ने बताया कि दोनों युवक काफी हंसमुख और मिलनसार स्वभाव के थे। इस दर्दनाक हादसे ने पूरे किरणपुर गांव को गहरे शोक में डाल दिया है।

बिहार बनेगा देश का नया स्टील हब: 51,600 करोड़ रुपये के निवेश समझौते पर हस्ताक्षर, न्यूक्लियर एनर्जी और टेक्सटाइल को भी बड़ा बढ़ावा

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Patna News: बिहार में औद्योगिक क्रांति और रोजगार सृजन की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। पटना स्थित लोकसेवक आवास के ‘संकल्प’ हॉल में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की गरिमामयी उपस्थिति में उद्योग विभाग और देश के प्रमुख औद्योगिक समूहों के बीच 51,600 करोड़ रुपये के भारी-भरकम निवेश के लिए समझौते (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।

​इन 10 प्रमुख औद्योगिक कंपनियों ने किया निवेश का ऐलान

​उद्योग विभाग के साथ जिन प्रमुख कंपनियों ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं, उनकी सूची और निवेश राशि इस प्रकार है:

  1. ​ग्लोबल रिन्यूएबल एडवांस्ड क्लीन एनर्जी प्रा. लि. (ग्रेस): न्यूक्लियर एनर्जी क्षेत्र में 22,500 करोड़ रुपये का सबसे बड़ा निवेश।
  2. ​नक्षित आयरन एंड स्टील प्रा. लि.: स्टील सेक्टर में 6,836 करोड़ रुपये।
  3. ​अंकुर स्टील प्राइवेट लिमिटेड: स्टील सेक्टर में 6,000 करोड़ रुपये।
  4. ​श्री लंगटा बाबा मेटल्स एंड पावर लि.: स्टील सेक्टर में 5,500 करोड़ रुपये।
  5. ​श्याम स्टील मैन्युफैक्चरिंग लिमिटेड: स्टील सेक्टर में 5,000 करोड़ रुपये।
  6. ​शाकंभरी इस्पात एंड पावर लिमिटेड: स्टील सेक्टर में 5,000 करोड़ रुपये।
  7. ​श्री समृद्धि स्टील प्राइवेट लिमिटेड: स्टील सेक्टर में 290 करोड़ रुपये।
  8. ​क्रिएटिव ग्रुप: टेक्सटाइल सेक्टर में 250 करोड़ रुपये।
  9. ​भारत साइंस एंड इनोवेशन प्रा. लि.: 200 करोड़ रुपये।
  10. ​अनुभव अपेरल्स प्राइवेट लिमिटेड: टेक्सटाइल सेक्टर में 50 करोड़ रुपये।

​“Build and Believe in Bihar” होगा मूल मंत्र

​समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार का मुख्य लक्ष्य निवेश प्रस्तावों को तेजी से धरातल पर उतारकर बड़े पैमाने पर उद्योग लगाना और प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा करना है। उन्होंने कहा, “बिहार को देश के प्रमुख स्टील हब के रूप में विकसित किया जाएगा। टेक्सटाइल और अपैरल उद्योग श्रम-आधारित हैं, जिनसे युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार मिलेगा।”

​मुख्यमंत्री ने क्लीन एनर्जी और Nuclear Energy पर फोकस करते हुए कहा कि भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए आधुनिक तकनीक और मजबूत ढांचा तैयार किया जा रहा है।

​‘Bihar Business Connect 2026’ की तैयारियों की समीक्षा

​एमओयू कार्यक्रम के पूर्व मुख्यमंत्री ने Bihar Business Connect 2026 की तैयारियों की समीक्षा भी की। उन्होंने कहा कि “Build and Believe in Bihar” बिहार के औद्योगिक विकास का मूल मंत्र होगा। बिहार के पास विशाल बाजार, युवा मानव संसाधन और बेहतर नीतियां हैं। उन्होंने बिहार के बाहर रहने वाले बिहारियों को भी अपनी जन्मभूमि के विकास में योगदान देने का आह्वान किया।

​कार्यक्रम में प्रमुख हस्तियों की मौजूदगी

​इस ऐतिहासिक अवसर पर उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, उद्योग मंत्री सुश्री श्रेयसी सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव और सचिव उपस्थित थे।

​AI और डिजिटल तकनीक से संवरेगा बिहार: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लॉन्च किया ‘प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग सिस्टम’ वेब पोर्टल, जनप्रतिनिधियों को मिलेगी ट्रेनिंग

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Patna News: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार विधान मंडल सदस्यों के लिए ‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के संवेदीकरण एवं मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के कार्यान्वयन’ से संबंधित प्रबोधन कार्यक्रम का दीप प्रज्वलित कर विधिवत शुभारंभ किया। बिहार विधानसभा के विस्तारित भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने ‘मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना’ के अंतर्गत ‘परियोजना निगरानी प्रणाली (Project Monitoring System)’ वेब पोर्टल का रिमोट के माध्यम से ऑनलाइन लोकार्पण किया।

​तकनीक से विकास कार्यों में बढ़ेगी पारदर्शिता और गुणवत्ता

​समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि एआई (AI) और आधुनिक डिजिटल तकनीक के माध्यम से राज्य के विधायकों एवं विधान पार्षदों की कार्यक्षमता में बढ़ोतरी होगी। उन्होंने कहा, “20-25 वर्ष पूर्व कंप्यूटर की उपयोगिता सीमित थी, लेकिन आज के समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल तकनीक शासन-प्रशासन की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुकी है।” उन्होंने सभी मंत्रियों, विधायकों और विधान पार्षदों से इन आधुनिक तकनीकों को अपनाने का आह्वान किया ताकि जनता के साथ बेहतर संवाद स्थापित कर क्षेत्र का समुचित विकास किया जा सके।

​AI के उपयोग से एस्टीमेट में 5 से 7 प्रतिशत लागत की बचत

​मुख्यमंत्री ने विकास योजनाओं में तकनीक के महत्व को रेखांकित करते हुए बताया कि भवन निर्माण विभाग के एक एस्टीमेट की जांच जब कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से कराई गई, तो लागत में करीब 5 से 7 प्रतिशत तक की सीधी बचत दर्ज की गई। उन्होंने कहा कि तकनीक के इस्तेमाल से बचाई गई राशि का उपयोग अन्य जनहित और विकास कार्यों में किया जाएगा। यदि हम आज के डिजिटल युग में AI का प्रयोग नहीं करेंगे तो विकास की दौड़ में पिछड़ जाएंगे।

​1 करोड़ राशन कार्डधारियों और 60 लाख किसानों के लिए डिजिटल पहल

​राज्य में चल रही पारदर्शी योजनाओं का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा:

  • ​बिहार में ‘सहयोग कार्यक्रम’ के संचालन और 1 करोड़ पात्र लोगों को राशन कार्ड उपलब्ध कराने में AI तकनीक का उपयोग किया जा रहा है।
  • ​राज्य में किसानों का डिजिटल सर्वे कराया जा रहा है और 60 लाख किसानों को ‘डिजिटल आईडी’ से जोड़ने का लक्ष्य तय किया गया है।
  • ​पंचायतों में स्थापित मौसम केंद्रों से 70 से 80 प्रतिशत तक सटीक पूर्वानुमान मिल रहा है, जो कृषि और ग्रामीण विकास में मील का पत्थर साबित हो रहा है।

​मुजफ्फरपुर में बनेगी AI & कंप्यूटर साइंस यूनिवर्सिटी, जनप्रतिनिधियों व कर्मियों को मिलेगी ट्रेनिंग

​तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि मुजफ्फरपुर में ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कंप्यूटर साइंस विश्वविद्यालय’ की स्थापना की जा रही है। इसके साथ ही, जनप्रतिनिधियों (मंत्रियों, विधायकों, विधान पार्षदों) और उनके सहयोगियों को समय-समय पर AI, कंप्यूटर और सोशल मीडिया के प्रभावी उपयोग का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे लगातार अपडेट रह सकें।

​वरिष्ठ नेता और अधिकारी रहे मौजूद

​कार्यक्रम के प्रारंभ में बिहार विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने मुख्यमंत्री का पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र भेंटकर स्वागत किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव, बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह, विधानसभा उपाध्यक्ष नरेंद्र नारायण यादव, योजना एवं विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव डॉ. एन. विजयालक्ष्मी, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह सहित कई मंत्री, विधायक, विधान पार्षद और वरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

​मां का दूध नवजात के लिए क्यों है संजीवनी? विश्व स्तनपान सप्ताह पर सदर अस्पताल में माताओं को दिया गया खास डेमो

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Bhagalpur News:1 अगस्त से 7 अगस्त तक मनाए जा रहे ‘विश्व स्तनपान सप्ताह’ के अवसर पर भागलपुर के मॉडल सदर अस्पताल में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नवजात शिशुओं की माताओं को स्तनपान के महत्व, उसकी सही विधि और इससे मिलने वाले स्वास्थ्य लाभों के प्रति जागरूक करना था।

​डेमो के जरिए समझाई स्तनपान की सही तकनीक

​कार्यक्रम के दौरान नर्स प्रैक्टिशनर इन मिडवाइफरी (NPM) की टीम ने माताओं के बीच पहुंचकर व्यावहारिक डेमो दिया। डेमो के माध्यम से उन्होंने माताओं को दिखाया और समझाया कि शिशु को गोद में लेने की सही स्थिति क्या होनी चाहिए और किस तरह से स्तनपान कराना बच्चे और मां दोनों के लिए आरामदायक होता है।

​6 महीने तक केवल मां का दूध ही सर्वोत्तम आहार

​स्वास्थ्य कर्मियों ने माताओं को जागरूक करते हुए बताया कि शिशु के जन्म के तुरंत बाद पहला पीला गाढ़ा दूध (कोलोस्ट्रम) और शुरुआती छह महीने तक सिर्फ और सिर्फ मां का दूध ही बच्चे के लिए पूर्ण एवं सर्वोत्तम आहार है। इस दौरान बच्चे को ऊपर से पानी या अन्य कोई चीज देने की आवश्यकता नहीं होती। मां का दूध:

  • ​बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) को कई गुना मजबूत बनाता है।
  • ​शिशु के बेहतर शारीरिक और मानसिक विकास में सहायक होता है।
  • ​बच्चे को निमोनिया, दस्त (Diarrhea) और अन्य गंभीर संक्रमणों से सुरक्षित रखता है।

​भ्रांतियों से दूर रहने और सलाह लेने की अपील

​कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों ने माताओं से अपील की कि वे समाज में स्तनपान से जुड़ी किसी भी तरह की भ्रांति या अफवाह पर ध्यान न दें। यदि स्तनपान कराने में कोई कठिनाई या संशय हो, तो तुरंत अपने नजदीकी स्वास्थ्यकर्मी या डॉक्टर से संपर्क करें। अस्पताल प्रशासन का यह प्रयास नवजात शिशुओं के बेहतर पोषण और उनके सुरक्षित भविष्य को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

नवगछिया में मिनी गन फैक्ट्री का भंडाफोड़: दियारा में चल रहा था अवैध हथियारों का कारोबार, 11 देसी पिस्तौल के साथ 4 गिरफ्तार

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Bhagalpur News: नवगछिया पुलिस ने अवैध हथियारों के निर्माण और तस्करी के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए बिहपुर थाना क्षेत्र में संचालित एक मिनी गन फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। पुलिस अधीक्षक वैभव शर्मा के निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष अभियान के दौरान पुलिस और एसटीएफ (STF) की संयुक्त टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की।

​टेकबाजपुर दियारा में चल रहा था अवैध कारोबार

​पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि बिहपुर थाना क्षेत्र के टेकबाजपुर दियारा स्थित एक मकान में बड़े पैमाने पर अवैध रूप से देसी हथियार बनाए और बेचे जा रहे हैं। सूचना मिलते ही बिहपुर थाना पुलिस और एसटीएफ की टीम ने घेराबंदी कर मौके पर अचानक छापेमारी कर दी।

​मौके से 4 आरोपी गिरफ्तार

​छापेमारी के दौरान पुलिस ने हथियार बनाते और तस्करी में शामिल चार आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान निम्नलिखित रूप में हुई है:

  1. ​मो. मोकीम
  2. ​मो. सुशील
  3. ​मो. अब्दुल अजीज
  4. ​पप्पू मंडल उर्फ प्रमोद कुमार

​भारी मात्रा में हथियार व निर्माण सामग्री जप्त

​पुलिस द्वारा की गई सघन तलाशी के दौरान मौके से भारी मात्रा में निर्मित व अर्धनिर्मित हथियार तथा उपकरण जप्त किए गए:

  • ​11 निर्मित देसी पिस्तौल
  • ​04 अर्धनिर्मित पिस्तौल
  • ​16 मैगजीन
  • ​02 जिंदा कारतूस
  • ​33 लोहे के बड़े रॉड एवं हथियार बनाने के अन्य उपकरण व सामग्री

​मामला दर्ज, नेटवर्क खंगालने में जुटी पुलिस

​घटना को लेकर बिहपुर थाना में संबंधित धाराओं के तहत कांड दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। मामले की जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक वैभव शर्मा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और इस अवैध कारोबार के गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।

TMBU में गर्माया अवैध कब्जे का मुद्दा: अल्पसंख्यक छात्रावास पर धांधली के खिलाफ छात्र JDU का धरना, विश्वविद्यालय प्रशासन को चेतावनी

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Bhagalpur News: तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (TMBU) परिसर स्थित अल्पसंख्यक छात्रावास में कथित अवैध कब्जे के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस धांधली के विरोध में छात्र जदयू के बैनर तले एक दिवसीय जोरदार धरना प्रदर्शन आयोजित किया गया। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में छात्र नेताओं और कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया और टीएमबीयू प्रशासन के ढुलमुल रवैये के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

​छात्र जदयू अध्यक्ष के नेतृत्व में खोला मोर्चा

​धरना प्रदर्शन की अगुवाई छात्र जदयू के विश्वविद्यालय अध्यक्ष मोहम्मद एहसान उल राजा उर्फ डेविड ने की। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए उन्होंने सीधे तौर पर हॉस्टल प्रबंधन को कटघरे में खड़ा किया। आरोप लगाया गया कि छात्रावास के अधीक्षक की मिलीभगत से ही परिसर में बाहरी और अवैध लोगों को ठहराया जा रहा है। इस धांधली के कारण दूर-दराज से आने वाले वास्तविक और जरूरतमंद छात्रों को छात्रावास की सुविधा से वंचित होना पड़ रहा है।

​“छात्रों के अधिकारों पर डाका बर्दाश्त नहीं”

​छात्र नेताओं ने स्पष्ट किया कि अल्पसंख्यक छात्रावास का निर्माण छात्रों की भलाई और उनकी शिक्षा को सुगम बनाने के लिए किया गया है, लेकिन वर्तमान में सभी नियमों को ताक पर रखकर मनमानी की जा रही है। उन्होंने मांग की कि:

  • ​पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।
  • ​छात्रावास से अवैध कब्जाधारियों को तत्काल प्रभाव से बाहर निकाला जाए।
  • ​धांधली में संलिप्त दोषियों और लापरवाह अधिकारियों पर सख्त कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई की जाए।

​बड़े आंदोलन की चेतावनी, टिकीं प्रशासन पर निगाहें

​शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुए इस प्रदर्शन के दौरान छात्र नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन जल्द ही इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाता है, तो छात्र जदयू उग्र और चरणबद्ध आंदोलन शुरू करने को मजबूर होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी टीएमबीयू प्रशासन की होगी।

​धरना स्थल पर विभिन्न छात्र संगठनों के प्रतिनिधि, विश्वविद्यालय के छात्र एवं सामाजिक कार्यकर्ता भी एकजुट नजर आए। सभी ने एक स्वर में छात्रावास आवंटन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने और पात्र छात्रों को उनका हक दिलाने की मांग की। अब देखना यह है कि छात्र जदयू की इस चेतावनी के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन क्या रुख अपनाता है।

​नाथनगर रेलवे स्टेशन पर नाबालिग से छेड़छाड़ का प्रयास: दीवार के पास खींचकर ले जाने लगे तीन मनचले, मचाया शोर तो भागे आरोपी

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले के नाथनगर रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा दावों की पोल खोलती एक गंभीर घटना सामने आई है। स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या-1 पर तीन मनचले युवकों ने एक नाबालिग लड़की के साथ बदसलूकी की और जबरन उसे सुनसान रास्ते की ओर खींचकर ले जाने की कोशिश की। घटना के बाद स्टेशन परिसर और आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया है।

​बाजार जाने के दौरान युवकों ने घेरा

​मिली जानकारी के मुताबिक पीड़िता मधुसूदनपुर थाना क्षेत्र के वार्ड संख्या-2, नूरपुर की रहने वाली है। वह अपने घर से किसी जरूरी काम के लिए नाथनगर बाजार की ओर जा रही थी। जैसे ही वह नाथनगर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 के पास पहुंची, पहले से घात लगाए बैठे तीन अज्ञात युवकों ने उसे रोक लिया। आरोपियों ने उसके साथ बदसलूकी शुरू कर दी।

​साहस दिखाकर मचाया शोर, सहमकर भागे आरोपी

​बताया जा रहा है कि तीनों युवक नाबालिग को जबरन खींचते हुए प्लेटफॉर्म की दीवार से सटे एक रास्ते की तरफ ले जाने लगे। संकट की इस घड़ी में पीड़िता ने हिम्मत नहीं हारी और आरोपियों का कड़ा विरोध करते हुए जोर-जोर से शोर मचाना शुरू कर दिया। नाबालिग का शोर सुनते ही आसपास के लोगों का ध्यान उस तरफ गया, जिससे घबराकर तीनों मनचले मौके से फरार हो गए।

​पुलिस और रेल थाने में लिखित शिकायत दर्ज

​घटना के तुरंत बाद पीड़िता ने साहस का परिचय देते हुए मामले की जानकारी परिजनों को दी। इसके बाद पीड़िता ने नाथनगर थाना और भागलपुर रेल थाना (GRP) में लिखित आवेदन देकर तीनों आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

​मामले की जांच में जुटी पुलिस

​लिखित आवेदन मिलने के बाद पुलिस और रेल पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस स्टेशन के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही तीनों मनचलों को चिन्हित कर गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

बिहार: खाकी की आड़ में बड़ा खेल, सचिवालय का ‘नकली DSP’ बनकर 3 लाख ठगे, भागलपुर के बायपास थाने में FIR दर्ज

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Bhagalpur News: सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। खुद को पटना सचिवालय में तैनात DSP बताकर लोगों से लाखों रुपये ऐंठने वाले शातिर ठग और उसके गिरोह के खिलाफ भागलपुर के बायपास थाने में केस दर्ज कर लिया गया है।

​फर्जी DSP का हाई-प्रोफाइल ड्रामा: हॉस्टल के फ्लैट में रहकर बिछाया जाल

​भागलपुर के बायपास थाना क्षेत्र स्थित आनंद मार्ग कॉलोनी (DVC के पास) की रहने वाली नेहा रंजन (पति- विजय रंजन) द्वारा पुलिस को दी गई लिखित शिकायत के अनुसार:

  • ​पहचान का जरिया: पीड़ित महिला श्रेया गर्ल्स एंड बॉयज हॉस्टल चलाती हैं। आरोपी मनोज वर्मा खुद को पटना सचिवालय में DSP बताकर हॉस्टल की बिल्डिंग के फ्लैट नंबर 405 (3 BHK) में किराये पर रहता था।
  • ​बड़े नेताओं-अफसरों से संबंधों का दावा: आरोपी (मोबाइल नं. 9709932222) बड़ी हस्तियों, IAS/IPS अधिकारियों और मंत्रियों के साथ अपनी तस्वीरें दिखाकर लोगों पर अपना प्रभाव जमाता था।
  • ​नौकरी का झांसा: उसने पीड़िता के बेरोजगार पुत्र को सबौर कृषि विश्वविद्यालय, भागलपुर में सरकारी नौकरी दिलाने का वादा किया।

​6 लाख की डील, 3 लाख रुपये ऐंठे

​नौकरी का झांसा देकर आरोपी मनोज वर्मा ने पीड़िता से उसके बेटे के सभी शैक्षणिक कागजात ले लिए और कुल 6 लाख रुपये की मांग की। पहली किस्त के रूप में 3,00,000 (तीन लाख) रुपये तय हुए:

  • ​ऑनलाइन (UPI) पेमेंट: ₹1,00,000 विभिन्न किस्तों में आरोपी द्वारा बताए गए बैंक खातों (प्रीति कुमारी, अपूर्व लक्ष्य और मनोज कुमार के खाते) में भेजे गए।
  • ​कैश पेमेंट: ₹2,00,000 नगद दिए गए।

​ऑनलाइन लेनदेन की जानकारी (साक्ष्यों के आधार पर):

  • ​18.10.2025: अपूर्व लक्ष्य – ₹10,000 (UTR: 501737881477)
  • ​18.10.2025: अपूर्व लक्ष्य – ₹2,000 (UTR: 504221469396)
  • ​18.10.2025: मिस प्रीति कुमारी – ₹8,000 (UTR: 336333241316)
  • ​20.10.2025: मनोज कुमार – ₹50,000 (UTR: 357396475786)
  • ​05.11.2025: मनोज कुमार – ₹30,000 (UTR: 530901705605)

​जब पीड़िता ने अलग-अलग खातों में रकम ट्रांसफर करने पर सवाल उठाया, तो मनोज वर्मा ने अपूर्व लक्ष्य को अपना बेटा और प्रीति कुमारी को अपनी पत्नी बताया।

​पोल खुली तो हुआ फरार, पिस्टल दिखाकर दी जान से मारने की धमकी

​विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद जब नौकरी नहीं मिली और फ्लैट पर अन्य तगादा करने वालों की भीड़ जुटने लगी, तब पीड़िता को ठगी का अहसास हुआ।

​जांच-पड़ताल करने पर पता चला कि ईशाकचक (भागलपुर) निवासी मनोज वर्मा फर्जी DSP है। उसने बांका की कैंसर पीड़िता सोनम भारती समेत दर्जनों लोगों से नौकरी के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी की है और पुलिस की नजर से फरार चल रहा है।

​पैसे वापस मांगने पर आरोपी ने पीड़िता का नंबर ब्लॉक कर दिया और चुपके से फ्लैट खाली करके भाग निकला। इतना ही नहीं, पुलिसिया रौब और पिस्टल का डर दिखाकर पीड़िता और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी जा रही है।

​संगठित गिरोह और महिला की संलिप्तता

​पीड़िता की शिकायत के अनुसार, आरोपी मनोज वर्मा अपने साथ प्रीति कुमारी नाम की एक महिला को भी रखता है जो गिरोह में अहम भूमिका निभाती है और ठगी के पैसों में हिस्सा लेती है। यह गिरोह बिना नंबर की बुलेट गाड़ी (जिस पर पुलिसिया नेम प्लेट लगी होती है) से घूमकर लोगों को डराने और ठगने का काम करता है।

​पुलिस की कार्रवाई (FIR Details)

​मामले की गंभीरता को देखते हुए बायपास थाना (भागलपुर) में मामला दर्ज कर लिया गया है:

​पुलिस ने सभी बैंक ट्रांजेक्शन रिपोर्ट और सबूतों को कब्जे में लेकर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी है।

यूजीसी नेट की निःशुल्क तैयारी का मिला शानदार परिणाम: डॉ. संजय जायसवाल के तीन छात्र बने असिस्टेंट प्रोफेसर

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Bhagalpur News: तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (TMBU) के खेल सचिव डॉ. संजय कुमार जायसवाल की नि:शुल्क शिक्षा मुहिम ने एक बार फिर सफलता का परचम लहराया है। बिहार विश्वविद्यालय सेवा आयोग (BSUSC) द्वारा आयोजित असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा में उनके तीन होनहार छात्र-छात्राओं ने सफलता हासिल कर विश्वविद्यालय का मान बढ़ाया है।

​चयनित अभ्यर्थियों में ज्योति कुमारी (रोल नंबर- 17200), अनिलेश कुमार (रोल नंबर- 16032) और विनीता कुमारी (रोल नंबर- 26241) शामिल हैं। ये सभी छात्र अब बिहार के विभिन्न विश्वविद्यालयों में बतौर असिस्टेंट प्रोफेसर अपनी सेवाएं देंगे।

​सामाजिक दायित्व के तहत दी जा रही है मुफ़्त कोचिंग

​डॉ. संजय कुमार जायसवाल अपने सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए लंबे समय से विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं को यूजीसी नेट (UGC NET) और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की नि:शुल्क तैयारी करवा रहे हैं। उनकी इस निःशुल्क मार्गदर्शन कक्षा से मार्गदर्शन पाकर छात्र लगातार सफलता हासिल कर रहे हैं।

​पहले भी 7 छात्र बन चुके हैं असिस्टेंट प्रोफेसर

यह पहली बार नहीं है जब डॉ. जायसवाल के मार्गदर्शन में छात्रों ने सफलता प्राप्त की हो। इससे पूर्व भी बिहार विश्वविद्यालय सेवा आयोग की भर्तियों में उनके 7 छात्र असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर चयनित हो चुके हैं और वर्तमान में राज्य के विभिन्न प्रतिष्ठित कॉलेजों में कार्यरत हैं।

 

​विश्वविद्यालय परिवार में खुशी की लहर, दिग्गजों ने दी बधाई

​इस शानदार उपलब्धि पर विश्वविद्यालय प्रशासन और शिक्षा जगत में हर्ष का माहौल है। चयनित अभ्यर्थियों और डॉ. संजय जायसवाल को बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।

  • ​डॉ. राहुल कुमार (कोऑर्डिनेटर, NSS)
  • ​प्रो. संजय झा (प्राचार्य, मारवाड़ी महाविद्यालय)
  • ​मारवाड़ी महाविद्यालय के सम्मानित शिक्षकगण
  • ​सीनेट और सिंडिकेट के कई वरिष्ठ सदस्य

​सभी गणमान्य लोगों ने चयनित छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और डॉ. जायसवाल के इस नि:स्वार्थ प्रयास की सराहना की।

​”कमजोर वर्ग के बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ना ही मेरा लक्ष्य” — डॉ. संजय जायसवाल

​अपनी इस सफलता और छात्रों के चयन पर खुशी व्यक्त करते हुए डॉ. संजय कुमार जायसवाल ने कहा:

​“मेरा मुख्य उद्देश्य समाज के आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों को शिक्षा के माध्यम से समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। उच्च शिक्षा और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराकर उनके सपनों को साकार करना ही मेरी प्राथमिकता है। आगे भी यह नि:शुल्क तैयारी का सिलसिला इसी तरह निरंतर जारी रहेगा।”