Bhagalpur News: भागलपुर पुलिस ने अपराध नियंत्रण अभियान के तहत एक बार फिर बड़ी सफलता हासिल की है। ललमटिया थाना पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए तीन संदिग्ध अपराधियों को एक देसी कट्टा, एक जिंदा कारतूस, एक मोटरसाइकिल और डंडे के साथ रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से क्षेत्र में किसी बड़ी आपराधिक घटना की साजिश नाकाम हो गई है।
गुप्त सूचना पर पुलिस की बड़ी घेराबंदी
मामले का खुलासा करते हुए सिटी एसपी अतूलेश झा ने बताया कि वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) के निर्देश पर शहर में विशेष चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसी दौरान ललमटिया थाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि अल्पसंख्यक बालिका छात्रावास के पास कुछ संदिग्ध युवक अवैध हथियार के साथ किसी गंभीर वारदात को अंजाम देने की नीयत से मंडरा रहे हैं।
सूचना के मिलते ही सिटी एसपी के मार्गदर्शन में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO-2) और ललमटिया थानाध्यक्ष के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए मौके पर पहुंचकर जाल बिछाया।
भागने की कोशिश नाकाम, तलाशी में मिला कट्टा
छापेमारी के दौरान पुलिस टीम ने एक ही मोटरसाइकिल पर सवार तीन युवकों को आते देखा। पुलिस बल को देखते ही तीनों आरोपी बाइक मोड़कर भागने का प्रयास करने लगे, लेकिन पहले से सतर्क पुलिस जवानों ने मुस्तैदी दिखाते हुए उन्हें चारों तरफ से घेरकर दबोच लिया।
जब पुलिस ने तीनों की सघन तलाशी ली, तो उनके पास से एक देसी कट्टा, एक जिंदा कारतूस, घटना में इस्तेमाल मोटरसाइकिल और एक डंडा बरामद किया गया।
“अल्पसंख्यक बालिका छात्रावास के पास अपराधियों के जुटने की गुप्त सूचना मिली थी। पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन अभियुक्तों को हथियार और कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है। इनकी गिरफ्तारी से एक बड़ी घटना टल गई है।”
— अतूलेश झा, सिटी एसपी, भागलपुर
गिरफ्तार अपराधियों की पहचान
पुलिस हिरासत में आए तीनों आरोपी शहर के अलग-अलग थाना क्षेत्रों के रहने वाले हैं:
- मो. साहिद (निवासी: हुसैनाबाद, थाना- बरारी)
- मो. निसाद (निवासी: धोबिया काली, थाना- विश्वविद्यालय)
- मो. इजियाज (निवासी: शाहजंगी, थाना- हबीबपुर)
आर्म्स एक्ट में केस दर्ज, खंगाला जा रहा आपराधिक इतिहास
ललमटिया थाना में तीनों आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट (Arms Act) और अन्य सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया की जा रही है। पुलिस अब इन आरोपियों के पुराने आपराधिक इतिहास (Criminal Antecedents) और इनके संभावित नेटवर्क को खंगालने में जुटी है कि वे किस घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे थे।


