Home Blog Page 36

भागलपुर: नसरतखानी से 50 वर्षीय महिला संदिग्ध परिस्थितियों में लापता, ललमटिया थाने में केस दर्ज

0

Bhagalpur News: भागलपुर के ललमटिया थाना क्षेत्र अंतर्गत नसरतखानी इलाके में एक 50 वर्षीय महिला के अचानक लापता होने का मामला सामने आया है। लापता महिला की पहचान कृति देवी (पति- दिगंबर साह) के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बांका जिले के धोरैया थाना अंतर्गत बटसार गांव की रहने वाली हैं और वर्तमान में अपने बेटों के साथ नसरतखानी में किराए के मकान में रह रही थीं।

​सुबह घर से निकली थीं, फिर वापस नहीं लौटीं

​घटना के संबंध में लापता महिला के पुत्र राजू कुमार ने ललमटिया थाना में लिखित आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज कराई है। राजू कुमार के अनुसार, उनकी माता कृति देवी सुबह लगभग 9:00 बजे घर से कपड़ा सिलाने के लिए दर्जी के पास जाने की बात कहकर निकली थीं। घर से निकलते समय उन्होंने पीले रंग की साड़ी पहन रखी थी और उनके हाथ में एक पॉलिथीन बैग था।

​काफी समय बीत जाने के बाद भी जब वे घर वापस नहीं लौटीं, तो परिजनों को चिंता हुई। परिजनों ने अपने स्तर से रिश्तेदारियों और संभावित स्थानों पर काफी खोजबीन की, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिल सका।

​पुलिस ने मामला दर्ज कर शुरू की जांच

​परिजनों की शिकायत पर ललमटिया थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामला (कांड संख्या 92/26) दर्ज कर लिया है और कानूनी प्रक्रिया के तहत अनुसंधान शुरू कर दिया है। पुलिस आसपास के सीसीटीवी कैमरों और तकनीकी सहायता से लापता महिला की पतासाजी में जुट गई है।

​परिजनों की अपील: सूचना देने के लिए संपर्क करें

​पीड़ित परिवार ने आम जनता से भी मदद की अपील की है। यदि किसी भी व्यक्ति को इस महिला के संबंध में कोई जानकारी मिलती है, तो वे तुरंत परिजनों के मोबाइल नंबर 8102156738 या 8084539003 पर संपर्क कर सकते हैं, या नजदीकी ललमटिया पुलिस स्टेशन को सूचित कर सकते हैं।

नाथनगर शाहपुर कालिका मंदिर चोरी कांड का पर्दाफाश, 6 शातिर चोर गिरफ्तार

0

Bhagalpur News: नाथनगर थाना क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक शाहपुर कालिका मंदिर में हुई चांदी के आभूषणों की चोरी के चर्चित मामले का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। वारदात के 17 दिनों के भीतर नाथनगर पुलिस, डीआईयू (DIU) और एसटीएफ (STF) की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरोह के छह शातिर अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपी ललमटिया और विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं।

​तकनीकी अनुसंधान से मिला ऑटो का सुराग, फिर एक-एक कर दबोचे गए आरोपी

​मामले की जानकारी देते हुए सिटी डीएसपी-2 (SDPO 2) राकेश कुमार ने प्रेसवार्ता में बताया कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) के निर्देश पर चोरी के खुलासे के लिए विशेष टीम का गठन किया गया था।

​पुलिस ने सबसे पहले तकनीकी अनुसंधान और सीसीटीवी फुटेज के जरिए घटना में इस्तेमाल किए गए सीएनजी (CNG) ऑटो का पता लगाया। इसके बाद ऑटो चालक बादल कुमार को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की गई। बादल के इकबालिया बयान और निशानदेही के आधार पर पुलिस ने गिरोह के अन्य 5 सदस्यों—अंजनी कुमार, बिट्टू कुमार, राजू कुमार, सोनू कुमार और छबील कुमार को बारी-बारी से गिरफ्तार कर लिया।

​ताला तोड़कर मंदिर में घुसा था अंजनी, झाड़ियों में छिपाया था माल

​पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह का सदस्य अंजनी कुमार मंदिर का ताला तोड़कर अंदर दाखिल हुआ था। उसने ही मां कालिका की मूर्ति के मुकुट और अन्य आभूषणों की चोरी की थी, जबकि ऑटो चालक बादल कुमार बाहर निगरानी कर रहा था।

​चोरी की वारदात को अंजाम देने के बाद अपराधियों ने पीतांबर चौक स्थित एक झाड़ी में प्लास्टिक के बोरे में मूर्ति और कुछ सामान छिपा दिया था। बाद में चोरी के आभूषणों को छबील कुमार नामक स्वर्णकार (सोनार) के पास बेच दिया गया था। पुलिस ने सोनार के पास से टूटे हुए दो मुकुट और एक झांप सहित लगभग 250 ग्राम चांदी के आभूषण और घटना में प्रयुक्त सीएनजी ऑटो बरामद कर लिया है।

​“एसएसपी सर के दिशा-निर्देश पर गठित विशेष टीम ने तकनीकी और वैज्ञानिक अनुसंधान के जरिए इस पूरे कांड का सफल उद्भेदन किया है। 6 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है और चोरी गया माल तथा घटना में इस्तेमाल ऑटो बरामद कर लिया गया है।”

— राकेश कुमार, SDPO-2, भागलपुर

 

​पुलिस टीम की सराहना

​इस सफल उद्भेदन में नाथनगर इंस्पेक्टर अभय शंकर, कोतवाली इंस्पेक्टर राजीव रंजन सिंह, सब-इंस्पेक्टर नईम अहमद, विकास कुमार के साथ-साथ डीआईयू और एसटीएफ की टीम की विशेष और सराहनीय भूमिका रही। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से स्थानीय श्रद्धालुओं और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।

सुल्तानगंज श्रावणी मेला: ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बने सख्त नियम, 8 नए अस्थाई थाने बने

0

Bhagalpur News: विश्वप्रसिद्ध श्रावणी मेले में कांवड़ियों की सुरक्षा, सुगम आवागमन और सुचारू यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। सुल्तानगंज में यातायात और विधि-व्यवस्था को लेकर ट्रैफिक डीएसपी संजय कुमार एवं विधि-व्यवस्था डीएसपी (DSP 2) नवनीत कुमार ने एक संयुक्त प्रेस वार्ता कर नए दिशा-निर्देशों और व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी साझा की।

​यातायात व्यवस्था (Traffic Rules): बड़ी गाड़ियों के लिए फोरलेन अनिवार्य, छोटी गाड़ियों का रूट तय

​प्रेसवार्ता के दौरान ट्रैफिक डीएसपी संजय कुमार ने बताया कि श्रद्धालुओं (कांवड़ियों) को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए वाहनों के परिचालन को लेकर सख्त और पारदर्शी नियम बनाए गए हैं:

    • ​कांवड़िया मार्ग पर नो-व्हीकल जोन: भीड़-भाड़ वाले कांवड़िया पथ और मुख्य मार्गों पर किसी भी प्रकार के वाहनों के चलने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
    • ​बड़ी गाड़ियों का रूट डायवर्जन: भागलपुर और मुंगेर की ओर से आने वाले सभी बड़े वाहनों को फोरलेन की तरफ डाइवर्ट किया जाएगा। फोरलेन से ही देवघर, भागलपुर और मुंगेर जाने वाले वाहनों का परिचालन होगा।
    • ​पार्किंग स्थल: फोरलेन स्थित ‘बाबा चौक’ के समीप एक विशाल पार्किंग स्थल बनाया गया है, जहां सभी बड़ी गाड़ियों को पार्क कराया जाएगा।
    • ​छोटी गाड़ियों का मार्ग: छोटी गाड़ियों को रेलवे ओवरब्रिज के नीचे से स्टेशन रोड और बाईपास रोड होते हुए निकाला जाएगा।
    • ​व्यापारियों के लिए समय सीमा: स्थानीय व्यापारियों और मालवाहक वाहनों के लिए रात 11:00 बजे से तड़के 2:00 बजे तक ही शहर में प्रवेश की अनुमति होगी। इसके लिए सुल्तानगंज थाना से लिखित अनुमति (Permission) लेना अनिवार्य होगा।

​“कांवड़ियों की सुगमता हमारी पहली प्राथमिकता है। बड़ी गाड़ियों को फोरलेन स्थित पार्किंग में ही रोका जाएगा। जगह-जगह ट्रैफिक पुलिस की तैनाती कर दी गई है ताकि कहीं भी जाम की स्थिति न बने।”

— संजय कुमार, ट्रैफिक डीएसपी, भागलपुर

 

​सुरक्षा व्यवस्था: 8 अस्थाई पुलिस थाने और भारी पुलिस बल की तैनाती

​मेले की सुरक्षा का खाका प्रस्तुत करते हुए विधि-व्यवस्था डीएसपी नवनीत कुमार ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए व्यापक प्रबंध किए गए हैं:

      • ​8 नए अस्थाई थाने गठित: मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 8 अस्थाई थाने बनाए गए हैं। इनमें कटहरा, असियाचक, कमराय, फोरलेन, तिलकपुर, प्रखंड परिसर और कृष्णगढ़ सहित अन्य संवेदनशील स्थान शामिल हैं।
      • ​मजिस्ट्रेट और सेक्टर पुलिस तैनात: पूरे मेला क्षेत्र को विभिन्न सेक्टरों में बांटा गया है, जहां पर्याप्त संख्या में पुलिस बल, महिला पुलिस बल, मजिस्ट्रेट और सेक्टर पुलिस अधिकारियों की 24 घंटे तैनाती रहेगी।

​“सुरक्षा को लेकर पूरे मेला क्षेत्र में 8 अस्थाई थाने बनाए गए हैं। चप्पे-चप्पे पर मजिस्ट्रेट और महिला पुलिस बल समेत सेक्टर पुलिस की तैनाती की गई है ताकि श्रद्धालु निर्भय होकर जल उठा सकें।”

— नवनीत कुमार, डीएसपी (विधि-व्यवस्था), भागलपुर

 

​श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पुलिस की अपील

​पुलिस प्रशासन ने आम लोगों, वाहन चालकों और स्थानीय दुकानदारों से अपील की है कि वे निर्धारित ट्रैफिक नियमों का पालन करें और श्रावणी मेले को सुरक्षित व व्यवस्थित संपन्न कराने में सहयोग दें।

बिहार लोकल बॉडीज इम्प्लॉइज फेडरेशन का अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान, नगर निगम कर्मियों ने भरी हुंकार

0

Bhagalpur News: बिहार राज्य स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ (एटक) से संबद्ध बिहार लोकल बॉडीज इम्प्लाइज फेडरेशन के बैनर तले नगर निकाय कर्मियों ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल का बिगुल फूंक दिया है। भागलपुर नगर निगम सहित प्रदेश भर के कर्मचारियों ने एकजुट होकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और राज्य सरकार से अपनी मांगों पर अविलंब निर्णय लेने की पुरजोर मांग की।

​सड़कों पर उतरे कर्मचारी, सरकार के खिलाफ जमकर की नारेबाजी

​हड़ताल के समर्थन में आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में भागलपुर नगर निगम, विभिन्न नगर परिषदों और नगर पंचायतों के सैकड़ों कर्मचारी शामिल हुए। हाथों में बैनर और तख्तियां लिए प्रदर्शनकारियों ने सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की। कर्मचारियों का आरोप है कि वे लंबे समय से अपनी जायज मांगों को लेकर ज्ञापन सौंप रहे हैं और वार्ता कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन व सरकार द्वारा लगातार केवल आश्वासन ही दिया जा रहा है।

​“हम लंबे समय से अपनी सेवा शर्तों, पक्की नौकरी और वेतन में सुधार को लेकर आवाज उठा रहे हैं। कई बार ज्ञापन दिया गया, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकला। अगर सरकार हमारी मांगें नहीं मानती है, तो आंदोलन और उग्र होगा।”

— विकास कुमार हरी, कर्मचारी, नगर निगम भागलपुर

 

​30 जुलाई से अनिश्चितकालीन काम ठप, शहर में बढ़ सकती हैं मुश्किलें

​प्रदर्शन के दौरान संघ के पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार जल्द ही कोई सकारात्मक पहल नहीं करती है, तो 30 जुलाई से शुरू होने वाली यह अनिश्चितकालीन हड़ताल लगातार जारी रहेगी।

​कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि हड़ताल के कारण नगर निकायों के प्रशासनिक कामकाज, दफ्तरों के संचालन के साथ-साथ शहर की सफाई व्यवस्था और कूड़ा उठान पूरी तरह से प्रभावित हो सकता है। कर्मचारियों का कहना है कि अगर आम जनता को किसी तरह की असुविधा होती है, तो इसकी पूरी जवाबदेही राज्य सरकार की होगी।

​“हम लोकतांत्रिक तरीके से अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं। हम चाहते हैं कि सरकार समय रहते वार्ता करे और कर्मचारियों की समस्याओं का स्थाई समाधान निकाले।”

— नकूल यादव, कर्मचारी, नगर निगम भागलपुर

 

​वार्ता पर टिकी सभी की निगाहें

​कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि वे सरकार से सीधे और सार्थक संवाद के जरिए समाधान चाहते हैं। फिलहाल, सभी की नजरें सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच होने वाली संभावित वार्ता पर टिकी हैं। यदि 30 जुलाई से पहले सरकार और फेडरेशन के बीच सहमति नहीं बनती है, तो आने वाले दिनों में भागलपुर सहित राज्य के कई शहरों में नागरिक सेवाएं बुरी तरह प्रभावित होना तय है।

नाथनगर में फिर तीन साल के मासूम की निर्मम हत्या, आक्रोशित परिजनों ने सड़क जाम कर किया प्रदर्शन

0

Bhagalpur News: नाथनगर थाना क्षेत्र के लालूचक इलाके में एक बार फिर दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। घर में सो रहे तीन वर्षीय मासूम दिव्यांशु कुमार का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी गई और शव को प्लास्टिक के बोरे में बंद कर खेत में फेंक दिया गया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने चंपानगर-भागलपुर मुख्य मार्ग को जाम कर पुलिस-प्रशासन के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया।

​सोए अवस्था में गायब हुआ मासूम, बोरे में बंद मिला शव

​मृतक बच्चे की पहचान लालूचक निवासी पंकज मंडल के तीन वर्षीय पुत्र दिव्यांशु कुमार के रूप में हुई है। मृतक के दादा प्रकाश मंडल ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि बच्चा रात में अपने घर में सो रहा था। सुबह करीब 3 बजे जब परिजनों की आंख खुली तो बच्चा गायब था। काफी खोजबीन के बाद भी जब उसका कोई पता नहीं चला, तो सुबह करीब 7 बजे सूचना मिली कि पास के ही एक खेत में प्लास्टिक के बोरे में एक बच्चे का शव पड़ा है। मौके पर पहुंचे परिजनों ने शव की पहचान दिव्यांशु के रूप में की।

​“पोता घर में आराम से सोया हुआ था। सुबह 3 बजे से अचानक गायब मिला। बहुत खोजा लेकिन नहीं मिला, फिर 7 बजे खबर आई कि खेत में बोरे में उसका शव फेंका हुआ है। आखिर हमारे बच्चों की सुरक्षा का क्या होगा?”

— प्रकाश मंडल, मृतक मासूम के दादा

 

​16 दिनों में दूसरी घटना: समान क्राइम सीन से दहशत में ग्रामीण

​स्थानीय निवासियों और परिजनों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि ठीक 16 दिन पहले, यानी 14 जुलाई की रात, इसी इलाके के पांचू मंडल के ढाई वर्षीय पुत्र आदित्य की भी इसी तरह सोए अवस्था में गायब होने के बाद मौत हो गई थी। हालांकि पुलिस का दावा था कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक आदित्य की मौत पानी में डूबने से हुई थी, लेकिन दोनों घटनाओं के पैटर्न (घर में सोते समय गायब होना) ने ग्रामीणों को खौफ में डाल दिया है। लोग दोनों मामलों में गहरा संबंध होने की आशंका जता रहे हैं।

​पुलिस का आश्वासन, 30 मिनट बाद हटा जाम

​घटना की जानकारी मिलते ही नाथनगर इंस्पेक्टर अभय शंकर और डीएसपी-2 राकेश कुमार दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। शांति समिति के सदस्य भवेश यादव और पुलिस अधिकारियों द्वारा अपराधियों की जल्द गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई के ठोस आश्वासन के बाद, करीब 30 मिनट बाद परिजनों ने मुख्य मार्ग से शव हटाकर यातायात बहाल किया।

​मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए घटनास्थल पर FSL (फॉरेंसिक साइंस लैब), डॉग स्क्वायड और STF की टीमों ने पहुंचकर साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो संदिग्धों को हिरासत में लिया है और उनसे कड़ाई से पूछताछ की जा रही है।

नगर निगम कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू, आउटसोर्सिंग खत्म करने और स्थायी नियुक्ति की मांग

0

Bhagalpur News: राज्यभर में नगर निगम के कर्मचारियों ने अपनी वर्षों पुरानी और लंबित मांगों को लेकर गुरुवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा कर दी है। बिहार लोकल बॉडीज इम्प्लाइज फेडरेशन के बैनर तले ‘संयुक्त संघर्ष मोर्चा’ के आह्वान पर कर्मचारियों ने काम का बहिष्कार कर आंदोलन का आगाज किया। इस हड़ताल से नगर निगम के प्रशासनिक कार्यों के साथ-साथ शहर की सफाई व्यवस्था और अन्य आपातकालीन नागरिक सेवाओं पर गहरा असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।

​प्रमुख मांगें: आउटसोर्सिंग का अंत और स्थायी नियुक्ति

​कर्मचारियों ने अपनी मुख्य मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे संघ के नेताओं का कहना है कि वे वर्षों से अपनी न्यायसंगत मांगों के लिए आवाज उठा रहे हैं, लेकिन प्रशासन और सरकार लगातार उपेक्षात्मक रवैया अपनाए हुए है।

​कर्मचारियों की तीन प्रमुख मांगें:

    • ​आउटसोर्सिंग व्यवस्था पर तुरंत रोक: नगर निकायों में ठेकेदारी और आउटसोर्सिंग प्रथा को समाप्त कर सीधे निगम के अधीन काम कराया जाए।
    • ​कर्मचारियों का स्थायीकरण: 10 वर्ष या उससे अधिक समय से संविदा और दैनिक वेतन भोगी के रूप में कार्यरत सभी कर्मियों को अविलंब स्थायी किया जाए।
    • ​7वें वेतन आयोग का लाभ: सभी नगर निगम कर्मचारियों को सप्तम वेतन आयोग (7th Pay Commission) के अनुसार वेतन और भत्ते प्रदान किए जाएं।

​“सरकार वर्षों से दिन-रात काम करने वाले कर्मचारियों की समस्याओं की अनदेखी कर रही है। हमारी मांगें पूरी तरह न्यायसंगत हैं। जब तक सरकार हमारी मांगों पर कोई ठोस और सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, तब तक यह अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी।”

— विकास हरि, अध्यक्ष, बिहार लोकल बॉडीज इम्प्लाइज फेडरेशन

 

​शहर में बढ़ सकती हैं आम जनता की मुश्किलें

​हड़ताल के पहले ही दिन से नगर निगम कार्यालयों में कामकाज प्रभावित होना शुरू हो गया है। अगर यह आंदोलन लंबा खिंचता है, तो शहरों में कचरा उठान, नाला सफाई और जलापूर्ति जैसी मूलभूत सेवाएं ठप हो सकती हैं, जिससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

​कर्मचारियों ने साफ कर दिया है कि गेंद अब सरकार के पाले में है। यदि सरकार जल्द ही वार्ता की पहल कर मांगों को पूरा नहीं करती है, तो इस आंदोलन को और भी उग्र रूप दिया जाएगा।

भागलपुर: धांधी बेलारी में गूंजे शिव भजन, श्रावणी मेले के सांस्कृतिक मंच का शानदार आगाज

0

Bhagalpur News: विश्वप्रसिद्ध श्रावणी मेला-2026 के अंतर्गत कच्ची कांवरिया पथ पर स्थित धांधी बेलारी महाशिविर में बुधवार को भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला का विधिवत शुभारंभ हुआ। भागलपुर जिला प्रशासन द्वारा आयोजित इस संगीतमय कार्यक्रम का उद्घाटन उप विकास आयुक्त (DDC), भागलपुर ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

​कांवर यात्रा पर निकले लाखों शिवभक्तों और श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक उल्लास देने के उद्देश्य से शुरू हुआ यह सांस्कृतिक मंच पूरे सावन महीने तक भक्ति रस से सराबोर रहेगा।

​पूरे सावन बहेगी भक्ति और लोक संगीत की धारा

​उल्लेखनीय है कि श्रावणी मेला-2026 का विधिवत उद्घाटन 28 जुलाई को मुख्यमंत्री, बिहार सम्राट चौधरी द्वारा किया गया था। इसी कड़ी में अब धांधी बेलारी के सांस्कृतिक मंच पर दैनिक आधार पर सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया जाएगा।

​पूरे श्रावण मास के दौरान यहाँ स्थानीय एवं राष्ट्रीय स्तर के ख्यातिलब्ध कलाकार भक्ति संगीत, शिव भजन और बिहार की समृद्ध लोक संस्कृति पर आधारित प्रस्तुतियां देंगे।

​कलाकारों का सम्मान और प्रशासन का संदेश

​उद्घाटन समारोह के दौरान उप विकास आयुक्त ने मंच पर आमंत्रित कलाकारों को स्मृति-चिह्न (Memento) देकर सम्मानित किया।

  • ​सुविधा और सुरक्षा प्राथमिकता: डीडीसी ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा श्रावणी मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा, स्वच्छता और सुगम यात्रा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
  • ​जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रचार: उन्होंने श्रद्धालुओं को सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी और सभी को श्रावणी मेला-2026 की शुभकामनाएं दीं।

​अर्पिता, दिलजीत और अमन की प्रस्तुतियों पर झूमे श्रद्धालु

​सांस्कृतिक संध्या की पहली ही रात प्रसिद्ध कलाकारों ने अपनी सुरमयी आवाज से कांवरियों की थकान मिटा दी:

  • ​भक्तिमय प्रस्तुतियां: मशहूर कलाकार अर्पिता चौधरी, दिलजीत कुमार और अमन ने एक से बढ़कर एक शिव भजनों एवं लोकगीतों की प्रस्तुति देकर समूचे वातावरण को ‘शिवमय’ बना दिया।
  • ​उत्कृष्ट वादन: संगीत कलाकार हीरा मिश्रा, प्रशांत कुमार, अजीत कुमार एवं उनके साथियों के वादन ने संगीत संध्या में चार चांद लगा दिए।
  • ​मंच संचालन: कार्यक्रम का सधा हुआ और प्रभावशाली मंच संचालन वैभव राज एवं अजय अटल ने किया।

​वरिष्ठ अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की रही मौजूदगी

​इस भव्य उद्घाटन अवसर पर जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी अंकित रंजन, अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि, विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में बाबा भोलेनाथ के भक्त उपस्थित रहे।

बिहार के 11 ग्रीनफील्ड सैटेलाइट शहरों में भूमि खरीद-बिक्री से हटेगी रोक: सुव्यवस्थित शहरी विकास को मिलेगी नई रफ्तार

0

Patna News: बिहार सरकार ने राज्य में सुनियोजित और आधुनिक शहरीकरण को बढ़ावा देने की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सरकार ने अधिसूचित ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप क्षेत्रों (Greenfield Satellite Townships) में भूमि के क्रय-विक्रय और हस्तांतरण पर लगी रोक को विकास योजना (Development Plan) के अंतिम प्रकाशन के बाद हटाने का फैसला किया है।

​इस निर्णय से न केवल आम नागरिकों और भू-स्वामियों को बहुत बड़ी राहत मिलेगी, बल्कि निवेशकों का भरोसा भी मजबूत होगा और सैटेलाइट शहरों के निर्माण को एक नई गति प्राप्त होगी।

​क्यों लगी थी रोक और अब क्या बदला?

​उल्लेखनीय है कि नगर विकास एवं आवास विभाग ने बिहार के 11 ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप क्षेत्रों में मास्टर प्लान (और पटना के लिए जोनल प्लान) लागू होने तक भूमि विकास, भवन निर्माण और क्रय-विक्रय पर अस्थायी रोक लगाई थी। इसका मुख्य उद्देश्य अव्यवस्थित (Unplanned) निर्माण को रोकना और सुनियोजित ढंग से शहरों को बसाना था।

​बाद में भू-स्वामियों की तात्कालिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए, 19 जून 2026 को बिहार राज्य आवास बोर्ड को इच्छुक भू-स्वामियों से जमीन खरीदने के लिए अधिकृत किया गया था। अब सरकार इन शहरों के मास्टर प्लान और डेवलपमेंट प्लान को प्राथमिकता के आधार पर अंतिम रूप दे रही है।

​विकास योजना लागू होते ही शुरू होंगी ये गतिविधियां

​निर्णय के अनुसार, विकास योजना (Development Plan) के अंतिम रूप से प्रकाशित होते ही भूमि के लेन-देन से प्रतिबंध पूरी तरह हटा दिया जाएगा।

  • ​पारदर्शी विनियमन: नया ‘बिहार नगर विकास प्राधिकरण’ विकास नियंत्रण विनियमन (DCR) के तहत भूमि के विकास और भवनों के निर्माण का नियमन करेगा।
  • ​सुगम प्रक्रियाएं: रोक हटने के साथ ही सरकार द्वारा आवश्यक लैंड पुलिंग (Land Pooling), भू-अर्जन और सीधी भूमि खरीद जैसी प्रक्रियाएं सुचारू रूप से शुरू की जाएंगी।
  • ​अंतिम प्रकाशन से पहले भी संभव: यदि प्रारूप विकास योजना (Draft Plan) के प्रकाशन के बाद यह पाया जाता है कि रोक हटाने से विकास कार्यों में कोई व्यावहारिक रुकावट नहीं आएगी, तो प्राधिकरण अंतिम प्रकाशन से पहले भी रोक हटाने का फैसला ले सकता है।

​आम जनता और निवेशकों को क्या होगा फायदा?

​“राज्य सरकार का यह निर्णय सुनियोजित शहरीकरण, पारदर्शी भूमि प्रबंधन और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर है। इससे भू-स्वामियों के हितों की रक्षा होगी, निवेश को बढ़ावा मिलेगा और बिहार के नए शहरों का समग्र विकास संभव हो सकेगा।”

— नगर विकास एवं आवास विभाग

 

​प्रमुख लाभ:

  • ​जमीन मालिकों को राहत: भू-स्वामी अपनी आवश्यकतानुसार जमीन की खरीद-बिक्री या हस्तांतरण कर सकेंगे।
  • ​आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर: नियोजित सड़कों, सार्वजनिक स्थलों, पार्क और आधुनिक नागरिक सुविधाओं का निर्माण आसान होगा।
  • ​निवेश को बढ़ावा: रियल एस्टेट, व्यावसायिक गतिविधियों और निजी निवेश के नए रास्ते खुलेंगे।

संवरेंगे बिहार के शहर: हाई इम्पैक्ट योजनाओं और ‘सिग्नेचर रोड’ से बदलेगी शहरी विकास की तस्वीर

0

Patna News: बिहार के शहरों को आधुनिक, स्वच्छ और सर्वसुविधायुक्त बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा ने घोषणा की है कि राज्य के सभी नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पंचायतों में ‘हाई इम्पैक्ट’ (उच्च प्रभाव वाली) योजनाओं के जरिए आधारभूत संरचना को मजबूती दी जाएगी।

​सरकार का उद्देश्य अल्पकालिक (Short Term) और दीर्घकालिक (Long Term) लक्ष्यों के तहत समयबद्ध तरीके से जनहितकारी योजनाओं को लागू करना है, ताकि आम नागरिकों को विश्वस्तरीय नागरिक सुविधाएं मिल सकें।

​2026 और 2028: दो चरणों में बदलेगी शहरों की सूरत

​मंत्री नीतीश मिश्रा ने विकास योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए स्पष्ट समय-सीमा (Deadlines) तय की है:

  • ​अल्पकालिक लक्ष्य (अक्टूबर 2026 तक): सभी नगर निकायों को निर्देश दिया गया है कि वे ऐसी योजनाओं का त्वरित चयन और प्रशासनिक स्वीकृति सुनिश्चित करें, जिन्हें अक्टूबर 2026 तक पूरा किया जा सके।
  • ​दीर्घकालिक लक्ष्य (दिसंबर 2028 तक): बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे के निर्माण और जन-सुविधाओं के विस्तार के लिए दिसंबर 2028 तक की समय-सीमा तय की गई है।

​योजनाओं का चयन इस आधार पर किया जाएगा कि उनका सीधा और अधिकतम लाभ शहर की बड़ी आबादी को मिले।

​हर शहर में बनेगी 1 से 2 किमी लंबी ‘सिग्नेचर रोड’

​इस पूरी पहल का सबसे आकर्षक हिस्सा “सिग्नेचर रोड” (Signature Road) प्रोजेक्ट है। राज्य के प्रत्येक नगर निकाय (नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत) में 1 से 2 किलोमीटर लंबी एक प्रमुख सड़क को मॉडल रोड के रूप में विकसित किया जाएगा।

​सिग्नेचर रोड की मुख्य विशेषताएं:

  • ​सड़क चौड़ीकरण एवं सौंदर्यीकरण: चौड़ी सड़कें, हरित पट्टी (Green Belt) और सुनियोजित पौधरोपण।
  • ​आधुनिक प्रकाश व्यवस्था: आधुनिक स्ट्रीट लाइट्स से पूरी सड़क जगमगाएगी।
  • ​नाइट मार्केट (Night Market): पर्याप्त चौड़ाई वाली सड़कों पर सुव्यवस्थित नाइट मार्केट विकसित किए जाएंगे, जिससे स्थानीय व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
  • ​पहचान और गौरव: यह सड़क संबंधित शहर की विशिष्ट पहचान (Identity) बनेगी और नागरिकों को एक सुरक्षित व आकर्षक सार्वजनिक स्थान प्रदान करेगी।

मुख्यमंत्री और सरकार का विज़न

​नगर विकास मंत्री ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी जी के विज़न के अनुसार, बिहार के हर शहर को आधुनिक, हरित, सुरक्षित और आर्थिक रूप से समृद्ध बनाना सरकार की पहली प्राथमिकता है।

​“हमारा लक्ष्य केवल निर्माण करना नहीं, बल्कि नागरिकों की जीवन गुणवत्ता (Quality of Life) में व्यापक सुधार लाना है। समयबद्ध और उच्च प्रभाव वाली योजनाओं से बिहार के शहर आने वाले समय में अधिक स्वच्छ, आधुनिक और नागरिक-अनुकूल नजर आएंगे।”

— नीतीश मिश्रा, नगर विकास एवं आवास मंत्री

जगदीशपुर पशु चिकित्सालय में चोरों का तांडव: ताला तोड़कर कंप्यूटर और कई उपकरण ले उड़े शातिर

0

Bhagalpur News: भागलपुर जिले के जगदीशपुर स्थित सरकारी पशु चिकित्सालय में रविवार की रात अज्ञात चोरों ने धावा बोलकर सुरक्षा व्यवस्था की धज्जियां उड़ा दीं। चोरों ने चिकित्सालय का ताला और खिड़की का शीशा तोड़कर कंप्यूटर सहित कई महत्वपूर्ण कार्यालयी उपकरण चोरी कर लिए और बड़े आराम से फरार हो गए। घटना की जानकारी सोमवार सुबह तब हुई जब दफ्तर के कर्मचारी ड्यूटी पर पहुंचे।

​ताला टूटा, खिड़की का शीशा चकनाचूर… गायब मिला पूरा सिस्टम

​अस्पताल के कर्मचारियों के अनुसार, जब वे सुबह कार्यालय पहुंचे तो मुख्य गेट का ताला टूटा हुआ देखकर उनके होश उड़ गए। इसके बाद जब कर्मियों ने अंदर जाकर हॉल का निरीक्षण किया तो वहां खिड़की का शीशा भी टूटा पड़ा मिला। हॉल में रखा पूरा कंप्यूटर सेट—जिसमें मॉनिटर, सीपीयू (CPU), यूपीएस (UPS), की-बोर्ड और माउस शामिल थे—गायब था। चोरों ने दफ्तर के महत्वपूर्ण सरकारी डेटा वाले सिस्टम पर हाथ साफ कर दिया।

​डाटा एंट्री ऑपरेटर ने दर्ज कराई शिकायत, पुलिस खंगाल रही CCTV

​घटना के तुरंत बाद इसकी सूचना संबंधित वरीय अधिकारियों को दी गई। इसके पश्चात चिकित्सालय के डाटा एंट्री ऑपरेटर (DEO) राजेश कुमार पंजियारा ने जगदीशपुर थाने में लिखित आवेदन देकर अज्ञात चोरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है।

​मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास की दुकानों और रास्तों पर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि चोरों का सुराग लगाया जा सके।

​सरकारी दफ्तरों की सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल

​इस चोरी ने सरकारी संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय पर्याप्त सुरक्षा और गश्त न होने के कारण चोरों के हौसले बुलंद हैं। लोगों ने मांग की है कि सरकारी दफ्तरों में गार्ड की तैनाती की जाए और इलाके में पुलिस की रात्रि गश्त बढ़ाई जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लग सके।