Patna News: बिहार में सड़कों और पुलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए पथ निर्माण विभाग एक्शन मोड में आ गया है। विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें विक्रमशिला सेतु के जीर्णोद्धार और सुल्तानगंज-अगुवानी घाट गंगा पुल परियोजना की प्रगति का बारीकी से जायजा लिया गया। सचिव ने सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर हर हाल में पूरे किए जाएं।
1. विक्रमशिला सेतु: 30 नवंबर 2026 तक आवागमन होगा सामान्य
बैठक के दौरान विक्रमशिला सेतु के पुनर्निर्माण, बेली ब्रिज की मौजूदा स्थिति और बेयरिंग जांच जैसे महत्वपूर्ण तकनीकी पहलुओं पर चर्चा हुई।
- सामग्री की उपलब्धता: निर्माण सामग्री को साइट पर पहुंचाने का काम तेजी से जारी है। इसके लिए एक समर्पित टीम तैनात की गई है, जो 25 अगस्त 2026 तक सामग्री आपूर्ति का काम पूरा कर लेगी।
- स्पैन तोड़ने का काम: विक्रमशिला सेतु पर यातायात परिचालन बंद होते ही सेतु का स्पैन तोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। समीक्षा के दौरान आईआईटी पटना की जांच रिपोर्ट पर भी विस्तार से विचार-विमर्श हुआ।
- मरम्मत एवं बेयरिंग कार्य: सेतु के बेयरिंग और जॉइंट्स की मरम्मत के कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया है। साथ ही बेली ब्रिज को हटाने की योजना पर भी सहमति बनी।
- डेडलाइन: सचिव ने एजेंसी को सख्त हिदायत दी कि 30 नवंबर 2026 तक विक्रमशिला सेतु को पुनः अपनी पूर्व स्थिति में बहाल कर दिया जाए।
बैठक में मौजूद प्रमुख अधिकारी: बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड के चेयरमैन धर्मेंद्र कुमार, ब्रिज एक्सपर्ट आलोक भौमिक, निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि एवं विभाग के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी।
2. सुल्तानगंज-अगुवानी घाट गंगा पुल: नवंबर 2027 तक बनकर होगा तैयार
विक्रमशिला सेतु के बाद सचिव पंकज कुमार पाल ने भागलपुर और खगड़िया जिलों को जोड़ने वाली महत्वाकांक्षी सुल्तानगंज-अगुवानी घाट गंगा पुल परियोजना की समीक्षा की।
- महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी: गंगा नदी पर बन रहा यह 4-लेन केबल-स्टेड पुल (सह फुटपाथ) क्षेत्र में व्यापार, परिवहन और आर्थिक विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
- पहुँच पथ (Approach Road): इस परियोजना के 20.3 किलोमीटर लंबे पहुँच पथ का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है।
- एजेंसी का आश्वासन: समीक्षा के दौरान कार्यदायी एजेंसी ने आश्वस्त किया कि पूर्व निर्धारित टाइमलाइन के अनुसार नवंबर 2027 तक संपूर्ण पुल निर्माण का कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं
सचिव पंकज कुमार पाल ने सख्त लहजे में कहा कि दोनों परियोजनाओं के निर्माण में गुणवत्ता और समयसीमा का कड़ाई से पालन होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों और एजेंसियों को आपस में समन्वय बनाकर नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए और साफ चेतावनी दी कि निर्माण कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


