Bhagalpur News: सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। खुद को पटना सचिवालय में तैनात DSP बताकर लोगों से लाखों रुपये ऐंठने वाले शातिर ठग और उसके गिरोह के खिलाफ भागलपुर के बायपास थाने में केस दर्ज कर लिया गया है।
फर्जी DSP का हाई-प्रोफाइल ड्रामा: हॉस्टल के फ्लैट में रहकर बिछाया जाल
भागलपुर के बायपास थाना क्षेत्र स्थित आनंद मार्ग कॉलोनी (DVC के पास) की रहने वाली नेहा रंजन (पति- विजय रंजन) द्वारा पुलिस को दी गई लिखित शिकायत के अनुसार:
- पहचान का जरिया: पीड़ित महिला श्रेया गर्ल्स एंड बॉयज हॉस्टल चलाती हैं। आरोपी मनोज वर्मा खुद को पटना सचिवालय में DSP बताकर हॉस्टल की बिल्डिंग के फ्लैट नंबर 405 (3 BHK) में किराये पर रहता था।
- बड़े नेताओं-अफसरों से संबंधों का दावा: आरोपी (मोबाइल नं. 9709932222) बड़ी हस्तियों, IAS/IPS अधिकारियों और मंत्रियों के साथ अपनी तस्वीरें दिखाकर लोगों पर अपना प्रभाव जमाता था।
- नौकरी का झांसा: उसने पीड़िता के बेरोजगार पुत्र को सबौर कृषि विश्वविद्यालय, भागलपुर में सरकारी नौकरी दिलाने का वादा किया।
6 लाख की डील, 3 लाख रुपये ऐंठे
नौकरी का झांसा देकर आरोपी मनोज वर्मा ने पीड़िता से उसके बेटे के सभी शैक्षणिक कागजात ले लिए और कुल 6 लाख रुपये की मांग की। पहली किस्त के रूप में 3,00,000 (तीन लाख) रुपये तय हुए:
- ऑनलाइन (UPI) पेमेंट: ₹1,00,000 विभिन्न किस्तों में आरोपी द्वारा बताए गए बैंक खातों (प्रीति कुमारी, अपूर्व लक्ष्य और मनोज कुमार के खाते) में भेजे गए।
- कैश पेमेंट: ₹2,00,000 नगद दिए गए।
ऑनलाइन लेनदेन की जानकारी (साक्ष्यों के आधार पर):
- 18.10.2025: अपूर्व लक्ष्य – ₹10,000 (UTR: 501737881477)
- 18.10.2025: अपूर्व लक्ष्य – ₹2,000 (UTR: 504221469396)
- 18.10.2025: मिस प्रीति कुमारी – ₹8,000 (UTR: 336333241316)
- 20.10.2025: मनोज कुमार – ₹50,000 (UTR: 357396475786)
- 05.11.2025: मनोज कुमार – ₹30,000 (UTR: 530901705605)
जब पीड़िता ने अलग-अलग खातों में रकम ट्रांसफर करने पर सवाल उठाया, तो मनोज वर्मा ने अपूर्व लक्ष्य को अपना बेटा और प्रीति कुमारी को अपनी पत्नी बताया।
पोल खुली तो हुआ फरार, पिस्टल दिखाकर दी जान से मारने की धमकी
विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद जब नौकरी नहीं मिली और फ्लैट पर अन्य तगादा करने वालों की भीड़ जुटने लगी, तब पीड़िता को ठगी का अहसास हुआ।
जांच-पड़ताल करने पर पता चला कि ईशाकचक (भागलपुर) निवासी मनोज वर्मा फर्जी DSP है। उसने बांका की कैंसर पीड़िता सोनम भारती समेत दर्जनों लोगों से नौकरी के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी की है और पुलिस की नजर से फरार चल रहा है।
पैसे वापस मांगने पर आरोपी ने पीड़िता का नंबर ब्लॉक कर दिया और चुपके से फ्लैट खाली करके भाग निकला। इतना ही नहीं, पुलिसिया रौब और पिस्टल का डर दिखाकर पीड़िता और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी जा रही है।
संगठित गिरोह और महिला की संलिप्तता
पीड़िता की शिकायत के अनुसार, आरोपी मनोज वर्मा अपने साथ प्रीति कुमारी नाम की एक महिला को भी रखता है जो गिरोह में अहम भूमिका निभाती है और ठगी के पैसों में हिस्सा लेती है। यह गिरोह बिना नंबर की बुलेट गाड़ी (जिस पर पुलिसिया नेम प्लेट लगी होती है) से घूमकर लोगों को डराने और ठगने का काम करता है।
पुलिस की कार्रवाई (FIR Details)
मामले की गंभीरता को देखते हुए बायपास थाना (भागलपुर) में मामला दर्ज कर लिया गया है:
पुलिस ने सभी बैंक ट्रांजेक्शन रिपोर्ट और सबूतों को कब्जे में लेकर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी है।


