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बिहार में बंद चीनी मिलें फिर होंगी शुरू, खुलेंगे सुधा की तर्ज पर तरकारी बूथ; मंत्री रामकृपाल यादव ने किया नई सहकारिता नीति 2026 का ऐलान

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Patna News: बिहार में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने, युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने बड़े और ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। सूचना भवन में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव ने विभाग की नई योजनाओं, उपलब्धियों और दूरगामी नीतियों का विस्तृत खाका पेश किया।

​प्रेस वार्ता में सहकारिता विभाग के सचिव धर्मेन्द्र सिंह, निबंधक (सहयोग समितियां)  रजनीश कुमार सिंह, अपर सचिव  अभय कुमार सिंह तथा वेजफेड के प्रबंध निदेशक मनोज कुमार सिंह समेत कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

​प्रेस कॉन्फ्रेंस में साझा किए गए मुख्य बिंदुओं और विभागीय योजनाओं का विवरण इस प्रकार है:

​ चीनी मिलों का पुनरुद्धार: दरभंगा में बनेगा ‘आदर्श शुगर कॉम्प्लेक्स’

​’सात निश्चय-3′ की “समृद्ध उद्योग-सशक्त बिहार” परिकल्पना के तहत राज्य में लंबे समय से बंद पड़ी चीनी मिलों को पुनः शुरू करने की योजना बनाई गई है:

  • ​नया स्वरूप: मधुबनी के सकरी में बंद पड़ी चीनी मिल की जमीन पर एक नया सहकारी चीनी मिल स्थापित होगा। वहीं दरभंगा के रैयाम में एक आधुनिक आदर्श शुगर कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया जाएगा।
  • ​संचालन: इन परियोजनाओं की स्थापना और संचालन इंडिया पोटाश लिमिटेड (IPL) के माध्यम से किया जाएगा।
  • ​बहुआयामी संयंत्र: चीनी उत्पादन के साथ-साथ यहाँ पावर जनरेशन प्लांट, डिस्टलरी (Distillery) और कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) संयंत्र भी लगाए जाएंगे।
  • ​किसान सहभागिता: गन्ना उत्पादक किसानों को जोड़कर सहकारी चीनी मिल समिति बनाई जा रही है। एक पारदर्शी ऑनलाइन पोर्टल के जरिए अब तक 10,000 से 15,000 किसान आवेदन कर चुके हैं।

​ बिहार राज्य सहकारिता नीति 2026 लागू

​राज्य में सहकारिता आंदोलन को सुदृढ़, डिजिटल और आधुनिक बनाने के लिए बिहार राज्य सहकारिता नीति 2026 लागू कर दी गई है:

  • ​पारंपरिक व गैर-पारंपरिक क्षेत्र: पारंपरिक सहकारी समितियों को डिजिटल नवाचार, आधुनिक तकनीक और पारदर्शी प्रशासन से मजबूत किया जाएगा। साथ ही, अब गैर-पारंपरिक क्षेत्रों में भी नई समितियों का विस्तार होगा।
  • ​समावेशी विकास: इस नीति का मुख्य केंद्र बिंदु युवाओं, महिलाओं, किसानों, उद्यमियों और वंचित वर्गों को जोड़कर आत्मनिर्भरता और रोजगार के अवसर पैदा करना है।

​ सुधा Dairy की तर्ज पर शुरू होंगे ‘तरकारी बूथ’

​राज्य में हर थाली तक बिहार की अपनी सब्जी पहुंचाने के संकल्प के साथ ‘वेजफेड’ के जरिए स्थानीय सब्जी उत्पादकों को बड़ा बाजार दिया जा रहा है:

  • ​तरकारी बूथ: जैसे राज्य में सुधा डेयरी के बूथ हैं, ठीक उसी मॉडल पर ‘तरकारी बूथ’ खोले जाएंगे।
  • ​इन्फ्रास्ट्रक्चर: 350 पंचायतों में सब्जी संग्रहण (Collection) केंद्र और 50 प्रखंडों में आधुनिक आधारभूत संरचनाएं विकसित की जाएंगी।

​ फसल बीमा और धान अधिप्राप्ति में बड़ी राहत

  • ​प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना: वित्तीय वर्ष 2026-27 के रबी मौसम से इस योजना को बिहार में लागू करने की मंजूरी दी गई है। किसानों को बहुत कम प्रीमियम देना होगा—शेष राशि का वहन केंद्र और राज्य सरकार करेंगी। इससे किसानों को कृषि लागत के समतुल्य क्षतिपूर्ति मिलेगी।
  • ​धान अधिप्राप्ति का रिकॉर्ड: खरीफ विपणन मौसम 2025-26 के दौरान 36.85 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य के मुकाबले 6,902 समितियों द्वारा 5.40 लाख किसानों से 36.79 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया। राज्य खाद्य निगम (SFC) को 98.47% (24.57 लाख मीट्रिक टन) चावल दिया जा चुका है।
  • ​भंडारण क्षमता: राज्य में 7,452 गोदामों का निर्माण पूरा हो चुका है, जिससे 18.827 लाख मीट्रिक टन भंडारण क्षमता तैयार हुई है।

​ पैक्स (PACS) में बैंकिंग, जन औषधि केंद्र और बिजनेस विस्तार

​ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय और व्यापारिक सुविधाएं बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर डिजिटलीकरण और विविधीकरण किया गया है:

  • ​माइक्रो-एटीएम और बैंक मित्र: ‘सहकारिता में सहकार’ के तहत 186 दुग्ध समितियों, 618 पैक्स, 19 प्राथमिक सब्जी उत्पादक समितियों आदि को माइक्रो-एटीएम से लैस कर ‘बैंक मित्र’ बनाया गया है। 16 अगस्त 2026 से एक महीने का विशेष खाता खोलो अभियान चलाया जाएगा।
  • ​कॉमन सर्विस सेंटर (CSC): ग्रामीण इलाकों में 300 से अधिक प्रकार की सेवाएं देने के उद्देश्य से 6,425 पैक्स में CSC स्थापित किए गए हैं। इनमें से 5,807 क्रियाशील हैं, जो 8.81 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार कर चुके हैं।
  • ​जन औषधि केंद्र: 461 चयनित पैक्सों में से 373 को स्वीकृति मिल चुकी है। 37 को औषधि अनुज्ञप्ति (Licence) प्राप्त हो चुकी है और 36 पैक्सों में जन औषधि केंद्रों का संचालन शुरू हो चुका है।
  • ​विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना: 36 समितियों में 1000, 2000 और 2500 मीट्रिक टन क्षमता के बड़े गोदाम बनाए जा रहे हैं।

​ 100 एफपीओ (FPO) का गठन और देशभक्ति अभियान

  • ​किसान उत्पादक संगठन (FPO): NCDC के सहयोग से 21 जिलों की 100 पंचायतों में 100 FPO बनाए गए हैं, जिनमें से 50 ने व्यावसायिक गतिविधियां शुरू कर किसानों को बाजार और इनपुट सेवाएं देना शुरू कर दिया है।
  • ​‘हर घर तिरंगा’ अभियान (2026): वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर 9 से 17 अगस्त तक सहकारिता विभाग द्वारा बाइक रैली, रंगोली प्रतियोगिता, सांस्कृतिक कार्यक्रम और तिरंगे के साथ सेल्फी जैसे कई जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

सावन की दूसरी सोमवारी पर हेलीकॉप्टर से हुई भव्य पुष्प वर्षा, प्रशासनिक मुस्तैदी के बीच उमड़ा भक्तों का सैलाब

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सुल्तानगंज (भागलपुर): विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले के अवसर पर अजगैविनाथ धाम में इस बार आस्था और आधुनिक व्यवस्था का एक अद्भुत और विहंगम दृश्य देखने को मिला। बिहार सरकार के विशेष निर्देश पर सावन की दूसरी सोमवारी के पावन अवसर पर पहली बार हेलीकॉप्टर के जरिए कांवरियों और श्रद्धालुओं पर भव्य पुष्प वर्षा की गई।

​आकाश से हुई इस फूलों की बारिश ने पूरे उत्तरवाहिनी गंगा तट और कांवरिया पथ को देवलोक जैसा दिव्य स्वरूप दे दिया। पुष्प वर्षा का यह मुख्य कार्यक्रम अजगैविनाथ मंदिर परिसर, काँवरिया पथ और धांधली बेलारी स्थित काँवरिया धर्मशाला के ऊपर किया गया, जहाँ से गुजर रहे लाखों शिवभक्तों पर गुलाब और अन्य सुगंधित फूलों की पंखुड़ियाँ न्योछावर की गईं।

​प्रशासनिक अधिकारियों ने लिया व्यवस्था का जायजा

इस ऐतिहासिक अवसर पर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने और पुष्प वर्षा के सीधा मुआयना करने स्वयं भागलपुर की जिलाधिकारी (DM) अलंकृता पाण्डेय और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) प्रमोद कुमार यादव अजगैविनाथ मंदिर पहुँचे। अधिकारियों ने सुरक्षा इंतजामों, भीड़ नियंत्रण और कांवरियों की सुविधाओं का बारीकी से जायजा लिया। डीएम अलंकृता पाण्डेय ने बताया कि राज्य सरकार की मंशा शिवभक्तों की यात्रा को सुगम, सुरक्षित और अविस्मरणीय बनाना है।

​भक्तों का उत्साह और हर-हर महादेव का जयघोष

हेलीकॉप्टर से हुई पुष्प वर्षा के साथ ही पूरा सुल्तानगंज धाम ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के गगनभेदी जयकारों से गूंज उठा। लंबी पैदल यात्रा कर आ रहे कांवरियों ने सरकार और प्रशासन की इस पहल की भूरी-भूरी प्रशंसा की। कई श्रद्धालुओं ने कहा कि इस अद्भुत दृश्य ने उनकी सारी शारीरिक थकान मिटा दी।

​इस मौके पर जिले एवं प्रखंड स्तर के दर्जनों वरिष्ठ पदाधिकारी, पुलिस बल के जवान और हजारों की संख्या में देश-विदेश से आए कांवरिया व स्थानीय श्रद्धालु मौजूद रहे। सुरक्षा के दृष्टिकोण से मंदिर परिसर और घाटों पर ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

सुलतानगंज में उमड़ा आस्था का जनसैलाब, 24 घंटे में करीब 4 लाख कांवरियों ने दर्ज कराई उपस्थिति

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सुलतानगंज / भागलपुर: विश्वप्रसिद्ध श्रावणी मेला 2026 के दौरान अजगैबीनाथ धाम सुलतानगंज में कांवरियों का सैलाब लगातार बढ़ रहा है। उत्तरवाहिनी गंगा से जल भरकर बाबा बैद्यनाथ धाम देवघर की ओर प्रस्थान करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में हर दिन रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। जिला प्रशासन द्वारा पारदर्शी और सटीक आंकड़ों के लिए स्थापित आधुनिक पीपुल काउंटिंग मशीनों के डेटा के अनुसार, बीते 07 अगस्त को सुबह से लेकर रात तक करीब चार लाख कांवरियों की गणना की गई है।

​दो प्रमुख स्थलों पर स्थापित हैं पीपुल काउंटिंग मशीनें

कांवर पथ और प्रमुख मार्गों से गुजरने वाले श्रद्धालुओं की सही स्थिति जानने के लिए जिला प्रशासन भागलपुर ने दो प्रमुख स्थलों पर हाई-टेक पीपुल काउंटिंग मशीनें स्थापित की हैं।

  • ​कृष्णगढ़ पीपुल काउंटिंग मशीन: 07 अगस्त को इस मार्ग से सर्वाधिक 2,61,668 कांवरियों का आवागमन दर्ज किया गया।
  • ​धाधी बेलारी पीपुल काउंटिंग मशीन: इस मार्ग से कुल 1,37,788 कांवरियों की गणना की गई।

​दोनों काउंटिंग मशीनों के आंकड़ों को मिलाकर 07 अगस्त को कुल 3,99,456 कांवरियों ने सुलतानगंज से देवघर की यात्रा शुरू की।

​सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता, अधिकारी रख रहे पैनी नजर

मेला क्षेत्र और कांवर पथ पर कांवरियों की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षा, सुविधा और सुगम आवागमन के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। गंगा घाटों से लेकर मुख्य मार्गों और कांवरिया पथ पर पुलिस बल के साथ प्रशासनिक अधिकारी लगातार गश्त कर रहे हैं।

​इसके अलावा, पूरे मेला क्षेत्र में:

  • ​स्वास्थ्य एवं चिकित्सा: एम्बुलेंस और त्वरित चिकित्सा शिविर क्रियाशील हैं।
  • ​जल और स्वच्छता: शुद्ध पेयजल की उपलब्धता और चौबीसों घंटे साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
  • ​लाइटिंग व ट्रैफिक: कांवरिया पथ पर उच्च क्षमता की लाइटें और यातायात प्रबंधन को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष पुलिस बल तैनात हैं।
  • ​आपदा प्रबंधन: आपात स्थिति से निपटने के लिए एनडीआरएफ/एसडीआरएफ की टीमें गंगा घाटों पर तैनात हैं।

​प्रशासन की श्रद्धालुओं से अपील

भागलपुर जिला प्रशासन और जिला जनसंपर्क कार्यालय की ओर से सभी कांवरियों और श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे मेला परिसर और कांवरिया पथ पर बनाए गए प्रशासनिक दिशा-निर्देशों का पालन करें। किसी भी आपात स्थिति या सहायता के लिए निकटतम सहायता केंद्र (Help Desk) या तैनात अधिकारियों से तुरंत संपर्क करें।

बिहार में पूर्ण शराबबंदी पर कसता शिकंजा: जुलाई में 1.21 लाख से अधिक छापेमारी, 6.94 लाख लीटर शराब जब्त

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Patna News: बिहार में लागू पूर्ण शराबबंदी कानून को प्रभावी ढंग से धरातल पर उतारने के लिए मद्यनिषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग पुलिस प्रशासन के साथ मिलकर लगातार राज्यव्यापी अभियान चला रहा है। इस निरंतर निगरानी और त्वरित कार्रवाई के तहत बीते जुलाई माह (1 से 31 जुलाई 2026) के दौरान अवैध शराब के खिलाफ अब तक की बड़ी कार्रवाइयों में से एक को अंजाम दिया गया है। विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, केवल एक महीने के भीतर राज्य भर में 1,21,199 छापेमारी की गईं।

​11 हजार से अधिक मामले दर्ज, 13 हजार से ज्यादा गिरफ्तार

​अवैध शराब के कारोबार पर नकेल कसते हुए विभाग ने जुलाई महीने में कुल 11,586 मामले दर्ज किए हैं। इन प्राथमिकियों के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए 13,000 से अधिक लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।

​भारी मात्रा में शराब और 1000 से अधिक वाहन जब्त

​महीने भर चले इस विशेष अभियान के दौरान पुलिस और उत्पाद विभाग की टीमों ने कुल 6,94,355 लीटर देशी व विदेशी शराब जब्त की। इसके साथ ही शराब की तस्करी और परिवहन में इस्तेमाल किए जा रहे 1,000 से अधिक वाहनों को भी जब्त किया गया है। इनमें 809 दोपहिया वाहन शामिल हैं, जबकि शेष तिपहिया, चारपहिया वाहन और बड़े ट्रक हैं।

​ड्रोन और मोटरबोट से सुदूर क्षेत्रों पर निगरानी

​मद्यनिषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने स्पष्ट किया है कि अवैध शराब के निर्माण, बिक्री, परिवहन और भंडारण को शून्य के स्तर पर लाने के लिए कार्रवाई को और अधिक सख्त किया जा रहा है। सुदूर और पहुंच से बाहर वाले क्षेत्रों पर नजर रखने के लिए ड्रोन कैमरों का व्यापक उपयोग किया जा रहा है। वहीं नदियों और जलमार्गों के जरिए होने वाली तस्करी को रोकने के लिए मोटरबोट से गश्त की जा रही है। आम जनता से मिलने वाली शिकायतों के तुरंत निष्पादन और सतत निगरानी पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

टीबी मुक्त भारत अभियान को भागलपुर में मिली रफ्तार: जिलाधिकारी ने 50 मरीजों को बांटे फूड बास्केट

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Bhagalpur News: राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम को गति देने और टीबी (तपेदिक) से पीड़ित मरीजों को बेहतर पोषण सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से भागलपुर में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शुक्रवार, को जिला प्रशासन, मारवाड़ी सेवा समिति और ईस्टर्न बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के संयुक्त सहयोग से जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय ने 50 टीबी मरीजों के बीच पौष्टिक आहार युक्त ‘फूड बास्केट’ का वितरण किया।

​नियमित दवा और पौष्टिक आहार से ही संभव है पूर्ण इलाज: डीएम

​कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय ने कहा कि टीबी एक पूरी तरह से साध्य (उपचार योग्य) बीमारी है। मरीज अगर बिना रुकावट के नियमित दवाइयों का सेवन करें और साथ में संतुलित एवं पौष्टिक आहार लें, तो वे बहुत जल्द स्वस्थ हो सकते हैं। पौष्टिक भोजन शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) को बढ़ाता है, जिससे दवाएं अधिक तेजी से असर करती हैं।

​उन्होंने कहा कि समाज के व्यावसायिक और स्वयंसेवी संगठनों द्वारा इस तरह आगे आकर मरीजों की मदद करना बेहद प्रेरणादायक है। यह सहभागिता मरीजों का मनोबल बढ़ाने के साथ-साथ ‘टीबी मुक्त भारत’ के राष्ट्रीय लक्ष्य को हासिल करने में मील का पत्थर साबित होगी।

​’निक्षय मित्र’ बनने की भावुक अपील

​जिलाधिकारी ने मारवाड़ी सेवा समिति और ईस्टर्न बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज द्वारा निभाई जा रही सामाजिक जिम्मेदारी की मुक्तकंठ से सराहना की। इसके साथ ही उन्होंने जिले की अन्य सक्षम सामाजिक, औद्योगिक और स्वयंसेवी संस्थाओं से ‘निक्षय मित्र’ बनने का आह्वान किया, ताकि अधिक से अधिक मरीजों को पोषण सहायता प्रदान की जा सके।

​निरंतर सहयोग जारी रखने का संकल्प

​कार्यक्रम के दौरान मारवाड़ी सेवा समिति और ईस्टर्न बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रतिनिधियों ने कहा कि टीबी पीड़ितों और जरूरतमंदों की मदद करना उनका सामाजिक दायित्व है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में भी इस तरह के सहयोगात्मक अभियान लगातार चलाए जाएंगे।

​स्वास्थ्य विभाग की ओर से मिल रही हैं निःशुल्क सुविधाएं

​जिला स्वास्थ्य समिति के अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार की ओर से सभी टीबी मरीजों को मुफ्त जांच, दवाइयां और पूरा इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से मिलने वाली यह अतिरिक्त पोषण सामग्री मरीजों के तेजी से ठीक होने की संभावना को कई गुना बढ़ा देती है।

​इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग एवं जिला स्वास्थ्य समिति के पदाधिकारी, मारवाड़ी सेवा समिति और ईस्टर्न बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के सदस्य तथा बड़ी संख्या में लाभार्थी मरीज उपस्थित थे।

भागलपुर में वज्रपात पीड़ितों को मिली राहत: मृतक के आश्रितों को दी गई 4-4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले के पीरपैंती अंचल में वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चपेट में आने से जान गंवाने वाले दो मृतकों के आश्रितों को जिला प्रशासन द्वारा त्वरित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई है। शुक्रवार, को जिला आपदा प्रबंधन शाखा की ओर से राज्य सरकार की अनुग्रह अनुदान नीति के तहत दोनों पीड़ित परिवारों के निकटतम आश्रितों को 4-4 लाख रुपये की सहायता राशि का चेक सौंपा गया।

​जिला प्रशासन ने दी सहायता राशि

​आपदा प्रबंधन विभाग के निर्धारित प्रावधानों और भागलपुर के जिला पदाधिकारी के निर्देशानुसार यह कार्रवाई की गई। समाहरणालय में अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) एवं सहायक आपदा प्रबंधन पदाधिकारी ने संयुक्त रूप से मृतका पूनम देवी एवं सुप्रिया कुमारी के निकटतम वारिसों को अनुग्रह अनुदान के चेक प्रदान किए।

​आपदा पीड़ितों के लिए सरकार की प्रतिबद्धता

​जिला जन-संपर्क कार्यालय, भागलपुर द्वारा जारी विज्ञप्ति में बताया गया कि प्राकृतिक आपदा से प्रभावित परिवारों को बिना किसी विलंब के आर्थिक सहायता पहुँचाना प्रशासन की पहली प्राथमिकता है। जिला प्रशासन ने कहा कि संकट की इस कठिन घड़ी में प्रभावित परिवारों के साथ पूरी सहानभूति है और निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप उन्हें त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जा रही है ताकि उन्हें संबल मिल सके।

​IIFF 2026 में बिहार की बड़ी उपलब्धि: फुटवियर एवं लेदर सेक्टर में आए ₹125 करोड़ के निवेश प्रस्ताव, 1800 को मिलेगा रोजगार

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Patna News: नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित 10वें ‘इंडिया इंटरनेशनल फुटवियर फेयर’ (IIFF) 2026 में बिहार ने देश और दुनिया के उद्योग जगत के सामने अपनी औद्योगिक ताकत का शानदार प्रदर्शन किया है। “Bihar: The Next Frontier of Global Footwear Manufacturing” विषय पर आयोजित विशेष राज्य सत्र के दौरान राज्य सरकार ने बिहार को फुटवियर और लेदर विनिर्माण के सबसे तेजी से उभरते केंद्र के रूप में प्रस्तुत किया। इस वैश्विक मंच पर बिहार सरकार ने ₹125 करोड़ के निवेश समझौते (MoU) हासिल किए, जिससे राज्य में लगभग 1,800 प्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

​निवेशकों के लिए बेहतरीन अवसर और नीतियां: श्रेयसी सिंह

​सत्र को संबोधित करते हुए बिहार की उद्योग एवं खेल मंत्री सुश्री श्रेयसी सिंह ने देश-विदेश के निवेशकों को बिहार में उद्योग लगाने का न्योता दिया। उन्होंने कहा कि राज्य में प्रचुर श्रमशक्ति, बेहतर कनेक्टिविटी, इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश-अनुकूल नीतियां उपलब्ध हैं। सरकार उद्योगों की हरसंभव मदद के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे बिहार फुटवियर सेक्टर के लिए एक मजबूत और प्रतिस्पर्धी विकल्प बनकर उभरा है।

​मुजफ्फरपुर में बना मेगा लेदर एंड फुटवियर पार्क: कुंदन कुमार

​उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार ने प्रस्तुतिकरण के जरिए राज्य की निवेश नीतियों, सब्सिडी और लॉजिस्टिक नेटवर्क की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुजफ्फरपुर के महवल में मेगा लेदर, फुटवियर एवं एक्सेसरीज पार्क विकसित किया जा चुका है।

  • ​प्लॉट लीज एवं प्लग एंड प्ले सुविधा: निवेशकों के लिए बने-बनाये शेड (Plug & Play) और जमीन लीज पर उपलब्ध कराई जा रही है ताकि कंपनियां बिना समय गंवाए अपना उत्पादन शुरू कर सकें।
  • ​सिंगल विंडो क्लीयरेंस: उद्योग लगाने की प्रक्रिया को आसान और तेज बनाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर त्वरित मंजूरियां दी जा रही हैं।

​₹125 करोड़ का निवेश और रोजगार के नए अवसर

​मेले के दौरान राज्य सरकार और दो प्रमुख कंपनियों के बीच समझौते पर हस्ताक्षर किए गए:

  1. ​Lehar Footwear Private Limited: ₹100 करोड़ का निवेश करेगी, जिससे लगभग 1,500 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।
  2. ​Patna Leather Garment: ₹25 करोड़ के निवेश का समझौता हुआ, जिससे लगभग 300 लोगों को रोजगार प्राप्त होगा। (इस MoU का निष्पादन पटना में उद्योग निदेशक श्री मुकुल कुमार गुप्ता और कंपनी के पार्टनर मो. मुशाहिद रज़ा खान के बीच किया गया)।

​केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने किया फेयर का उद्घाटन

​इससे पहले 10वें IIFF 2026 का आधिकारिक उद्घाटन केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने किया। उन्होंने भारतीय फुटवियर उद्योग को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने और आधुनिक तकनीकों व निर्यात को बढ़ावा देने पर जोर दिया।

​कार्यक्रम में बिहार भवन के स्थानिक आयुक्त मनोज कुमार सिंह, FDDI के प्रबंध निदेशक विवेक शर्मा सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों और प्रमुख उद्योगपतियों ने हिस्सा लिया तथा बिहार के बदलते औद्योगिक माहौल की सराहना की।

​बिहार को मिलेगा नया आधुनिक शहर: पाटलिपुत्र ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के विकास को लेकर पटना में उच्चस्तरीय बैठक

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Patna News: बिहार की राजधानी पटना के समीप एक विश्वस्तरीय और सुनियोजित नया शहर बसाने की दिशा में कदम और तेज हो गए हैं। शुक्रवार, को विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह की अध्यक्षता में ‘पाटलिपुत्र ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप’ की ‘प्रारूप विकास योजना–2047’ को लेकर एक उच्चस्तरीय अंतर-विभागीय हितधारक परामर्श बैठक आयोजित की गई। नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा आयोजित इस बैठक में राज्य के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों और बिहार शहरी आयोजना एवं विकास बोर्ड के सदस्यों ने भाग लिया और अपने महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए।

​आवासीय क्षेत्र से आगे, एक संपूर्ण और आत्मनिर्भर शहर का विज़न

​बैठक को संबोधित करते हुए विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह ने तेजी से हो रहे शहरीकरण पर चिंता जताते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्र तेजी से शहरी रूप ले रहे हैं, लेकिन वहां बुनियादी सुविधाओं का उस गति से विकास नहीं हो पा रहा है। ऐसे में ‘पाटलिपुत्र ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप’ केवल एक नया आवासीय कॉम्प्लेक्स नहीं होगा, बल्कि यह सुनियोजित और सुविधायुक्त आधुनिक शहरी विकास का एक रोल मॉडल बनेगा।

​उन्होंने जोर देकर कहा कि आधुनिक शहरी नियोजन में आवास, रोजगार, स्वास्थ्य, शिक्षा, मनोरंजन और वाणिज्यिक गतिविधियां एक-दूसरे से जुड़ी होनी चाहिए। इस टाउनशिप को इस प्रकार डिजाइन किया जा रहा है कि भविष्य में नागरिकों को अपनी बुनियादी जरूरतों के लिए लंबी दूरी न तय करनी पड़े।

​प्रारूप विकास योजना–2047 की मुख्य विशेषताएं

​नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार ने योजना का विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया। इस प्रेजेंटेशन में प्रस्तावित टाउनशिप के विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं को रेखांकित किया गया:

  • ​स्मार्ट और ट्रांजिट-उन्मुख विकास (TOD): परिवहन और गतिशीलता को सुगम बनाने के लिए ट्रांजिट-उन्मुख विकास रणनीति पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
  • ​ब्लू-ग्रीन अवसंरचना एवं पर्यावरण: जलवायु अनुकूल विकास, हरित क्षेत्रों (Green Spaces) और जल निकायों के संरक्षण पर विशेष बल दिया गया है।
  • ​डिजिटल और स्मार्ट शहरी प्रणाली: टाउनशिप में अत्याधुनिक डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और स्मार्ट गवर्नेंस सिस्टम लागू किया जाएगा।
  • ​आर्थिक एवं सामाजिक ढांचा: शिक्षा, स्वास्थ्य, वाणिज्यिक गतिविधियों और रोजगार सृजन के लिए चरणबद्ध निवेश और कार्यान्वयन रणनीति तैयार की गई है।

​बैठक में शीर्ष अधिकारियों की मौजूदगी

​इस उच्चस्तरीय परामर्श बैठक में योजना एवं विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव डॉ. एन. विजयलक्ष्मी, ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार, कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल सहित अन्य प्रमुख विभागों के वरीय अधिकारी उपस्थित रहे। सभी विभागों के समन्वय से इस ड्रीम प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने की रणनीति पर सहमति बनी।

बिहार में ‘डिजिटल अरेस्ट’ और साइबर ठगी पर बड़ा एक्शन: मुख्य सचिव और DGP की हाई-लेवल बैठक, 1930 हेल्पलाइन के व्यापक प्रचार का निर्देश

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Patna News: बिहार में बढ़ते साइबर अपराध और ‘डिजिटल अरेस्ट’ के मामलों पर शिकंजा कसने के लिए राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और पुलिस महानिदेशक (DGP) विनय कुमार की संयुक्त अध्यक्षता में राज्य के सभी जिलाधिकारियों (DMs), वरीय पुलिस अधीक्षकों (SSPs) और पुलिस अधीक्षकों (SPs) के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

​वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई यह बैठक 52वीं ‘प्रगति’ (PRAGATI) समीक्षा बैठक में साइबर अपराध को लेकर दिए गए निर्देशों के अनुपालन और राज्य की तैयारियों का जायजा लेने के लिए बुलाई गई थी।

​घर-घर पहुंचेगा राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930

​मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने कहा कि साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 आम जनता की सुरक्षा का सबसे बड़ा हथियार है। उन्होंने निर्देश दिया कि इस नंबर को बिहार के हर नागरिक तक पहुंचाने के लिए व्यापक अभियान चलाया जाए:

  • ​बिजली बिल और मोबाइल एप: राज्य के सभी बिजली बिलों पर 1930 नंबर स्पष्ट रूप से प्रिंट किया जाएगा। साथ ही, बिजली रिचार्ज मोबाइल एप्स पर भी इसका बैनर दिखेगा।
  • ​सुधा डेयरी उत्पाद: बिहार के घर-घर में इस्तेमाल होने वाले ‘सुधा’ दूध और अन्य डेयरी उत्पादों की पैकेजिंग तथा सुधा बूथों पर यह हेल्पलाइन नंबर प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा।
  • ​नगर निगम और पब्लिक डिस्प्ले: शहरों के भीड़-भाड़ वाले इलाकों, डिजिटल होर्डिंग्स और एलइडी स्क्रीन पर साइबर जागरूकता संदेश प्रसारित किए जाएंगे।
  • ​साप्ताहिक जागरूकता अभियान: स्कूलों और कॉलेजों में ‘साइबर मंगलवार’ जैसे जागरूकता कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित होंगे।

​ऑपरेशन साइबर प्रहार और हॉटस्पॉट जिलों पर नकेल

​बैठक के दौरान प्रस्तुत किए गए आंकड़ों के अनुसार:

  • ​कार्रवाई: ‘ऑपरेशन साइबर प्रहार’ के तहत राज्य में 6,251 म्यूल (फर्जी) बैंक खातों का सत्यापन किया गया, 702 लोगों पर कानूनी कार्रवाई हुई और 507 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया।
  • ​साइबर हॉटस्पॉट: देश के शीर्ष साइबर हॉटस्पॉट जिलों में बिहार के नवादा (रैंक 2), नालंदा (रैंक 4), पटना (रैंक 7) और शेखपुरा (रैंक 15) शामिल हैं। वहीं पटना एटीएम और चेक के जरिए अवैध पैसों की निकासी में देश में शीर्ष स्थानों पर है।

​पीड़ितों के पैसे वापसी की प्रक्रिया में तेजी

  • ​पैसे वापसी (MRM): बिहार में साइबर ठगी के पीड़ितों को पैसे वापस दिलाने के लिए 16,593 मामले तैयार किए गए हैं, जिनमें से 5,642 मामलों में पुलिस की त्वरित कार्रवाई से ₹224.53 लाख रुपये की बहाली (Restoration) के आदेश जारी हो चुके हैं।
  • ​शिकायत निवारण (GRM): बैंकों द्वारा खातों की अनुचित फ्रीजिंग से जुड़ी शिकायतों का बिहार पुलिस ने 98% से अधिक निष्पादन किया है।
  • ​इंटर-स्टेट कोऑर्डिनेशन: ‘समन्वय’ (CIAR) पोर्टल के जरिए अन्य राज्यों से मिले जांच अनुरोधों का 90.22% सफलता से समाधान किया गया। साथ ही, ‘सहयोग’ पोर्टल के माध्यम से 75.65% अवैध साइबर URLs को हटवाया गया।

​मुख्य सचिव द्वारा जारी कड़े निर्देश

  1. ​e-Zero FIR प्रक्रिया: ₹1 लाख से अधिक की साइबर धोखाधड़ी के मामलों में तुरंत e-Zero FIR दर्ज कर उसे नियमित FIR में बदला जाए।
  2. ​बैंकों के साथ समन्वय: जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे DLBC बैठकों के जरिए म्यूल खातों को फ्रीज करने और ठगी की राशि पीड़ितों को लौटाने की प्रक्रिया में तेजी लाएं।
  3. ​फर्जी सिम/POS एजेंटों पर नकेल: फर्जी दस्तावेजों पर सिम बेचने वाले एजेंटों और गिरोहों के खिलाफ राज्यव्यापी विशेष अभियान चलाया जाएगा।
  4. ​ट्रेनिंग: बिहार पुलिस के 4,221 से अधिक अधिकारियों को साइबर अनुसंधान का विशेष प्रशिक्षण दिया जा चुका है।

भागलपुर पुलिस का ‘ऑपरेशन मुस्कान’: 14 लाख रुपये के 60 गुम व चोरी हुए मोबाइल बरामद, पुलिस ने असली मालिकों के चेहरे पर लौटाई खुशी

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Bhagalpur News: बिहार पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन मुस्कान’ के तहत भागलपुर पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। शुक्रवार को पुलिस ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों से बरामद किए गए करीब 14 लाख रुपये मूल्य के 60 मोबाइल फोन उनके वास्तविक धारकों को सौंप दिए। अपने खोए हुए मोबाइल वापस पाकर लोगों के चेहरे पर खुशी लौट आई।

​DIU और साइबर थाना की संयुक्त कार्रवाई

​वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) भागलपुर के निर्देशन और पुलिस अधीक्षक नगर (City SP) की देखरेख में इस अभियान को सफलता पूर्वक अंजाम दिया गया। डीआईयू (DIU) टीम और भागलपुर साइबर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने तकनीकी अनुसंधान और सर्विलांस की मदद से विभिन्न स्थानों से इन 60 मोबाइल फोनों को ट्रैक कर बरामद किया।

​असली स्वामियों के चेहरों पर लौटी ‘मुस्कान’

​वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में कार्यालय में आयोजित एक संक्षिप्त कार्यक्रम के दौरान सभी 60 मोबाइल धारकों को बुलाकर उनके फोन सुपुर्द किए गए। अपना कीमती और व्यक्तिगत डेटा से भरा मोबाइल वापस पाकर आम नागरिकों ने भागलपुर पुलिस की त्वरित कार्रवाई और इस पहल की सराहना की।

​भागलपुर पुलिस प्रशासन ने इस अवसर पर दोहराया कि जिले में अपराध नियंत्रण के साथ-साथ आम जनता की सेवा, सुरक्षा और सहायता के लिए पुलिस टीम सदैव तत्पर है।