Bhagalpur News: भागलपुर जिले में गंगा और कोसी के बढ़ते जलस्तर के बीच बाढ़ की स्थिति को लेकर राज्य सरकार ने निगरानी और तेज कर दी है। बिहार के आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सादा ने भागलपुर में बाढ़ की स्थिति तथा जिले में संचालित राहत एवं बचाव कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा की।
समीक्षा के दौरान मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता नहीं होनी चाहिए। सभी संबंधित पदाधिकारी और कर्मी 24 घंटे अलर्ट मोड में रहकर बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखें।
मंत्री रत्नेश सादा ने कहा कि बाढ़ प्रभावित नागरिकों की सुरक्षा और उन्हें समय पर राहत उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। राहत एवं बचाव कार्यों के लिए बजट अथवा संसाधनों की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी।
13 अंचलों के 269 गांवों में बाढ़ की निगरानी
जिला प्रशासन के अनुसार भागलपुर जिले के 13 अंचलों की 82 पंचायतों के 269 गांवों में बाढ़ की स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है।
लगभग 3,87,600 प्रभावित लोगों तक त्वरित राहत पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा युद्धस्तर पर काम किया जा रहा है।
मंत्री ने विशेष रूप से दूरस्थ, जलमग्न और संवेदनशील इलाकों में राहत कार्यों को और प्रभावी बनाने का निर्देश दिया, ताकि किसी भी प्रभावित परिवार तक सहायता पहुंचने में देरी न हो।
23 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला गया
जलस्तर में लगातार वृद्धि के कारण संवेदनशील और जोखिम वाले क्षेत्रों से अब तक 4,696 परिवारों के कुल 23,412 लोगों को सुरक्षित निष्क्रमित कर राहत केंद्रों तक पहुंचाया गया है।
दूरदराज और जलमग्न क्षेत्रों में आवागमन तथा आपातकालीन राहत कार्यों के लिए 90 नावों का परिचालन किया जा रहा है।
प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि जलमग्न क्षेत्रों में फंसे लोगों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाए और जरूरत पड़ने पर तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए।
91 सामुदायिक रसोइयों से 1.92 लाख लोगों को भोजन
बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन बड़े स्तर पर काम कर रहा है। जिले में 91 सामुदायिक रसोइयों का संचालन किया जा रहा है।
इन सामुदायिक रसोइयों के माध्यम से अब तक 1,92,276 लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा चुका है।
मंत्री रत्नेश सादा ने निर्देश दिया कि सभी प्रभावित क्षेत्रों में सामुदायिक रसोई का नियमित संचालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि बाढ़ के कारण कोई भी व्यक्ति भोजन से वंचित न रहे।
7 प्रमुख राहत शिविरों में हजारों लोगों को आश्रय
भागलपुर शहर में टीएनबी कॉलेजिएट, CTS/चर्च मैदान सहित कुल 7 प्रमुख बाढ़ राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं।
इन राहत शिविरों में बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए आवासन, भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। अब तक इन शिविरों में 20,068 लोगों ने आश्रय एवं भोजन का लाभ लिया है।
प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि राहत शिविरों में रहने वाले लोगों की आवश्यकताओं का लगातार आकलन किया जाए और जरूरत के अनुसार सुविधाओं को बढ़ाया जाए।
7,025 पॉलिथीन शीट्स का वितरण
बाढ़ प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अब तक 7,025 पॉलिथीन शीट्स का वितरण किया जा चुका है।
वहीं, खरीक के राघोपुर क्षेत्र के बाढ़ पीड़ितों के व्यवस्थित आवासन के लिए इस्माईलपुर में गणेश बासा-01, 02 और 03 को चिन्हित कर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।
मंत्री ने प्रभावित परिवारों को सूखा राशन और अन्य जरूरी राहत सामग्री प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। खासकर ऐसे क्षेत्रों में जहां तत्काल सामुदायिक रसोई पहुंचाना मुश्किल है, वहां सूखा राशन के जरिए भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।
पशुओं के लिए चारा और इलाज की व्यवस्था
बाढ़ के दौरान पशुधन की सुरक्षा को भी प्रशासन ने प्राथमिकता दी है। मंत्री ने प्रभावित क्षेत्रों में पर्याप्त मात्रा में पशु चारा उपलब्ध कराने और उसके नियमित वितरण का निर्देश दिया।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में वर्तमान में 8 पशु चिकित्सा शिविर और 5 चलंत पशु चिकित्सा दल सक्रिय हैं। इनके माध्यम से अब तक 1,846 प्रभावित पशुओं का उपचार किया जा चुका है।
मंत्री ने पशुपालकों की जरूरतों का आकलन कर आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त चारा और चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
13 स्वास्थ्य शिविरों में 6,366 लोगों का इलाज
बाढ़ के कारण संक्रमण और विभिन्न बीमारियों के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को भी अलर्ट रखा गया है।
जिले में 13 स्वास्थ्य शिविर सक्रिय हैं। इन स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से अब तक 6,366 लोगों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा चुकी है।
मंत्री ने स्वास्थ्य विभाग की टीमों को निर्देश दिया कि प्रभावित इलाकों में आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए और स्वास्थ्य सेवाओं को लगातार सक्रिय रखा जाए।
उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में प्रभावित लोगों को तत्काल चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध होनी चाहिए।
दूरस्थ इलाकों पर विशेष फोकस
समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री रत्नेश सादा ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राहत एवं बचाव कार्यों का सबसे ज्यादा फोकस उन क्षेत्रों पर हो जहां जलभराव के कारण आवागमन मुश्किल है।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक प्रभावित परिवार तक भोजन, सूखा राशन, पशु चारा, स्वास्थ्य सुविधा और जरूरी राहत सामग्री पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए।
मंत्री बोले—मुश्किल घड़ी में सरकार प्रभावितों के साथ
आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सादा ने कहा कि राज्य सरकार बाढ़ की इस कठिन परिस्थिति में प्रभावित नागरिकों के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जब तक बाढ़ की स्थिति सामान्य नहीं हो जाती, तब तक राहत और बचाव कार्यों में पूरी तत्परता बरती जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि राहत कार्यों में संसाधनों की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी और प्रशासन को हर स्तर पर सक्रिय रहकर प्रभावित परिवारों तक समय पर सहायता पहुंचानी होगी।
भागलपुर में राहत अभियान जारी
फिलहाल भागलपुर के 13 अंचलों के प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन की निगरानी जारी है। नावों के जरिए सुरक्षित निष्क्रमण, सामुदायिक रसोइयों से भोजन, राहत शिविरों में आवासन, स्वास्थ्य शिविरों में इलाज और पशुओं के लिए चिकित्सा एवं चारा उपलब्ध कराने का काम लगातार किया जा रहा है।
जिला प्रशासन ने बाढ़ की स्थिति सामान्य होने तक सभी संबंधित विभागों और अधिकारियों को अलर्ट मोड में रहने तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।


