Bhagalpur News: भागलपुर जिले में बाढ़ प्रभावित इलाकों में जिला प्रशासन ने राहत, बचाव और पुनर्वास कार्यों को तेज कर दिया है। प्रभावित परिवारों तक जरूरी सुविधाएं पहुंचाने के साथ-साथ बच्चों की पढ़ाई, पशुओं के लिए चारा और आपदा की स्थिति में सुरक्षा को लेकर भी प्रशासन की ओर से लगातार कदम उठाए जा रहे हैं।
जिला प्रशासन के अनुसार, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर राहत एवं बचाव कार्य संचालित किए जा रहे हैं।
जगदीशपुर पॉलिटेक्निक में अस्थायी स्कूल शुरू
बाढ़ के कारण प्रभावित बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए पॉलिटेक्निक कॉलेज, जगदीशपुर में अस्थायी विद्यालय का संचालन शुरू कर दिया गया है।
अस्थायी विद्यालय में बच्चों को नियमित शैक्षणिक गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है। प्रशासन की ओर से विद्यालय में उपलब्ध व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी और निरीक्षण भी किया जा रहा है, ताकि बाढ़ प्रभावित बच्चों की पढ़ाई यथासंभव सामान्य रूप से जारी रह सके।
करीब 150 पशुओं के लिए बांटा गया चारा
बाढ़ का असर केवल लोगों पर ही नहीं, बल्कि पशुपालकों और उनके मवेशियों पर भी पड़ रहा है। प्रभावित पशुपालकों को राहत देने के लिए जिला प्रशासन की ओर से लगभग 150 पशुओं के लिए चारा वितरित किया गया।
प्रशासन का कहना है कि प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं के लिए चारा और अन्य जरूरी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लगातार आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
आपदा मित्रों ने लोगों को दिया सुरक्षा प्रशिक्षण
बाढ़ प्रभावित लोगों को आपदा के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों और सुरक्षा उपायों की जानकारी देने के लिए आपदा मित्रों की ओर से पॉलिटेक्निक कॉलेज में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण के दौरान लोगों को बाढ़ की स्थिति में सुरक्षित स्थान पर जाने, तेज बहाव वाले पानी से दूरी बनाए रखने और विद्युत तारों समेत अन्य संभावित खतरों से सावधान रहने की जानकारी दी गई।
इसके अलावा आपात स्थिति में प्रशासन और बचाव दल से संपर्क करने तथा उपलब्ध राहत एवं बचाव सहायता का सुरक्षित तरीके से लाभ उठाने के संबंध में भी लोगों को जागरूक किया गया।
डीएम अलंकृता पाण्डेय ने किया राहत कार्यों का निरीक्षण
बाढ़ राहत एवं बचाव कार्यों की जमीनी स्थिति का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी अलंकृता पाण्डेय ने पॉलिटेक्निक कॉलेज, जगदीशपुर का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बाढ़ प्रभावित लोगों से सीधे संवाद किया और उनकी समस्याओं के साथ-साथ प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं के बारे में फीडबैक लिया।
डीएम ने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रभावित परिवारों की जरूरतों पर त्वरित कार्रवाई की जाए और राहत कार्यों में किसी भी स्तर पर कमी नहीं रहने दी जाए।
‘घबराएं नहीं, सुरक्षा को दें सर्वोच्च प्राथमिकता’
जिलाधिकारी ने बाढ़ प्रभावित आम लोगों से अपील की है कि आपदा की स्थिति में घबराएं नहीं और जिला प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
उन्होंने लोगों से अपनी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील करते हुए कहा कि किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन एवं बचाव दल द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सहायता का सहयोगपूर्वक लाभ उठाएं।
सभी विभागों के साथ समन्वय बनाकर राहत कार्य जारी
जिला प्रशासन के मुताबिक बाढ़ प्रभावित लोगों की सुरक्षा, राहत और आवश्यक सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित विभागों के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है।
प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित परिवारों तक समय पर आवश्यक सहायता पहुंचाना, बच्चों की शिक्षा जारी रखना, पशुओं के लिए चारा उपलब्ध कराना और लोगों को आपदा के दौरान सुरक्षित रहने के लिए जागरूक करना है।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन की गतिविधियां लगातार जारी हैं और स्थिति के अनुसार राहत एवं बचाव कार्यों को और तेज किया जा रहा है।


