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भागलपुर: 9 मई को लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत; बरसों से लंबित मुकदमों का ऑन-द-स्पॉट होगा निपटारा, जानें पूरी प्रक्रिया

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Bhagalpur News: यदि आप कोर्ट-कचहरी के चक्कर काटकर थक चुके हैं या आपका कोई मामला लंबे समय से लंबित है, तो आपके पास राहत पाने का एक सुनहरा मौका है। आगामी 9 मई (शनिवार) को भागलपुर जिले के तीनों अनुमंडलों— भागलपुर, नवगछिया और कहलगांव के व्यवहार न्यायालय परिसर में ‘राष्ट्रीय लोक अदालत’ का भव्य आयोजन किया जा रहा है।

​बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देशानुसार आयोजित होने वाली इस लोक अदालत में आपसी सहमति और सुलह के आधार पर मामलों का निष्पादन किया जाएगा।

​इन मामलों का होगा त्वरित समाधान (Key Focus Areas):

​लोक अदालत में मुख्य रूप से उन मामलों को प्राथमिकता दी जाएगी जो आपसी बातचीत से सुलझाए जा सकते हैं:

  • ​वित्तीय मामले: बैंक ऋण वसूली (Bank Loan), चेक बाउंस (NI Act 138), और BSNL से जुड़े विवाद।
  • ​उपयोगिता बिल: बिजली और पानी के बिल से संबंधित लंबित मामले।
  • ​पारिवारिक एवं श्रम विवाद: वैवाहिक झगड़े, भरण-पोषण, श्रम विवाद और सेवा संबंधी (वेतन/पेंशन) मामले।
  • ​दीवानी एवं राजस्व: भूमि अधिग्रहण, किराया, सुखाधिकार और राजस्व से जुड़े विवाद।
  • ​दुर्घटना दावा: मोटर दुर्घटना (MACT) के तहत मुआवजे से संबंधित वाद।

​आम जनता के लिए क्यों है यह खास?

​संयुक्त निदेशक (जनसंपर्क) द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, लोक अदालत में मामलों के निपटारे का सबसे बड़ा लाभ यह है कि यहाँ लिए गए फैसले के खिलाफ कोई अपील नहीं होती और यह अंतिम माना जाता है। इससे न केवल समय की बचत होती है, बल्कि मानसिक तनाव और कानूनी खर्च से भी मुक्ति मिलती है।

​कैसे करें संपर्क?

​इच्छुक पक्षकार और अधिवक्ता अपने मामलों को सूचीबद्ध कराने के लिए संबंधित न्यायालय या जिला विधिक सेवा प्राधिकार, भागलपुर से तुरंत संपर्क कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए प्रशासन ने निम्नलिखित हेल्पलाइन जारी की है:

  • ​टॉल-फ्री नंबर: 15100
  • ​फोन नंबर: 0641-2401017
  • ​ई-मेल: bclsa_bhagalpur@yahoo.com

TMBU: रजिस्ट्रेशन के लिए ‘आमरण अनशन’ पर बैठा छात्र, विश्वविद्यालय प्रशासन की लापरवाही के खिलाफ खोला मोर्चा

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Bhagalpur News: तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (TMBU) एक बार फिर अपनी प्रशासनिक सुस्ती और छात्रों की समस्याओं को लेकर सुर्खियों में है। सत्र 2022-25 के छात्र सोनू कुमार का सब्र उस वक्त टूट गया, जब महीनों चक्कर काटने के बाद भी उसका रजिस्ट्रेशन नंबर जारी नहीं किया गया। थक-हार कर छात्र ने बुधवार से विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन के मुख्य द्वार पर आमरण अनशन शुरू कर दिया है।

​भविष्य पर मंडराया संकट: क्यों लिया अनशन का फैसला?

​सोनू कुमार का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन की लापरवाही के कारण उसका रजिस्ट्रेशन नंबर अटका हुआ है। रजिस्ट्रेशन नंबर जारी न होने की वजह से वह अपने जरूरी शैक्षणिक दस्तावेज प्राप्त नहीं कर पा रहा है, जिससे उसका आगे का नामांकन और करियर पूरी तरह बाधित हो गया है। छात्र का कहना है कि एक तरफ डिजिटल इंडिया की बातें होती हैं, वहीं दूसरी तरफ विश्वविद्यालय एक रजिस्ट्रेशन नंबर के लिए छात्रों को महीनों दौड़ा रहा है।

​परीक्षा नियंत्रक को दिए आवेदनों पर नहीं हुई कार्रवाई

​छात्र ने बताया कि वह अपनी समस्या को लेकर हाथ पर हाथ धरकर नहीं बैठा था। उसने 21 अप्रैल और फिर 28 अप्रैल 2026 को परीक्षा नियंत्रक को लिखित आवेदन देकर अपनी स्थिति स्पष्ट की थी और गुहार लगाई थी। बावजूद इसके, विश्वविद्यालय के आला अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंगी। किसी भी स्तर से कोई ठोस कार्रवाई न होते देख छात्र ने लोकतांत्रिक तरीके से विरोध का रास्ता चुना है।

​“जब तक न्याय नहीं, तब तक अनशन जारी”

​बुधवार सुबह 11 बजे से प्रशासनिक भवन के गेट पर डटे सोनू कुमार का संकल्प दृढ़ है। उसने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि जब तक विश्वविद्यालय प्रशासन उसका रजिस्ट्रेशन नंबर जारी कर संबंधित कॉलेज को नहीं भेज देता, तब तक उसका आमरण अनशन जारी रहेगा। वह अन्न-जल त्याग कर गेट पर ही बैठा रहेगा।

​प्रशासन की चुप्पी और बढ़ता आक्रोश

​हैरानी की बात यह है कि अनशन शुरू होने के कई घंटों बाद भी विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई भी आधिकारिक प्रतिक्रिया या आश्वासन सामने नहीं आया है। इस मामले ने एक बार फिर विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। वहीं, कैंपस के अन्य छात्रों में भी इस घटना को लेकर सहानुभूति और आक्रोश देखा जा रहा है।

पत्नी और तीन बच्चों का संदिग्ध परिस्थितियों में अपहरण, सदमे में पति ने पुलिस से लगाई बरामदगी की गुहार

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले के नाथनगर थाना क्षेत्र में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ एक ही परिवार के चार सदस्यों के रहस्यमय ढंग से लापता होने के बाद अपहरण की आशंका जताई जा रही है। एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी और तीन मासूम बच्चों की जान को खतरा बताते हुए नामजद आरोपियों के खिलाफ थाना में गुहार लगाई है। इस घटना के बाद से पीड़ित परिवार गहरे सदमे और डर के साये में है।

​21 अप्रैल से लापता है पूरा परिवार

​पीड़ित मो. अन्नू अंसारी के अनुसार, उनकी पत्नी अपने तीन छोटे बच्चों के साथ बीते 21 अप्रैल 2026 से अचानक गायब है। शुरुआत में परिजनों ने अपने स्तर पर रिश्तेदारों और जान-पहचान वालों के यहाँ काफी खोजबीन की, लेकिन जब कहीं से भी कोई सुराग नहीं मिला, तो अनहोनी की आशंका गहरा गई।

​बहला-फुसलाकर ले जाने का आरोप

​थाने में दिए गए लिखित आवेदन में पीड़ित ने मो. राजू शेख समेत कुछ अन्य लोगों को नामजद करते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। मो. अन्नू अंसारी का कहना है कि उनकी पत्नी और बच्चों को साजिश के तहत बहला-फुसलाकर ले जाया गया है। पति ने यह भी अंदेशा जताया है कि आरोपियों ने उनकी पत्नी और बच्चों को किसी गुप्त स्थान पर बंधक बनाकर रखा हो सकता है और उनके साथ कोई अप्रिय घटना घट सकती है।

​“साहब, मेरे बच्चों को बचा लीजिए”

​थाने पहुंचे पीड़ित पति ने पुलिस प्रशासन से हाथ जोड़कर विनती की है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कार्रवाई की जाए। उन्होंने मांग की है कि नामजद आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी हो और उनकी पत्नी व बच्चों को सुरक्षित बरामद किया जाए। बच्चों की कम उम्र को देखते हुए परिजन उनकी सुरक्षा को लेकर काफी चिंतित हैं।

​पुलिसिया जांच शुरू

​नाथनगर थाना पुलिस ने आवेदन प्राप्त होने की पुष्टि की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की एफआईआर दर्ज कर सभी पहलुओं पर बारीकी से छानबीन की जा रही है। आरोपियों के संभावित ठिकानों और मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस सुराग जुटाने में लगी है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।

भागलपुर में प्रेमिका से मिलने पहुंचे युवक की ग्रामीणों ने की बेरहमी से पिटाई, पुलिस ने दोनों को लिया हिरासत में

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले के ईसीपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत रिफातपुर गांव में प्रेम-प्रसंग का एक मामला उस वक्त हिंसक रणक्षेत्र में तब्दील हो गया, जब चोरी-छिपे अपनी प्रेमिका से मिलने पहुंचे एक युवक को ग्रामीणों ने रंगे हाथों पकड़ लिया। इसके बाद कानून को हाथ में लेते हुए आक्रोशित भीड़ ने युवक की जमकर धुनाई कर दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह युवक को ग्रामीणों के चंगुल से छुड़ाया और दोनों को थाने ले आई।

​खेत में मिलने पहुंचे थे प्रेमी-युगी

​मिली जानकारी के अनुसार, मोहम्मद मेहरबान का गांव की ही एक युवती के साथ काफी समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों अक्सर छुप-छुप कर मिला करते थे। घटना के दिन लड़की घर से शौच जाने का बहाना बनाकर पास के खेत की ओर निकली थी, जहाँ मेहरबान पहले से उसका इंतजार कर रहा था। दोनों एकांत में बातचीत कर ही रहे थे कि तभी अनहोनी हो गई।

​बहन की नजर पड़ी और मच गया शोर

​बताया जा रहा है कि जब दोनों खेत में बातचीत कर रहे थे, तभी लड़की की बहन की नजर उन पर पड़ गई। अपनी बहन को अनजान युवक के साथ देख उसने शोर मचाना शुरू कर दिया। चीख-पुकार सुनकर आसपास के खेतों में काम कर रहे ग्रामीण और गांव के अन्य लोग बड़ी संख्या में मौके पर जमा हो गए।

​भीड़ का दिखा तालिबानी चेहरा

​प्रेमी जोड़े को साथ देख ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। उन्होंने युवक को घेर लिया और गाली-गलौज करते हुए उसकी जमकर पिटाई शुरू कर दी। युवक रहम की भीख मांगता रहा, लेकिन भीड़ ने उसे बेरहमी से पीटा। इस दौरान गांव में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।

​पुलिस की कार्रवाई

​घटना की सूचना मिलते ही ईसीपुर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। पुलिस ने घायल युवक और युवती दोनों को हिरासत में ले लिया है और उन्हें पूछताछ के लिए थाने ले आई है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और कानून हाथ में लेने वालों पर भी नजर रखी जा रही है।

भागलपुर में मैट्रिक पास छात्र ने लगाया फंदा, कमरे में लटका मिला शव

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले के ईशाकचक थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ भीखनपुर गुमटी नंबर 2 स्थित मिश्रा टोला में एक मेधावी छात्र ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान अमर कुमार राय के 16 वर्षीय पुत्र गोलू कुमार के रूप में हुई है। इस घटना के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है।

​मैट्रिक की सफलता नहीं लाई खुशियां

​जानकारी के अनुसार, गोलू कुमार ने इसी साल मैट्रिक की परीक्षा दी थी। हाल ही में आए परिणामों में वह सफल भी रहा था। घर में उसकी सफलता को लेकर खुशी का माहौल था, लेकिन किसे पता था कि यह खुशी चंद दिनों की ही मेहमान है। अभी करियर की शुरुआत होनी बाकी थी, उससे पहले ही गोलू ने मौत को गले लगा लिया।

​दरवाजा तोड़ा तो सामने था खौफनाक मंजर

​परिजनों ने बताया कि बीती रात गोलू सामान्य रूप से खाना खाने के बाद अपने कमरे में सोने चला गया था। सुबह काफी देर तक जब कमरे का दरवाजा नहीं खुला और अंदर से कोई हलचल नहीं हुई, तो घर वालों को अनहोनी की आशंका हुई। आवाज देने और खटखटाने पर भी जब जवाब नहीं मिला, तो परिजनों ने मिलकर दरवाजा तोड़ दिया। अंदर जाते ही सबके होश उड़ गए; गोलू का शव पंखे के हुक से फंदे के सहारे लटका हुआ था।

​परिजनों में मचा कोहराम, जांच में जुटी पुलिस

​आनन-फानन में गोलू को नीचे उतारा गया, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। सूचना मिलते ही ईशाकचक थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस को कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, जिससे आत्महत्या के कारणों पर रहस्य बरकरार है।

​परिजनों की खामोशी और छात्र की अचानक मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या गोलू किसी मानसिक तनाव में था या कोई और वजह थी, पुलिस इन तमाम बिंदुओं पर गहन तफ्तीश कर रही है।

ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ: एमिटी यूनिवर्सिटी पटना में गूंजे देशभक्ति के तराने, सैन्य साहस को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि

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Patna News: राजधानी के भव्य पनाश बैंक्वेट हॉल में बुधवार को देशभक्ति का एक अनूठा संगम देखने को मिला। एमिटी यूनिवर्सिटी पटना ने बिहार रेजिमेंट सेंटर (BRC), दानापुर के सशस्त्र बलों के सहयोग से ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की प्रथम वर्षगांठ को बेहद गर्व और सम्मान के साथ मनाया। यह आयोजन न केवल विजय का उत्सव था, बल्कि राष्ट्र की सीमाओं पर अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीर सैनिकों के प्रति एक गहरी कृतज्ञता भी थी।

​सैन्य धुनों ने बांधा समां, सूबेदार परगट सिंह के नेतृत्व में आर्मी बैंड ने जीता दिल

​इस स्मृति समारोह का मुख्य आकर्षण भारतीय सेना के बैंड का प्रदर्शन रहा। सूबेदार परगट सिंह के नेतृत्व में जब आर्मी बैंड ने ‘मां तुझे सलाम’, ‘जय हो’ और ‘सारे जहां से अच्छा’ जैसी कालजयी देशभक्ति धुनों की प्रस्तुति दी, तो पूरा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। संगीत की इन लहरों ने वहां मौजूद दर्शकों को भावुक कर दिया और एकता व गौरव का माहौल बना दिया।

​शौर्य गाथा की वीडियो प्रस्तुति: जब नम हुईं आंखें

​कार्यक्रम के दौरान ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की भावना, सैनिकों के बलिदान और इसके रणनीतिक महत्व को दर्शाने वाली एक विशेष डॉक्यूमेंट्री फिल्म दिखाई गई। वीडियो के माध्यम से सशस्त्र बलों के साहस और समर्पण को देखकर दर्शकों ने खड़े होकर (Standing Ovation) सम्मान व्यक्त किया। यह क्षण सेना और आम जनता के बीच अटूट भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक बन गया।

​कुलपति का संदेश: “सैनिकों का बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता”

​एमिटी यूनिवर्सिटी पटना के माननीय कुलपति, प्रोफेसर (डॉ.) विवेकानंद पांडे ने आर्मी बैंड के सभी सदस्यों को सम्मानित किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा:

​“यह केवल एक औपचारिक सभा नहीं है, बल्कि हमारे उन जांबाज सैनिकों के साहस और अटूट प्रतिबद्धता की याद है, जिनकी वजह से हम शांति से जी पा रहे हैं। एमिटी परिवार सैनिकों और उनके परिवारों को हर संभव सहयोग देने के लिए दृढ़ संकल्पित है। राष्ट्र हमेशा उनके साथ खड़ा है।”

 

​सामूहिक जिम्मेदारी और नागरिक कर्तव्य का संकल्प

​इस समारोह ने शिक्षाविदों, रक्षा कर्मियों और युवाओं को एक मंच पर लाने का काम किया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने निस्वार्थ भाव से देश की सेवा करने वाले सैनिकों के परिवारों के प्रति अपना अटूट समर्थन देने का सामूहिक संकल्प लिया। एमिटी यूनिवर्सिटी ने इस आयोजन के जरिए राष्ट्रीय गौरव और नागरिक कर्तव्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को एक बार फिर दोहराया है।

भागलपुर में 28 दिन की दूधमुही बच्ची को तड़पता छोड़ फरार हुई माँ, बोली- ‘बच्चा तुम्हारा है, तुम ही रखो’

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Bhagalpur News: रिश्तों को तार-तार कर देने वाली एक सनसनीखेज घटना मोजाहिदपुर थाना क्षेत्र के सिकंदरपुर कोभी बाड़ी से सामने आई है। यहाँ एक माँ की ममता पर कलह भारी पड़ गई और वह अपनी महज 28 दिन की दुधमुही बच्ची को बिलखता छोड़कर घर से फरार हो गई है। पिता और दादा अब थाने के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन मासूम को उसकी माँ का आँचल नसीब नहीं हो पा रहा है।

​क्या है पूरा मामला?

​मिली जानकारी के अनुसार, डॉ. अशोक मोदी के पुत्र पीयूष मोदी के घर में पिछले कुछ समय से पारिवारिक तनाव चल रहा था। आरोप है कि पीयूष की पत्नी का व्यवहार शुरू से ही उग्र रहा है। परिजनों का कहना है कि वह पहले भी कई बार बिना बताए घर छोड़कर जा चुकी है। हद तो तब हो गई जब उसने अपनी 28 दिन की नवजात बच्ची की ममता को भी दरकिनार कर दिया और उसे घर पर ही छोड़कर चली गई।

​पहले भी हो चुका है समझौता, पर नहीं बदली फितरत

​स्थानीय लोगों और परिजनों के मुताबिक, यह कोई पहली घटना नहीं है। महिला ने पूर्व में भी कई बार घर छोड़ने की कोशिश की और कथित तौर पर अपने पति पीयूष राज पर जानलेवा हमले का प्रयास भी किया। इलाके के प्रबुद्ध नागरिकों और वार्ड पार्षद के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ था। उस वक्त महिला से बॉन्ड पेपर भरवाकर समझौता कराया गया था और वह वापस घर आई थी, लेकिन सुधार के बजाय स्थिति और बिगड़ गई।

​‘बच्चा तुम्हारा है, तुम रखो’ – पत्थर दिल माँ का जवाब

​जब पति पीयूष राज और ससुर अशोक मोदी ने महिला से संपर्क कर उसे बच्ची की खातिर वापस लौटने को कहा, तो उसका जवाब सुनकर हर कोई दंग रह गया। महिला ने साफ तौर पर आने से इनकार कर दिया और दो टूक कहा— “बच्चा तुम्हारा है, तुम ही रखो… मुझे तुम्हारे साथ नहीं रहना।”

​”बच्ची अभी बहुत छोटी है, उसे माँ के दूध और देखभाल की सख्त जरूरत है। हम थाने भी गए कि शायद पुलिस की मदद से वह वापस आ जाए, लेकिन फिलहाल हमें कोई ठोस मदद नहीं मिल पाई है।”

— पीयूष राज (बच्ची के पिता)

 

​प्रशासन से गुहार

​पीयूष और उनके पिता डॉ. अशोक मोदी ने पुलिस प्रशासन से गुहार लगाई है कि बच्ची के भविष्य और उसकी सेहत को देखते हुए हस्तक्षेप किया जाए। एक तरफ जहाँ 28 दिन की मासूम भूख और अपनी माँ के स्पर्श के लिए तड़प रही है, वहीं दूसरी तरफ माँ के इस अड़ियल रवैये ने समाज में ‘कलयुगी माँ’ की चर्चा तेज कर दी है।

भागलपुर: बिलैया बगीचा में पेड़ से लटका मिला अज्ञात युवक का शव, हत्या या आत्महत्या की गुत्थी में उलझी पुलिस

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Bhagalpur News: भागलपुर के बाईपास थाना क्षेत्र अंतर्गत बीविया टोला स्थित बिलैया बगीचा में मंगलवार की सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब ग्रामीणों ने एक युवक का शव आम के पेड़ से लटका हुआ देखा। देखते ही देखते यह खबर पूरे इलाके में आग की तरह फैल गई और घटनास्थल पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।

​रस्सी के सहारे लटका मिला शव

​ग्रामीणों के अनुसार, युवक का शव एक रस्सी के फंदे से आम के पेड़ पर झूल रहा था। स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना बाईपास थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुँचा और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने शव को पेड़ से उतरवाकर अपने कब्जे में ले लिया है।

​शिनाख्त की कोशिशें जारी, बुलाई गई FSL टीम

​मृतक युवक की पहचान खबर लिखे जाने तक नहीं हो पाई है। पुलिस आसपास के गाँवों और थानों में युवक की तस्वीर साझा कर शिनाख्त करने की कोशिश कर रही है। मामले की संवेदनशीलता और संदिग्ध परिस्थितियों को देखते हुए पुलिस ने एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) की टीम को भी मौके पर बुलाया है, ताकि घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए जा सकें।

​पुलिस का बयान: पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतज़ार

​बाईपास थाना पुलिस ने बताया कि फिलहाल यह कहना मुश्किल है कि यह आत्महत्या का मामला है या किसी ने हत्या कर शव को लटका दिया है। पुलिस हर बिंदु पर बारीकी से जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल पाएगा।

विक्रमशिला सेतु अपडेट: सेना की ‘BRO’ टीम ने संभाला मोर्चा, क्षतिग्रस्त हिस्से की तकनीकी जांच के बाद मरम्मत में आएगी तेजी

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Bhagalpur News: भागलपुर की लाइफलाइन विक्रमशिला सेतु को पुनर्जीवित करने के लिए अब देश की सबसे भरोसेमंद निर्माण एजेंसी बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन (BRO) ने कमान संभाल ली है। पुल के स्लैब गिरने की घटना के बाद से ही मरम्मत को लेकर जारी ऊहापोह के बीच सेना से जुड़ी इस तकनीकी टीम के आने से जल्द बहाली की उम्मीदें बढ़ गई हैं।

​BRO की टीम ने किया बारीकी से निरीक्षण

​मंगलवार को BRO के अधिकारी विपिन कुमार चंद्र अपनी विशेषज्ञ टीम के साथ विक्रमशिला सेतु पहुँचे। टीम ने क्षतिग्रस्त हिस्से का घंटों बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने न केवल टूटे हुए स्लैब बल्कि पुल की पूरी संरचना (Structure) की मजबूती और वर्तमान स्थिति का तकनीकी मूल्यांकन किया।

​मरम्मत के लिए बनेगा ‘ठोस’ एक्शन प्लान

​BRO की टीम ने साइट पर क्षति के स्तर और मरम्मत की संभावनाओं का गहन अध्ययन किया है। सूत्रों के अनुसार, यह टीम अपनी विस्तृत रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपेगी, जिसके बाद मरम्मत कार्य में और अधिक तेजी आने की संभावना है। BRO का अनुभव दुर्गम क्षेत्रों और चुनौतीपूर्ण पुलों के निर्माण में अद्वितीय रहा है, ऐसे में उनकी विशेषज्ञता इस सेतु के लिए संजीवनी साबित होगी।

​प्रशासन और तकनीकी टीमें साथ-साथ

​पुल निर्माण विभाग की टीम पहले से ही साइट पर डटी हुई है। अब BRO और स्थानीय प्रशासन के संयुक्त समन्वय से काम आगे बढ़ाया जाएगा। प्रशासन का लक्ष्य है कि बिना किसी जोखिम के सेतु को न्यूनतम समय में चालू किया जाए ताकि सीमांचल और पूर्वोत्तर भारत का भागलपुर से टूटा संपर्क फिर से जुड़ सके।

बिहार में औद्योगिक क्रांति: 19 नई इकाइयों को मिली जमीन, ₹284 करोड़ के निवेश से खुलेंगे रोजगार के द्वार

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Patna News: बिहार को औद्योगिक हब बनाने की दिशा में नीतीश सरकार ने एक और बड़ी छलांग लगाई है। बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकार (BIADA) की प्रोजेक्ट क्लियरेंस कमेटी (PCC) ने राज्य के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में 19 नई इकाइयों को भूमि और प्लग एंड प्ले शेड्स आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस फैसले से न केवल औद्योगिक गतिविधियों को रफ्तार मिलेगी, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

​निवेश और रोजगार का नया रोडमैप

​समिति द्वारा कुल 20.04 एकड़ भूमि आवंटित करने का निर्णय लिया गया है। इन परियोजनाओं के माध्यम से बिहार में लगभग ₹284 करोड़ का निवेश आने का अनुमान है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इन इकाइयों के शुरू होने से राज्य के लगभग 1200 युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे।

​इन क्षेत्रों में लगेंगे उद्योग

​स्वीकृत परियोजनाओं में विविधता का विशेष ध्यान रखा गया है। ये इकाइयाँ मुख्य रूप से निम्नलिखित क्षेत्रों में स्थापित की जाएंगी:

  • ​खाद्य प्रसंस्करण (Food Processing)
  • ​जूता निर्माण (Footwear)
  • ​इलेक्ट्रॉनिक्स और कपड़ा उद्योग
  • ​प्लास्टिक और कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG)
  • ​सामान्य विनिर्माण (General Manufacturing)

​ये उद्योग राज्य के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों जैसे कुमारबाग (पश्चिम चंपारण), बेगुसराय और हाजीपुर में लगाए जाएंगे। प्रमुख कंपनियों में श्रीनाथ बायोफ्यूल्स, रशिरीशु ग्रुप, लुबना शूज और शर्व एंटरप्राइजेज जैसे नाम शामिल हैं।

​निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण

​उद्योग विभाग के सचिव सह बियाडा के प्रबंध निदेशक  कुंदन कुमार ने बताया कि राज्य सरकार निवेशकों को पारदर्शी और समयबद्ध प्रक्रिया के तहत जमीन उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य सुदृढ़ बुनियादी ढांचा, बेहतर कनेक्टिविटी और नीतिगत सहयोग के जरिए निवेशकों को ऐसा माहौल देना है जिससे परियोजनाओं का काम तेजी से पूरा हो सके। यह पहल बिहार को देश के उभरते औद्योगिक गंतव्य के रूप में स्थापित करेगी।”

​स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल

​औद्योगिक इकाइयों के आने से न केवल बड़े पैमाने पर निवेश होगा, बल्कि सहायक उद्योगों (Ancillary Industries) का भी विकास होगा। इससे स्थानीय बाजारों में मांग बढ़ेगी और बिहार के आर्थिक विकास को नई दिशा मिलेगी।