Bhagalpur News: तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (TMBU) एक बार फिर अपनी प्रशासनिक सुस्ती और छात्रों की समस्याओं को लेकर सुर्खियों में है। सत्र 2022-25 के छात्र सोनू कुमार का सब्र उस वक्त टूट गया, जब महीनों चक्कर काटने के बाद भी उसका रजिस्ट्रेशन नंबर जारी नहीं किया गया। थक-हार कर छात्र ने बुधवार से विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन के मुख्य द्वार पर आमरण अनशन शुरू कर दिया है।
भविष्य पर मंडराया संकट: क्यों लिया अनशन का फैसला?
सोनू कुमार का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन की लापरवाही के कारण उसका रजिस्ट्रेशन नंबर अटका हुआ है। रजिस्ट्रेशन नंबर जारी न होने की वजह से वह अपने जरूरी शैक्षणिक दस्तावेज प्राप्त नहीं कर पा रहा है, जिससे उसका आगे का नामांकन और करियर पूरी तरह बाधित हो गया है। छात्र का कहना है कि एक तरफ डिजिटल इंडिया की बातें होती हैं, वहीं दूसरी तरफ विश्वविद्यालय एक रजिस्ट्रेशन नंबर के लिए छात्रों को महीनों दौड़ा रहा है।
परीक्षा नियंत्रक को दिए आवेदनों पर नहीं हुई कार्रवाई
छात्र ने बताया कि वह अपनी समस्या को लेकर हाथ पर हाथ धरकर नहीं बैठा था। उसने 21 अप्रैल और फिर 28 अप्रैल 2026 को परीक्षा नियंत्रक को लिखित आवेदन देकर अपनी स्थिति स्पष्ट की थी और गुहार लगाई थी। बावजूद इसके, विश्वविद्यालय के आला अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंगी। किसी भी स्तर से कोई ठोस कार्रवाई न होते देख छात्र ने लोकतांत्रिक तरीके से विरोध का रास्ता चुना है।
“जब तक न्याय नहीं, तब तक अनशन जारी”
बुधवार सुबह 11 बजे से प्रशासनिक भवन के गेट पर डटे सोनू कुमार का संकल्प दृढ़ है। उसने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि जब तक विश्वविद्यालय प्रशासन उसका रजिस्ट्रेशन नंबर जारी कर संबंधित कॉलेज को नहीं भेज देता, तब तक उसका आमरण अनशन जारी रहेगा। वह अन्न-जल त्याग कर गेट पर ही बैठा रहेगा।
प्रशासन की चुप्पी और बढ़ता आक्रोश
हैरानी की बात यह है कि अनशन शुरू होने के कई घंटों बाद भी विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई भी आधिकारिक प्रतिक्रिया या आश्वासन सामने नहीं आया है। इस मामले ने एक बार फिर विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। वहीं, कैंपस के अन्य छात्रों में भी इस घटना को लेकर सहानुभूति और आक्रोश देखा जा रहा है।


