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मुंगेर-भागलपुर को बड़ी सौगात: पटना की तर्ज पर बनेगा भव्य ‘मरीन ड्राइव’, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दी हरी झंडी

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Patna News: बिहार के मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने आज मुंगेर और भागलपुर जिले के निवासियों को एक ऐतिहासिक उपहार दिया है। पटना के मरीन ड्राइव की तर्ज पर अब मुंगेर से भागलपुर तक गंगा के किनारे एक शानदार ‘मरीन ड्राइव’ (गंगा पथ) का निर्माण किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्वयं मुंगेर के बबुआघाट पहुँचकर प्रस्तावित परियोजना स्थल का निरीक्षण किया और अधिकारियों को युद्धस्तर पर कार्य शुरू करने का निर्देश दिया।

​परियोजना की खास बातें: दो चरणों में बदलेगी तस्वीर

​समीक्षा बैठक के दौरान पथ निर्माण विभाग के सचिव श्री पंकज कुमार पाल ने बताया कि यह परियोजना मुख्य रूप से दो खंडों में विभाजित है:

  1. ​मुंगेर (सफियाबाद) से सुल्तानगंज: इसकी कुल लंबाई 42 किलोमीटर है। इसमें 11.88 किमी हिस्सा एलिवेटेड (पुल के ऊपर) और बाकी एट-ग्रेड (जमीन पर) होगा।
  2. ​सुल्तानगंज से भागलपुर-सबौर: इसकी कुल लंबाई 41.33 किलोमीटर है। इस हिस्से में 34 पुराने घाटों का जीर्णोद्धार और विकास किया जाएगा।

​5327 करोड़ का बजट और आधुनिक सुविधाएं

​यह प्रोजेक्ट हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल (HAM) के तहत बनाया जा रहा है, जिसकी अनुमानित लागत 5327 करोड़ रुपये है।

  • ​कनेक्टिविटी: इसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि शहर के प्रमुख पुलों और सड़कों से इसकी सीधी कनेक्टिविटी हो।
  • ​सुविधाएं: रास्ते में 5 टोल प्लाजा, बस स्टैंड, ट्रक ले-बाय और व्यू पॉइंट बनाए जाएंगे। अगुवानी घाट के पास 2000 वर्ग मीटर का एक बड़ा विश्राम क्षेत्र भी बनेगा।
  • ​सुरक्षा बांध: यह गंगा पथ न केवल यातायात सुगम करेगा, बल्कि बाढ़ से बचाव के लिए ‘सुरक्षा बांध’ के रूप में भी काम करेगा।

​मुख्यमंत्री का विजन: नया शहर और आधुनिक एयरपोर्ट

​मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि:

  • ​मुंगेर से बरियारपुर के बीच जमीन चिन्हित कर एक नया आधुनिक शहर बसाने की योजना तैयार करें।
  • ​मुंगेर एयरपोर्ट का विस्तार और विकास इस तरह करें कि वहां रात में भी विमानों की लैंडिंग आसानी से हो सके।
  • ​औद्योगिक क्षेत्रों के विकास के लिए जमीन चिन्हित की जाए ताकि रोजगार के अवसर बढ़ें।

​धार्मिक और पर्यटन को बढ़ावा

​निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री बिहार योग विद्यालय (पादुका दर्शन आश्रम) पहुँचे, जहाँ उन्होंने स्वामी निरंजनानंद सरस्वती से मुलाकात की और भगवान तिरुपति बालाजी की आरती में शामिल होकर राज्य की सुख-समृद्धि की कामना की। यह गंगा पथ सुल्तानगंज (अजगैबीनाथ) और भागलपुर के धार्मिक पर्यटन को विश्व स्तरीय पहचान दिलाएगा।

भागलपुर: डीएम की पहल पर पूर्व मध्य रेलवे ने शुरू की स्पेशल ट्रेन, सरायगढ़ से देवघर का सफर हुआ आसान

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Bhagalpur News: विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के कारण उत्पन्न यातायात संकट को देखते हुए जिला प्रशासन ने आम जनता के लिए एक और बड़ी सुविधा सुनिश्चित की है। जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी की विशेष मांग पर पूर्व मध्य रेलवे (ECR) ने भागलपुर के रास्ते सरायगढ़ से देवघर के बीच ‘समर स्पेशल’ ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है।

​जिलाधिकारी की सक्रियता लाई रंग

​विक्रमशिला सेतु पर आवागमन पूरी तरह बंद होने के बाद भागलपुर से नवगछिया, खगड़िया और सीमांचल के अन्य जिलों का संपर्क टूट गया था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डीएम डॉ. नवल किशोर चौधरी ने 4 मई को ही पूर्व मध्य रेलवे, हाजीपुर के महाप्रबंधक को पत्र लिखकर विशेष ट्रेनें चलाने का आग्रह किया था। रेलवे ने इस मांग को तुरंत स्वीकार करते हुए यह सौगात दी है।

​ट्रेन का समय और रूट चार्ट (समर स्पेशल)

​यह ट्रेन उत्तर बिहार को भागलपुर और बांका होते हुए झारखंड से जोड़ेगी। इसका समय निम्नलिखित है:

​सरायगढ़ से देवघर (डाउन):

  • ​सरायगढ़ प्रस्थान: सुबह 03:05 बजे
  • ​मुंगेर: सुबह 06:45 बजे
  • ​भागलपुर आगमन: सुबह 08:40 बजे
  • ​बांका: सुबह 10:12 बजे
  • ​देवघर आगमन: सुबह 11:20 बजे

​देवघर से सरायगढ़ (अप):

  • ​देवघर प्रस्थान: सुबह 11:35 बजे
  • ​भागलपुर: दोपहर 02:20 बजे
  • ​मुंगेर: शाम 04:25 बजे
  • ​सरायगढ़ आगमन: रात 10:15 बजे

​सीमांचल और कोसी के यात्रियों को मिलेगा सीधा लाभ

​इस ट्रेन के परिचालन से खगड़िया, कटिहार, पूर्णिया, मधेपुरा और सहरसा जाने वाले यात्रियों को अब विक्रमशिला सेतु के जाम या नाव के इंतजार पर निर्भर नहीं रहना होगा। खासकर भागलपुर से बांका और देवघर जाने वाले श्रद्धालुओं और दैनिक यात्रियों के लिए यह ट्रेन किसी वरदान से कम नहीं है।

विदाई समारोह: भागलपुर के डीटीओ जनार्दन प्रसाद सिंह को दी गई भावभीनी विदाई, जिलाधिकारी ने कार्यशैली को सराहा

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Bhagalpur News: भागलपुर के जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO)  जनार्दन प्रसाद सिंह के सम्मान में आज समाहरणालय स्थित समीक्षा भवन में एक भव्य विदाई समारोह का आयोजन किया गया। 30 अप्रैल 2026 को सेवानिवृत्त हुए श्री सिंह को जिला प्रशासन के तमाम वरीय अधिकारियों ने नम आँखों और सुनहरी यादों के साथ विदा किया।

​जिलाधिकारी ने थपथपाई पीठ

​समारोह की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने जनार्दन प्रसाद सिंह के कार्यकाल और उनकी कार्यकुशलता की जमकर प्रशंसा की। जिलाधिकारी ने कहा कि परिवहन विभाग की चुनौतियों को उन्होंने जिस धैर्य और ईमानदारी के साथ संभाला, वह अनुकरणीय है। डीएम ने उन्हें पुष्प गुच्छ, शाल और माला पहनाकर सम्मानित किया और उनके उज्जवल भविष्य व उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।

​अधिकारियों ने साझा किए अनुभव

​विदाई की इस घड़ी में मौजूद अन्य पदाधिकारियों ने भी श्री सिंह के साथ बिताए समय और उनके प्रशासनिक कौशल को याद किया।

  • ​उप विकास आयुक्त (DDC)  प्रदीप कुमार सिंह ने उनकी मिलनसार छवि और विभागीय कार्यों में उनकी पारदर्शिता की तारीफ की।
  • ​अपर समाहर्ता  दिनेश राम सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारियों ने उन्हें माला पहनाई और उनके योगदान को भागलपुर जिला प्रशासन के लिए एक महत्वपूर्ण अध्याय बताया।

​एक समर्पित कार्यकाल का समापन

 जनार्दन प्रसाद सिंह अपनी कर्तव्यनिष्ठा के लिए जाने जाते रहे हैं। विदाई समारोह के दौरान वे भी भावुक नजर आए और उन्होंने अपने सहयोगियों व जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के अंत में सभी अधिकारियों ने उनके साथ सामूहिक चित्र खिंचवाए और उन्हें ससम्मान विदाई दी।

गंगा पार करना हुआ आसान: बरारी और महादेवपुर घाट पर प्रशासन की चौकस व्यवस्था, कल से शुरू होंगे विशाल जेटी

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Bhagalpur News: विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के बाद जिला प्रशासन ने आम जनजीवन को पटरी पर लाने के लिए गंगा के घाटों पर युद्धस्तर पर इंतजाम किए हैं। जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी और एसएसपी प्रमोद कुमार यादव स्वयं व्यवस्थाओं की कमान संभाले हुए हैं, ताकि यात्रियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।

​सुगम हुआ सफर: समतलीकरण और सुसज्जित घाट

​बरारी, बाबूपुर और नवगछिया के महादेवपुर घाट पर यात्रियों की सुगम पहुंच के लिए पहुंच मार्गों का समतलीकरण किया गया है। अब यात्रियों को नाव तक पहुँचने में कीचड़ या ऊबड़-खाबड़ रास्तों का सामना नहीं करना पड़ेगा।

​बड़ी राहत: 1000 की क्षमता वाले जेटी का होगा संचालन

​यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। कल से 800 से 1000 यात्रियों की क्षमता वाले दो बड़े जेटी (Jetty) के संचालन की प्रबल संभावना है। वर्तमान में भी नावों की इतनी पर्याप्त संख्या सुनिश्चित की गई है कि किसी भी यात्री को लंबा इंतजार नहीं करना पड़ रहा है।

​सुरक्षा और स्वास्थ्य का ‘कवच’

​प्रशासनिक सतर्कता का आलम यह है कि सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जा रहा है:

  • ​गोताखोरों की तैनाती: प्रत्येक नाव पर गोताखोर तैनात किए जा रहे हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।
  • ​मेडिकल कैंप: घाटों पर स्ट्रेचर, एम्बुलेंस और चिकित्सा शिविर की 24 घंटे उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।
  • ​प्रकाश और ठहरने की व्यवस्था: रात के समय यात्रियों की सुरक्षा के लिए घाटों पर दूधिया रोशनी का प्रबंध है और ठहरने के लिए विशेष शिविर बनाए गए हैं।

​नियंत्रण कक्ष से निगरानी

​पूरे परिचालन की निगरानी के लिए घाटों पर जिला नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। बिजली से लेकर पीने के पानी तक की हर छोटी-बड़ी सुविधा का ध्यान रखा जा रहा है। डीएम और एसएसपी लगातार क्षेत्रों का दौरा कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दे रहे हैं।

भागलपुर स्थापना दिवस: सांस्कृतिक छटा से सराबोर हुआ अंग प्रान्त, लोक गीतों और नृत्य की गूँज ने मोहा मन

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Bhagalpur News: भागलपुर जिला स्थापना दिवस के त्रि-दिवसीय समारोह के दूसरे दिन ‘अंग संस्कृति भवन’ और ‘भागलपुर संग्रहालय’ कला के अनूठे रंगों में रंगा नजर आया। कला एवं संस्कृति विभाग और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम ने जिले की समृद्ध विरासत और उभरती प्रतिभाओं को एक भव्य मंच प्रदान किया।

​लोक गायन और नृत्य में प्रतिभाओं का जलवा

​कार्यक्रम का शुभारंभ ‘वंदे मातरम’ और ‘बिहार गीत’ की मधुर प्रस्तुति के साथ हुआ। इसके बाद आयोजित लोक गीत गायन प्रतियोगिता में कड़ी चयन प्रक्रिया के बाद 15 कलाकारों ने मुख्य मंच पर अपनी कला का प्रदर्शन किया।

  • ​लोक गायन: संरोज अली ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि मोहित कुमार और अमन कुमार क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे।
  • ​लोक नृत्य: राहुल कुमार एवं समूह ने अपनी शानदार प्रस्तुति से प्रथम स्थान झटका। किलकारी बिहार बाल भवन दूसरे और सुरभि सुमन का समूह तीसरे स्थान पर रहा।

​दृश्य कला: कैनवास पर जीवंत हुए राष्ट्रपिता महात्मा गांधी

​समारोह के दौरान एक विशेष ‘कलाकार कैम्प’ का आयोजन किया गया, जिसका विषय राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का जीवन था। शहर के प्रख्यात कलाकारों—मनोज पंडित, उलूपी झा, बिजय शाह, अनिल कुमार, कुमार संभव और मनोज कुमार ने कैनवास पर गांधीजी के आदर्शों को लोक कला और समसामयिक शैली में उकेरा। वहीं, फोटोग्राफी प्रतियोगिता में कुमार अनुराग और प्रेम केडिया ने अपनी रचनात्मकता से बाजी मारी।

​मंजूषा गुरु मनोज पंडित का भव्य सम्मान

​अंग प्रान्त की विश्व प्रसिद्ध मंजूषा कला को राष्ट्रपति भवन तक पहचान दिलाने वाले मंजूषा गुरु मनोज पंडित को इस अवसर पर सामूहिक रूप से सम्मानित किया गया। यह सम्मान भागलपुर की लोक कला के प्रति उनके समर्पण और योगदान का प्रतीक है।

​सम्मान और सहभागिता

​जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी अंकित रंजन ने कुल 150 से अधिक प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाण पत्र प्रदान किए। निर्णायक मंडल के सदस्य के रूप में अरविन्द यादव, अजय अटल, शैलेन्द्र कुमार और गोपाल कृष्ण मिश्रा जैसे दिग्गज कलाकारों को अंग वस्त्र और मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन वैभव राज और अणिमा सिन्हा ने किया।

​अगला पड़ाव: ऐतिहासिक धरोहरों का भ्रमण

​स्थापना दिवस के तीसरे और अंतिम दिन, विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को जिले की ऐतिहासिक और आध्यात्मिक पहचान—बटेश्वर स्थान और विक्रमशीला महाविहार के भ्रमण पर ले जाया जाएगा। प्रशासन का यह कदम युवाओं को अपनी जड़ों और गौरवशाली इतिहास से जोड़ने की एक महत्वपूर्ण कड़ी है।

विक्रमशिला सेतु महासंकट: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया हवाई सर्वेक्षण, युद्धस्तर पर मरम्मत के निर्देश

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Bhagalpur News: भागलपुर की लाइफलाइन कहे जाने वाले विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के बाद उपजे संकट का जायजा लेने आज स्वयं मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी भागलपुर पहुँचे। मुख्यमंत्री ने सीमांचल और पूर्वोत्तर भारत को जोड़ने वाले इस महत्वपूर्ण पुल का हवाई सर्वेक्षण किया और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मरम्मत कार्य में एक दिन की भी देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

​मुख्य बिंदु: मुख्यमंत्री का हवाई सर्वेक्षण और निर्देश

  • ​वरीय अधिकारियों के साथ जायजा: मुख्यमंत्री ने बिहार राज्य पुल निर्माण निगम और एनएच (NH) के वरीय अभियंताओं के साथ स्थिति की समीक्षा की। मौके पर BRO के जीएम भी तकनीकी परामर्श के लिए उपस्थित रहे।
  • ​शीघ्र बहाली की प्राथमिकता: मुख्यमंत्री ने कहा कि आवागमन बाधित होने से आम जनता को भारी परेशानी हो रही है। उन्होंने तकनीकी विशेषज्ञों की निगरानी में सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए युद्धस्तर पर पुनर्निर्माण कार्य शुरू करने का आदेश दिया।
  • ​वैकल्पिक यातायात की समीक्षा: हवाई सर्वेक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने गंगा नदी पर संचालित वैकल्पिक नाव सेवा और जेटी (Jetty) व्यवस्था का भी बारीकी से अवलोकन किया।

​ग्राउंड रिपोर्ट: बरारी और बाबूपुर घाट पर पुख्ता इंतजाम

​प्रशासन द्वारा विक्रमशिला सेतु का विकल्प ढूंढते हुए बरारी और बाबूपुर घाट से महादेवपुर (नवगछिया) तक बड़े पैमाने पर नावों का संचालन किया जा रहा है।

  • ​निशुल्क और सशुल्क सेवा: सरकारी नावों पर यात्रा पूरी तरह निशुल्क है। निजी नावों के लिए प्रशासन ने दरें तय कर दी हैं:
    • ​प्रति व्यक्ति: 50 रुपये
    • ​प्रति बाइक: 50 रुपये
    • ​12 साल से कम बच्चे: 25 रुपये
  • ​घाट पर सुविधाएं: यात्रियों की सुविधा के लिए घाटों पर रोशनी, पेयजल, चिकित्सा शिविर, एम्बुलेंस और शौचालय की व्यवस्था की गई है। क्षमता से अधिक यात्री नाव पर न चढ़ें, इसके लिए दंडाधिकारी और पुलिस बल की तैनाती की गई है।

​प्रशासनिक मुस्तैदी

​निरीक्षण के दौरान जमीनी स्तर पर जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी, एसएसपी श्री प्रमोद कुमार यादव और अन्य वरीय पदाधिकारी बरारी घाट पर मुस्तैद रहे। प्रशासन का पूरा जोर इस बात पर है कि जब तक पुल ठीक नहीं होता, तब तक यात्रियों को गंगा पार करने में किसी भी प्रकार की जान-माल की जोखिम न उठानी पड़े।

​क्या है मामला? बता दें कि 3 मई की देर रात विक्रमशिला सेतु का एक स्लैब अचानक क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसके बाद पुल पर वाहनों का परिचालन पूरी तरह बंद कर दिया गया है। इससे किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार और पश्चिम बंगाल की ओर जाने वाला यातायात ठप पड़ा है।

विक्रमशिला सेतु पर संकट: भागलपुर की ‘लाइफलाइन’ थमी, नाव के भरोसे जिंदगानी, प्रशासन के दावे और जमीनी हकीकत में भारी अंतर

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Bhagalpur News: भागलपुर को उत्तर बिहार और सीमांचल से जोड़ने वाला ऐतिहासिक विक्रमशिला सेतु इस समय खुद ‘बीमार’ है। सेतु के क्षतिग्रस्त होने से न केवल पहिए थम गए हैं, बल्कि हजारों लोगों की दैनिक दिनचर्या पटरी से उतर गई है। प्रशासन ने नाव का विकल्प तो दिया है, लेकिन उफनती गंगा और अव्यवस्था के बीच यात्रियों का सफर अब ‘राम भरोसे’ है।

​प्रशासनिक मुस्तैदी: कागजों पर पुख्ता इंतजाम

​सेतु पर आवागमन बाधित होने के बाद जिला प्रशासन ने स्थिति को संभालने के लिए मोर्चा संभाला है। गंगा घाटों पर सुरक्षा और सुचारू परिचालन के लिए निम्नलिखित कदम उठाए गए हैं:

  • ​मैजिस्ट्रेट की तैनाती: घाटों पर दंडाधिकारियों और पुलिस बल को तैनात किया गया है ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके।
  • ​किराया नियंत्रण: यात्रियों के शोषण को रोकने के लिए प्रशासन ने सरकारी किराया दर निर्धारित की है।
  • ​सुरक्षा मानक: नाव चालकों को ‘ओवरलोडिंग’ न करने की सख्त चेतावनी दी गई है।

​ग्राउंड रिपोर्ट: दावों की पोल खोलती अव्यवस्था

​सरकारी निर्देशों के बावजूद धरातल पर यात्रियों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। घाटों पर मची अफरा-तफरी प्रशासन के दावों पर सवालिया निशान खड़ा करती है:

​1. घंटों का लंबा इंतजार

​नावों की संख्या सीमित होने के कारण घाटों पर सुबह से ही लंबी कतारें लग जा रही हैं। ऑफिस जाने वाले कर्मचारी, मरीज और छात्र घंटों धूप में अपनी बारी का इंतजार करने को मजबूर हैं।

​2. ओवरलोडिंग का खतरा बरकरार

​भले ही प्रशासन ने सख्त निर्देश दिए हों, लेकिन यात्रियों की भारी भीड़ के सामने सुरक्षा मानक बौने साबित हो रहे हैं। क्षमता से अधिक लोगों का नाव पर सवार होना किसी बड़े हादसे को निमंत्रण दे रहा है।

​3. मनमाना किराया और सुस्त तंत्र

​स्थानीय लोगों की शिकायत है कि चोरी-छिपे अब भी मनमाना किराया वसूला जा रहा है। पुलिस बल की मौजूदगी के बावजूद घाटों पर अव्यवस्था का बोलबाला है।

​जनता की पुकार: “हमे स्थायी समाधान चाहिए”

​स्थानीय निवासी राजेश कुमार का कहना है, “नाव का सहारा लेना हमारी मजबूरी है, खुशी नहीं। यह व्यवस्था ऊंट के मुंह में जीरे के समान है। जब तक पुल ठीक नहीं होता, हमारी जान जोखिम में बनी रहेगी।”

​व्यापारियों का कहना है कि पुल बंद होने से माल ढुलाई ठप है, जिससे बाजार में आवश्यक वस्तुओं की कीमतें बढ़ने लगी हैं।

भागलपुर: अब गंगा की लहरों पर सुगम होगा सफर, DM-SSP ने खुद नाव पर चढ़कर लिया सुरक्षा का जायजा

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Bhagalpur News: विक्रमशिला सेतु पर बढ़ते ट्रैफिक के दबाव को कम करने और आम जनता को राहत देने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह ‘एक्शन मोड’ में है। सोमवार को जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी और वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव ने नाव/जेटी परिचालन की जमीनी हकीकत जानने के लिए बरारी-महादेवपुर और बाबूपुर-महादेवपुर घाटों का सघन निरीक्षण किया।

​DM और SSP ने किया नावों का ‘सेफ्टी ऑडिट’

​निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने न केवल व्यवस्थाएं देखीं, बल्कि सुरक्षा मानकों पर भी कड़ी नजर रखी। जिलाधिकारी ने खुद चेक किया कि नावों पर क्षमता से अधिक यात्री न बैठें। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि यात्रियों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

​नया प्लान: ‘हर 10 मिनट में मिलेगी नाव’

​जिलाधिकारी ने संवाददाताओं को संबोधित करते हुए बताया कि यात्रियों की सहूलियत के लिए सरकार की ओर से बड़ी तैयारी की जा रही है:

  • ​निःशुल्क सेवा: सरकारी नाव और जेटी का परिचालन सुबह 5:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक पूरी तरह मुफ्त (निःशुल्क) रहेगा।
  • ​फ्रीक्वेंसी: प्रशासन का प्रयास है कि जल्द ही घाटों से हर 5 से 10 मिनट पर एक नाव रवाना हो, ताकि लोगों को इंतजार न करना पड़े।
  • ​निजी नावों का रजिस्ट्रेशन: जो लोग अपनी निजी नाव चलाना चाहते हैं, उन्हें प्रशासन के पास पंजीकरण कराना होगा और उनके लिए किराया (रेट) प्रशासन द्वारा तय किया जाएगा।

​घाटों पर मिलेंगी ‘हाई-टेक’ सुविधाएं

​यात्रा को सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए घाटों पर विशेष इंतजाम किए गए हैं:

  1. ​सुरक्षा एवं निगरानी: सभी घाटों पर पर्याप्त मात्रा में पुलिस फोर्स और मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है।
  2. ​बुनियादी सुविधाएं: यात्रियों के लिए पेयजल (Drinking Water), प्रकाश (Lighting) और आपातकालीन स्थिति के लिए मेडिकल कैंप (चिकित्सा) की व्यवस्था की गई है।
  3. ​पार्किंग: बसों और अन्य वाहनों के लिए घाटों के पास जगह चिह्नित की गई है।

​प्रशासनिक मुस्तैदी: सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता

​वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव ने कहा कि सभी घाटों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम हैं। उन्होंने बताया कि भीड़ को नियंत्रित करने और जल परिवहन को व्यवस्थित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल मुस्तैद रहेगा।

​जिलाधिकारी का संदेश: > “हमारा एकमात्र लक्ष्य यह है कि भागलपुर और नवगछिया के बीच यात्रा करने वाले किसी भी नागरिक को असुविधा न हो। हम जल मार्ग को एक सशक्त विकल्प के रूप में स्थापित कर रहे हैं।”

 

​इस निरीक्षण के दौरान उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार सिंह सहित जिले के कई वरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।

भागलपुर-नवगछिया के बीच अब ‘जल मार्ग’ का सहारा: बरारी से महादेवपुर घाट तक चलेंगी नावें

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Bhagalpur News: भागलपुर और नवगछिया के बीच सुगम यातायात सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने एक मास्टर प्लान तैयार किया है। सोमवार को समीक्षा भवन में जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी की अध्यक्षता और वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव की मौजूदगी में बस, ट्रक और ऑटो/टोटो संघ के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक हुई।

​इस बैठक का मुख्य उद्देश्य विक्रमशिला सेतु पर ट्रैफिक के बोझ को कम करना और यात्रियों को बिना जाम के आवाजाही की सुविधा देना है।

​जल मार्ग: साहिबगंज-मनिहारी की तर्ज पर शुरुआत

​जिलाधिकारी ने घोषणा की कि साहिबगंज-मनिहारी की तर्ज पर अब भागलपुर के बरारी घाट से महादेवपुर घाट (हाई लेवल) तक जल मार्ग की व्यवस्था शुरू की जा रही है।

  • ​समय: यह सेवा प्रतिदिन सुबह 5:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक उपलब्ध रहेगी।
  • ​उद्देश्य: भारी वाहनों और लंबी दूरी की यात्रा के कारण पुल पर होने वाले जाम से आम जनता को निजात दिलाना।

​बस एसोसिएशन के लिए नए निर्देश

​बैठक में बस मालिकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि यात्रियों को सीधे घाट तक पहुँचाने की व्यवस्था की जाए:

  • ​बस रूट: पूर्णिया, किशनगंज और कटिहार से आने वाली बसों को विक्रमशिला सेतु तक लाया जाएगा।
  • ​कनेक्टिविटी: सेतु से घाट तक यात्रियों को पहुँचाने के लिए बस एसोसिएशन खुद के माध्यम से या टोटो/ऑटो का समन्वय करेगी।
  • ​पार्किंग: बरारी घाट के पास बसों के रुकने के लिए जिला प्रशासन जगह उपलब्ध कराएगा।

​किराए पर लगाम: रेट चार्ट होगा अनिवार्य

​यात्रियों से मनमाना किराया न वसूला जाए, इसके लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है:

  1. ​बसें: सभी बसों पर ‘रेट चार्ट’ लगाना अनिवार्य होगा।
  2. ​ऑटो/टोटो: तिलकामांझी चौक से बरारी घाट तक के लिए किराया तय कर उसे सार्वजनिक किया जाएगा।
  3. ​पारदर्शिता: प्रशासन ने एसोसिएशन को निर्देश दिया है कि किराए की सूची ऐसी जगह लगाएं जहाँ यात्री आसानी से देख सकें।

​यातायात व्यवस्था की मुख्य बातें:

  • ​सुबह 5 बजे से शाम 7 बजे तक बरारी घाट तक बसों का परिचालन सुचारू रहेगा।
  • ​घाटों पर सुरक्षा और यात्रियों के बैठने के उचित इंतजाम किए जाएंगे।
  • ​ऑटो और टोटो संघ को निर्धारित रूट और किराए का पालन करने का सख्त निर्देश।

भागलपुर स्थापना दिवस: 253 वर्षों का गौरवशाली सफर, उत्सव के रंग में डूबा ‘अंग प्रदेश’

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Bhagalpur News: भागलपुर की ऐतिहासिक धरती आज अपनी स्थापना के 253वें वर्ष का जश्न मना रही है। कला एवं संस्कृति विभाग तथा जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस तीन दिवसीय ‘जिला स्थापना दिवस’ का आगाज सोमवार को भव्य तरीके से हुआ। अंग संस्कृति भवन और भागलपुर संग्रहालय परिसर में आयोजित इस समारोह ने शहर को सांस्कृतिक छटा से सराबोर कर दिया।

​मुख्य आकर्षण: दीप प्रज्ज्वलन और प्रशासनिक उपस्थिति

​कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन मुख्य अतिथि जिला पदाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी और वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस गौरवमयी क्षण पर उप विकास आयुक्त, जिला परिषद उपाध्यक्ष श्री प्रणव कुमार समेत जिले के तमाम आला अधिकारी मौजूद रहे।

​प्रभात फेरी से हुई दिन की शुरुआत

​स्थापना दिवस की पहली सुबह प्रभात फेरी के नाम रही। जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना की गई इस रैली में विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राओं, स्काउट एंड गाइड और कलाकारों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। यह फेरी शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए भागलपुर संग्रहालय पर समाप्त हुई, जहाँ बच्चों को जिले के समृद्ध इतिहास की जानकारी दी गई।

​अंग की संस्कृति और विरासत पर बोले अधिकारी

  • ​DM डॉ. नवल किशोर चौधरी: “भागलपुर अंग संस्कृति का केंद्र है। यहाँ की फिजाओं और पानी में एक अलग ही पवित्रता है। यह उत्सव हम सभी के लिए अपनी विरासत पर गर्व करने और इसे मिलकर मनाने का अवसर है।”
  • ​SSP प्रमोद कुमार यादव: “विक्रमशिला की विरासत से लेकर जर्दालू आम और रेशम की चमक तक, भागलपुर की पहचान वैश्विक है। शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में आज भी यह पूरा क्षेत्र भागलपुर की ओर उम्मीद से देखता है।”

​सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम (3-दिवसीय कार्ययोजना)

​जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी के अनुसार, इस बार का आयोजन केवल औपचारिकता नहीं बल्कि प्रतिभाओं का मंच है:

तिथि

प्रमुख कार्यक्रम

04 मई

प्रभात फेरी, फोटोग्राफी प्रदर्शनी, मंजूषा आर्ट और समूह लोक नृत्य।

05 मई

समूह लोक गायन प्रतियोगिता (पूर्वाह्न 11 बजे से) एवं आर्टिस्ट कैंप।

06 मई

समापन समारोह एवं विजेताओं को विक्रमशिला व बटेश्वर स्थान का भ्रमण।

​विशेष आकर्षण: महात्मा गांधी पर आधारित विशेष आर्टिस्ट कैंप और मंजूषा पेंटिंग की प्रदर्शनी दर्शकों के आकर्षण का मुख्य केंद्र बनी हुई है।

​  ऐतिहासिक स्थलों का होगा भ्रमण

​इस तीन दिवसीय उत्सव का समापन प्रतिभागियों के लिए एक यादगार अनुभव के साथ होगा। प्रतियोगिता में चयनित बच्चों को भागलपुर की ऐतिहासिक धरोहर बटेश्वर स्थान और विक्रमशिला महाविहार के शैक्षणिक भ्रमण पर ले जाया जाएगा, ताकि नई पीढ़ी अपनी जड़ों को और करीब से पहचान सके।