Patna News: बिहार सरकार के वरिष्ठ नेता राम कृपाल यादव ने शुक्रवार को सहकारिता मंत्री के रूप में विधिवत पदभार संभाल लिया है। पटना स्थित विभागीय कार्यालय पहुँचने पर सचिव धर्मेंद्र सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने पुष्पगुच्छ देकर उनका भव्य स्वागत किया। पदभार ग्रहण करने के तुरंत बाद मंत्री ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की और विभाग के भविष्य का रोडमैप तैयार किया।
पैक्स (PACS) बनेंगे ग्रामीण विकास के पावर हाउस
मंत्री राम कृपाल यादव ने पैक्सों की भूमिका पर विशेष जोर देते हुए कहा कि पैक्स सहकारिता व्यवस्था की सबसे मजबूत कड़ी हैं। उन्होंने घोषणा की कि:
- पैक्सों को केवल अनाज खरीद तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उन्हें बहुआयामी केंद्रों के रूप में विकसित किया जाएगा।
- पैक्स के जरिए अब कृषि इनपुट, भंडारण (Storage), खाद्य प्रसंस्करण और विपणन (Marketing) जैसी गतिविधियों को जोड़ा जाएगा।
- इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होगी।
किसानों को मिलेगा उत्पाद का सही मूल्य
मंत्री ने कहा कि सहकारी संस्थाओं का मुख्य उद्देश्य किसानों और ग्रामीण उत्पादकों को उनके पसीने की सही कीमत दिलाना है। सहकारी बैंकों के माध्यम से कृषि साख (Loan) की व्यवस्था और खाद्यान्न अधिप्राप्ति (Procurement) के जरिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता बनी रहेगी।
आत्मनिर्भर बिहार के लिए सहकारिता मॉडल
राम कृपाल यादव ने कहा, “सहकारिता केवल एक आर्थिक व्यवस्था नहीं, बल्कि सामाजिक सशक्तिकरण का माध्यम है।” उन्होंने वेजफेड (VEGFED) और अन्य उत्पादक समितियों के सशक्तीकरण पर बल दिया ताकि सब्जी उत्पादकों और छोटे किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराया जा सके।
अधिकारियों को ‘एक्शन मोड’ में रहने के निर्देश
समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सहकारी समितियों के निबंधन और संचालन में पारदर्शिता बरती जाए। उन्होंने कहा कि भावी कार्ययोजना ऐसी हो जिससे राज्य के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को भी सहकारिता का लाभ मिल सके।
स्वागत समारोह में मौजूद रहे दिग्गज:
इस अवसर पर निबंधक सहयोग समितियाँ रजनीश कुमार सिंह, अपर सचिव अभय कुमार सिंह, वेजफेड के एमडी डॉ. गगन और बिहार राज्य सहकारी बैंक के एमडी मनोज कुमार सिंह सहित विभाग के तमाम वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित थे।


