Patna News: बिहार के श्रमिकों के स्वास्थ्य और कल्याण की दिशा में आज एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। बिहटा स्थित ईएसआईसी (ESIC) मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में 40 वर्ष से अधिक आयु के श्रमिकों के लिए ‘वार्षिक स्वास्थ्य जांच कार्यक्रम’ का भव्य शुभारंभ किया गया। इस राष्ट्रव्यापी पहल का उद्घाटन केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने नई दिल्ली से वर्चुअल माध्यम से देश के 12 विभिन्न केंद्रों पर एक साथ किया।
नियोक्ताओं के लिए स्वास्थ्य जांच कराना अब अनिवार्य
कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि नई श्रम संहिता (Occupational Safety, Health and Working Conditions Code, 2020) के तहत अब प्रत्येक नियोक्ता (Employer) के लिए यह कानूनी रूप से अनिवार्य कर दिया गया है कि वे अपने संस्थान में कार्यरत 40 वर्ष से अधिक आयु के श्रमिकों की साल में एक बार मुफ्त स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित करें।
श्रमिकों को मिलेगी सवेतन छुट्टी और मुफ्त इलाज
बिहार के श्रम संसाधन विभाग के सचिव दीपक आनंद ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार श्रमिकों के हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। कार्यक्रम में मौजूद श्रमायुक्त राजेश भारती ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया:
- सवेतन अवकाश: स्वास्थ्य जांच के लिए जाने वाले श्रमिकों को उस दिन की सवेतन छुट्टी (Paid Leave) दी जाएगी।
- शुरुआती पहचान: इस योजना का मुख्य उद्देश्य बीमारियों की शुरुआती स्तर पर ही पहचान करना है ताकि श्रमिकों का जीवन सुरक्षित रहे।
- आर्थिक सुरक्षा: ईएसआईसी के माध्यम से मुफ्त इलाज होने से श्रमिक परिवारों को अचानक आने वाले भारी मेडिकल खर्चों से राहत मिलेगी।
ESIC द्वारा मिलने वाले अन्य बड़े लाभ:
क्षेत्रीय निदेशक निरंजन कुमार और डीन डॉ. विनय विश्वास ने श्रमिकों को मिलने वाले अन्य फायदों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी:
- बीमारी में वेतन: बीमारी के दौरान आर्थिक सहायता।
- आजीवन पेंशन: कार्यस्थल पर दुर्घटना होने पर आजीवन पेंशन और मृत्यु की स्थिति में आश्रितों को 90% तक पेंशन।
- मातृत्व लाभ: महिला श्रमिकों को 26 सप्ताह तक का मातृत्व हितलाभ।
- शिक्षा में आरक्षण: बीमित श्रमिकों के बच्चों के लिए मेडिकल कॉलेजों में आरक्षण की व्यवस्था।


