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भागलपुर की मंजूषा कला को मिला बाजार का नया मंच, पांचवीं ‘मंजूषा हटिया’ में 20 हजार से अधिक की कलाकृतियों की बिक्री

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मंजूषा टी-शर्ट से साड़ी, दुपट्टे, बैग और जूट क्राफ्ट तक ने खींचा लोगों का ध्यान; बाढ़ राहत शिविर के बच्चों की कलाकृतियां बनीं खास आकर्षण, डीएम अलंकृता पाण्डेय ने खुद खरीदी एक कलाकृति

Bhagalpur News:  अंग प्रदेश की समृद्ध लोक परंपरा और विश्वस्तर पर पहचान बना रही मंजूषा लोककला को संरक्षण, बाजार और नई पीढ़ी से जोड़ने की दिशा में भागलपुर में आयोजित पांचवीं ‘मंजूषा हटिया सह लोक कला प्रदर्शनी’ उत्साह के साथ संपन्न हुई। भागलपुर संग्रहालय परिसर में आयोजित इस आयोजन में स्थानीय कलाकारों, कला प्रेमियों, युवाओं और आम नागरिकों की बड़ी भागीदारी रही।

कला एवं संस्कृति विभाग, बिहार सरकार, जिला कला एवं संस्कृति कार्यालय, भागलपुर तथा भागलपुर संग्रहालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित मंजूषा हटिया में दिनभर मेले जैसा माहौल रहा। स्थानीय कलाकारों की बनाई कलाकृतियों और हस्तनिर्मित उत्पादों की प्रदर्शनी के साथ बिक्री भी की गई। आयोजन में 20 हजार रुपये से अधिक मूल्य की कलाकृतियों एवं हस्तनिर्मित सामग्री की बिक्री हुई।

डीएम अलंकृता पाण्डेय ने किया उद्घाटन

कार्यक्रम का उद्घाटन जिलाधिकारी अलंकृता पाण्डेय ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी अंकित रंजन, वरिष्ठ एवं युवा मंजूषा कलाकार राजीवकांत मिश्रा, मनोज पंडित, उलूपी झा सहित बड़ी संख्या में कलाकार, कला प्रेमी और आमजन मौजूद रहे।

मंजूषा हटिया में इस बार पारंपरिक कला के साथ कलाकारों के नए प्रयोग भी देखने को मिले। लोगों ने मंजूषा कला से सजे विभिन्न उपयोगी एवं सजावटी उत्पादों में खास रुचि दिखाई।

टी-शर्ट से साड़ी और बैग तक दिखा मंजूषा का नया अंदाज

प्रदर्शनी में मंजूषा टी-शर्ट, स्क्रीन प्रिंटिंग से तैयार कपड़े, जूट क्राफ्ट, साड़ियां, दुपट्टे, रुमाल, बैग, मंजूषा शो-पीस और सजावटी पंखे समेत कई उत्पाद प्रदर्शित किए गए।

पारंपरिक मंजूषा चित्रकला को रोजमर्रा की उपयोगी वस्तुओं से जोड़ने के इस प्रयास को लोगों ने पसंद किया। इससे यह संकेत मिला कि स्थानीय लोककला को आधुनिक जरूरतों और बाजार के अनुरूप नए उत्पादों के रूप में पेश कर कलाकारों के लिए आय के नए रास्ते तैयार किए जा सकते हैं।

बाढ़ राहत शिविर के बच्चों की कला ने खींचा ध्यान

पांचवीं मंजूषा हटिया का सबसे भावुक और खास आकर्षण बाढ़ राहत शिविर में रहने वाले बच्चों द्वारा तैयार की गई मंजूषा कलाकृतियां रहीं।

राहत शिविर में आयोजित कला गतिविधियों के दौरान बच्चों ने मंजूषा कला के माध्यम से अपनी रचनात्मकता को सामने रखा था। प्रदर्शनी में जब उनकी कलाकृतियां पहुंचीं तो लोगों ने उनकी प्रतिभा की सराहना की।

जिलाधिकारी अलंकृता पाण्डेय ने बच्चों का उत्साह बढ़ाते हुए स्वयं उनकी बनाई एक मंजूषा कलाकृति खरीदी। इस पहल से बच्चों में अपनी प्रतिभा को लेकर आत्मविश्वास बढ़ा और यह संदेश भी गया कि कठिन परिस्थितियों के बीच कला बच्चों को सकारात्मक सोच और रचनात्मक अभिव्यक्ति का माध्यम दे सकती है।

डीएम ने डिजिटल मार्केट पर दिया जोर

जिलाधिकारी अलंकृता पाण्डेय ने मंजूषा हटिया की पहल की सराहना करते हुए कहा कि स्थानीय कलाकारों को सीधे बाजार से जोड़ना जरूरी है। उन्होंने कहा कि कला केवल प्रदर्शनी तक सीमित न रहे, बल्कि कलाकारों को उनके उत्पादों का उचित बाजार और अधिक से अधिक ग्राहक मिलें।

उन्होंने डिजिटल मार्केट और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से मंजूषा कलाकारों तथा उनके उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने पर जोर दिया। डीएम ने कहा कि मंजूषा कला को नई पीढ़ी से जोड़ने के साथ आधुनिक माध्यमों और बाजार की जरूरतों के अनुरूप नए प्रयोग किए जाने चाहिए, ताकि कलाकारों को कला के माध्यम से स्थायी आर्थिक अवसर मिल सकें।

हर महीने आयोजित होती है मंजूषा हटिया

जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी अंकित रंजन ने बताया कि मंजूषा हटिया का आयोजन सामान्य तौर पर प्रत्येक माह के प्रथम रविवार को भागलपुर संग्रहालय परिसर में किया जाता है। इस बार प्रथम रविवार को जितिया पर्व होने के कारण आयोजन मंगलवार को किया गया।

उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य केवल कलाकृतियों की बिक्री करना नहीं है, बल्कि मंजूषा कलाकारों को साझा मंच देना, उनके बीच संवाद और अनुभवों का आदान-प्रदान बढ़ाना तथा स्थानीय कला को आम लोगों के जीवन से जोड़ना भी है।

उन्होंने बताया कि प्रत्येक आयोजन के साथ नए कलाकार जुड़ रहे हैं। वरिष्ठ कलाकार युवा कलाकारों से मिलकर उनके काम को देखते हैं और उन्हें मार्गदर्शन भी देते हैं। इस तरह मंजूषा हटिया कलाकारों के लिए कला, संवाद और बाजार—तीनों का मंच बनता जा रहा है।

कलाकारों ने एक-दूसरे की कलाकृतियां भी खरीदीं

मंजूषा हटिया की एक खास बात यह भी रही कि कलाकारों ने स्वयं दूसरे कलाकारों की कलाकृतियां खरीदकर उनकी प्रतिभा का सम्मान किया।

इससे कलाकारों के बीच सहयोग और सामूहिकता की भावना मजबूत हुई। साथ ही यह संदेश भी सामने आया कि स्थानीय कला और कलाकारों के आर्थिक सशक्तीकरण में कलाकार समुदाय की आपसी भागीदारी भी महत्वपूर्ण है।

बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुति ने बांधा समां

कार्यक्रम के दौरान आम्रपाली कला प्रशिक्षण केंद्र, भागलपुर के बच्चों ने जिला पदाधिकारी और उपस्थित अतिथियों के समक्ष सांस्कृतिक प्रस्तुति दी। बच्चों की मनमोहक प्रस्तुति ने पूरे आयोजन में सांस्कृतिक रंग भर दिया। दर्शकों ने तालियों के साथ बच्चों का उत्साह बढ़ाया।

35 कलाकारों को प्रशस्ति पत्र देकर किया गया सम्मानित

कार्यक्रम में सेवा संकल्प अभियान के तहत टाउन हॉल में नाटक की प्रस्तुति देने वाले 35 कलाकारों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी अंकित रंजन ने कलाकारों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया।

इसके अलावा पांचवीं मंजूषा हटिया के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली कुमारी श्वेता, वरिष्ठ मंजूषा कलाकार एवं संयोजक तथा सुरभि सुमन, युवा मंजूषा कलाकार एवं संयोजक को भी सम्मानित किया गया।

अंकित रंजन ने कहा कि दोनों संयोजकों ने आयोजन की तैयारियों और कलाकारों के समन्वय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई तथा कई नए कलाकारों को मंजूषा हटिया से जोड़ने का प्रयास किया।

मंजूषा कला को नई पहचान देने की दिशा में पहल

पांचवीं मंजूषा हटिया ने एक बार फिर यह साबित किया कि लोककला का संरक्षण केवल उसकी परंपरा को बचाए रखने तक सीमित नहीं है। कलाकारों को बाजार, आधुनिक प्रयोग, डिजिटल प्लेटफॉर्म और नई पीढ़ी से जोड़ना भी उतना ही जरूरी है।

भागलपुर संग्रहालय परिसर में आयोजित यह पहल मंजूषा कलाकारों को अपनी कला प्रदर्शित करने, ग्राहकों से सीधे जुड़ने और अपनी रचनाओं को बाजार तक पहुंचाने का अवसर दे रही है। नियमित आयोजन के साथ मंजूषा कला को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और इसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

नाथनगर में ‘सरकार आपके द्वार’: सेवा सेतु शिविर में पहुंच रहे आम लोग, डीडीसी ने लिया व्यवस्थाओं का जायजा

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6 से 8 अक्टूबर तक चलेगा शिविर; शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, राजस्व, आवास, बिजली, सामाजिक सुरक्षा समेत कई विभागों के स्टॉल पर मिल रही सरकारी सेवाओं की जानकारी

Bhagalpur News:  आम नागरिकों को सरकारी योजनाओं और विभिन्न विभागों की सेवाओं का लाभ उनके घर के नजदीक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बिहार सरकार के निर्देश पर भागलपुर के नाथनगर प्रखंड में ‘सेवा सेतु शिविर–सरकार आपके द्वार’ का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर 6 अक्टूबर से 8 अक्टूबर 2026 तक चलेगा।

शिविर का उद्देश्य आम लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत दिलाते हुए उन्हें विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, सेवाओं और सुविधाओं की जानकारी उपलब्ध कराना है। साथ ही पात्र लाभुकों के आवेदन मौके पर ही संबंधित विभाग के स्टॉल पर प्राप्त कर उनके नियमानुसार निष्पादन की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

डीडीसी रवि राकेश ने किया शिविर का निरीक्षण

शिविर के पहले दिन उप विकास आयुक्त, भागलपुर रवि राकेश ने नाथनगर प्रखंड में आयोजित ‘सेवा सेतु शिविर–सरकार आपके द्वार’ का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने अलग-अलग विभागों की ओर से लगाए गए स्टॉलों का जायजा लिया और वहां आम नागरिकों को उपलब्ध कराई जा रही सरकारी सेवाओं एवं योजनाओं की जानकारी ली। शिविर में पहले दिन कुल 31 आवेदन प्राप्त हुए।

डीडीसी ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों से प्राप्त आवेदनों तथा लोगों की ओर से दर्ज कराई जा रही शिकायतों के संबंध में जानकारी ली।

कई विभागों के स्टॉल पर मिल रही सेवाएं

शिविर में आम लोगों की सुविधा के लिए विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाए गए हैं। इनमें शिक्षा, स्वास्थ्य, बाल विकास परियोजना, पशु चिकित्सा, कृषि/आत्मा, ग्रामीण विकास, पंचायती राज, स्वच्छता, आवास, सांख्यिकी, सामाजिक सुरक्षा, राजस्व, आपूर्ति, श्रम प्रवर्तन, कल्याण, विद्युत, भवन निर्माण, ग्रामीण कार्य, आपदा प्रबंधन, पुलिस, जीविका और सहकारिता सहित कई विभाग शामिल हैं।

इन स्टॉलों के माध्यम से लोगों को संबंधित सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ पात्र लोगों से आवेदन एवं शिकायतें भी प्राप्त की जा रही हैं।

आवेदनों के त्वरित निष्पादन का निर्देश

निरीक्षण के दौरान डीडीसी रवि राकेश ने संबंधित पदाधिकारियों और कर्मियों को निर्देश दिया कि शिविर में प्राप्त सभी आवेदनों एवं शिकायतों का नियमानुसार त्वरित निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने कहा कि जो लोग सरकारी योजनाओं के लिए पात्र हैं, उन्हें योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जाए। साथ ही प्राप्त आवेदनों और लंबित मामलों का विभागवार संधारण करते हुए उनका समय पर निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा गया।

आम लोगों से शिविर में पहुंचने की अपील

डीडीसी ने आम नागरिकों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में ‘सेवा सेतु शिविर–सरकार आपके द्वार’ में पहुंचें और संबंधित विभाग के स्टॉल पर अपनी समस्याएं, आवेदन एवं शिकायतें दर्ज कराएं।

उन्होंने लोगों से सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी लेने और पात्रता के अनुसार उनका लाभ उठाने की अपील की।

8 अक्टूबर तक जारी रहेगा शिविर

नाथनगर प्रखंड में आयोजित यह सेवा सेतु शिविर 8 अक्टूबर तक चलेगा। प्रखंड प्रशासन की ओर से शिविर को सफल बनाने के लिए सभी संबंधित विभागों के पदाधिकारियों और कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासन का प्रयास है कि शिविर के माध्यम से अधिक से अधिक आम नागरिकों तक सरकारी योजनाओं और सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित हो तथा उनकी समस्याओं का समाधान निर्धारित प्रक्रिया के तहत समय पर किया जा सके।

पुरैनी में लगा सहयोग शिविर, डीएम और एसएसपी ने सुनीं ग्रामीणों की समस्याएं

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‘सबका सम्मान, जीवन आसान’ के तहत आयोजित शिविर में 45 आवेदन प्राप्त; भूमि, राजस्व, सरकारी योजनाओं और प्रशासनिक मामलों से जुड़ी समस्याओं के समाधान का दिया भरोसा

Bhagalpur News:  आमजनों की समस्याओं का स्थानीय स्तर पर समाधान और सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से भागलपुर के जगदीशपुर प्रखंड अंतर्गत पुरैनी में सहयोग शिविर का आयोजन किया गया। ‘सबका सम्मान, जीवन आसान’ के तहत आयोजित इस शिविर में बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण एवं आमजन पहुंचे और अपनी समस्याएं प्रशासन के समक्ष रखीं।

शिविर में आमजनों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी ली गई। इस दौरान विभिन्न मामलों से संबंधित कुल 45 आवेदन प्राप्त हुए। सभी आवेदनों को संबंधित विभागों एवं पदाधिकारियों के पास नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई के लिए अग्रसारित किया गया।

डीएम ने ग्रामीणों से सीधे किया संवाद

शिविर में जिलाधिकारी अलंकृता पाण्डेय ने आमजनों से बातचीत कर उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सहयोग शिविर का उद्देश्य प्रशासन और आम जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करना है, ताकि लोगों की समस्याओं को स्थानीय स्तर पर समझकर उनके समाधान की दिशा में त्वरित कार्रवाई की जा सके।

जिलाधिकारी ने संबंधित पदाधिकारियों को शिविर में प्राप्त आवेदनों पर नियमानुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने आम लोगों को सरकारी योजनाओं और प्रशासनिक सेवाओं का लाभ लेने के लिए आवश्यक जानकारी भी उपलब्ध कराई।

एसएसपी ने भी सुनीं लोगों की समस्याएं

शिविर में वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव ने भी स्थानीय लोगों से बातचीत की। उन्होंने आमजनों की समस्याओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी लेते हुए प्रशासन एवं पुलिस से संबंधित मामलों में उपलब्ध सहयोग और सुविधाओं के बारे में बताया।

पुलिस से संबंधित मामलों में लोगों को उचित माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज कराने और आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने की जानकारी दी गई।

भूमि और राजस्व मामलों पर भी मिला मार्गदर्शन

भूमि सुधार उप-समाहर्ता, सदर भागलपुर अपेक्षा मोदी ने भी शिविर में उपस्थित लोगों की समस्याएं सुनीं। विशेष रूप से भूमि एवं राजस्व से जुड़े मामलों में लोगों को आवश्यक जानकारी और मार्गदर्शन दिया गया।

ग्रामीणों की ओर से सामने आए मामलों को संबंधित विभागों तक पहुंचाने और नियमानुसार उनके निष्पादन की प्रक्रिया शुरू की गई।

सरकारी योजनाओं की जानकारी भी दी गई

सहयोग शिविर के माध्यम से आम लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं, सेवाओं और विभागीय सुविधाओं की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि पात्र लाभुकों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के साथ-साथ उनकी समस्याओं के निराकरण में संबंधित विभागों और कर्मियों द्वारा आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाती है।

शिविर में प्राप्त 45 आवेदनों का संधारण किया गया है और संबंधित मामलों को नियमानुसार निष्पादित करने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।

प्रशासन की ग्रामीणों तक सीधी पहुंच

इस तरह के सहयोग शिविरों के माध्यम से जिला प्रशासन का प्रयास है कि आम लोगों को अपनी समस्याओं के लिए अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े और सरकारी सेवाएं उनके नजदीक उपलब्ध कराई जा सकें।

पुरैनी में आयोजित शिविर में संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मियों के अलावा बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण और आमजन मौजूद रहे। प्रशासन की ओर से लोगों को भरोसा दिलाया गया कि प्राप्त आवेदनों पर नियमानुसार कार्रवाई कर समस्याओं के समाधान की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

पूजा पर्व पर यात्रियों को बड़ी राहत: भागलपुर-कटिहार के बीच चलेगी स्पेशल ट्रेन, 55-55 फेरे लगाएगी

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7 अक्टूबर से शुरू होगा परिचालन, भागलपुर से शाम 5:30 बजे और कटिहार से सुबह 6:35 बजे खुलेगी ट्रेन; मुंगेर, खगड़िया, मानसी, नवगछिया और सुल्तानगंज समेत कई स्टेशनों पर ठहराव

Bhagalpur News:  पूजा पर्व के दौरान ट्रेनों में बढ़ने वाली यात्रियों की भीड़ को देखते हुए रेलवे ने भागलपुर और कटिहार के बीच विशेष ट्रेन चलाने का फैसला लिया है। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पूर्व रेलवे की ओर से ट्रेन संख्या 03409/03410 भागलपुर–कटिहार–भागलपुर स्पेशल का परिचालन किया जाएगा। यह ट्रेन निर्धारित अवधि में प्रतिदिन चलेगी और दोनों दिशाओं में 55-55 फेरे लगाएगी।

रेलवे के इस निर्णय से भागलपुर, मुंगेर, खगड़िया, नवगछिया, सुल्तानगंज, मानसी और कटिहार समेत रास्ते के प्रमुख स्टेशनों से यात्रा करने वाले लोगों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है।

7 अक्टूबर से भागलपुर से शुरू होगी स्पेशल ट्रेन

ट्रेन संख्या 03409 भागलपुर–कटिहार स्पेशल का परिचालन 07 अक्टूबर 2026 से 30 नवंबर 2026 तक प्रतिदिन किया जाएगा। इस दौरान ट्रेन कुल 55 फेरे लगाएगी।

भागलपुर से ट्रेन शाम 5:30 बजे रवाना होगी और विभिन्न स्टेशनों पर रुकते हुए रात 11:10 बजे कटिहार पहुंचेगी।

03409 भागलपुर–कटिहार स्पेशल का प्रमुख समय

भागलपुर से 17:30 बजे चलकर ट्रेन अकबरनगर 17:52/17:53, सुल्तानगंज 18:03/18:05, कल्याणपुर रोड 18:14/18:15, बरियारपुर 18:23/18:25, रतनपुर 18:38/18:40, मुंगेर 19:30/19:35, सबदलपुर 19:49/19:51, खगड़िया 20:09/20:11, मानसी 20:30/20:32, MSK 20:53/20:55, थाना बिहपुर 21:14/21:16, नवगछिया 21:31/21:33, कुरसेला 22:01/22:03 और करागोला रोड 22:19/22:20 पर ठहरेगी।

इसके बाद ट्रेन रात 11:10 बजे कटिहार पहुंचेगी।

8 अक्टूबर से कटिहार से भागलपुर के लिए चलेगी ट्रेन

वापसी में ट्रेन संख्या 03410 कटिहार–भागलपुर स्पेशल का परिचालन 08 अक्टूबर 2026 से 01 दिसंबर 2026 तक प्रतिदिन किया जाएगा। इस दिशा में भी ट्रेन कुल 55 फेरे लगाएगी।

कटिहार से ट्रेन सुबह 6:35 बजे रवाना होगी और निर्धारित स्टेशनों पर ठहराव के बाद दोपहर 12:05 बजे भागलपुर पहुंचेगी।

03410 कटिहार–भागलपुर स्पेशल का प्रमुख समय

कटिहार से 06:35 बजे खुलने के बाद ट्रेन करागोला रोड 07:00/07:02, कुरसेला 07:15/07:17, नवगछिया 07:33/07:35, थाना बिहपुर 07:50/07:52, MSK 08:28/08:30, मानसी 08:42/08:44, खगड़िया 08:54/08:56, सबदलपुर 09:58/10:00, मुंगेर 10:25/10:30, रतनपुर 10:50/10:51, बरियारपुर 10:57/10:59, कल्याणपुर रोड 11:05/11:06, सुल्तानगंज 11:21/11:23 और अकबरनगर 11:40/11:41 पर ठहरेगी।

ट्रेन दोपहर 12:05 बजे भागलपुर पहुंचेगी।

17 कोच के साथ शुरू होगा परिचालन

रेलवे के अनुसार विशेष ट्रेन के प्रारंभिक चरण में 17 कोच लगाए जाएंगे। इसमें 15 GS/GSCN अनारक्षित कोच और 2 SLRD कोच शामिल होंगे। इसके बाद ट्रेन का परिचालन 12 CAR MEMU संरचना के साथ किया जाएगा।

ट्रेन का संचालन विद्युत कर्षण से होगा। इससे पूजा पर्व के दौरान अतिरिक्त यात्री दबाव को संभालने और यात्रियों को वैकल्पिक रेल सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

भागलपुर और कटिहार में पानी-सफाई की व्यवस्था

रेलवे की ओर से बताया गया है कि ट्रेन में यात्रियों की सुविधा के लिए पानी और सफाई की व्यवस्था भागलपुर एवं कटिहार स्टेशनों पर की जाएगी। ट्रेन का किराया प्रचलित रेलवे नियमों तथा रेलवे बोर्ड के समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार निर्धारित होगा।

रेल प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पहले ट्रेन की ताजा समय-सारणी, टिकट और अन्य परिचालन संबंधी जानकारी रेलवे के आधिकारिक माध्यमों से जरूर जांच लें।

पूजा पर्व के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के घर लौटने और धार्मिक स्थलों की यात्रा करने की संभावना को देखते हुए यह विशेष ट्रेन भागलपुर-कटिहार रेलखंड के यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण राहत मानी जा रही है।

रजंदीपुर में महिला से मारपीट का आरोप, गंभीर चोट लगने पर कराया गया इलाज

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पीड़ित परिवार ने घर में घुसकर हमला करने का लगाया आरोप, जगह के विवाद और जातिगत प्रताड़ना का भी किया दावा; पुलिस मामले की जांच में जुटी

Bhagalpur News: भागलपुर सबौर थाना क्षेत्र के रजंदीपुर गांव में घर में घुसकर एक महिला के साथ मारपीट और हमला किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि कुछ लोग जबरन घर में घुस आए और महिला पर धारदार सामान से हमला कर दिया। घटना में शीला देवी गंभीर रूप से घायल हो गईं। परिजनों के मुताबिक, उनके हाथ में गहरी चोट आई है और इलाज के दौरान कई टांके लगाए गए हैं।

पीड़ित परिवार के अनुसार, घटना के दौरान अजय मंडल, दीपक मंडल और कैलाश मंडल के घर में घुसने और शीला देवी के साथ मारपीट करने का आरोप लगाया गया है। आरोप है कि हमलावरों ने डबिया से महिला पर वार किया, जिससे उनके हाथ में गंभीर चोट लगी। घटना के बाद परिजनों ने घायल महिला को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने चोट का उपचार किया और कई टांके लगाए।

जगह के विवाद को लेकर बढ़ा मामला

परिवार का कहना है कि उन्होंने गांव में ही पास में नई जगह ली है। इसी जगह को लेकर कुछ लोगों की ओर से विरोध किया जा रहा था। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि इसी विवाद ने बाद में हिंसक रूप ले लिया और घर में घुसकर महिला के साथ मारपीट की गई।

जाति को लेकर प्रताड़ित करने का भी आरोप

घायल महिला और उसके परिवार ने गांव में जाति को लेकर लगातार प्रताड़ित किए जाने का भी आरोप लगाया है। परिवार का कहना है कि लंबे समय से उन्हें परेशान किया जा रहा था। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

घटना के बाद पीड़ित परिवार ने सबौर थाना पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच करने और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस शिकायत के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रही है।

दूसरे पक्ष का बयान सामने नहीं आया

इस मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। वहीं, दूसरे पक्ष की ओर से फिलहाल कोई बयान सामने नहीं आया है। पुलिस जांच के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति और आरोपों की पुष्टि हो सकेगी।

जदयू में नई जिम्मेदारी, राकेश कुमार ओझा और अमित आर्यन का भव्य अभिनंदन

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प्रदेश उपाध्यक्ष और महानगर अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिलने पर कार्यकर्ताओं ने किया सम्मान, संगठन को मजबूत करने और विचारधारा को कार्यकर्ताओं तक पहुंचाने का लिया संकल्प

Bhagalpur News:  जिला जनता दल यूनाइटेड महानगर कार्यालय, नयाबाजार में बिहार प्रदेश जदयू शिक्षा एवं प्रशिक्षण प्रकोष्ठ के नवमनोनीत प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश कुमार ओझा एवं महानगर शिक्षा एवं प्रशिक्षण प्रकोष्ठ के पुनः अध्यक्ष मनोनीत अमित आर्यन के सम्मान में सम्मान सह अभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में जदयू के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने दोनों नेताओं का पुष्पगुच्छ और माला पहनाकर स्वागत किया तथा नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं।

समारोह को संबोधित करते हुए महानगर जदयू जिलाध्यक्ष संजय साह ने कहा कि राकेश कुमार ओझा का संगठन के प्रति लंबे समय से समर्पण और अनुभव पार्टी के लिए महत्वपूर्ण है। शिक्षा एवं प्रशिक्षण प्रकोष्ठ में उन्हें प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिलना उनके संगठनात्मक अनुभव और सक्रियता का सम्मान है। वहीं अमित आर्यन को पुनः महानगर शिक्षा एवं प्रशिक्षण प्रकोष्ठ का अध्यक्ष बनाया जाना उनके कार्यों के प्रति पार्टी नेतृत्व के विश्वास को दर्शाता है।

संजय साह ने कहा कि शिक्षा एवं प्रशिक्षण प्रकोष्ठ के माध्यम से जदयू की विचारधारा, नीतियों, कार्यक्रमों और संगठनात्मक गतिविधियों को कार्यकर्ताओं तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने में दोनों पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने दोनों को नई जिम्मेदारी के लिए बधाई देते हुए संगठन को और मजबूत बनाने की उम्मीद जताई।

इस अवसर पर नवनियुक्त प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश कुमार ओझा ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि संगठन ने उन्हें समता पार्टी के समय से लेकर आज तक अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी हैं और वे हर जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी के साथ निभाने का प्रयास करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि नई जिम्मेदारी के माध्यम से पार्टी की विचारधारा, संगठनात्मक अनुशासन और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों को अधिक प्रभावी तरीके से कार्यकर्ताओं तक पहुंचाने के लिए सक्रियता से काम किया जाएगा।

राकेश कुमार ओझा ने कहा कि जदयू उनके लिए केवल एक राजनीतिक संगठन नहीं, बल्कि परिवार की तरह है। संगठन ने उन पर जो विश्वास जताया है, उसे पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभाना उनका संकल्प है। उन्होंने महानगर जिलाध्यक्ष संजय साह सहित सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का सम्मान एवं शुभकामनाओं के लिए आभार व्यक्त किया।

वहीं अमित आर्यन को पुनः महानगर शिक्षा एवं प्रशिक्षण प्रकोष्ठ की जिम्मेदारी मिलने पर कार्यकर्ताओं ने उनका भी अभिनंदन किया। समारोह में मौजूद नेताओं ने उम्मीद जताई कि शिक्षा एवं प्रशिक्षण के माध्यम से पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को और मजबूत किया जाएगा तथा कार्यकर्ताओं को पार्टी की नीतियों एवं कार्यक्रमों से लगातार जोड़ा जाएगा।

समारोह में कला संस्कृति प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष दीपक चौहान, अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष महबूब आलम, चिकित्सा प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव डॉ. सुमन सौरव, महानगर उपाध्यक्ष निशांत कुमार, महानगर जिला उपाध्यक्ष सह वार्ड पार्षद रंजीत मंडल, महासचिव टिंकू मोदी, गोलू साह, मयंक वर्मा, रूपेश साह, महानगर प्रवक्ता राहुल सिंह, सुबोध शर्मा, किशोर साह, निर्मल पासवान सहित बड़ी संख्या में जदयू पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।

समारोह के दौरान कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल रहा। उपस्थित नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने दोनों नवनियुक्त पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए संगठन हित में सक्रिय भूमिका निभाने की उम्मीद जताई।

भागलपुर में रंगदारी और केस वापस न लेने पर तांडव: सरकारी बोरिंग पर युवक को खंती से पीटा, राइफल देख भागे रंगदार

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तातारपुर थाना क्षेत्र के लालकोठी की घटना; रंगबाज़ी केस उठाने का दबाव बना रहे अपराधियों ने बोला हमला, पीड़ित ने पुलिस से लगाई न्याय की गुहार।

Crime News: भागलपुर तातारपुर थाना क्षेत्र के लालकोठी में रंगदारी का केस वापस न लेने और मकान बेचने का दबाव बना रहे बेखौफ अपराधियों ने एक युवक पर जानलेवा हमला कर दिया। सरकारी बोरिंग से पानी लेने के दौरान हुए इस हमले में बदमाशों ने लोहे की खंती से हमला कर युवक को बुरी तरह पीटने का प्रयास किया। हालांकि, पीड़ित के भाई के अपनी लाइसेंसी राइफल लेकर मौके पर पहुंचते ही सभी अपराधी भाग निकले। इस घटना के संबंध में पीड़ित सुमित कुमार (पिता: श्री विभानंद राय) ने तातारपुर थाना पुलिस को आवेदन देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

केस उठाने और मकान बेचकर भागने की दे रहे थे धमकी

पुलिस को दिए गए आवेदन के अनुसार, पीड़ित सुमित कुमार लालकोठी में पुराने थाने के पास अपना नया मकान बनवा रहे हैं। क्षेत्र का नामजद आरोपी अजय मिश्रा और उसका गैंग उनसे लगातार रंगदारी की मांग कर रहा था। इस मामले में अजय मिश्रा और उसके गुंडों के खिलाफ तातारपुर थाने में प्राथमिकी (कांड संख्या- 120/26) पहले से दर्ज है। इसी दुश्मनी में अजय मिश्रा के गुर्गे बार-बार सुमित पर केस उठाने या लालकोठी से मकान बेचकर भाग जाने की धमकी दे रहे थे।

पानी चलाने के विवाद में घेरा, लोहे की खंती से हमला

घटना सोमवार (5 अक्टूबर 2026) की शाम करीब 5:27 बजे की है। सुमित अपने घर के पास स्थित सरकारी बोरिंग पर पानी खत्म होने के कारण उसे चलाने गए थे। वहां पहले से मौजूद संजीव कुमार मंडल उर्फ संजू मंडल (पिता: मोतीलाल मंडल) उनसे उलझ गया और रंगबाज़ी का केस उठाने की धमकी देते हुए मारपीट शुरू कर दी।

इसी दौरान संजीव मंडल का पक्ष लेते हुए कई अन्य अपराधी हथियार लेकर मौके पर आ पहुंचे। इनमें:

  • दीपक कुमार (पिता: विरेंद्र कुमार सिंह, निवासी: पुरानी दुर्गा स्थान, सुलतानगंज) – हाथ में लोहे की खंती लिए
  • सदानंद सिंह (पिता: गुलाब सिंह, निवासी: मनियारपुर, मधुसुदनपुर)
  • समुद्र मंडल उर्फ संजय कुमार (पिता: स्व. चमकलाल मंडल, निवासी: कोसकीनाथ झा लेन, चंपानगर)
  • कुमार किसलय (पिता: नामअज्ञात, निवासी: लालकोठी)
  • इनके साथ 3 से 4 अन्य अज्ञात हमलावर शामिल थे।

सबने मिलकर सुमित को घेर लिया और जानलेवा हमला कर दिया।

लाइसेंसी हथियार लेकर दौड़ा भाई, तो छूटे बदमाशों के पसीने

घटनस्थली पर चीख-पुकार सुनकर सुमित के भाई संदीप कुमार राय मौके की ओर दौड़े। संदीप को अपनी लाइसेंसी राइफल के साथ आते देख सभी हमलावर डर के मारे बदहवास होकर वहां से भाग खड़े हुए।

घटना के बाद पीड़ित ने तातारपुर थाना पहुंचकर सभी नामजद और अज्ञात अपराधियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए छानबीन और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी में जुट गई है।

शिवम झा शांडिल्य बने LIB भागलपुर के Chief Coordinator, 19 साल में मिली बड़ी जिम्मेदारी

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IPS विकास वैभव ने सौंपी बड़ी जिम्मेदारी, पूरे भागलपुर जिले में Let’s Inspire Bihar के अभियान संचालन की संभालेंगे कमान

Bhagalpur News:  युवा नेतृत्व को बढ़ावा देने की दिशा में Let’s Inspire Bihar (LIB) ने भागलपुर में नई जिम्मेदारी सौंपी है। महज 19 वर्ष की उम्र में शिवम झा शांडिल्य को LIB भागलपुर चैप्टर का Chief Coordinator नियुक्त किया गया है।

Let’s Inspire Bihar के संस्थापक IPS श्री विकास वैभव के मार्गदर्शन में शिवम अब पूरे भागलपुर जिले में अभियान के संचालन, समन्वय और विस्तार की जिम्मेदारी संभालेंगे।

शिवम की नियुक्ति को भागलपुर में युवा नेतृत्व को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। उनकी अगुवाई में जिले में अभियान को नई दिशा और गति मिलने की उम्मीद है।

युवाओं को सकारात्मक सोच, सामाजिक जिम्मेदारी और बिहार के विकास से जोड़ने के उद्देश्य से चल रहे इस अभियान में शिवम की नई भूमिका महत्वपूर्ण होगी।

युवा नेतृत्व • नई जिम्मेदारी • नया संकल्प

Let’s Inspire Bihar | Bhagalpur Chapter

बिहार की बाढ़ का स्थायी समाधान कब? सुरेश बुधिया ने केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल से की बड़ी पहल की मांग

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हर साल बाढ़ से तबाही, लाखों लोग प्रभावित; सामाजिक कार्यकर्ता ने नेपाल से आने वाली नदियों के जल प्रबंधन और तटबंधों की मजबूती को लेकर केंद्र से मांगा दीर्घकालिक समाधान

Bhagalpur News:  बिहार में हर साल आने वाली बाढ़ और उससे होने वाली व्यापक तबाही के स्थायी समाधान की मांग अब केंद्रीय स्तर तक पहुंच गई है। भागलपुर के सामाजिक कार्यकर्ता सुरेश बुधिया ने गुजरात के सूरत में केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल से मुलाकात कर बिहार की बाढ़ की गंभीर समस्या को लेकर ठोस और दीर्घकालिक पहल करने का आग्रह किया।

मुलाकात के दौरान सुरेश बुधिया ने केंद्रीय मंत्री के समक्ष बिहार में प्रत्येक वर्ष बाढ़ के कारण उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों को विस्तार से रखा। उन्होंने कहा कि नेपाल से निकलकर भारत और विशेष रूप से बिहार से होकर गुजरने वाली कई नदियां बरसात के मौसम में विकराल रूप धारण कर लेती हैं। नदियों का जलस्तर बढ़ने के साथ ही राज्य के बड़े हिस्से में बाढ़ का खतरा पैदा हो जाता है।

बाढ़ से घर, खेत और सड़कें होती हैं प्रभावित

सुरेश बुधिया ने कहा कि बाढ़ का असर केवल लोगों के घरों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि बड़ी संख्या में खेत, सड़कें, पुल-पुलिया और अन्य बुनियादी सुविधाएं भी प्रभावित होती हैं। हर साल हजारों परिवारों को अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ता है। इससे लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी के साथ-साथ खेती और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी गंभीर असर पड़ता है।

उन्होंने कहा कि बिहार सरकार और स्थानीय प्रशासन की ओर से बाढ़ के दौरान राहत एवं बचाव कार्य चलाए जाते हैं। प्रभावित लोगों तक भोजन, नाव, चिकित्सा सुविधा और अन्य जरूरी सहायता पहुंचाने का प्रयास किया जाता है, लेकिन हर साल बाढ़ आने के बाद राहत पहुंचाना समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सकता।

नेपाल से आने वाली नदियों के जल प्रबंधन पर जोर

सुरेश बुधिया ने केंद्रीय जलशक्ति मंत्री से मांग की कि बिहार की बाढ़ समस्या के समाधान के लिए केंद्र और राज्य सरकार को मिलकर एक दीर्घकालिक और वैज्ञानिक कार्ययोजना तैयार करनी चाहिए। उन्होंने नेपाल से आने वाली नदियों के जल प्रबंधन को लेकर भी प्रभावी रणनीति बनाने की आवश्यकता बताई।

उन्होंने तटबंधों की नियमित निगरानी और मजबूती, नदियों की धारा के वैज्ञानिक प्रबंधन तथा बाढ़ नियंत्रण के लिए स्थायी आधारभूत संरचना विकसित करने की मांग रखी। उनका कहना है कि केवल बाढ़ के समय राहत कार्य करने के बजाय ऐसी व्यवस्था विकसित करने की जरूरत है, जिससे बाढ़ के खतरे और उसके नुकसान को पहले से कम किया जा सके।

केंद्रीय मंत्री ने दिया हर संभव प्रयास का भरोसा

मुलाकात के दौरान केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने सुरेश बुधिया की बातों को गंभीरता से सुना। उन्होंने बिहार की बाढ़ की समस्या को गंभीर विषय बताते हुए इसके समाधान के लिए हर संभव प्रयास करने का भरोसा दिलाया।

सुरेश बुधिया ने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार बिहार की बाढ़ समस्या को केवल आपदा के रूप में नहीं, बल्कि दीर्घकालिक जल प्रबंधन के विषय के तौर पर देखेगी। उन्होंने कहा कि अगर केंद्र और राज्य सरकार के स्तर पर समन्वित प्रयास किए जाएं तो बिहार को हर साल बाढ़ से होने वाले भारी नुकसान से काफी हद तक बचाया जा सकता है।

अब बड़ा सवाल यही है कि बिहार को हर साल बाढ़ और राहत की व्यवस्था के चक्र से कब स्थायी राहत मिलेगी? इसके लिए नदी प्रबंधन, तटबंध सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय जल सहयोग को लेकर प्रभावी और दीर्घकालिक नीति पर काम करना जरूरी होगा।

1855 से चली आ रही परंपरा में गूंजा मां दुर्गा का आह्वान, सिंहनान मंदिर में स्थापित हुआ बोधनवमी कलश

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बंगाली विधि-विधान से आज भी होती है दुर्गा पूजा, कलश स्थापना से पहले निभाई गई ‘लियावन’ की रस्म; 9 कौड़ियां लुटाने की परंपरा और 16 दिनों तक चलेगा चंडी पाठ

Bhagalpur News: बांका जिले के रजौन अंचल अंतर्गत सिंहनान गांव स्थित ऐतिहासिक दुर्गा मंदिर में मंगलवार को सदियों पुरानी धार्मिक परंपरा के अनुसार बोधनवमी कलश की विधिवत स्थापना की गई। करीब 1855 में चोवालाल दत्ता द्वारा स्थापित इस ऐतिहासिक मंदिर में आज भी स्थानीय कायस्थ समाज द्वारा बंगाली विधि-विधान और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मां दुर्गा की पूजा-अर्चना की जाती है।

सिंहनान दुर्गा मंदिर की पूजा परंपरा और यहां से जुड़ी मान्यताएं इसे क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक स्थलों में विशेष स्थान देती हैं। सामान्य तौर पर दुर्गा पूजा के प्रथम दिन कलश स्थापना की जाती है, लेकिन इस मंदिर में प्रथम पूजा से करीब सात दिन पहले ही बोधनवमी के दिन कलश स्थापना करने की अनूठी परंपरा है। मान्यता के अनुसार बोधन के जरिए मां दुर्गा को जगाया जाता है और इसके बाद पूजा-अनुष्ठान की शुरुआत होती है।

बेटी के रूप में मां दुर्गा को मायके बुलाने की परंपरा

सिंहनान मंदिर की दुर्गा पूजा में बंगाली परंपरा की अनूठी झलक देखने को मिलती है। यहां मां दुर्गा को केवल देवी के रूप में नहीं, बल्कि बेटी के रूप में मायके आने का निमंत्रण दिया जाता है। मान्यता है कि मां दुर्गा अपने परिवार गणेश, कार्तिक, लक्ष्मी और सरस्वती के साथ कैलाश से पृथ्वी लोक स्थित मायके आती हैं।

इसी परंपरा के तहत कलश स्थापना से एक दिन पूर्व ‘लियावन’ की रस्म निभाई गई। मेढपति खानदान की महिला लवली दत्ता ने विधि-विधान के साथ मां दुर्गा का लियावन पूजन किया और उन्हें दुर्गा पूजा के लिए आमंत्रित किया। इस दौरान मंदिर के नवनिर्मित द्वार पर स्थापित द्वारपाल की भी तेल और सिंदूर से पूजा-अर्चना की गई।

चानन नदी से लाया गया कलश, लुटाई गईं नौ कौड़ियां

बोधनवमी के दिन स्थानीय चानन नदी से विधिवत पूजा-अर्चना के बाद कलश लाकर सिंहनान दुर्गा मंदिर में स्थापित किया गया। कलश पूजा के दौरान नौ कौड़ियां लुटाने की परंपरा भी निभाई गई। कौड़ियां पाने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण और श्रद्धालु मौजूद रहे।

स्थानीय मान्यता के अनुसार इन कौड़ियों को पाना बेहद शुभ माना जाता है। श्रद्धालु इन्हें घर में सिंदूर की डिबिया में सुरक्षित रखते हैं। मान्यता है कि इससे सुख-समृद्धि बनी रहती है और सुहाग की लंबी उम्र का आशीर्वाद मिलता है।

16 दिनों तक होगा चंडी पाठ

बोधनवमी कलश स्थापना के साथ ही मंदिर में विशेष धार्मिक अनुष्ठान की शुरुआत हो गई है। पुजारी शंभु झा द्वारा चंडी पाठ शुरू किया जाएगा, जो लगातार नवमी तक चलेगा। नवमी के दिन हवन के साथ इस विशेष अनुष्ठान का विधिवत समापन होगा।

सोलह दिनों तक चलने वाले चंडी पाठ और विशेष पूजा-अनुष्ठान के कारण सिंहनान दुर्गा मंदिर में इस दौरान भक्तों की विशेष भीड़ उमड़ने की उम्मीद है।

250 साल से अधिक पुराना है मंदिर का पारंपरिक श्रृंगार

सिंहनान दुर्गा मंदिर का प्राचीन श्रृंगार भी श्रद्धालुओं के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र है। बताया जाता है कि मंदिर का यह पारंपरिक श्रृंगार पुराने मंदिर से यहां लाया गया था और इसकी परंपरा 250 वर्षों से भी अधिक पुरानी मानी जाती है। पीढ़ियों से चली आ रही यह परंपरा आज भी मंदिर की पूजा व्यवस्था और धार्मिक स्वरूप का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

कायस्थ समाज की समिति संभाल रही पूजा की व्यवस्था

दुर्गा पूजा के आयोजन और व्यवस्थाओं में स्थानीय कायस्थ समाज की समिति सक्रिय भूमिका निभा रही है। समिति में जग नारायण दत्ता संरक्षक, मनोज कुमार घोष अध्यक्ष और राजेश कुमार दत्ता सचिव हैं। इनके अलावा समाज के कई सदस्य पूजा की तैयारियों, श्रद्धालुओं की सुविधा और आयोजन व्यवस्था में जुटे हुए हैं।

आयोजन में अशोक कुमार घोष, मनोज दत्ता, काली सिन्हा, अरविन्द घोष, शेखर घोष, जितेन्द्र शेखर दत्ता, समीर घोष, संजय कुमार दत्ता, दिलीप दत्ता सहित अन्य सदस्य सक्रिय रूप से सहयोग कर रहे हैं।

आस्था और परंपरा का संगम है सिंहनान का दुर्गा मंदिर

करीब 1855 से चली आ रही पूजा परंपरा के कारण सिंहनान का यह दुर्गा मंदिर आज भी धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र बना हुआ है। यहां बंगाली विधि-विधान से होने वाली पूजा, बोधनवमी पर विशेष कलश स्थापना, लियावन की रस्म, नौ कौड़ियां लुटाने की परंपरा और 16 दिनों तक चलने वाला चंडी पाठ इस मंदिर को अन्य पूजा स्थलों से अलग पहचान देता है।

स्थानीय श्रद्धालुओं का विश्वास है कि मां दुर्गा के दरबार में सच्चे मन से मांगी गई मन्नत पूरी होती है। यही आस्था हर वर्ष बड़ी संख्या में भक्तों को सिंहनान के इस ऐतिहासिक दुर्गा मंदिर तक खींच लाती है।