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नवगछिया के राघोपुर में गंगा का कहर: कटाव से तटबंध ध्वस्त, दो पक्के मकान नदी में समाए

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ब्रह्मा बाबा स्थान के पास गंगा के तेज कटाव से मची तबाही, इलाके में दहशत का माहौल; कटाव निरोधी कार्य तेज, आसपास के क्षेत्रों पर भी मंडराया खतरा।

Bhagalpur News: बिहार के भागलपुर जिले के नवगछिया क्षेत्र में गंगा नदी के कटाव ने एक बार फिर भारी तबाही मचाई है। राघोपुर में ब्रह्मा बाबा स्थान के पास तेज कटाव के कारण तटबंध ध्वस्त हो गया। इस दौरान देखते ही देखते दो पक्के मकान गंगा नदी में समा गए। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों के बीच दहशत का माहौल बन गया।

गंगा के लगातार कटाव से नदी किनारे बसे लोगों की चिंता बढ़ गई है। तटबंध टूटने और दो पक्के मकानों के नदी में समाने की घटना ने आसपास के इलाकों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

देखते ही देखते गंगा में समा गए दो पक्के मकान

राघोपुर में ब्रह्मा बाबा स्थान के पास गंगा नदी के कटाव ने अचानक विकराल रूप ले लिया। कटाव के कारण तटबंध का हिस्सा ध्वस्त हो गया और दो पक्के मकान नदी की धारा में समा गए। मकानों के गंगा में समाने की घटना से स्थानीय लोगों में भय व्याप्त है।

नदी के लगातार कटाव के कारण आसपास के क्षेत्र भी प्रभावित होने की आशंका है। गंगा किनारे रहने वाले लोगों को अब अपने घरों और संपत्तियों की सुरक्षा की चिंता सता रही है।

तटबंध टूटने से आसपास के इलाकों पर बढ़ा खतरा

गंगा नदी के कटाव के कारण तटबंध का ध्वस्त होना इलाके के लिए गंभीर स्थिति पैदा कर रहा है। नदी की धारा लगातार किनारों को काट रही है, जिससे आसपास के क्षेत्रों पर भी खतरा मंडराने लगा है।

स्थानीय स्तर पर इस घटना ने गंगा किनारे बसे लोगों की सुरक्षा और कटाव से बचाव के इंतजामों को लेकर चिंता बढ़ा दी है। यदि कटाव पर समय रहते प्रभावी नियंत्रण नहीं किया गया, तो आगे भी नुकसान की आशंका बनी रह सकती है।

कटाव रोकने के लिए निरोधी कार्य तेज

घटना के बाद कटाव पर काबू पाने और आगे होने वाले नुकसान को रोकने के उद्देश्य से कटाव निरोधी कार्य में तेजी लाई गई है। फिलहाल कटाव निरोधी कार्य जारी है। प्रयास किया जा रहा है कि नदी के कटाव को नियंत्रित किया जाए और आसपास के क्षेत्रों को सुरक्षित रखा जा सके।

हालांकि, कटाव निरोधी कार्य से स्थिति पर कितना नियंत्रण पाया जा सकेगा, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।

गंगा किनारे बसे लोगों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

नवगछिया के राघोपुर में तटबंध ध्वस्त होने और दो पक्के मकानों के गंगा में समाने की घटना ने एक बार फिर नदी किनारे रहने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। लगातार हो रहे कटाव से लोगों को अपनी संपत्ति और आशियाने खोने का डर सता रहा है।

फिलहाल सभी की नजर कटाव निरोधी कार्य और गंगा के कटाव की स्थिति पर टिकी है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कटाव पर कितनी जल्दी नियंत्रण पाया जाता है और आसपास के इलाकों को आगे होने वाले नुकसान से बचाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

कोसी स्नातक चुनाव को लेकर भाजपा की सक्रियता तेज, दिलीप जायसवाल ने कार्यकर्ताओं को दिया जीत का लक्ष्य

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भागलपुर स्थित भाजपा कार्यालय में हुई समीक्षा बैठक, उम्मीदवार डॉ. एनके यादव के समर्थन में जुटने की अपील; संगठन की मजबूती और आपसी समन्वय पर जोर।

Bhagalpur News: आगामी कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में शनिवार को भागलपुर स्थित भाजपा कार्यालय में बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री दिलीप जायसवाल की मौजूदगी में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में चुनावी तैयारियों, संगठन की सक्रियता और पार्टी उम्मीदवार की जीत सुनिश्चित करने के लिए कार्यकर्ताओं की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई।

उम्मीदवार की जीत के लिए पूरी ताकत लगाने की अपील

समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री दिलीप जायसवाल ने कार्यकर्ताओं से कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में पार्टी उम्मीदवार डॉ. एनके यादव को जिताने के लिए पूरी ताकत से जुटने की अपील की। उन्होंने कहा कि चुनाव में सफलता हासिल करने के लिए सभी कार्यकर्ताओं को आपसी समन्वय बनाकर काम करना होगा। संगठन के प्रत्येक कार्यकर्ता की भूमिका महत्वपूर्ण है और सभी को अपनी जिम्मेदारी पूरी निष्ठा के साथ निभानी चाहिए।

उन्होंने कार्यकर्ताओं को चुनावी तैयारियों में सक्रिय रहने तथा उम्मीदवार के समर्थन में लगातार मेहनत करने का संदेश दिया।

संगठन की मजबूती और समन्वय पर जोर

बैठक में भाजपा संगठन को मजबूत बनाने और चुनाव से जुड़ी तैयारियों को व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। मंत्री ने कार्यकर्ताओं को आपसी तालमेल के साथ काम करने और पार्टी की रणनीति के अनुरूप अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने का निर्देश दिया।

बैठक में इस बात पर भी विचार-विमर्श किया गया कि चुनाव के दौरान संगठन की सक्रियता कैसे बढ़ाई जाए और कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय कैसे स्थापित किया जाए।

चुनावी रणनीति पर हुआ विचार-विमर्श

कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के आगामी चुनाव को ध्यान में रखते हुए बैठक में पार्टी की चुनावी रणनीति और कार्यकर्ताओं की भूमिका पर चर्चा हुई। भाजपा कार्यकर्ताओं ने भी तैयारियों को लेकर अपने विचार रखे। बैठक का मुख्य उद्देश्य संगठन को चुनाव के लिए सक्रिय करना और उम्मीदवार के पक्ष में कार्यकर्ताओं के प्रयासों को गति देना रहा।

कोसी स्नातक चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज

कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों की गतिविधियां तेज हो रही हैं। भाजपा की इस समीक्षा बैठक को चुनावी तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी नेतृत्व की ओर से कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर काम करने और उम्मीदवार की जीत के लिए प्रयास तेज करने का संदेश दिया गया।

अब आगामी चुनाव में भाजपा की संगठनात्मक तैयारियां और कार्यकर्ताओं की सक्रियता किस तरह परिणामों को प्रभावित करती हैं, इस पर राजनीतिक हलकों की नजर रहेगी।

भागलपुर: अठनिया गांव में घर के पीछे पानी भरे गड्ढे में मिला 22 वर्षीय महिला का शव, तीन दिनों से थी लापता

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दम तोड़ गई एक साल की मासूम अनुष्का की मां राधिका देवी! पिता ने जताई हत्या की आशंका, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज

Bhagalpur News:  बिहार के भागलपुर जिले के पीरपैंती थाना क्षेत्र के अठनिया गांव में शनिवार की सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब घर के पीछे पानी से भरे गड्ढे में एक 22 वर्षीय महिला का शव मिला। मृतका की पहचान गुड्डू यादव की पत्नी राधिका देवी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि राधिका पिछले तीन दिनों से लापता थी और परिजन उसकी तलाश में जुटे थे। घर के पीछे ही शव मिलने के बाद गांव में शोक के साथ-साथ कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

तीन दिनों से लापता थी राधिका, सुबह गड्ढे में मिला शव

जानकारी के अनुसार, राधिका देवी पिछले तीन दिनों से घर से लापता थी। परिजन और ग्रामीण लगातार उसकी खोजबीन कर रहे थे। इसी बीच शनिवार की सुबह घर के पीछे स्थित पानी से भरे गड्ढे में उसका शव दिखाई दिया। शव मिलने की खबर फैलते ही घटनास्थल पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। देखते ही देखते पूरे गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

राधिका की मौत की खबर सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया। जिस महिला की तलाश में परिजन तीन दिनों से परेशान थे, उसका शव घर के पीछे मिलने से परिवार के लोग सदमे में हैं।

एक साल की मासूम बेटी के सिर से उठा मां का साया

राधिका देवी अपने पीछे एक साल की मासूम बेटी अनुष्का को छोड़ गई है। इतनी कम उम्र में मां का साया उठ जाने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पति, मासूम बेटी, मां और परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। घर में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का विलाप सुनकर ग्रामीण भी भावुक हो रहे हैं।

मुखिया ने बताई तीन दिनों से लापता होने की बात

गांव के मुखिया पवन यादव ने बताया कि राधिका देवी पिछले तीन दिनों से लापता थी। परिजन और ग्रामीण लगातार उसकी तलाश कर रहे थे। शनिवार की सुबह घर के पीछे स्थित गड्ढे में उसका शव मिला। घटना की जानकारी मिलते ही गांव के लोग मौके पर जुट गए।

पुलिस ने शव को निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू की

घटना की सूचना मिलने पर पीरपैंती थानाध्यक्ष पंकज कुमार राउत पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। उनके साथ सब इंस्पेक्टर आमोद कुमार ठाकुर, अमरजीत कुमार और राहुल कुमार भी मौजूद थे। पुलिस ने शव को पानी से बाहर निकलवाया और पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू की।

पुलिस घटनास्थल की परिस्थितियों और मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद महिला की मौत के कारणों का पता लगाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

पिता ने जताई हत्या की आशंका, आरोपों की पुष्टि नहीं

इधर, मृतका के पिता बुच्चो यादव और परिवार के अन्य सदस्यों ने मौखिक रूप से आशंका जताई है कि राधिका की हत्या करने के बाद शव को गड्ढे में फेंका गया है। हालांकि, फिलहाल हत्या के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। महिला की मौत हादसे में हुई या इसके पीछे कोई अन्य कारण है, यह जांच का विषय है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद खुलेगा मौत का राज

फिलहाल, थानाध्यक्ष पंकज कुमार राउत के नेतृत्व में पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि राधिका देवी की मौत किन परिस्थितियों में हुई। तीन दिनों से लापता महिला का शव घर के पीछे मिलना कई सवाल खड़े कर रहा है। अब सभी की नजर पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी है।

नोट: हत्या की आशंका परिजनों की ओर से जताई गई है। पुलिस जांच पूरी होने से पहले इसे हत्या की पुष्टि के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

बिहार में कानून-व्यवस्था पर हाई-लेवल मीटिंग: सीएम सम्राट चौधरी ने अपराधियों पर सख्त कार्रवाई और डायल-112 को और मजबूत करने के दिए निर्देश

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Patna News: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में गृह विभाग और पुलिस मुख्यालय के तमाम वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

अपराधियों और असामाजिक तत्वों पर कसेगा शिकंजा

मुख्यमंत्री ने पुलिस प्रशासन को निर्देश दिया है कि अपराधियों, असामाजिक तत्वों और माहौल बिगाड़ने वालों की जिलावार एवं थानावार सूची तैयार की जाए। आदतन अपराधियों पर नकेल कसने के लिए अपराध नियंत्रण अधिनियम (CCA) के तहत सख्त कदम उठाए जाएं। साथ ही, संवेदनशील इलाकों में नियमित गश्त और पुलिस की सक्रिय उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

तकनीक आधारित आपातकालीन सेवाएं (डायल-112)

नागरिकों को त्वरित पुलिस सहायता उपलब्ध कराने वाली ‘डायल-112’ सेवा की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके रिस्पांस टाइम को और बेहतर बनाया जाए। वर्तमान में बिहार में इसका औसत रिस्पांस टाइम लगभग 11 मिनट है, जो राष्ट्रीय औसत (17 मिनट) से काफी अच्छा है। इसे और अधिक प्रभावी बनाने के लिए तकनीक का भरपूर उपयोग करने पर जोर दिया गया।

साइबर अपराध और सोशल मीडिया की मॉनिटरिंग

डिजिटल युग के अपराधों से निपटने के लिए हर जिले में प्रभावी निगरानी व्यवस्था बनाने को कहा गया है। साइबर ठगी या ऑनलाइन धोखाधड़ी की शिकायत के लिए राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, सोशल मीडिया पर भ्रामक या आपत्तिजनक सामग्री फैलाने वालों पर कड़ी नजर रखी जाएगी। डीएम और एसपी को ऐसे संवेदनशील मामलों में दो घंटे के भीतर त्वरित प्रतिक्रिया देने को कहा गया है।

नशा कारोबार और आर्थिक अपराधियों पर प्रहार

नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार में लिप्त लोगों के खिलाफ नारकोटिक्स एजेंसियों और पुलिस को मिलकर बड़ा अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है। वहीं, आर्थिक अपराधों के जरिए अवैध संपत्ति अर्जित करने वालों पर भी कठोर कानूनी शिकंजा कसने की बात कही गई है, ताकि दोषियों को जल्द से जल्द सजा मिल सके।

स्वच्छ और कदाचार-मुक्त परीक्षाएं सरकार की प्राथमिकता

बैठक के अंत में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य में आयोजित होने वाली सभी प्रतियोगी परीक्षाएं पूरी तरह स्वच्छ, पारदर्शी और कदाचार-मुक्त होनी चाहिए। परीक्षाओं में गड़बड़ी करने या नकल कराने वाले गिरोहों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। बैठक में उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, डीजीपी प्रीता वर्मा सहित कई अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

भागलपुर में 92 लाख रुपये के कथित शिक्षा घोटाले से हड़कंप, DPO समेत दो से पूछताछ

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फर्जी शिक्षिका की आईडी बनाकर सरकारी राशि के भुगतान का आरोप; पहले प्राथमिकी दर्ज कराने वाले DPO शशि चंदन चौधरी की भूमिका भी जांच के घेरे में, डिजिटल हस्ताक्षर और भुगतान प्रक्रिया खंगाल रही पुलिस।

Bhagalpur News: भागलपुर के शिक्षा विभाग में करीब 98 लाख रुपये की कथित वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आने के बाद पुलिस की जांच तेज हो गई है। मामले में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) शशि चंदन चौधरी और संविदा ऑपरेटर अविनाश राज से पूछताछ की जा रही है। आरोप है कि फर्जी शिक्षिका की आईडी तैयार कर सरकारी राशि का भुगतान किया गया। इस मामले ने शिक्षा विभाग की भुगतान व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

फर्जी शिक्षिका की आईडी से भुगतान का आरोप

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस पूरे मामले में कथित तौर पर फर्जी शिक्षिका की आईडी बनाकर सरकारी धनराशि का भुगतान किए जाने की आशंका है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि संबंधित आईडी किसने बनाई, भुगतान की प्रक्रिया कैसे पूरी हुई और इस कथित वित्तीय अनियमितता में किन-किन लोगों की भूमिका रही।

करीब 92 लाख रुपये की राशि से जुड़े इस मामले की जांच में पुलिस वित्तीय लेन-देन और विभागीय प्रक्रिया के विभिन्न पहलुओं को खंगाल रही है। जांच का मुख्य उद्देश्य भुगतान से संबंधित दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ना है।

पहले DPO ने दर्ज कराई थी प्राथमिकी

इस मामले में एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि शुरुआत में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी स्थापना शशि चंदन चौधरी ने ही संविदा ऑपरेटर अविनाश राज समेत अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी।

हालांकि, जांच आगे बढ़ने के साथ सरकारी राशि के भुगतान की प्रक्रिया में DPO की भूमिका से जुड़े बिंदु भी जांच के दायरे में आ गए हैं। इसी सिलसिले में DPO और संविदा ऑपरेटर से पूछताछ की जा रही है।

पुलिस यह स्पष्ट करने का प्रयास कर रही है कि भुगतान की प्रक्रिया में किस स्तर पर क्या कार्रवाई हुई और संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जिम्मेदारी क्या थी।

डिजिटल हस्ताक्षर और अंतिम अनुमोदन की जांच

जांच के दौरान सरकारी राशि के भुगतान के अंतिम अनुमोदन और डिजिटल हस्ताक्षर से जुड़े पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि भुगतान को किसने मंजूरी दी, डिजिटल हस्ताक्षर का इस्तेमाल किस प्रकार हुआ और भुगतान की प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुरूप थी या नहीं।

इसके साथ ही कथित फर्जी आईडी तैयार करने से लेकर सरकारी राशि जारी होने तक की पूरी प्रक्रिया की जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और संबंधित लोगों के बयान मामले की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

शिक्षा विभाग की निगरानी व्यवस्था पर उठे सवाल

करीब 98 लाख रुपये की कथित वित्तीय अनियमितता ने शिक्षा विभाग की आंतरिक निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि जांच में फर्जी आईडी के माध्यम से भुगतान की पुष्टि होती है, तो यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि विभागीय स्तर पर इस अनियमितता को समय रहते क्यों नहीं रोका जा सका।

सरकारी राशि के भुगतान में पारदर्शिता, सत्यापन और जिम्मेदारी तय करने की व्यवस्था की प्रभावशीलता भी इस मामले में जांच का महत्वपूर्ण पहलू है।

जांच के बाद स्पष्ट होगी पूरी तस्वीर

फिलहाल पुलिस दोनों से पूछताछ कर मामले की विभिन्न कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। जांच के आधार पर यह स्पष्ट करने का प्रयास किया जा रहा है कि कथित वित्तीय अनियमितता कैसे हुई और इसमें किन लोगों की क्या भूमिका रही।

हालांकि, मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने और उपलब्ध साक्ष्यों के मूल्यांकन के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल किसी भी व्यक्ति की भूमिका या दोष को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।

अब सबकी नजर पुलिस की जांच पर है। करीब 98 लाख रुपये की इस कथित वित्तीय अनियमितता में सरकारी राशि के भुगतान की पूरी प्रक्रिया और जिम्मेदार लोगों की भूमिका सामने आने के बाद ही मामले की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

अग्रसेन जयंती को लेकर भागलपुर जिला अग्रवाल सम्मेलन ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस, 11 अक्टूबर को देवी बाबू धर्मशाला में होगा भव्य आयोजन

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Bhagalpur News: महाराजा अग्रसेन की जयंती को लेकर भागलपुर में उत्साह का माहौल है। आगामी 11 अक्टूबर को शहर के देवी बाबू धर्मशाला में महाराजा अग्रसेन जयंती समारोह का आयोजन धूमधाम से किया जाएगा। इस ऐतिहासिक आयोजन को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। समारोह की रूपरेखा और कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी साझा करने के लिए बीती 8 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे श्री गौशाला प्रशाल, भागलपुर में एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में साझा की गई रूपरेखा

आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भागलपुर जिला अग्रवाल सम्मेलन के पदाधिकारियों ने मीडिया के माध्यम से समारोह से जुड़ी सभी आवश्यक जानकारियां साझा कीं। सम्मेलन की ओर से बताया गया कि 11 अक्टूबर को होने वाले इस मुख्य समारोह को पूरी तरह व्यवस्थित, भव्य और सफल बनाने के लिए रूपरेखा तैयार कर ली गई है। इसका मुख्य उद्देश्य समाज के अधिक से अधिक लोगों को जोड़कर इस उत्सव को एक यादगार स्वरूप देना है।

महाराजा अग्रसेन के आदर्शों को अपनाने का संदेश

आयोजकों ने बताया कि अग्रसेन जयंती का यह पावन पर्व महाराजा अग्रसेन के महान आदर्शों, सामाजिक एकता, आपसी भाईचारे और सेवा भावना को याद करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। महाराजा अग्रसेन को समाज में समानता, सहयोग और जनकल्याण की भावना को बढ़ावा देने वाले एक दूरदर्शी महापुरुष के रूप में स्मरण किया जाता है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से नई पीढ़ी और समाज के लोगों को एकजुट होने तथा उनके विचारों को जीवन में आत्मसात करने की प्रेरणा मिलती है।

सामाजिक एकजुटता पर जोर

भागलपुर जिला अग्रवाल सम्मेलन द्वारा आयोजित इस समारोह में समाज के सभी वर्गों की सक्रिय भागीदारी को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सम्मेलन का मूल उद्देश्य इन सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रमों के जरिए आपसी सौहार्द को मजबूत करना और महाराजा अग्रसेन के विचारों को जन-जन तक पहुंचाना है।

विक्रमशिला सेतु बंद: एसडीआरएफ की नाव पर गूंजी किलकारी, प्रसूता ने दिया बच्चे को जन्म

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Bhagalpur News: विक्रमशिला सेतु के बंद होने के बाद से भागलपुर और नवगछिया के बीच गंगा पार आवागमन करने वाले आम लोगों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। इस बीच शुक्रवार को एक चमत्कारी और राहत भरी घटना सामने आई, जहां एसडीआरएफ की नाव पर ही एक गर्भवती महिला ने स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। वहीं दूसरी ओर, प्रशासनिक पहल के जरिए एक 84 वर्षीय गंभीर रूप से बीमार बुजुर्ग को भी मोटरबोट के जरिए सुरक्षित गंगा पार कराया गया।

नाव पर शुरू हुई प्रसव पीड़ा और गूंजी किलकारी

पहली घटना इस्माइलपुर थाना क्षेत्र की है, जहां जयमंगल टोला निवासी संगीता देवी जाह्नवी चौक घाट से बियाडा घाट पहुंची थीं। घाट पर पहुंचते ही उन्हें अचानक तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। स्थिति को भांपते हुए वहां मौजूद मेडिकल टीम से तुरंत मदद मांगी गई। इसी बीच, एसडीआरएफ की नाव पर ही महिला ने एक नवजात को जन्म दिया। इस दौरान एक सुखद संयोग यह रहा कि नाव पर मौजूद तीन महिलाओं ने खुद को एएनएम बताते हुए तुरंत आगे बढ़कर सुरक्षित प्रसव में मदद की और नवजात की प्राथमिक जांच भी की। जज्बा और सतर्कता के कारण जच्चा और बच्चा दोनों सुरक्षित बताए जा रहे हैं।

84 वर्षीय बुजुर्ग को मोटरबोट से कराया गया गंगा पार

दूसरी घटना नवगछिया के खैरपुर कदवा से जुड़ी है। यहां रहने वाले 84 वर्षीय बुजुर्ग रामदास यादव की अचानक तबीयत गंभीर हो गई। विक्रमशिला सेतु बंद होने की वजह से उन्हें अस्पताल ले जाने में भारी परेशानी आ रही थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने त्वरित पहल की और एसडीआरएफ की मोटरबोट की व्यवस्था कर उन्हें सुरक्षित तरीके से गंगा पार कराया, जिससे समय पर उनका इलाज सुनिश्चित हो सका।

आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था पर उठे सवाल

विक्रमशिला सेतु के आवागमन के लिए बंद होने के बाद से गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और गंभीर मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने में हो रही इन दिक्कतों ने एक बार फिर नदी पार के इलाकों के लिए वैकल्पिक और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत को उजागर कर दिया है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से इस रूट पर चिकित्सा और परिवहन की पुख्ता व्यवस्था करने की मांग की है।

भागलपुर के पीरपैंती में अनियंत्रित स्कॉर्पियो का कहर: सीएनजी टेंपो और ट्रैक्टर को मारी जोरदार टक्कर, हादसे में चालक समेत 5 लोग घायल

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले के पीरपैंती थाना क्षेत्र में बीती रात रफ्तार का कहर देखने को मिला। रिफातपुर बासा के पास एक तेज रफ्तार और अनियंत्रित काले रंग की स्कॉर्पियो ने सड़क पर तबाही मचाते हुए पहले एक सीएनजी टेंपो और फिर ट्रैक्टर में जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण हादसे में टेंपो पर सवार लोगों समेत कुल पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

यह लोग हुए घायल

हादसे में घायल होने वालों की पहचान टेंपो चालक दिलीप कुमार ठाकुर के साथ-साथ रितेश कुमार, इरशाद अहमद, अकबर अंसारी और सागर कुमार के रूप में हुई है। सभी पीड़ित अचानक हुई इस टक्कर से बुरी तरह जख्मी हो गए।

पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से पहुंचे अस्पताल

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आया। एसआई ब्रजकिशोर चौधरी तुरंत पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थानीय लोगों और डायल 112 की टीम की सहायता से सभी घायलों को तुरंत पीरपैंती रेफरल अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उनका प्राथमिक उपचार किया।

हालांकि, घायलों में से दो लोगों की नाजुक स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए तुरंत भागलपुर मायागंज अस्पताल रेफर कर दिया है।

चालक मौके से फरार, पुलिस जांच जारी

दुर्घटना को अंजाम देने के बाद स्कॉर्पियो चालक अंधेरे का फायदा उठाकर अपनी गाड़ी वहीं छोड़कर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त स्कॉर्पियो को अपने कब्जे में ले लिया है और वाहन नंबर के आधार पर फरार चालक की तलाश में जुट गई है। इस घटना के बाद से इलाके में सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठ रही है।

भागलपुर में EOU की बड़ी कार्रवाई: एग्जीक्यूटिव इंजीनियर नारद कुमार दास के 5 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी

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आय से अधिक संपत्ति के मामले में आर्थिक अपराध इकाई की कार्रवाई, आवास समेत कई ठिकानों पर दस्तावेज और संपत्ति से जुड़े रिकॉर्ड खंगाल रही टीम

Crime News: आर्थिक अपराध के मामले में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने भागलपुर में बड़ी कार्रवाई शुरू की है। योजना एवं विकास विभाग में एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के पद पर कार्यरत नारद कुमार दास के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति से जुड़े मामले में EOU की टीम ने कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की है।

जानकारी के अनुसार, तिलकामांझी थाना क्षेत्र के हनुमान पथ मोहल्ले स्थित नारद कुमार दास के आवास पर भी EOU की टीम पहुंची है और जांच-पड़ताल कर रही है। बताया जा रहा है कि EOU की टीम ने एक साथ कुल पांच ठिकानों को जांच के दायरे में लिया है।

दस्तावेज और संपत्ति से जुड़े रिकॉर्ड की जांच

छापेमारी के दौरान EOU की टीम अधिकारियों से जुड़े विभिन्न दस्तावेजों, संपत्ति के कागजात और वित्तीय रिकॉर्ड की पड़ताल कर रही है। टीम का मुख्य फोकस आय के ज्ञात स्रोतों और कथित रूप से अर्जित संपत्ति के बीच किसी तरह के अंतर से जुड़े दस्तावेजों की जांच पर है।

नारद कुमार दास के बारे में बताया जा रहा है कि वे मुंगेर में योजना एवं विकास विभाग के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के पद पर कार्यरत हैं। उनके भागलपुर स्थित आवास समेत अन्य संबंधित ठिकानों पर भी टीम की कार्रवाई जारी है।

छापेमारी पूरी होने के बाद सामने आएगी तस्वीर

EOU की कार्रवाई के दौरान क्या-क्या दस्तावेज, संपत्ति से जुड़े कागजात या अन्य महत्वपूर्ण सामग्री मिली है, इसका आधिकारिक रूप से विस्तृत खुलासा फिलहाल नहीं किया गया है। छापेमारी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही जांच में सामने आए तथ्यों और संभावित बरामदगी की पूरी जानकारी स्पष्ट हो सकेगी।

आर्थिक अपराध इकाई की टीम फिलहाल सभी संबंधित रिकॉर्ड की बारीकी से जांच कर रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों और बरामद दस्तावेजों के आधार पर की जाएगी।

देशभर के युवाओं के लिए LIVE हुआ YellowDots Talent DPI: मुफ्त coaching, AI tutor और IIT Kharagpur का सर्टिफिकेट अब एक ही प्लेटफॉर्म पर

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गांधी जयंती पर शुरू हुई ऐतिहासिक पहल, PM Modi के 1 करोड़ युवाओं को AI स्किल्स से जोड़ने के विजन को मिलेगी रफ्तार; छोटे शहरों के छात्रों को मिलेगा दिल्ली जैसी तैयारी का मौका

New Delhi:  भारत के युवाओं को आधुनिक शिक्षा, AI स्किल्स और बेहतर करियर अवसरों से जोड़ने की दिशा में एक क्रांतिकारी शुरुआत हुई है। गाजियाबाद और विशाखापट्टनम में सफल पायलट प्रोजेक्ट के बाद अब ‘YellowDots’ नाम का Talent Digital Public Infrastructure (DPI) देशभर के छात्रों और युवाओं के लिए पूरी तरह LIVE कर दिया गया है।

इस महत्वाकांक्षी पहल का मुख्य उद्देश्य देश के किसी भी कोने—चाहे वह छोटा शहर हो या गांव—में रहने वाले युवा को वही अवसर प्रदान करना है, जो किसी बड़े महानगर के छात्र को मिलते हैं।

एक ही प्लेटफॉर्म पर मिलेंगी 3 बड़ी मुफ्त सुविधाएं

YellowDots प्लेटफॉर्म (https://yellowdots.ai/) के जरिए देश के युवाओं को तीन प्रमुख डिजिटल सेवाएं पूरी तरह मुफ्त (Free) उपलब्ध कराई जा रही हैं:

  1. फ्री कोचिंग (Free Coaching): प्रतियोगी परीक्षाओं (Competitive Exams) की तैयारी के लिए ‘Career Launcher’ की स्ट्रक्चर्ड एग्जाम प्रिपरेशन सामग्री बिना किसी शुल्क के उपलब्ध है।
  2. पर्सनल AI ट्यूटर (Personal AI Tutor): IIT खड़गपुर ने FERMI AI के सहयोग से ‘National Digital Library of India’ के माध्यम से वन-टू-वन लर्निंग सपोर्ट तैयार किया है। यह ट्यूटर हर छात्र की सीखने की क्षमता और गति के अनुसार खुद को ढाल लेता है।
  3. IIT खड़गपुर का AI सर्टिफिकेट (AI Proficiency Certificate): छात्रों को AI के क्षेत्र में जॉब-ओरिएंटेड क्रेडेंशियल देने के लिए IIT खड़गपुर द्वारा डिजाइन और प्रमाणित सर्टिफिकेट दिया जाएगा, जिसकी उद्योगों (Employers) में उच्च विश्वसनीयता होगी।

PM Modi के विजन को जमीन पर उतारने की दिशा में कदम

यह पहल 15 अगस्त 2026 को लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा रखे गए उस विजन के अनुरूप है, जिसमें Digital Public Infrastructure के जरिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग का विस्तार करने और एक साल में 1 करोड़ युवाओं को AI स्किल्स से जोड़ने का संकल्प लिया गया था।

इस प्रोजेक्ट को mySATHI Foundation, Career Launcher, FERMI और IIT खड़गपुर के कंसोर्टियम (Consortium) ने तैयार किया है, जिसे EkStep Foundation गाइड और शेप कर रहा है।

दिग्गजों ने कहा—’अब महत्वाकांक्षा की कीमत कोचिंग नहीं होगी’

  • R. Subrahmanyam (चेयरमैन, mySATHI Foundation व पूर्व उच्च शिक्षा सचिव):

    “महत्वाकांक्षा की कीमत कोचिंग नहीं होनी चाहिए। जब तैयारी, ट्यूटर और सर्टिफिकेट सभी के लिए मुफ्त हों, तो विजाग या गाजियाबाद का छात्र भी दिल्ली के छात्र के समान स्टार्टिंग लाइन से शुरुआत कर सकता है। यही पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर की असली भूमिका है।”

  • Prof. Partha Pratim Chakrabarti (IIT खड़गपुर):

    “AI Proficiency अब रोजगार पाने के लिए उतनी ही बुनियादी जरूरत बन गई है, जितनी पढ़ना-लिखना। हमने इस सर्टिफिकेट को अकादमिक कठोरता और कंपनियों के भरोसे को ध्यान में रखकर तैयार किया है, ताकि यह देश के हर जिले के छात्र तक पहुंच सके।”

  • Satya Narayanan R (संस्थापक व चेयरमैन, CL Educate):

    “आइडेंटिटी (Aadhaar) और पेमेंट्स (UPI) ने आम भारतीय का जीवन बदला, अब ‘टैलेंट’ वह तीसरी कड़ी है। तीन दशकों के कोचिंग अनुभव को ओपन पब्लिक प्लेटफॉर्म पर मुफ्त में उपलब्ध कराना बेहद सार्थक है।”

  • Gaurav Gupta (चीफ ग्रोथ ऑफिसर, EkStep Foundation):

    “भारत में टैलेंट को अवसरों से जोड़ने के बीच एक बड़ा डिजिटल गैप रहा है। ‘YellowDots’ के रूप में टैलेंट DPI का लाइव होना इस गैप को भरने की दिशा में एक बड़ा कदम है।”

स्कूल्स, कॉलेज और संस्थाएं भी कर सकती हैं इस्तेमाल

YellowDots की सभी सेवाएं हर नागरिक के लिए मुफ्त हैं। इसके अलावा स्कूल्स, कॉलेज, यूनिवर्सिटीज, एनजीओ (Non-profits) और कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) प्रोग्राम्स चलाने वाली संस्थाएं अपने छात्रों व लाभार्थियों के लिए इस प्लेटफॉर्म का सीधे उपयोग कर सकती हैं।

आने वाले समय में जिला प्रशासनों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर इस पहल का विस्तार जिला-दर-जिला स्तर पर किया जाएगा।