हर साल बाढ़ से तबाही, लाखों लोग प्रभावित; सामाजिक कार्यकर्ता ने नेपाल से आने वाली नदियों के जल प्रबंधन और तटबंधों की मजबूती को लेकर केंद्र से मांगा दीर्घकालिक समाधान
Bhagalpur News: बिहार में हर साल आने वाली बाढ़ और उससे होने वाली व्यापक तबाही के स्थायी समाधान की मांग अब केंद्रीय स्तर तक पहुंच गई है। भागलपुर के सामाजिक कार्यकर्ता सुरेश बुधिया ने गुजरात के सूरत में केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल से मुलाकात कर बिहार की बाढ़ की गंभीर समस्या को लेकर ठोस और दीर्घकालिक पहल करने का आग्रह किया।
मुलाकात के दौरान सुरेश बुधिया ने केंद्रीय मंत्री के समक्ष बिहार में प्रत्येक वर्ष बाढ़ के कारण उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों को विस्तार से रखा। उन्होंने कहा कि नेपाल से निकलकर भारत और विशेष रूप से बिहार से होकर गुजरने वाली कई नदियां बरसात के मौसम में विकराल रूप धारण कर लेती हैं। नदियों का जलस्तर बढ़ने के साथ ही राज्य के बड़े हिस्से में बाढ़ का खतरा पैदा हो जाता है।
बाढ़ से घर, खेत और सड़कें होती हैं प्रभावित
सुरेश बुधिया ने कहा कि बाढ़ का असर केवल लोगों के घरों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि बड़ी संख्या में खेत, सड़कें, पुल-पुलिया और अन्य बुनियादी सुविधाएं भी प्रभावित होती हैं। हर साल हजारों परिवारों को अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ता है। इससे लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी के साथ-साथ खेती और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी गंभीर असर पड़ता है।
उन्होंने कहा कि बिहार सरकार और स्थानीय प्रशासन की ओर से बाढ़ के दौरान राहत एवं बचाव कार्य चलाए जाते हैं। प्रभावित लोगों तक भोजन, नाव, चिकित्सा सुविधा और अन्य जरूरी सहायता पहुंचाने का प्रयास किया जाता है, लेकिन हर साल बाढ़ आने के बाद राहत पहुंचाना समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सकता।
नेपाल से आने वाली नदियों के जल प्रबंधन पर जोर
सुरेश बुधिया ने केंद्रीय जलशक्ति मंत्री से मांग की कि बिहार की बाढ़ समस्या के समाधान के लिए केंद्र और राज्य सरकार को मिलकर एक दीर्घकालिक और वैज्ञानिक कार्ययोजना तैयार करनी चाहिए। उन्होंने नेपाल से आने वाली नदियों के जल प्रबंधन को लेकर भी प्रभावी रणनीति बनाने की आवश्यकता बताई।
उन्होंने तटबंधों की नियमित निगरानी और मजबूती, नदियों की धारा के वैज्ञानिक प्रबंधन तथा बाढ़ नियंत्रण के लिए स्थायी आधारभूत संरचना विकसित करने की मांग रखी। उनका कहना है कि केवल बाढ़ के समय राहत कार्य करने के बजाय ऐसी व्यवस्था विकसित करने की जरूरत है, जिससे बाढ़ के खतरे और उसके नुकसान को पहले से कम किया जा सके।
केंद्रीय मंत्री ने दिया हर संभव प्रयास का भरोसा
मुलाकात के दौरान केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने सुरेश बुधिया की बातों को गंभीरता से सुना। उन्होंने बिहार की बाढ़ की समस्या को गंभीर विषय बताते हुए इसके समाधान के लिए हर संभव प्रयास करने का भरोसा दिलाया।
सुरेश बुधिया ने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार बिहार की बाढ़ समस्या को केवल आपदा के रूप में नहीं, बल्कि दीर्घकालिक जल प्रबंधन के विषय के तौर पर देखेगी। उन्होंने कहा कि अगर केंद्र और राज्य सरकार के स्तर पर समन्वित प्रयास किए जाएं तो बिहार को हर साल बाढ़ से होने वाले भारी नुकसान से काफी हद तक बचाया जा सकता है।
अब बड़ा सवाल यही है कि बिहार को हर साल बाढ़ और राहत की व्यवस्था के चक्र से कब स्थायी राहत मिलेगी? इसके लिए नदी प्रबंधन, तटबंध सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय जल सहयोग को लेकर प्रभावी और दीर्घकालिक नीति पर काम करना जरूरी होगा।


