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​’ऑपरेशन नारकोस’ के तहत मालदा रेल मंडल की बड़ी कामयाबी, ब्रह्मपुत्र मेल से 10.50 लाख की अफीम के साथ दो तस्कर गिरफ्तार

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भागलपुर/बड़हरवा: भारतीय रेल के जरिए होने वाली मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ रेलवे सुरक्षा बल (RPF) को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। पूर्व रेलवे के मालदा रेल मंडल की आरपीएफ टीम ने ‘ऑपरेशन नारकोस’ के तहत बड़हरवा रेलवे स्टेशन पर चेकिंग के दौरान ब्रह्मपुत्र मेल एक्सप्रेस से भारी मात्रा में संदिग्ध अफीम बरामद की है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत करीब 10.50 लाख रुपये आंकी जा रही है। मौके से दो संदिग्ध तस्करों को भी दबोचा गया है।

​यह पूरी कार्रवाई मालदा मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (DRM) श्री मनीष कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन और मंडल सुरक्षा आयुक्त (DSC) श्री आशिम कुमार कुल्लू के सीधे पर्यवेक्षण में अंजाम दी गई।

​गुप्त सूचना पर बड़हरवा स्टेशन पर बिछाया गया जाल

​रेलवे सुरक्षा बल को खुफिया जानकारी मिली थी कि ट्रेन के रास्ते मादक पदार्थों की एक बड़ी खेप ले जाई जा रही है। इस विशेष इनपुट के आधार पर RPF/CIB/मालदा और CDPS/मालदा की एक संयुक्त टीम का गठन किया गया। टीम ने बुधवार (20 मई 2026) को बड़हरवा रेलवे स्टेशन पर गाड़ी संख्या 15658 डाउन ब्रह्मपुत्र मेल के आते ही विशेष घेराबंदी और सघन चेकिंग अभियान शुरू किया।

​B-5 कोच में पसरा सन्नाटा, तलाशी में खुली पोल

​जब आरपीएफ की संयुक्त टीम ब्रह्मपुत्र मेल के थर्ड एसी कोच (कोच संख्या बी-5) में दाखिल हुई, तो यात्रियों की जांच के दौरान दो संदिग्ध व्यक्ति पुलिस की नजर में आ गए।

  • ​जब टीम ने उन्हें रोककर उनकी सघन तलाशी ली, तो उनके पास से दो पैकेट बरामद हुए।
  • ​इन पैकेटों को खोलने पर उसमें से 2.1 किलोग्राम संदिग्ध अफीम निकली।
  • ​बरामद अफीम की अनुमानित बाजार कीमत लगभग ₹10,50,000 बताई गई है।

​आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए GRPS को सौंपा

​आरपीएफ की टीम ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर बरामद अफीम को जब्त कर लिया है। कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद, दोनों तस्करों और जब्त मादक पदार्थ को आगे की कड़ी कानूनी कार्रवाई और एफआईआर दर्ज करने के लिए जीआरपीएस (GRPS) बड़हरवा को सुपुर्द कर दिया गया है। पुलिस अब तस्करों के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज खंगाल रही है कि यह खेप कहां से लाई गई थी और इसे कहां डिलीवर किया जाना था।

​आरपीएफ की मुस्तैदी: मालदा रेल मंडल की आरपीएफ द्वारा चलाया जा रहा ‘ऑपरेशन नारकोस’ लगातार नशा तस्करों की कमर तोड़ रहा है। रेलवे प्रशासन ने साफ किया है कि ट्रेनों या रेलवे परिसरों का इस्तेमाल अवैध गतिविधियों के लिए करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

भागलपुर-मुजफ्फरपुर जनसेवा और विक्रमशिला समेत कई ट्रेनों में सघन चेकिंग, वसूला ₹5.52 लाख जुर्माना

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भागलपुर/मालदा: रेलवे राजस्व की सुरक्षा सुनिश्चित करने और वैध टिकट लेकर चलने वाले यात्रियों के सफर को आरामदायक बनाने के लिए पूर्व रेलवे के मालदा मंडल ने एक बार फिर बड़ा कदम उठाया है। मालदा मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (DRM) श्री मनीष कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन में ट्रेनों में बिना टिकट और अनियमित यात्रा करने वालों के खिलाफ एक व्यापक और सघन टिकट जांच अभियान चलाया गया।

​इस विशेष अभियान के दौरान रेलवे ने सिर्फ एक दिन में बिना टिकट यात्रा करने वाले सैकड़ों यात्रियों को पकड़ा और उनसे लाखों रुपये का जुर्माना वसूला।

​वरिष्ठ अधिकारियों की देखरेख में चली छापेमारी

​वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक (Sr. DCM) मालदा, श्री कार्तिक सिंह के पर्यवेक्षण में बुधवार (20 मई 2026) को यह विशेष टिकट जांच अभियान चलाया गया। इस अभियान को सफल बनाने के लिए रेलवे के वाणिज्य विभाग (Commercial Department) के कर्मचारियों और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के जवानों ने संयुक्त रूप से मोर्चा संभाला।

​भागलपुर रूट की इन प्रमुख ट्रेनों में हुई सघन जांच

​जांच टीम ने इस रूट से गुजरने वाली कई वीआईपी और एक्सप्रेस ट्रेनों में अचानक चढ़कर टिकटों की जांच शुरू की, जिससे बिना टिकट यात्रा करने वाले यात्रियों में हड़कंप मच गया। मुख्य रूप से इन ट्रेनों में सघन चेकिंग की गई:

  • ​ट्रेन संख्या 13419 भागलपुर–मुजफ्फरपुर जनसेवा एक्सप्रेस
  • ​ट्रेन संख्या 12367 विक्रमशिला एक्सप्रेस
  • ​ट्रेन संख्या 13241 राजेंद्र नगर टर्मिनल इंटरसिटी एक्सप्रेस
  • ​ट्रेन संख्या 13409 मालदा–किउल इंटरसिटी एक्सप्रेस
  • ​ट्रेन संख्या 12254 अंग एक्सप्रेस व अन्य ट्रेनें।

​एक दिन में 608 मामले, ₹5.52 लाख से अधिक का जुर्माना

​रेलवे द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इस पूरे अभियान के दौरान बिना टिकट और अनियमित तरीके से यात्रा करने के कुल 608 मामले पकड़े गए। इन दोषी यात्रियों से जुर्माने के रूप में ₹5,52,165 (पांच लाख बावन हजार एक सौ साठ रुपये) का राजस्व वसूला गया, जिसे रेलवे ने एक उल्लेखनीय उपलब्धि बताया है।

​आगे भी जारी रहेगा अभियान, रेलवे की अपील

​रेलवे प्रशासन ने साफ कर दिया है कि वास्तविक और वैध यात्रियों को सफर में कोई असुविधा न हो और रेलवे के राजस्व को नुकसान न पहुंचे, इसके लिए आने वाले दिनों में भी ऐसे सघन जांच अभियान निरंतर जारी रहेंगे।

​भागलपुर पुलिस ने पूर्व विधायक के लापता बेटे को 24 घंटे में किया सकुशल बरामद, बरारी पुलिस की मुस्तैदी रंग लाई

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Bhagalpur News: भागलपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक बड़ी सफलता हासिल की है। बरारी थाना क्षेत्र से लापता हुए गोपालपुर विधानसभा के पूर्व विधायक नरेंद्र कुमार नीरज के पुत्र तरुण कुमार नीरज को पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज होने के महज़ 24 घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर लिया है। पुलिस ने यह कामयाबी तकनीकी इनपुट्स और सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद हासिल की।

​इस संबंध में वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) कार्यालय, भागलपुर द्वारा आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर पूरे मामले का खुलासा किया गया है।

​पूर्व विधायक ने दर्ज कराई थी शिकायत

​पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, दिनांक 19 मई 2026 को गोपालपुर के पूर्व विधायक नरेंद्र कुमार नीरज ने बरारी थाने में एक लिखित आवेदन दिया था। जिसमें उन्होंने बताया कि उनका पुत्र तरुण कुमार नीरज बीते 18 मई 2026 से बरारी थाना क्षेत्र से अचानक लापता (गुमशुदा) है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत बरारी थाना कांड सं०-118/26 दर्ज कर जांच शुरू की।

​SSP के निर्देश पर बनी स्पेशल टीम, ऐसे मिली सफलता

​मामला हाईप्रोफाइल होने और लापता युवक की सुरक्षा को देखते हुए SSP भागलपुर के निर्देशन में एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम की कमान पुलिस अधीक्षक नगर (City SP), अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) नगर-01 और बरारी थानाध्यक्ष को सौंपी गई।

​सीसीटीवी और तकनीकी सर्विलांस से मिला सुराग: > गठित टीम ने वैज्ञानिक अनुसंधान का सहारा लेते हुए इलाके के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाले और तकनीकी एवं मानवीय सूचनाओं को एक्टिव किया। इसके आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बरारी थाना क्षेत्र के ही हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी (मुसहरी टोला) से तरुण कुमार नीरज को सकुशल बरामद कर लिया। फिलहाल पुलिस इस मामले में अग्रिम पूछताछ और आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।

 

​इस जांबाज टीम को मिली कामयाबी (छापेमारी दल)

​इस केस को 24 घंटे में सुलझाने और सुरक्षित बरामदगी करने वाली टीम में बरारी थाने के ये पुलिस अधिकारी और जवान शामिल थे:

  1. ​पु०अ०नि० सह-थानाध्यक्ष विकास कुमार (बरारी थाना)
  2. ​पु०अ०नि० प्रणव प्रकाश ठाकुर (बरारी थाना)
  3. ​स०अ०नि० कुंदन पंजियारा (बरारी थाना)
  4. ​पी०टी०सी०/447 विकेश कुमार भगत (बरारी थाना)
  5. ​सि०/318 मंटू कुमार पंडित (बरारी थाना)

​भागलपुर में सनसनी: एक साथ गायब हुईं 5 मासूम बच्चियां, पुलिस ने जारी की तस्वीरें, सूचना देने वाले को मिलेगा ₹25,000 का इनाम

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Bhagalpur News: बिहार के भागलपुर जिले से एक बेहद हैरान और परेशान करने वाली खबर सामने आ रही है। नाथनगर थाना क्षेत्र के लालु चौक से बीते बुधवार (20 मई 2026) की देर रात एक साथ पांच लड़कियां संदिग्ध परिस्थितियों में लापता (गुमशुदा) हो गई हैं। इस घटना के बाद से इलाके में हड़कंप मच गया है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

​मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP), भागलपुर के कार्यालय द्वारा एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर आम जनता से मदद की अपील की गई है।

​गुमशुदा बच्चियों की पहचान

​पुलिस द्वारा जारी पोस्टर के अनुसार, लापता हुई पांचों बच्चियों के नाम इस प्रकार हैं:

  1. ​तेजस्वी कुमारी (01)
  2. ​पल्लवी कुमारी (02)
  3. ​सोनम कुमारी (03)
  4. ​गंगा कुमारी (04)
  5. ​श्वेता कुमारी (05)

​(नोट: पुलिस ने इनकी तस्वीरें भी जारी की हैं ताकि इन्हें पहचानने में आसानी हो सके।)

​सघन छापेमारी में जुटी पुलिस, इनाम का भी एलान

​विज्ञप्ति के अनुसार, बच्चियों की सुरक्षित बरामदगी के लिए वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) भागलपुर और पुलिस अधीक्षक नगर (City SP) के संयुक्त नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया है। पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं।

​₹25,000 का नकद इनाम: > पुलिस प्रशासन ने घोषणा की है कि जो भी व्यक्ति इन गुमशुदा लड़कियों के संबंध में कोई भी सटीक जानकारी या सुराग देगा, उसे 25,000 रुपये की नकद राशि से पुरस्कृत किया जाएगा। सूचना देने वाले की पहचान गुप्त रखी जा सकती है।

 

​मदद के लिए इन नंबरों पर तुरंत करें संपर्क

​यदि आपको इन बच्चियों के बारे में कोई भी जानकारी मिले, तो आप तुरंत नीचे दिए गए नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं:

  • ​परिजनों के संपर्क सूत्र: * 7644884274
    • ​6299062932
    • ​7209321008
    • ​7979090129
  • ​पुलिस हेल्पलाइन नंबर: * 9031827930
    • ​9031827961

​हमारी अपील:

​एक जागरूक नागरिक होने के नाते इस खबर को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें, ताकि ये मासूम बच्चियां जल्द से जल्द सही-सलामत अपने माता-पिता के पास पहुंच सकें। आपकी एक शेयर किसी की जिंदगी बचा सकती है।

‘सहयोग शिविर’ में प्रभारी मंत्री नितीश मिश्रा ने सुनीं जनता की समस्याएं, मौक़े पर हुआ कई मामलों का निपटारा

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले के सबौर प्रखंड अंतर्गत ममलखा पंचायत में मंगलवार का दिन आम जनता के लिए बेहद खास रहा। यहाँ आयोजित विशेष ‘सहयोग शिविर’ में बिहार सरकार के नगर विकास एवं आवास तथा सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के माननीय प्रभारी मंत्री श्री नितीश मिश्रा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। शिविर का मुख्य उद्देश्य सरकार और जनता के बीच की दूरी को मिटाना, मौके पर ही लोगों की समस्याओं का समाधान करना और सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ आम लोगों तक पहुँचाना था।

​अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे सरकारी योजनाओं का लाभ: मंत्री नितीश मिश्रा

​शिविर को संबोधित करते हुए प्रभारी मंत्री नितीश मिश्रा ने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि विकास की किरणें सिर्फ शहरों तक सीमित न रहें, बल्कि गांव और पंचायत के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने मंच से ही अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि जनता को अपने छोटे-छोटे कामों के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें, समस्याओं का त्वरित और ऑन-द-स्पॉट समाधान सुनिश्चित किया जाए। मंत्री ने खुद कई ग्रामीणों और फरियादियों से सीधा संवाद किया और उनकी मांगों के ज्ञापन लिए।

​सांसद, विधायक और प्रशासनिक अमला रहा मौजूद

​ममलखा पंचायत का यह शिविर राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण रहा। कार्यक्रम में भागलपुर के सांसद अजय मंडल, नाथनगर विधायक मिथुन यादव, जिलाधिकारी (DM) डॉ. नवल किशोर चौधरी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) हृदय कांत और उप विकास आयुक्त (DDC) प्रदीप कुमार सिंह सहित कई आला अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। सभी ने शिविर में लगे विभिन्न विभागों के स्टॉल का सघन निरीक्षण किया।

​अलग-अलग काउंटरों पर उमड़ी भीड़, मौके पर हुआ निपटारा

​ग्रामीणों की सहूलियत के लिए शिविर में विभिन्न सरकारी योजनाओं के अलग-अलग काउंटर बनाए गए थे। इनमें मुख्य रूप से:

  • ​स्वास्थ्य एवं आयुष्मान भारत योजना
  • ​प्रधानमंत्री आवास योजना एवं राशन कार्ड
  • ​सामाजिक सुरक्षा पेंशन एवं शिक्षा विभाग

​इन काउंटरों पर बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने अपनी शिकायतें दर्ज कराईं। अधिकारियों ने सक्रियता दिखाते हुए कई मामलों का मौके पर ही निष्पादन कर दिया, जिससे लोगों के चेहरे खिल उठे।

​फरियादियों की जुबानी: “शिविर में पहुंचे स्थानीय फरियादी अशोक मंडल और नीरज मल्होत्रा ने बताया कि गांव के चौपाल पर जब खुद मंत्री, सांसद और कलेक्टर साहब मौजूद हों, तो अपनी बात रखना आसान हो जाता है। ऐसी पहल हर पंचायत में होनी चाहिए।”

 

​बाकी बची समस्याओं पर जल्द कार्रवाई का आश्वासन

​शिविर के समापन पर जिला प्रशासन की ओर से आश्वस्त किया गया कि जिन शिकायतों का तकनीकी कारणों से तुरंत समाधान संभव नहीं हो सका है, उन्हें चिन्हित कर लिया गया है। उन सभी आवेदनों पर संबंधित विभाग के अधिकारी जल्द से जल्द प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करेंगे। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने इस पहल को जनता और प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया।

भागलपुर में अतिक्रमण पर चला प्रशासन का डंडा, लोहिया पुल के नीचे हटाई गईं अस्थायी दुकानें

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Bhagalpur News: भागलपुर शहर की यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने और सरकारी संपत्तियों को सुरक्षित रखने के लिए प्रशासनिक स्तर पर सख्ती शुरू हो गई है। इसी कड़ी में भागलपुर नगर निगम और पथ निर्माण विभाग की संयुक्त टीम ने शहर के बेहद व्यस्तम इलाके लोहिया पुल के नीचे बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। इस कार्रवाई के दौरान सड़क किनारे और पुल के नीचे अवैध रूप से सजी अस्थायी दुकानों को पूरी तरह हटा दिया गया, जिससे दुकानदारों में हड़कंप मच गया।

​सब्जी और फल विक्रेताओं पर गिरा गाज, इलाके में मची हलचल

​नगर निगम और पथ निर्माण विभाग के अधिकारी जैसे ही दलबल के साथ लोहिया पुल के नीचे पहुंचे, वहां अवैध रूप से दुकान लगा रहे दुकानदारों के बीच अफरा-तफरी मच गई। इस अभियान के तहत खासकर सड़क और पुल के नीचे पैर पसारे सब्जी और फल विक्रेताओं को तत्काल वहां से हटने का कड़ा निर्देश दिया गया। देखते ही देखते टीम ने पूरी जगह को खाली करा लिया। इस दौरान कुछ दुकानदारों और अधिकारियों के बीच मामूली बहस भी देखने को मिली, लेकिन पुलिस बल की मौजूदगी के कारण किसी की एक न चली।

​पुल की सुरक्षा और तकनीकी जांच में बन रहा था रोड़ा

​इस अचानक हुई कार्रवाई की मुख्य वजह सामने आ गई है। मौके पर मौजूद पथ निर्माण विभाग के जूनियर इंजीनियर (JE) ने बताया कि लोहिया पुल के नीचे बड़े पैमाने पर अतिक्रमण होने की वजह से विभाग को पुल की जरूरी तकनीकी जांच और सुरक्षा निरीक्षण (Technical Inspection) करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। पुल की सेहत और सुरक्षा की जांच में कोई बाधा न आए, इसी को ध्यान में रखते हुए इस पूरे इलाके को तत्काल प्रभाव से खाली कराने का फैसला लिया गया।

​अधिकारियों का रुख: “लोहिया पुल शहर की लाइफलाइन है। इसकी सुरक्षा और समय-समय पर तकनीकी निरीक्षण बेहद जरूरी है, जिसमें यह अतिक्रमण सबसे बड़ी बाधा बना हुआ था।”

 

​दुबारा दुकान लगाने पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई

​अतिक्रमण हटाने के बाद नगर निगम की टीम ने सभी दुकानदारों को कड़ी चेतावनी दी है। अधिकारियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि सड़क किनारे या पुल के नीचे दोबारा दुकानें सजाई गईं, तो न सिर्फ सामान जब्त किया जाएगा बल्कि भारी जुर्माना भी वसूला जाएगा। नगर निगम ने दुकानदारों से अपील की है कि वे शहर को साफ-सुथरा और अतिक्रमण मुक्त रखने में प्रशासन का सहयोग करें।

​आगे भी जारी रहेगा नगर निगम का ‘हंटर’

​प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, यह कोई एक दिन की कार्रवाई नहीं है। भागलपुर शहर को जाम और अतिक्रमण की समस्या से निजात दिलाने के लिए आने वाले दिनों में भी इस तरह का अभियान लगातार जारी रहेगा। लोहिया पुल के बाद शहर के अन्य प्रमुख बाजारों और चौराहों को भी चिन्हित किया जा रहा है, जहां सड़कों को जाम कर दुकानें चलाई जा रही हैं।

बच्चे के गले से सोने की चेन झपटकर भाग रहा स्नैचर, जांबाज मां ने खदेड़कर पकड़ा; जमकर कुटाई

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Bhagalpur News: भागलपुर के बीच शहर में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं, लेकिन मंगलवार को एक बहादुर मां की मुस्तैदी और जनता के आक्रोश के आगे एक शातिर झपटमार की चालाकी धरी की धरी रह गई। शहर के व्यस्तम लोहिया पुल पर दिनदहाड़े एक स्नैचर ने मासूम बच्चे के गले से सोने की चेन और लॉकेट झपट लिया। हालांकि, महिला की जांबाजी के कारण आरोपी को मौके पर ही दबोच लिया गया।

​मासूम के गले पर मारा झपट्टा और भागने लगा बदमाश

​प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पीड़ित महिला अपने मासूम बच्चे के साथ लोहिया पुल से गुजर रही थी। इसी दौरान घात लगाए बैठे एक शातिर झपटमार ने अचानक बच्चे को निशाना बनाया और उसके गले से सोने की चेन व कीमती लॉकेट झपटकर तेजी से भीड़ का फायदा उठाकर भागने लगा। अचानक हुई इस वारदात से बच्चा सहम गया।

​बहादुर मां ने नहीं खोया हौसला, शोर मचाते हुए तस्कर के पीछे लगाई दौड़

​आमतौर पर ऐसी घटनाओं में लोग सहम जाते हैं, लेकिन बच्चे की मां ने गजब की बहादुरी और सूझबूझ दिखाई। उन्होंने बिना वक्त गंवाए जोर-जोर से ‘चोर-चोर’ का शोर मचाना शुरू कर दिया और खुद भाग रहे बदमाश के पीछे दौड़ लगा दी। महिला को पीछा करते और शोर मचाते देख पुल पर मौजूद स्थानीय लोग, राहगीर और दुकानदार भी तुरंत एक्शन में आ गए।

​भीड़ ने घेराबंदी कर दबोचा, बीच सड़क पर हुई ‘सूत’ (पिटाई)

​भाग रहे झपटमार को चारों तरफ से जनता ने घेर लिया और लोहिया पुल पर ही उसे दबोच लिया गया। दिनदहाड़े महिला और बच्चे के साथ हुई इस वारदात से स्थानीय लोगों का गुस्सा भड़क उठा। उग्र भीड़ ने कानून हाथ में लेते हुए आरोपी की बीच सड़क पर ही जमकर धुनाई (ऑन द स्पॉट फैसला) कर दी।

​चश्मदीदों का बयान: “अगर महिला तुरंत हिम्मत दिखाकर शोर नहीं मचाती, तो पुल की भीड़ में अपराधी आसानी से गायब हो जाता। महिला की बहादुरी तारीफ के काबिल है।”

 

​डायल 112 की टीम ने भीड़ से छुड़ाया, मारूफचक का निकला आरोपी

​लोहिया पुल पर मचे बवाल और मारपीट की सूचना मिलते ही इमरजेंसी रिस्पॉन्स सपोर्ट सिस्टम (डायल 112) की पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने उग्र भीड़ के चंगुल से लहूलुहान आरोपी को बचाया और हिरासत में लेकर थाने ले आई।

​पूछताछ में पकड़े गए आरोपी ने अपना नाम बंटी कुमार बताया है, जो शहर के ही मारूफचक इलाके का रहने वाला है।

​नशे की लत पूरी करने के लिए बना ‘झपटमार’

​पुलिस की शुरुआती जांच और स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी बंटी कुमार गंभीर रूप से स्मैक और अन्य नशीले पदार्थों का आदी है। अपने महंगे नशे की लत और खुराकी को पूरा करने के लिए वह शहर के अलग-अलग इलाकों में राहगीरों, महिलाओं और बच्चों को निशाना बनाकर झपटमारी (स्नैचिंग) की घटनाओं को अंजाम देता था।

​फिलहाल, पुलिस आरोपी बंटी से कड़ाई से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने शहर में और कितनी वारदातों को अंजाम दिया है। कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेजने की तैयारी की जा रही है।

नाथनगर में ट्रेन की चपेट में आया युवक, सिर में गंभीर चोट और हाथ टूटा; मायागंज अस्पताल रेफर

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Bhagalpur News: भागलपुर के नाथनगर रेलवे स्टेशन के पश्चिमी केबिन के समीप मंगलवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहाँ मुंगेर जाने के लिए ट्रेन पकड़ने जा रहे एक युवक तेज रफ्तार मालगाड़ी की चपेट में आ गया। ट्रेन के धक्के से युवक गंभीर रूप से जख्मी हो गया है। स्थानीय लोगों की मदद से आनन-फानन में एम्बुलेंस बुलाकर उसे अस्पताल भेजा गया, जहां उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है।

​तेज रफ्तार मालगाड़ी की चपेट में आने से हुआ हादसा

​प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के अनुसार, सुल्तानगंज की ओर से एक मालगाड़ी बेहद तेज रफ्तार में भागलपुर की तरफ जा रही थी। इसी दौरान नाथनगर पश्चिमी केबिन के पास ट्रैक पार करने या ट्रेन पकड़ने की जल्दीबाजी में एक युवक अचानक उसकी चपेट में आ गया। मालगाड़ी का धक्का लगते ही युवक दूर जा गिरा, जिससे घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई।

​सिर पर गंभीर चोट, दाहिना हाथ टूटा; मायागंज रेफर

​ट्रेन की टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि युवक के सिर में गंभीर चोटें आई हैं और उसका दाहिना हाथ भी टूट गया है। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय समाजसेवियों और राहगीरों ने तत्परता दिखाते हुए 102 एम्बुलेंस को कॉल किया। घायल को तुरंत नाथनगर रेफरल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी नाजुक हालत को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए भागलपुर के मायागंज (JLNMCH) अस्पताल रेफर कर दिया।

​चश्मदीदों का कहना: “मालगाड़ी की रफ्तार बहुत तेज थी। युवक को संभलने का मौका नहीं मिला। गनीमत रही कि स्थानीय लोगों ने तुरंत एम्बुलेंस बुलाकर उसे अस्पताल पहुंचाया।”

 

​नानी के जनाजे में शामिल होने जा रहा था परिवार, स्टेशन पर कटी थी टिकट

​घटना की सूचना मिलते ही घायल युवक के परिजन अस्पताल पहुंचे। घायल युवक की पहचान मोहम्मद आरजू के रूप में हुई है। अस्पताल में बदहवास हालत में मिले युवक के पिता मोहम्मद नौशाद ने रोते हुए बताया कि उनकी सास (आरजू की नानी) का मुंगेर में देहांत हो गया था। पूरा परिवार उन्हीं के जनाजे और अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए मुंगेर जा रहा था। परिवार के सभी लोग नाथनगर स्टेशन पर मौजूद थे और उन्होंने यात्रा के लिए टिकट भी खरीद लिया था।

​भीड़ देखकर पहुंचे पिता, तो एम्बुलेंस में लहूलुहान मिला बेटा

​मोहम्मद नौशाद ने बताया कि वे लोग ट्रेन का इंतजार कर रहे थे, तभी अचानक पश्चिमी केबिन के पास लोगों की भारी भीड़ जुट गई और शोर होने लगा। जब वे अनहोनी की आशंका के बीच भीड़ की तरफ दौड़कर पहुंचे, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। उन्होंने देखा कि उनका बेटा मोहम्मद आरजू लहूलुहान हालत में एम्बुलेंस के भीतर था और उसे अस्पताल ले जाया जा रहा था। इस हादसे के बाद मुंगेर जा रहे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

जगदीशपुर में 1122 लीटर विदेशी शराब जब्त, धनबाद से सहरसा जा रही खेप के साथ 2 तस्कर गिरफ्तार

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Bhagalpur News: बिहार में पूर्ण शराबबंदी को ठेंगा दिखाकर झारखंड से तस्करी करने वाले नेटवर्क पर भागलपुर पुलिस ने कड़ा प्रहार किया है। मंगलवार को जगदीशपुर थाना पुलिस ने संहोला मोड़ के पास एक गुप्त सूचना के आधार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए एक पिकअप वैन से भारी मात्रा में विदेशी शराब बरामद की है। पुलिस ने मौके से दो अंतरराज्यीय शराब तस्करों को भी दबोचने में सफलता हासिल की है।

​गुप्त सूचना पर संहोला मोड़ के पास बिछाया गया जाल

​थानाध्यक्ष रामचंद्र सिंह को गुप्त सूचना मिली थी कि झारखंड के रास्ते शराब की एक बड़ी खेप बिहार में खपाने के लिए ले जाई जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए संहोला मोड़ के पास सघन वाहन चेकिंग अभियान शुरू किया। इसी दौरान एक संदिग्ध पिकअप वैन को रुकने का इशारा किया गया। पुलिस को देखकर चालक ने भागने का प्रयास किया, लेकिन चौकस जवानों ने घेराबंदी कर गाड़ी को रोक लिया।

​पिकअप की तलाशी में मिले 90 कार्टून, 1122 लीटर शराब बरामद

​जब पुलिस टीम ने जब्त पिकअप वैन के डाले की तलाशी ली, तो अधिकारी भी हैरान रह गए। गाड़ी के भीतर शातिर तरीके से छिपाकर रखे गए कुल 90 कार्टून बरामद हुए। इन सभी कार्टूनों को खोलने पर भारी मात्रा में विदेशी शराब की बोतलें मिलीं। पुलिस के अनुसार, जब्त की गई शराब की कुल मात्रा लगभग 1122 लीटर आंकी गई है, जिसकी बाजार में कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है।

​बड़ी कामयाबी: “पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए न सिर्फ 1122 लीटर विदेशी शराब जब्त की, बल्कि तस्करी में इस्तेमाल हो रही पिकअप वैन को भी अपने कब्जे में ले लिया है।”

 

​पूछताछ में बड़ा खुलासा: धनबाद से लोड होकर सहरसा जा रही थी खेप

​मामले की जानकारी देते हुए जगदीशपुर थानाध्यक्ष रामचंद्र सिंह ने बताया कि गिरफ्तार किए गए दोनों तस्करों से कड़ाई से पूछताछ की गई है। पूछताछ में तस्करों ने कबूल किया कि वे इस अवैध खेप को झारखंड के धनबाद से लोड करके लाए थे। शराब की इस बड़ी खेप को बिहार के सहरसा जिले में किसी बड़े सिंडिकेट को सप्लाई किया जाना था, लेकिन भागलपुर में ही पुलिस ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया।

​बिहार उत्पाद अधिनियम के तहत केस दर्ज, भेजे जाएंगे जेल

​पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ बिहार उत्पाद अधिनियम (Bihar Prohibition and Excise Act) की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। थानाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि कागजी और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जा रहा है।

​तस्करी नेटवर्क को खंगालने में जुटी पुलिस

​इस कार्रवाई के बाद पुलिस अब सहरसा और धनबाद के उन सफेदपोशों और मुख्य माफियाओं की तलाश में जुट गई है, जो इस पूरे नेटवर्क को ऑपरेट कर रहे थे। पुलिस तस्करों के मोबाइल सीडीआर (Call Detail Record) के जरिए स्थानीय संपर्कों को भी खंगाल रही है, ताकि इस रैकेट की पूरी कड़ियों को नेस्तनाबूद किया जा सके।

​यह घटना दर्शाती है कि कड़ाई के बावजूद तस्कर नए-नए रूटों का इस्तेमाल कर बिहार में शराब पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन भागलपुर पुलिस की मुस्तैदी ने एक बार फिर उनके नेटवर्क को तोड़ दिया है।

रिपोर्ट- वीरेंद्र कुमार रॉय 

बीच गंगा में खराब हुआ यात्रियों से भरी नाव का इंजन, SDRF ने सभी का किया सुरक्षित रेस्क्यू

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Bhagalpur News: भागलपुर में बीच गंगा नदी में रविवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। महादेवपुर गंगा घाट से यात्रियों को लेकर भागलपुर के बरारी गंगा घाट आ रही एक सवारी नाव का इंजन बीच धारा में अचानक खराब हो गया। नाव बंद होते ही तेज बहाव के बीच नाव पर सवार दर्जनों यात्रियों में चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि, सूचना मिलते ही राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी यात्रियों को सुरक्षित बचा लिया।

​बीच धारा में बंद हुआ इंजन, यात्रियों में मचा हड़कंप

​प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, नाव महादेवपुर घाट से खुली थी और क्षमता के अनुसार यात्री उस पर सवार थे। जैसे ही नाव गंगा की मुख्य और तेज धारा के बीच पहुंची, अचानक उसका इंजन फेल हो गया। नाविक ने इंजन को दोबारा शुरू करने का काफी प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद नाव पानी के तेज बहाव के साथ अनियंत्रित होकर बहने लगी। नाव को फंसता देख उस पर मौजूद महिलाएं, बच्चे और अन्य यात्री घबरा गए और मदद के लिए चिल्लाने लगे।

​SDRF की टीम बनी देवदूत, मुस्तैदी से बची सबकी जान

​गंगा घाट पर तैनात और गश्त कर रही एसडीआरएफ (SDRF) की टीम को जैसे ही बीच धारा में नाव फंसने और यात्रियों के संकट में होने की सूचना मिली, टीम तुरंत अपनी मोटर बोट के साथ रेस्क्यू के लिए रवाना हो गई।

​SDRF के जवानों ने बेहद पेशेवर तरीके से विपरीत परिस्थितियों में काम करते हुए सबसे पहले घबराए हुए यात्रियों को ढांढस बंधाया। इसके बाद टीम ने तत्परता दिखाते हुए सभी यात्रियों को एक-एक कर सुरक्षित निकाला और खराब हुई नाव को खींचकर बरारी घाट के किनारे तक पहुंचाया। राहत की सबसे बड़ी बात यह रही कि इस पूरे घटनाक्रम में कोई हताहत नहीं हुआ और सभी ने राहत की सांस ली।

​विक्रमशिला सेतु क्षतिग्रस्त होने के बाद बढ़ा नावों पर दबाव

​गौरतलब है कि पिछले दिनों विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने और तकनीकी निरीक्षण के चलते पुल पर बड़े वाहनों के परिचालन और आवागमन पर असर पड़ा है। इसके बाद से ही भागलपुर और नवगछिया-कटिहार की तरफ आने-जाने वाले लोगों के लिए गंगा पार करने का एकमात्र और मुख्य सहारा नाव ही बनी हुई है।

​पुल प्रभावित होने के कारण गंगा घाटों पर अचानक यात्रियों की संख्या में भारी इजाफा हुआ है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन और नाव संचालकों की सुरक्षा तैयारियों पर भी सवाल उठ रहे हैं कि आखिर बिना फिटनेस जांच और आपातकालीन बैकअप के यात्रियों से भरी नावें बीच गंगा में कैसे चल रही हैं।