Bhagalpur News: भागलपुर में बीच गंगा नदी में रविवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। महादेवपुर गंगा घाट से यात्रियों को लेकर भागलपुर के बरारी गंगा घाट आ रही एक सवारी नाव का इंजन बीच धारा में अचानक खराब हो गया। नाव बंद होते ही तेज बहाव के बीच नाव पर सवार दर्जनों यात्रियों में चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि, सूचना मिलते ही राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी यात्रियों को सुरक्षित बचा लिया।
बीच धारा में बंद हुआ इंजन, यात्रियों में मचा हड़कंप
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, नाव महादेवपुर घाट से खुली थी और क्षमता के अनुसार यात्री उस पर सवार थे। जैसे ही नाव गंगा की मुख्य और तेज धारा के बीच पहुंची, अचानक उसका इंजन फेल हो गया। नाविक ने इंजन को दोबारा शुरू करने का काफी प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद नाव पानी के तेज बहाव के साथ अनियंत्रित होकर बहने लगी। नाव को फंसता देख उस पर मौजूद महिलाएं, बच्चे और अन्य यात्री घबरा गए और मदद के लिए चिल्लाने लगे।
SDRF की टीम बनी देवदूत, मुस्तैदी से बची सबकी जान
गंगा घाट पर तैनात और गश्त कर रही एसडीआरएफ (SDRF) की टीम को जैसे ही बीच धारा में नाव फंसने और यात्रियों के संकट में होने की सूचना मिली, टीम तुरंत अपनी मोटर बोट के साथ रेस्क्यू के लिए रवाना हो गई।
SDRF के जवानों ने बेहद पेशेवर तरीके से विपरीत परिस्थितियों में काम करते हुए सबसे पहले घबराए हुए यात्रियों को ढांढस बंधाया। इसके बाद टीम ने तत्परता दिखाते हुए सभी यात्रियों को एक-एक कर सुरक्षित निकाला और खराब हुई नाव को खींचकर बरारी घाट के किनारे तक पहुंचाया। राहत की सबसे बड़ी बात यह रही कि इस पूरे घटनाक्रम में कोई हताहत नहीं हुआ और सभी ने राहत की सांस ली।
विक्रमशिला सेतु क्षतिग्रस्त होने के बाद बढ़ा नावों पर दबाव
गौरतलब है कि पिछले दिनों विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने और तकनीकी निरीक्षण के चलते पुल पर बड़े वाहनों के परिचालन और आवागमन पर असर पड़ा है। इसके बाद से ही भागलपुर और नवगछिया-कटिहार की तरफ आने-जाने वाले लोगों के लिए गंगा पार करने का एकमात्र और मुख्य सहारा नाव ही बनी हुई है।
पुल प्रभावित होने के कारण गंगा घाटों पर अचानक यात्रियों की संख्या में भारी इजाफा हुआ है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन और नाव संचालकों की सुरक्षा तैयारियों पर भी सवाल उठ रहे हैं कि आखिर बिना फिटनेस जांच और आपातकालीन बैकअप के यात्रियों से भरी नावें बीच गंगा में कैसे चल रही हैं।


