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DM की पहल पर हेलीकॉप्टर से पहुंचे बिजली विभाग के MD राहुल कुमार, युद्ध स्तर पर बहाली के निर्देश

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Bhagalpur News: बीते 25 मई की देर रात आए भीषण चक्रवात और उसके बाद 26 मई की रात हुई तेज बारिश और आंधी ने भागलपुर जिले की बिजली व्यवस्था को पूरी तरह से तहस-नहस कर दिया है। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक बिजली आपूर्ति ठप होने से मचे हाहाकार के बीच जिला प्रशासन और बिजली विभाग पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। बिजली की जल्द से जल्द पुनर्स्थापना (Restoration) को लेकर आज सुबह ही जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने बिहार बिजली विभाग के प्रबंध निदेशक (MD) राहुल कुमार से फोन पर विशेष अनुरोध किया था।

​DM के अनुरोध पर तुरंत भागलपुर पहुंचे MD राहुल कुमार

​जिलाधिकारी के साथ हुई उच्चस्तरीय वार्ता के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए बिजली विभाग के प्रबंध निदेशक  राहुल कुमार आज सुबह ही हेलीकॉप्टर से मुख्य अभियंता (विद्युत) और अपनी तकनीकी टीम के साथ सीधे भागलपुर पहुंचे। भागलपुर पहुंचते ही उन्होंने कमान संभाली और स्थिति की समीक्षा के लिए एक आपात बैठक बुलाई।

​तीन डिवीजनों की हुई समीक्षा, तीनों कार्यपालक अभियंताओं को कड़े निर्देश

​प्रबंध निदेशक राहुल कुमार और जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी की मौजूदगी में हुई इस उच्चस्तरीय बैठक में भागलपुर के अधीक्षण अभियंता (Superintending Engineer) और तीनों कार्यपालक अभियंताओं (Executive Engineers) ने हिस्सा लिया। बैठक के दौरान भागलपुर, कहलगांव और नवगछिया डिवीजन में चक्रवात से हुए नुकसान और वर्तमान बिजली आपूर्ति की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई।

​MD राहुल कुमार ने स्थिति का जायजा लेने के बाद भागलपुर के तीनों कार्यपालक अभियंताओं को सख्त और स्पष्ट निर्देश दिए कि:

  • ​जिन इलाकों में अभी तक बिजली आपूर्ति चालू नहीं हो पाई है, वहां अतिरिक्त मैनपावर लगाकर काम में तेजी लाई जाए।
  • ​आंधी-तूफान के कारण गिरे खंभों और टूटे तारों को युद्ध स्तर पर ठीक कर शीघ्र अति शीघ्र बिजली बहाल की जाए।
  • ​प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों का ध्यान रखते हुए काम को जल्द से जल्द पूरा किया जाए ताकि आम जनता को राहत मिल सके।

​प्रशासन और विभाग की पैनी नजर

​संयुक्त निदेशक (जन सम्पर्क, भागलपुर प्रमण्डल) द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, जिला प्रशासन और विद्युत विभाग की संयुक्त टीमें ग्राउंड पर लगातार काम कर रही हैं। जिलाधिकारी खुद पल-पल की मॉनिटरिंग कर रहे हैं ताकि जिले के उपभोक्ताओं को इस भीषण संकट से निजात दिलाई जा सके।

चक्रवाती तूफान का कहर: बिजली गुल, पानी की त्राहिमाम के बीच ‘देवदूत’ बने जदयू नेता सुड्डू साईं, पटेल नगर आवास पर उमड़ी भीड़

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Bhagalpur News: भागलपुर में आए भयानक चक्रवाती तूफान ने आम जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। तूफान के कारण पिछले दो दिनों से इलाके की बिजली व्यवस्था पूरी तरह से ठप है, जिसके कारण जलापूर्ति (Water Supply) बंद हो गई है। भयंकर गर्मी और उमस के बीच पानी की एक-एक बूंद के लिए हाहाकार और त्राहिमाम मचा हुआ है। संकट की इस घड़ी में वरिष्ठ जदयू (JDU) नेता सुड्डू साईं क्षेत्रवासियों के लिए ‘संकटमोचक’ बनकर सामने आए हैं।

​संकट की घड़ी में जनता के साथ खड़े हुए सुड्डू साईं

​जैसे ही चक्रवात के कारण पानी का संकट गहराया, वरिष्ठ जदयू नेता सुड्डू साईं ने बिना समय गंवाए राहत कार्य शुरू कर दिया। उन्होंने सिकंदरपुर पटेल नगर स्थित अपने निजी आवास को एक ‘जल सेवा केंद्र’ में बदल दिया है। यहाँ सुबह से ही जनरेटर और निजी संसाधनों की मदद से पानी का इंतजाम किया जा रहा है, ताकि क्षेत्र के किसी भी नागरिक को प्यासा न रहना पड़े।

​पटेल नगर आवास पर उमड़ा जनसैलाब

​पानी की किल्लत से जूझ रहे पटेल नगर और आस-पास के सैकड़ों क्षेत्रवासी बाल्टी, डिब्बे और बोतलें लेकर सुड्डू साईं के आवास पर पहुँच रहे हैं। सुड्डू साईं खुद खड़े होकर अपनी देखरेख में सोशल डिस्टेंसिंग और सुचारू व्यवस्था के साथ सभी को पानी वितरित करवा रहे हैं।

​“जनता की सेवा ही हमारा सबसे पहला धर्म है। इस चक्रवाती तूफान की आपदा में जब पूरा क्षेत्र पानी के संकट से जूझ रहा है, तब हम मूकदर्शक बनकर नहीं बैठ सकते। मेरे आवास के दरवाजे क्षेत्र की सम्मानित जनता के लिए २४ घंटे खुले हैं और जब तक स्थिति सामान्य नहीं होती, यह जल सेवा लगातार जारी रहेगी।”

— सुड्डू साईं, वरिष्ठ जदयू नेता

 

​क्षेत्रवासियों ने जताया आभार

​पानी लेने आए स्थानीय निवासियों ने जदयू नेता की इस त्वरित और निस्वार्थ पहल की जमकर सराहना की। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब प्रशासन की ओर से कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं दिख रही थी, तब सुड्डू साईं ने आगे बढ़कर हमारी सुध ली। इस संकट काल में उनकी यह जल सेवा किसी संजीवनी से कम नहीं है।

भागलपुर में कुदरत का खौफनाक तांडव: भीषण आंधी-तूफान ने ली एक की जान, दो बेटियां गंभीर; करोड़ों के नुकसान से जनजीवन ठप

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले में देर रात आई विनाशकारी आंधी और चक्रवाती तूफान ने ऐसी तबाही मचाई है कि देखकर लोग सहम उठे हैं। तेज हवाओं के इस तांडव में जहां करोड़ों रुपये की संपत्ति के नुकसान की आशंका है, वहीं इस आपदा ने एक गरीब परिवार को कभी न भूलने वाला जख्म दिया है। बड़ी खंजरपुर स्थित झोपड़पट्टी में पेड़ और मलबा गिरने से एक शख्स की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उसकी दो मासूम बेटियां जिंदगी और मौत की जंग लड़ रही हैं।

​ झोपड़पट्टी पर गिरा कहर: पिता की मौत, दो मासूम बेटियां अस्पताल में भर्ती

​यह आंधी कई परिवारों के लिए काल बनकर आई। बड़ी खंजरपुर इलाके में स्थित एक झोपड़पट्टी में रहने वाले नकुल के आशियाने पर कुदरत का कहर टूटा।

    • ​तेज आंधी के कारण हुए हादसे में नकुल की मौके पर ही मौत हो गई।
    • ​इस घटना में नकुल की दो छोटी-छोटी बेटियां गंभीर रूप से घायल हो गईं।
    • ​आनन-फानन में स्थानीय लोगों की मदद से दोनों बच्चियों को मायागंज अस्पताल (JLNCH) में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई है।

​मृतक नकुल के पिता भोला यादव का रोते हुए बयान:

“रात में अचानक आई तेज आंधी ने सब कुछ खत्म कर दिया। देखते ही देखते सब ढह गया। मेरा बेटा नकुल हमें छोड़कर चला गया और उसकी दो छोटी बच्चियां अस्पताल में भर्ती हैं। हम पूरी तरह बर्बाद हो गए।”

 

​ सड़कों पर गिरे सैकड़ों पेड़, घरों की छतें हवा में उड़ीं

​तूफान की रफ्तार इतनी भयानक थी कि भागलपुर के कई इलाकों में सालों पुराने विशालकाय पेड़ तिनके की तरह उखड़ गए।

      • ​आवागमन पूरी तरह ठप: पेड़ सड़कों और रिहायशी मकानों पर जा गिरे, जिससे शहर की मुख्य सड़कों से लेकर गलियों तक यातायात पूरी तरह बाधित हो गया है।
      • ​लाखों का सामान बर्बाद: कई गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के घरों के एस्बेस्टस और टिन की छतें हवा में उड़ गईं। घरों के अंदर रखा कीमती और जरूरत का सामान मलबे और बारिश के पानी में बर्बाद हो गया।

​ पूरे शहर में ‘ब्लैकआउट’, प्रशासन युद्ध स्तर पर राहत कार्य में जुटा

​तेज आंधी के कारण शहर के अधिकांश इलाकों में बिजली के खंभे टूट गए हैं और तार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इसके चलते देर रात से ही पूरे भागलपुर में ब्लैकआउट (बिजली गुल) की स्थिति बनी हुई है।

​आपदा की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन और नगर निगम की टीमें सुबह से ही एक्टिव मोड में हैं। जेसीबी और कटर मशीनों की मदद से सड़कों से विशालकाय पेड़ों और मलबे को हटाने का काम युद्ध स्तर पर जारी है, ताकि यातायात और बिजली व्यवस्था को जल्द से जल्द बहाल किया जा सके।

बकरीद पर शांति और सौहार्द बिगाड़ने वालों की खैर नहीं: बाईपास थाने में शांति समिति की बैठक, हुड़दंगियों पर होगी सख्त कार्रवाई

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Bhagalpur News: आगामी ईद-उल-जोहा (बकरीद) पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और भाईचारे के माहौल में संपन्न कराने के लिए भागलपुर के बाईपास थाना परिसर में एक महत्वपूर्ण शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता बाईपास थानाध्यक्ष सुमन कुमार राय ने की।

​बैठक में क्षेत्र के विभिन्न पंचायतों के मुखिया, सरपंच, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण व गणमान्य लोग शामिल हुए। इस दौरान पर्व के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और आपसी सौहार्द बनाए रखने पर विस्तृत चर्चा हुई।

​ अफवाहों पर न दें ध्यान, संदिग्धों की सूचना तुरंत पुलिस को दें: थानाध्यक्ष

​बैठक को संबोधित करते हुए थानाध्यक्ष सुमन कुमार राय ने सभी समुदाय के लोगों से त्योहार को शांति और आपसी प्रेम के साथ मनाने की अपील की। उन्होंने कहा:

  • ​त्योहार के दौरान कानून और व्यवस्था बनाए रखना केवल पुलिस की नहीं, बल्कि हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
  • ​सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से फैलने वाली किसी भी तरह की अफवाहों पर बिल्कुल ध्यान न दें।
  • ​यदि क्षेत्र में कोई भी संदिग्ध गतिविधि या असामाजिक तत्व दिखाई दे, तो तुरंत इसकी सूचना बाईपास थाना पुलिस को दें ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

​ कुर्बानी को लेकर सरकारी गाइडलाइंस का पालन अनिवार्य

​प्रशासन की ओर से साफ तौर पर निर्देश दिया गया है कि त्योहार के दौरान सरकार और प्रशासन द्वारा जारी किए गए सभी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करना होगा।

​प्रशासन की चेतावनी:

पुलिस ने स्पष्ट किया कि पर्व के उत्साह में खलल डालने वाले या हुड़दंग करने वाले असामाजिक तत्वों पर पुलिस की पैनी नजर रहेगी। शांति भंग करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कानूनी तौर पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

 

​ बैठक में ये मुख्य जनप्रतिनिधि रहे मौजूद

​इस महत्वपूर्ण बैठक में क्षेत्र की सुरक्षा और सौहार्द को मजबूत करने के लिए कई मुख्य चेहरे शामिल हुए, जिनमें मुख्य रूप से:

  • ​मरगुब (मुखिया, संहोली)
  • ​देवेंद्र कुमार (मुखिया, खुटाहा)
  • ​सूरज कुमार (सरपंच, बैजानी) इनके अलावा सैकड़ों की संख्या में स्थानीय ग्रामीण और प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे, जिन्होंने प्रशासन को हरसंभव सहयोग देने का भरोसा दिया।

बिहार कृषि विश्वविद्यालय (सबौर) में कुदरत का कहर: भीषण आंधी से मची भारी तबाही, करोड़ों के नुकसान का अनुमान

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Bhagalpur News: बिहार कृषि विश्वविद्यालय (BAU), सबौर परिसर में देर रात आई भीषण आंधी और चक्रवाती तूफान ने तबाही का ऐसा मंजर छोड़ा है जिसे देखकर हर कोई स्तब्ध है। तेज हवाओं और तूफान के तांडव से विश्वविद्यालय परिसर को व्यापक नुकसान पहुँचा है। प्रथम दृष्टया विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा इस आपदा में करोड़ों रुपये की संपत्ति और अनुसंधान के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है।

​स्थिति की गंभीरता को देखते हुए माननीय कुलपति डॉ. डी. आर. सिंह ने प्रभावित क्षेत्रों का खुद दौरा किया और नुकसान के सटीक आकलन व पुनर्बहाली के लिए कई उच्च स्तरीय समितियों का गठन कर दिया है।

​ बरसों की मेहनत खाक: आम के बागान और फल अनुसंधान को लगा गहरा झटका

​इस प्राकृतिक आपदा का सबसे बड़ा और दर्दनाक असर विश्वविद्यालय के गौरव कहे जाने वाले आम के बागानों पर पड़ा है।

  • ​तेज हवाओं के थपेड़ों से बरसों पुराने और ऐतिहासिक आम के पेड़ जड़ से उखड़ गए हैं।
  • ​वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए तैयार किया गया पूरा बागान लगभग तहस-नहस हो चुका है।
  • ​इस तबाही से विश्वविद्यालय में चल रहे कई महत्वपूर्ण फल अनुसंधान (Fruit Research) कार्यों पर बेहद गंभीर प्रभाव पड़ने की आशंका है, जिसकी भरपाई में सालों लग सकते हैं।

​ बुनियादी ढांचे को भारी क्षति: पॉलीहाउस और छतों के उड़े परखच्चे

​तूफान की रफ्तार इतनी तेज थी कि परिसर के भीतर स्थापित सभी अत्याधुनिक पॉलीहाउस (Polyhouses) पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इसके अलावा:

  • ​भवनों को नुकसान: शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, आवासीय भवनों, फार्म क्षेत्र, मंदिर और अन्य सरकारी संरचनाओं पर विशालकाय पेड़ गिरने से भारी क्षति हुई है।
  • ​उड़ गईं छतों की चादरें: बीज निदेशालय, कुलपति आवास और विभिन्न फार्म इकाइयों के भवनों की छतों पर लगी टिन और लोहे की चादरें हवा में तिनके की तरह उड़कर दूर जा गिरीं।
  • ​रास्ते और बिजली ठप: सैकड़ों पेड़ों के सड़कों पर गिरने से विश्वविद्यालय के लगभग सभी प्रमुख मार्ग पूरी तरह ब्लॉक हो गए हैं। देर रात से ही पूरे परिसर की बिजली गुल है और संचार व्यवस्था प्रभावित हुई है।

​ एक्शन मोड में कुलपति: प्रभावित क्षेत्रों का किया मुआयना

​तबाही की सूचना मिलते ही माननीय कुलपति डॉ. डी. आर. सिंह खुद सुबह-सुबह प्रशासनिक अधिकारियों और समिति के सदस्यों के साथ ग्राउंड जीरो पर उतरे। उन्होंने कुलपति आवास, अनुसंधान फार्म, बीज निदेशालय और आवासीय परिसरों का बारीकी से निरीक्षण किया और अधिकारियों को युद्ध स्तर पर राहत कार्य चलाने के निर्देश दिए।

​माननीय कुलपति डॉ. डी. आर. सिंह का आधिकारिक बयान:

“देर रात आई भीषण आंधी ने विश्वविद्यालय परिसर में बड़े स्तर पर नुकसान पहुँचाया है। विशेष रूप से हमारे अनुसंधान फार्म, आम बागान, पॉलीहाउस एवं कई भवन प्रभावित हुए हैं। हमने तत्काल विभिन्न समितियों का गठन कर नुकसान के आकलन एवं पुनर्बहाली कार्य प्रारंभ करने का निर्देश दिया है। हमारी पहली प्राथमिकता परिसर में विद्युत आपूर्ति बहाल करना, अवरुद्ध रास्तों को साफ कराना तथा अनुसंधान एवं शैक्षणिक गतिविधियों को शीघ्र सामान्य करना है। विश्वविद्यालय प्रशासन पूरी तत्परता के साथ स्थिति पर नजर बनाए हुए है।”

 

​ युद्ध स्तर पर पुनर्बहाली का काम शुरू

​विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा शैक्षणिक, अनुसंधान और कृषि गतिविधियों को दोबारा पटरी पर लाने के लिए त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी गई है। आपदा प्रबंधन और तकनीकी टीमों को मलबे और पेड़ों को हटाने के काम में लगा दिया गया है ताकि जल्द से जल्द सबौर कृषि विश्वविद्यालय अपने पुराने स्वरूप में लौट सके।

भागलपुर: सुल्तानगंज में ‘मिनी गन फैक्ट्री’ का पर्दाफाश, तहखाने में हथियार बनाते रंगे हाथ दबोचा गया तस्कर

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Bhagalpur News: बिहार के भागलपुर जिले से इस वक्त एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां सुल्तानगंज थाना पुलिस ने अवैध हथियारों के खिलाफ एक बहुत बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने क्षेत्र के स्तनडीह गांव में चल रहे एक बड़े ‘मिनी गन फैक्ट्री’ का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में पुलिस ने मौके से एक मुख्य आरोपी को रंगे हाथ हथियार बनाते हुए गिरफ्तार किया है।

​इस बड़ी सफलता को लेकर प्रशिक्षु एएसपी सह थानाध्यक्ष सायम रजा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस (Press Conference) कर पूरे मामले का विस्तृत खुलासा किया।

​ तहखाने में चल रहा था अवैध धंधा, पुलिस ने घेराबंदी कर दबोचा

​प्रशिक्षु एएसपी सायम रजा ने बताया कि वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) के दिशा-निर्देश पर जिले में अवैध हथियारों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में पुलिस को एक गुप्त सूचना मिली कि सुल्तानगंज थाना क्षेत्र के स्तनडीह गांव में बड़े पैमाने पर अवैध हथियार का निर्माण किया जा रहा है।

​सूचना मिलते ही नगर पुलिस अधीक्षक (City SP) के निर्देश पर प्रशिक्षु एएसपी सायम रजा और पुलिस उपाधीक्षक (DSP) नवनीत कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए स्तनडीह गांव के वार्ड नंबर 12 निवासी मुकेश कुमार मंडल के घर की घेराबंदी की। जब पुलिस घर के अंदर दाखिल हुई, तो वहां बने एक गुप्त तहखाने में आरोपी रंगे हाथ हथियार बनाते हुए पकड़ा गया।

​ बरामद हथियारों और उपकरणों की लंबी सूची

​पुलिस की छापेमारी में घर के तहखाने से भारी मात्रा में निर्मित, अर्ध-निर्मित हथियार और उन्हें बनाने की मशीनें बरामद की गई हैं, जो इस प्रकार हैं:

  • ​निर्मित हथियार: 02 पीस देसी पिस्टल (एक 24 इंच लंबे बैरल का मास्केट और एक 6 इंच का देसी पिस्तौल)।
  • ​कारतूस: 01 जिंदा कारतूस, खोखा और दो पिलेट।
  • ​अर्ध-निर्मित हथियार: 05 पीस अर्ध-निर्मित देसी पिस्तौल, 01 छोटा अर्ध-निर्मित बैरल और 12 पीस बड़ा (24 इंच) अर्ध-निर्मित बैरल।
  • ​सामग्री व मशीनें: 01 ड्रिल मशीन, 01 बेंच वाईस मशीन, लोहा गर्म करने वाली भांति (भट्टी), रेती, पिलास, स्प्रिंग बनाने वाली कमानी और स्केल आदि।

​ खगड़िया का रहने वाला है गिरफ्तार आरोपी, खरीदारों की तलाश तेज

​गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान मुकेश कुमार मंडल (पिता: फेकन मंडल) के रूप में हुई है। वह वर्तमान में सुल्तानगंज के स्तनडीह (वार्ड 12) में रह रहा था, जबकि उसका स्थाई पता राजा जान मानसी, थाना- मानसी, जिला- खगड़िया है।

​पुलिस का बयान:

प्रशिक्षु एएसपी सायम रजा ने कहा कि गिरफ्तार अभियुक्त से कड़ाई से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि यह गिरोह अब तक किन-किन अपराधियों और खरीदारों को हथियार सप्लाई कर चुका है। जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया जाएगा।

 

​ कार्रवाई में शामिल जांबाज पुलिस टीम

​इस सफल और साहसिक छापेमारी अभियान में भागलपुर पुलिस के कई अधिकारी और जवान शामिल थे:

  • ​सायम रजा (प्रशिक्षु एएसपी सह थानाध्यक्ष, सुल्तानगंज)
  • ​नवनीत कुमार (पुलिस उपाधीक्षक)
  • ​मृत्युंजय कुमार (पुलिस निरीक्षक, सुल्तानगंज)
  • ​विष्णु देव कुमार (पुलिस अवर निरीक्षक)
  • ​रोशन कुमार (पुलिस निरीक्षक)
  • ​महिला व पुरुष पुलिसकर्मी: प्रियंका कुमारी, कपिलदेव यादव, अनुज कुमार, रोहित कुमार (सिपाही), अमर कुमार (सिपाही), रूपम कुमारी (सिपाही) एवं अन्य बल।

भागलपुर में तेज रफ्तार हाईवा का कहर, सड़क हादसे में फेरीवाले युवक की दर्दनाक मौत

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Bhagalpur News: भागलपुर के बाईपास थाना क्षेत्र में आज एक बार फिर ‘रफ्तार के कहर’ ने एक हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया। एक तेज रफ्तार अनियंत्रित हाईवा (डंपर) की चपेट में आने से फेरी लगाकर अपने परिवार का पेट पालने वाले एक युवक की दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे के बाद मृतक के परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। युवक अपने पूरे परिवार का एकमात्र सहारा और इकलौता कमाने वाला सदस्य था।

​ फेरी पर निकलने के दौरान हुआ जानलेवा हादसा

​मिली जानकारी के अनुसार, इशाकचक थाना क्षेत्र के बरेपुरा पूरब टोला निवासी रिज़बी पप्पू रोज की तरह अपने परिवार की आजीविका चलाने के लिए फेरी (घूम-घूमकर सामान बेचने) करने निकले थे।

​जैसे ही वह बाईपास थाना क्षेत्र के मुख्य मार्ग के पास पहुंचे, तभी सामने से आ रहे एक अनियंत्रित और बेहद तेज रफ्तार हाईवा ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि रिज़बी पप्पू हवा में उछलकर सड़क पर दूर जा गिरे और उनके सिर व शरीर पर गंभीर चोटें आईं।

​ मायागंज से निजी क्लीनिक तक बचाने की जंग, पर थमी सांसें

​घटना के तुरंत बाद मौके पर स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। परिजनों और पुलिस को सूचना दी गई।

  • ​शुरुआती इलाज: बाईपास थाना पुलिस स्थानीय लोगों की मदद से लहूलुहान युवक को तुरंत इलाज के लिए मायागंज (JLNCH) अस्पताल लेकर गई।
  • ​निजी क्लीनिक में रेफर: जब तक परिजन अस्पताल पहुंचे, पप्पू की हालत बेहद नाजुक हो चुकी थी। डॉक्टरों ने स्थिति गंभीर देखते हुए बेहतर इलाज की सलाह दी, जिसके बाद परिजन उन्हें आनन-फानन में एक निजी क्लीनिक ले गए।
  • ​दम तोड़ा: डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद, इलाज के दौरान रिज़बी पप्पू ने दम तोड़ दिया। मौत की खबर सुनते ही क्लीनिक परिसर चीखों से गूंज उठा।

​ मासूमों के सिर से उठा पिता का साया, मोहल्ले में शोक

​मृतक रिज़बी पप्पू के घर की माली हालत पहले से ही संघर्षपूर्ण थी। वह रोज कमाते थे तब जाकर घर का चूल्हा जलता था। उनकी असामयिक मौत के बाद उनकी पत्नी और दो छोटे-छोटे मासूम बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। बच्चों को तो शायद यह भी नहीं पता कि उनके पिता अब कभी लौटकर नहीं आएंगे। इस हृदयविदारक घटना के बाद बरेपुरा पूरब टोला मोहल्ले में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है और हर कोई स्तब्ध है।

भागलपुर में तेज आंधी-तूफान से भारी तबाही, गिरे बिजली के खंभे और पेड़; कई गांवों में ब्लैकआउट

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Bhagalpur News: बीती रात आए भीषण आंधी-तूफान ने इलाके में जमकर तबाही मचाई है। रात के अंधेरे में आई तेज हवाओं और चक्रवात के कारण चारों तरफ सिर्फ नुकसान का मंजर देखने को मिल रहा है। इस प्राकृतिक आपदा की सबसे बड़ी मार इलाके की बिजली व्यवस्था पर पड़ी है, जिससे कई गांव पूरी तरह से अंधेरे में डूब गए हैं। इसके अलावा ग्रामीण इलाकों में कई गरीब परिवारों के आशियाने (घरों के छप्पर) उड़ गए हैं, जिससे लोगों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।

​ बिजली का बुनियादी ढांचा ध्वस्त, सड़कें जाम

​आंधी की रफ्तार इतनी तेज थी कि कई जगहों पर विशालकाय पेड़ और बिजली के तार टूटकर मुख्य सड़कों पर गिर गए।

  • ​नुकसान की स्थिति: कई इलाकों में बिजली के खंभे (Poles) उखड़ गए हैं और ट्रांसफार्मर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
  • ​आवागमन प्रभावित: सड़कों पर पेड़ और हाई-टेंशन तार गिरने के कारण सुबह कई रूटों पर गाड़ियों का आवागमन पूरी तरह से ठप रहा, जिससे राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

​ राहत कार्य में जुटा विभाग: क्या बोले बिजली विभाग के JE?

​इस संकट के बीच बिजली विभाग की टीम रात से ही प्रभावित इलाकों में कैंप कर रही है। बिजली विभाग के जूनियर इंजीनियर (JE) मिथलेश कुमार ने बताया कि:

​”विभाग के कर्मचारी रात से ही प्रभावित क्षेत्रों में टूटे हुए तारों और खंभों की मरम्मत के काम में जुटे हुए हैं। नुकसान काफी बड़ा है, लेकिन हमारी कोशिश है कि युद्धस्तर पर काम करके जल्द से जल्द बिजली व्यवस्था को पूरी तरह सामान्य कर लिया जाए।”

 

​ मध्य विद्यालय मिर्जापुर में बड़ा नुकसान: NTPC की टंकी जमींदोज

​तूफान का एक बड़ा असर मिर्जापुर स्थित मध्य विद्यालय में भी देखने को मिला। विद्यालय परिसर में लगी पानी की एक विशालकाय टंकी तेज हवा के झोंके को बर्दाश्त नहीं कर सकी और टूटकर नीचे गिर गई, जिससे वह पूरी तरह नष्ट हो गई।

​प्रधानाध्यापक दिनेश पंडित का बड़ा बयान:

विद्यालय के प्रधानाध्यापक दिनेश पंडित ने इस घटना पर विभाग की लापरवाही को उजागर करते हुए कहा कि:

​”यह पानी की टंकी और मोटर NTPC (नेशनल थर्मल पावर कॉरपोरेशन) द्वारा सामाजिक जिम्मेदारी (CSR) के तहत लगाया गया था। इसका मोटर काफी समय से खराब पड़ा था, जिसकी लिखित सूचना संबंधित विभाग को पहले ही दे दी गई थी। लेकिन समय रहते कोई कार्रवाई नहीं हुई। मोटर खराब होने के कारण टंकी खाली थी, और इसी वजह से तेज हवा के कारण वह असंतुलित होकर नीचे गिर गई।”

 

​ नुकसान का आकलन जारी

​फिलहाल स्थानीय प्रशासन और राजस्व विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रही हैं ताकि आंधी-तूफान से हुए कुल नुकसान (फसल, घर और सरकारी संपत्ति) का सही आकलन किया जा सके। ग्रामीणों का कहना है कि हाल के दिनों में यह सबसे भीषण आंधी थी, जिसने उनकी कमर तोड़ कर रख दी है।

बिहार में ₹62.27 करोड़ का बड़ा औद्योगिक निवेश: बरियारपुर में लगेगी आधुनिक विनिर्माण इकाई, 400 युवाओं को मिलेगा रोजगार

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Patna News: बिहार को देश का आधुनिक औद्योगिक और विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) हब बनाने की दिशा में सरकार ने एक और बड़ी छलांग लगाई है। औद्योगिक क्षेत्र बरियारपुर (IA Bariyarpur) में ₹62.27 करोड़ की भारी-भरकम लागत से एक अत्याधुनिक PEB फैब्रिकेशन मटेरियल (Pre-Engineered Building) निर्माण इकाई स्थापित होने जा रही है।

​Experia Prefaxo Pvt. Ltd. द्वारा लगाई जा रही इस हाई-टेक यूनिट से न सिर्फ बिहार में औद्योगिक ढांचा मजबूत होगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर लगभग 400 युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए रास्ते खुलेंगे।

​ बियाडा (BIADA) की हाई-लेवल बैठक में मिली मंजूरी

​इस बड़ी परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकार (BIADA) की परियोजना स्वीकृति समिति (PCC) की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई।

  • ​अध्यक्षता: उद्योग विभाग के सचिव सह प्रबंध निदेशक (BIADA)  कुंदन कुमार ने की।
  • ​फैसला: बैठक में निवेशकों को पारदर्शी तरीके से जमीन और ‘प्लग एंड प्ले’ शेड्स आवंटित किए गए, जिसके तहत एक्सपेरिया प्रिफैक्सो को बरियारपुर में 5 एकड़ भूमि आवंटित की गई है।

​ खबर की 4 बड़ी बातें: क्यों खास है यह प्रोजेक्ट?

​ क्या होता है PEB फैब्रिकेशन? (आसान भाषा में)

PEB (Pre-Engineered Buildings) आधुनिक निर्माण तकनीक है, जिसमें फैक्ट्रियों, गोदामों और बड़े इनडोर स्टेडियम के लोहे के ढांचे पहले से ही फैक्ट्री में तैयार कर लिए जाते हैं और मौके पर सिर्फ असेंबल किया जाता है। बरियारपुर में इसकी यूनिट लगने से बिहार में निर्माण कार्यों में तेजी आएगी।

​ 400 युवाओं को मिलेगा डायरेक्ट-इनडायरेक्ट रोजगार

इस प्लांट के शुरू होने से लगभग 400 स्थानीय युवाओं को तकनीकी, कुशल और गैर-कुशल श्रेणियों में रोजगार मिलेगा। इससे इलाके से होने वाले पलायन में कमी आएगी।

​ स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगी रफ्तार

₹62 करोड़ से अधिक के इस निवेश से बरियारपुर और आसपास के क्षेत्रों में लॉजिस्टिक्स, ट्रांसपोर्टेशन और छोटे वेंडर्स के लिए व्यापार के नए अवसर पैदा होंगे।

​ सिंगल विंडो और पारदर्शी व्यवस्था

बियाडा के जरिए निवेशकों को बिना किसी प्रशासनिक अड़चन के, समयबद्ध तरीके से जमीन उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे निवेशकों का भरोसा बिहार पर लगातार बढ़ रहा है।

​ नेतृत्व का क्या है कहना?

​उद्योग मंत्री सुश्री श्रेयसी सिंह:

“बिहार में स्वीकृत हो रही ये नई परियोजनाएं राज्य के तकनीकी और औद्योगिक विकास को नई दिशा दे रही हैं। नीतीश सरकार निवेशकों को हर जरूरी सुविधाएं और अनुकूल माहौल देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, ताकि बिहार को मैन्युफैक्चरिंग का बड़ा केंद्र बनाया जा सके।”

 

​उद्योग सचिव कुंदन कुमार:

“हम राज्य के संतुलित औद्योगिक विकास के लिए काम कर रहे हैं। सुदृढ़ इंफ्रास्ट्रक्चर, बेहतरीन कनेक्टिविटी और आसान सरकारी प्रक्रियाओं (Ease of Doing Business) के जरिए निवेशकों को पूरा नीतिगत सहयोग दिया जा रहा है ताकि प्रोजेक्ट्स जल्द से जल्द जमीन पर शुरू हो सकें।”

बिहार में पारदर्शी और त्रुटिरहित परीक्षा के लिए सरकार का बड़ा कदम: अपर मुख्य सचिव ने चयन आयोगों के साथ की हाई-लेवल बैठक

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Patna News: बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं को पूरी तरह से पारदर्शी, निष्पक्ष और विवादों से मुक्त बनाने के लिए राज्य सरकार ने अपनी कवायद तेज कर दी है। मुख्यमंत्री के कड़े निर्देशों के बाद सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेन्दर की अध्यक्षता में एक बेहद महत्वपूर्ण और हाई-लेवल समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में राज्य के तमाम बड़े चयन आयोगों के अध्यक्ष, सचिव और शीर्ष अधिकारी शामिल हुए।

​ BPSC, BSSC और BTSC समेत कई आयोग रहे मौजूद

​इस उच्च स्तरीय बैठक में मुख्य रूप से:

  • ​बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC)
  • ​बिहार तकनीकी सेवा आयोग (BTSC)
  • ​बिहार कर्मचारी चयन आयोग (BSSC)

​सहित राज्य के अन्य प्रमुख चयन मंडलों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक का मुख्य एजेंडा परीक्षाओं के आयोजन को आधुनिक, फुलप्रूफ और तकनीक से लैस बनाना था।

​ बैठक की 4 बड़ी बातें: परीक्षा प्रणाली में बदलाव की तैयारी

​  टेक्नोलॉजी का बढ़ेगा इस्तेमाल (Tech-Enabled System)

परीक्षा आयोजन की पूरी प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी और सुदृढ़ बनाने के लिए तकनीक का सहारा लिया जाएगा। प्रश्नपत्रों की सुरक्षा से लेकर मूल्यांकन की प्रक्रिया में लेटेस्ट टेक्नोलॉजी को शामिल करने पर चर्चा की गई ताकि मानवीय भूल या किसी भी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे।

​  आयोगों से मांगे गए महत्वपूर्ण सुझाव

अपर मुख्य सचिव ने परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए सभी आयोगों के अध्यक्षों और सचिवों से जमीनी फीडबैक और सुझाव मांगे। इन सुझावों के आधार पर आगामी परीक्षाओं के लिए एक नया और मजबूत ब्लूप्रिंट तैयार किया जाएगा।

​  समयबद्धता और विश्वसनीयता पर जोर

डॉ. बी. राजेन्दर ने सभी आयोगों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि परीक्षाओं के संचालन में उच्चतम स्तर की पारदर्शिता, समयबद्धता (Time-bound process) और विश्वसनीयता सुनिश्चित की जाए। प्रशासनिक और तकनीकी तंत्र को इतना मजबूत किया जाए कि अभ्यर्थियों को एक निष्पक्ष और सुचारु परीक्षा व्यवस्था मिल सके।

​  बड़े सुधारात्मक कदमों पर बनी सहमति

बैठक में मिले फीडबैक के आधार पर आगामी प्रतियोगी परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए कई आवश्यक सुधारात्मक और संस्थागत कदम (Institutional reforms) उठाने पर आम सहमति बनी है। इसके तहत परीक्षा केंद्रों के चयन से लेकर सुरक्षा व्यवस्था तक में कड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

​ अभ्यर्थियों के हित में सरकार का बड़ा संदेश

​विभाग का रुख साफ है: बिहार सरकार आगामी सभी प्रतियोगी परीक्षाओं को पूरी तरह से विवाद-मुक्त और समय पर पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस बैठक के बाद यह साफ है कि आने वाले दिनों में परीक्षा व्यवस्था और अधिक कड़क, पारदर्शी और युवाओं के अनुकूल होने जा रही है।