Patna News: बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं को पूरी तरह से पारदर्शी, निष्पक्ष और विवादों से मुक्त बनाने के लिए राज्य सरकार ने अपनी कवायद तेज कर दी है। मुख्यमंत्री के कड़े निर्देशों के बाद सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेन्दर की अध्यक्षता में एक बेहद महत्वपूर्ण और हाई-लेवल समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में राज्य के तमाम बड़े चयन आयोगों के अध्यक्ष, सचिव और शीर्ष अधिकारी शामिल हुए।
BPSC, BSSC और BTSC समेत कई आयोग रहे मौजूद
इस उच्च स्तरीय बैठक में मुख्य रूप से:
- बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC)
- बिहार तकनीकी सेवा आयोग (BTSC)
- बिहार कर्मचारी चयन आयोग (BSSC)
सहित राज्य के अन्य प्रमुख चयन मंडलों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक का मुख्य एजेंडा परीक्षाओं के आयोजन को आधुनिक, फुलप्रूफ और तकनीक से लैस बनाना था।
बैठक की 4 बड़ी बातें: परीक्षा प्रणाली में बदलाव की तैयारी
टेक्नोलॉजी का बढ़ेगा इस्तेमाल (Tech-Enabled System)
परीक्षा आयोजन की पूरी प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी और सुदृढ़ बनाने के लिए तकनीक का सहारा लिया जाएगा। प्रश्नपत्रों की सुरक्षा से लेकर मूल्यांकन की प्रक्रिया में लेटेस्ट टेक्नोलॉजी को शामिल करने पर चर्चा की गई ताकि मानवीय भूल या किसी भी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे।
आयोगों से मांगे गए महत्वपूर्ण सुझाव
अपर मुख्य सचिव ने परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए सभी आयोगों के अध्यक्षों और सचिवों से जमीनी फीडबैक और सुझाव मांगे। इन सुझावों के आधार पर आगामी परीक्षाओं के लिए एक नया और मजबूत ब्लूप्रिंट तैयार किया जाएगा।
समयबद्धता और विश्वसनीयता पर जोर
डॉ. बी. राजेन्दर ने सभी आयोगों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि परीक्षाओं के संचालन में उच्चतम स्तर की पारदर्शिता, समयबद्धता (Time-bound process) और विश्वसनीयता सुनिश्चित की जाए। प्रशासनिक और तकनीकी तंत्र को इतना मजबूत किया जाए कि अभ्यर्थियों को एक निष्पक्ष और सुचारु परीक्षा व्यवस्था मिल सके।
बड़े सुधारात्मक कदमों पर बनी सहमति
बैठक में मिले फीडबैक के आधार पर आगामी प्रतियोगी परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए कई आवश्यक सुधारात्मक और संस्थागत कदम (Institutional reforms) उठाने पर आम सहमति बनी है। इसके तहत परीक्षा केंद्रों के चयन से लेकर सुरक्षा व्यवस्था तक में कड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
अभ्यर्थियों के हित में सरकार का बड़ा संदेश
विभाग का रुख साफ है: बिहार सरकार आगामी सभी प्रतियोगी परीक्षाओं को पूरी तरह से विवाद-मुक्त और समय पर पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस बैठक के बाद यह साफ है कि आने वाले दिनों में परीक्षा व्यवस्था और अधिक कड़क, पारदर्शी और युवाओं के अनुकूल होने जा रही है।


