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बिहार कृषि विश्वविद्यालय (सबौर) में कुदरत का कहर: भीषण आंधी से मची भारी तबाही, करोड़ों के नुकसान का अनुमान

कुलपति आवास सहित सैकड़ों पेड़ धराशायी, अनुसंधान बागान और पॉलीहाउस पूरी तरह नष्ट; राहत कार्य के लिए समितियों का गठन।

Bhagalpur News: बिहार कृषि विश्वविद्यालय (BAU), सबौर परिसर में देर रात आई भीषण आंधी और चक्रवाती तूफान ने तबाही का ऐसा मंजर छोड़ा है जिसे देखकर हर कोई स्तब्ध है। तेज हवाओं और तूफान के तांडव से विश्वविद्यालय परिसर को व्यापक नुकसान पहुँचा है। प्रथम दृष्टया विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा इस आपदा में करोड़ों रुपये की संपत्ति और अनुसंधान के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है।

​स्थिति की गंभीरता को देखते हुए माननीय कुलपति डॉ. डी. आर. सिंह ने प्रभावित क्षेत्रों का खुद दौरा किया और नुकसान के सटीक आकलन व पुनर्बहाली के लिए कई उच्च स्तरीय समितियों का गठन कर दिया है।

बरसों की मेहनत खाक: आम के बागान और फल अनुसंधान को लगा गहरा झटका

​इस प्राकृतिक आपदा का सबसे बड़ा और दर्दनाक असर विश्वविद्यालय के गौरव कहे जाने वाले आम के बागानों पर पड़ा है।

  • ​तेज हवाओं के थपेड़ों से बरसों पुराने और ऐतिहासिक आम के पेड़ जड़ से उखड़ गए हैं।
  • ​वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए तैयार किया गया पूरा बागान लगभग तहस-नहस हो चुका है।
  • ​इस तबाही से विश्वविद्यालय में चल रहे कई महत्वपूर्ण फल अनुसंधान (Fruit Research) कार्यों पर बेहद गंभीर प्रभाव पड़ने की आशंका है, जिसकी भरपाई में सालों लग सकते हैं।

बुनियादी ढांचे को भारी क्षति: पॉलीहाउस और छतों के उड़े परखच्चे

​तूफान की रफ्तार इतनी तेज थी कि परिसर के भीतर स्थापित सभी अत्याधुनिक पॉलीहाउस (Polyhouses) पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इसके अलावा:

  • भवनों को नुकसान: शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, आवासीय भवनों, फार्म क्षेत्र, मंदिर और अन्य सरकारी संरचनाओं पर विशालकाय पेड़ गिरने से भारी क्षति हुई है।
  • उड़ गईं छतों की चादरें: बीज निदेशालय, कुलपति आवास और विभिन्न फार्म इकाइयों के भवनों की छतों पर लगी टिन और लोहे की चादरें हवा में तिनके की तरह उड़कर दूर जा गिरीं।
  • रास्ते और बिजली ठप: सैकड़ों पेड़ों के सड़कों पर गिरने से विश्वविद्यालय के लगभग सभी प्रमुख मार्ग पूरी तरह ब्लॉक हो गए हैं। देर रात से ही पूरे परिसर की बिजली गुल है और संचार व्यवस्था प्रभावित हुई है।

एक्शन मोड में कुलपति: प्रभावित क्षेत्रों का किया मुआयना

​तबाही की सूचना मिलते ही माननीय कुलपति डॉ. डी. आर. सिंह खुद सुबह-सुबह प्रशासनिक अधिकारियों और समिति के सदस्यों के साथ ग्राउंड जीरो पर उतरे। उन्होंने कुलपति आवास, अनुसंधान फार्म, बीज निदेशालय और आवासीय परिसरों का बारीकी से निरीक्षण किया और अधिकारियों को युद्ध स्तर पर राहत कार्य चलाने के निर्देश दिए।

माननीय कुलपति डॉ. डी. आर. सिंह का आधिकारिक बयान:

“देर रात आई भीषण आंधी ने विश्वविद्यालय परिसर में बड़े स्तर पर नुकसान पहुँचाया है। विशेष रूप से हमारे अनुसंधान फार्म, आम बागान, पॉलीहाउस एवं कई भवन प्रभावित हुए हैं। हमने तत्काल विभिन्न समितियों का गठन कर नुकसान के आकलन एवं पुनर्बहाली कार्य प्रारंभ करने का निर्देश दिया है। हमारी पहली प्राथमिकता परिसर में विद्युत आपूर्ति बहाल करना, अवरुद्ध रास्तों को साफ कराना तथा अनुसंधान एवं शैक्षणिक गतिविधियों को शीघ्र सामान्य करना है। विश्वविद्यालय प्रशासन पूरी तत्परता के साथ स्थिति पर नजर बनाए हुए है।”

 

युद्ध स्तर पर पुनर्बहाली का काम शुरू

​विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा शैक्षणिक, अनुसंधान और कृषि गतिविधियों को दोबारा पटरी पर लाने के लिए त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी गई है। आपदा प्रबंधन और तकनीकी टीमों को मलबे और पेड़ों को हटाने के काम में लगा दिया गया है ताकि जल्द से जल्द सबौर कृषि विश्वविद्यालय अपने पुराने स्वरूप में लौट सके।

विजय सिन्हा
विजय सिन्हाhttp://silktvnews.com
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