Bhagalpur News: भागलपुर जिले में देर रात आई विनाशकारी आंधी और चक्रवाती तूफान ने ऐसी तबाही मचाई है कि देखकर लोग सहम उठे हैं। तेज हवाओं के इस तांडव में जहां करोड़ों रुपये की संपत्ति के नुकसान की आशंका है, वहीं इस आपदा ने एक गरीब परिवार को कभी न भूलने वाला जख्म दिया है। बड़ी खंजरपुर स्थित झोपड़पट्टी में पेड़ और मलबा गिरने से एक शख्स की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उसकी दो मासूम बेटियां जिंदगी और मौत की जंग लड़ रही हैं।
झोपड़पट्टी पर गिरा कहर: पिता की मौत, दो मासूम बेटियां अस्पताल में भर्ती
यह आंधी कई परिवारों के लिए काल बनकर आई। बड़ी खंजरपुर इलाके में स्थित एक झोपड़पट्टी में रहने वाले नकुल के आशियाने पर कुदरत का कहर टूटा।
- तेज आंधी के कारण हुए हादसे में नकुल की मौके पर ही मौत हो गई।
- इस घटना में नकुल की दो छोटी-छोटी बेटियां गंभीर रूप से घायल हो गईं।
- आनन-फानन में स्थानीय लोगों की मदद से दोनों बच्चियों को मायागंज अस्पताल (JLNCH) में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई है।
मृतक नकुल के पिता भोला यादव का रोते हुए बयान:
“रात में अचानक आई तेज आंधी ने सब कुछ खत्म कर दिया। देखते ही देखते सब ढह गया। मेरा बेटा नकुल हमें छोड़कर चला गया और उसकी दो छोटी बच्चियां अस्पताल में भर्ती हैं। हम पूरी तरह बर्बाद हो गए।”
सड़कों पर गिरे सैकड़ों पेड़, घरों की छतें हवा में उड़ीं
तूफान की रफ्तार इतनी भयानक थी कि भागलपुर के कई इलाकों में सालों पुराने विशालकाय पेड़ तिनके की तरह उखड़ गए।
- आवागमन पूरी तरह ठप: पेड़ सड़कों और रिहायशी मकानों पर जा गिरे, जिससे शहर की मुख्य सड़कों से लेकर गलियों तक यातायात पूरी तरह बाधित हो गया है।
- लाखों का सामान बर्बाद: कई गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के घरों के एस्बेस्टस और टिन की छतें हवा में उड़ गईं। घरों के अंदर रखा कीमती और जरूरत का सामान मलबे और बारिश के पानी में बर्बाद हो गया।
पूरे शहर में ‘ब्लैकआउट’, प्रशासन युद्ध स्तर पर राहत कार्य में जुटा
तेज आंधी के कारण शहर के अधिकांश इलाकों में बिजली के खंभे टूट गए हैं और तार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इसके चलते देर रात से ही पूरे भागलपुर में ब्लैकआउट (बिजली गुल) की स्थिति बनी हुई है।
आपदा की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन और नगर निगम की टीमें सुबह से ही एक्टिव मोड में हैं। जेसीबी और कटर मशीनों की मदद से सड़कों से विशालकाय पेड़ों और मलबे को हटाने का काम युद्ध स्तर पर जारी है, ताकि यातायात और बिजली व्यवस्था को जल्द से जल्द बहाल किया जा सके।


