Bhagalpur News: बीती रात आए भीषण आंधी-तूफान ने इलाके में जमकर तबाही मचाई है। रात के अंधेरे में आई तेज हवाओं और चक्रवात के कारण चारों तरफ सिर्फ नुकसान का मंजर देखने को मिल रहा है। इस प्राकृतिक आपदा की सबसे बड़ी मार इलाके की बिजली व्यवस्था पर पड़ी है, जिससे कई गांव पूरी तरह से अंधेरे में डूब गए हैं। इसके अलावा ग्रामीण इलाकों में कई गरीब परिवारों के आशियाने (घरों के छप्पर) उड़ गए हैं, जिससे लोगों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
बिजली का बुनियादी ढांचा ध्वस्त, सड़कें जाम
आंधी की रफ्तार इतनी तेज थी कि कई जगहों पर विशालकाय पेड़ और बिजली के तार टूटकर मुख्य सड़कों पर गिर गए।
- नुकसान की स्थिति: कई इलाकों में बिजली के खंभे (Poles) उखड़ गए हैं और ट्रांसफार्मर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
- आवागमन प्रभावित: सड़कों पर पेड़ और हाई-टेंशन तार गिरने के कारण सुबह कई रूटों पर गाड़ियों का आवागमन पूरी तरह से ठप रहा, जिससे राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
राहत कार्य में जुटा विभाग: क्या बोले बिजली विभाग के JE?
इस संकट के बीच बिजली विभाग की टीम रात से ही प्रभावित इलाकों में कैंप कर रही है। बिजली विभाग के जूनियर इंजीनियर (JE) मिथलेश कुमार ने बताया कि:
”विभाग के कर्मचारी रात से ही प्रभावित क्षेत्रों में टूटे हुए तारों और खंभों की मरम्मत के काम में जुटे हुए हैं। नुकसान काफी बड़ा है, लेकिन हमारी कोशिश है कि युद्धस्तर पर काम करके जल्द से जल्द बिजली व्यवस्था को पूरी तरह सामान्य कर लिया जाए।”
मध्य विद्यालय मिर्जापुर में बड़ा नुकसान: NTPC की टंकी जमींदोज
तूफान का एक बड़ा असर मिर्जापुर स्थित मध्य विद्यालय में भी देखने को मिला। विद्यालय परिसर में लगी पानी की एक विशालकाय टंकी तेज हवा के झोंके को बर्दाश्त नहीं कर सकी और टूटकर नीचे गिर गई, जिससे वह पूरी तरह नष्ट हो गई।
प्रधानाध्यापक दिनेश पंडित का बड़ा बयान:
विद्यालय के प्रधानाध्यापक दिनेश पंडित ने इस घटना पर विभाग की लापरवाही को उजागर करते हुए कहा कि:
”यह पानी की टंकी और मोटर NTPC (नेशनल थर्मल पावर कॉरपोरेशन) द्वारा सामाजिक जिम्मेदारी (CSR) के तहत लगाया गया था। इसका मोटर काफी समय से खराब पड़ा था, जिसकी लिखित सूचना संबंधित विभाग को पहले ही दे दी गई थी। लेकिन समय रहते कोई कार्रवाई नहीं हुई। मोटर खराब होने के कारण टंकी खाली थी, और इसी वजह से तेज हवा के कारण वह असंतुलित होकर नीचे गिर गई।”
नुकसान का आकलन जारी
फिलहाल स्थानीय प्रशासन और राजस्व विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रही हैं ताकि आंधी-तूफान से हुए कुल नुकसान (फसल, घर और सरकारी संपत्ति) का सही आकलन किया जा सके। ग्रामीणों का कहना है कि हाल के दिनों में यह सबसे भीषण आंधी थी, जिसने उनकी कमर तोड़ कर रख दी है।


