Bhagalpur News: विक्रमशिला सेतु पर लगातार उत्पन्न हो रहे आवागमन संकट और महाजाम की स्थिति के बीच बिहार सरकार ने भागलपुर वासियों और आम जनता को अब तक की सबसे बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के विशेष निर्देश पर गंगा नदी पार करने के लिए संचालित होने वाली सभी नाव और स्टीमर सेवाओं को पूरी तरह से निशुल्क (FREE) कर दिया गया है। सरकार के इस फैसले से अब लोगों को जाम के झंझट से मुक्ति के साथ-साथ आर्थिक राहत भी मिलेगी।
धरातल पर फैसला लागू करने खुद बरारी घाट पहुंचे जिलाधिकारी
मुख्यमंत्री के इस जनहितैषी फैसले को बिना किसी देरी के धरातल पर उतारने के लिए सोमवार को भागलपुर के जिलाधिकारी (DM) डॉ. नवल किशोर चौधरी स्वयं बरारी घाट पहुंचे। उन्होंने घाट का निरीक्षण किया और वहां मौजूद नाविकों, घाट संवेदकों तथा परिवहन एजेंसियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की।
बैठक के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि आज से बरारी घाट से गंगा के इस पार से उस पार जाने वाले किसी भी आम नागरिक, पैदल यात्री, बाइक सवार या निजी चारपहिया वाहन से ₹1 भी शुल्क नहीं लिया जाएगा।
नाविकों को घबराने की ज़रूरत नहीं, सरकार देगी पैसा:
जिलाधिकारी ने नाविकों और निजी एजेंसियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि निशुल्क सेवा से उनके राजस्व को जो भी नुकसान होगा, उसकी पूरी भरपाई बिहार सरकार करेगी। इसलिए वे बिना किसी चिंता के जनता को सेवा दें।
हर दिन जेब से ढीले होने वाले 200 रुपये अब बचेंगे
डीएम डॉ. नवल किशोर चौधरी ने बताया कि इससे पहले घाट पार करने के लिए प्रति व्यक्ति और बाइक के लिए 50-50 रुपये का शुल्क निर्धारित था। ऐसे में नवगछिया या दियारा क्षेत्र से भागलपुर रोजाना आने-जाने वाले लोगों को करीब 200 रुपये तक खर्च करने पड़ते थे।
सरकार के इस फैसले से नवगछिया, दियारा और भागलपुर के बीच रोजाना सफर करने वाले:
- हजारों छात्रों जो पढ़ाई के लिए आते हैं,
- किसानों और मजदूरों जो अपनी आजीविका के लिए नदी पार करते हैं,
- और मध्यमवर्गीय नौकरीपेशा लोगों को हर महीने हजारों रुपये की सीधी बचत होगी।
अवैध वसूली करने वालों की खैर नहीं, सीधे दर्ज होगी FIR
निशुल्क सेवा की घोषणा के साथ ही जिलाधिकारी ने घाट पर तैनात प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस बल को सख्त लहजे में निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी यात्री से नाव या स्टीमर पर चढ़ने के नाम पर अवैध रूप से पैसे वसूलने की शिकायत मिली, तो संबंधित नाविक या एजेंसी को बख्शा नहीं जाएगा। उनके खिलाफ तुरंत एफआईआर (FIR) दर्ज कर जेल भेजने की कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विक्रमशिला सेतु की मरम्मत और जाम के इस दौर में सरकार का यह कदम भागलपुर और सीमांचल के लोगों के लिए वाकई एक लाइफलाइन साबित होने जा रहा है।


