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​मिशन ‘नीट 2026’: सीएम की समीक्षा के बाद एक्शन में मुख्य सचिव व डीजीपी, बिहार में परीक्षा सुरक्षा के लिए वायु सेना से लेकर पुलिस तक मुस्तैद

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Patna News: बिहार में आगामी 21 जून 2026 को आयोजित होने वाली नीट (UG) 2026 पुनरपरीक्षा (Re-examination) को पूरी तरह कदाचार-मुक्त और पारदर्शी माहौल में संपन्न कराने के लिए राज्य सरकार ने कमर कस ली है। मुख्यमंत्री के स्तर पर हुई उच्च स्तरीय समीक्षा के बाद आज मुख्य सचिव  प्रत्यय अमृत और पुलिस महानिदेशक (DGP)  विनय कुमार की संयुक्त अध्यक्षता में एक आपात बैठक हुई। परीक्षा के सफल संचालन हेतु “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत अभूतपूर्व सुरक्षा और प्रशासनिक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि परीक्षा संचालन में किसी भी प्रकार की त्रुटि या विफलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

​वायु सेना और डाक विभाग का अनूठा समन्वय: 2 घंटे में केंद्रों तक पहुंचेंगे पेपर

​नीट (UG) 2026 पुनर्करीक्षा की गोपनीयता बनाए रखने और सुरक्षा को अभेद्य करने के लिए इस बार ऐतिहासिक तकनीकी एवं रणनीतिक बदलाव किया गया है।

  • ​सुरक्षित हवाई परिवहन: डाक विभाग के समन्वय से भारतीय वायु सेना (IAF) के विशेष विमानों द्वारा प्रश्न-पत्रों को सीधे ‘स्टेट हब्स’ तक सुरक्षित एयरलिफ्ट किया जाएगा।
  • ​अंतिम मील की दूरी: इस हाई-टेक परिवहन प्रणाली के कारण परीक्षा केंद्रों तक प्रश्न-पत्र पहुँचाने की अवधि घटकर मात्र 2 से 3 घंटे रह जाएगी, जिससे लीक होने की गुंजाइश शून्य हो जाएगी।

​आंकड़ों में समझें बिहार में NEET 2026 का गणित

​बिहार के 34 जिलों के 35 शहरों में कुल 331 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिसमें कुल 1,56,061 परीक्षार्थी अपनी किस्मत आजमाएंगे।

विवरण

संख्या

कुल परीक्षार्थी

1,56,061

छात्र परीक्षार्थी

81,165

छात्रा परीक्षार्थी

74,896

कुल परीक्षा केंद्र

331

शीर्ष परीक्षार्थी वाले मुख्य जिले:

    • ​पटना: सर्वाधिक 95 परीक्षा केंद्र, जहाँ सबसे अधिक 46,029 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे।
    • ​दरभंगा: 16 केंद्र, 8,633 अभ्यर्थी
    • ​मुजफ्फरपुर: 13 केंद्र, 8,126 अभ्यर्थी
    • ​गया: 12 केंद्र, 6,894 अभ्यर्थी
    • ​सीवान: 12 केंद्र, 6,517 अभ्यर्थी
    • ​मोतिहारी: 13 केंद्र, 6,320 अभ्यर्थी

​नोट: इनके अलावा भागलपुर (5,892), पूर्णिया (4,880), बेतिया (4,819), समस्तीपुर (4,407), गोपालगंज (3,906) समेत अन्य प्रमुख जिलों में भी व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है।

​DGP का कड़ा सुरक्षा निर्देश: अफवाह फैलाई तो तुरंत जेल, कोचिंग संस्थानों पर सख्त पहरा

      • ​सोशल मीडिया पर 24 घंटे नजर: पुलिस महानिदेशक विनय कुमार ने कड़ा निर्देश दिया है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर पैनी नजर रखी जाए। यदि कोई भी असामाजिक तत्व पेपर लीक का झूठा दावा करता है या फर्जी पेपर वायरल करता है, तो उसकी प्रिवेंटिव अरेस्ट (त्वरित गिरफ्तारी) की जाएगी।
      • ​संदिग्ध कोचिंग सेंटर रडार पर: राज्य के सभी कोचिंग संस्थानों का अनिवार्य रूप से निरीक्षण किया जाएगा। अतीत में संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्त रहे संस्थानों को आईबी (IB) और एलआईयू (LIU) के इनपुट्स के आधार पर चौबीसों घंटे निगरानी में रखा जाएगा।
      • ​फ्लाइंग स्क्वाड और फ्रिस्किंग: प्रत्येक केंद्र पर 1 ड्यूटी मजिस्ट्रेट और 1 पुलिस टीम लीडर तैनात रहेंगे। प्रति केंद्र 3 से 14 पुलिस कर्मी फ्रिस्किंग ड्यूटी में तैनात होंगे। महिला अभ्यर्थियों की फ्रिस्किंग केवल महिला सुरक्षाकर्मियों द्वारा बंद घेरे में की जाएगी।

​परीक्षार्थियों और अभिभावकों के लिए बिहार सरकार की विशेष राजकीय व्यवस्थाएं

​भीषण गर्मी और यात्रा की दिक्कतों को देखते हुए मुख्य सचिव ने परीक्षार्थियों और उनके परिजनों को बड़ी राहत दी है:

      • ​BSRTC बसों में मुफ्त यात्रा: परीक्षा में शामिल होने वाले सभी परीक्षार्थियों को बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (BSRTC) की बसों में मुफ्त टिकट की सुविधा मिलेगी।
      • ​स्टेशनों पर सुरक्षा: रेल पुलिस (GRP) ट्रेनों और रेलवे प्लेटफॉर्मों पर परीक्षार्थियों के सुरक्षित आवागमन व अस्थायी ठहराव के लिए पुख्ता इंतजाम करेगी।
      • ​सत्तू, ओआरएस और मेडिकल सपोर्ट: भीषण गर्मी को देखते हुए परीक्षा केंद्रों पर ओआरएस (ORS) के पैकेट और मेडिकल मोबाइल यूनिट तैनात रहेगी। इसके साथ ही जिला प्रशासन स्थानीय एनजीओ के समन्वय से शुद्ध पेयजल और सत्तू की व्यवस्था सुनिश्चित कराएगा।
      • ​अभिभावकों के लिए छांव: केंद्रों से 100 मीटर की सीमा के बाहर अभिभावकों के बैठने के लिए उचित शेड (छायादार स्थल) का प्रबंध किया जाएगा।

​अंतरराष्ट्रीय योग दिवस बनाम नीट परीक्षा: सुरक्षा व्यवस्था रहेगी सर्वोपरि

​चूंकि 21 जून को ही ‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस’ भी है, इसलिए मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया है कि दोनों बड़े आयोजनों के लिए दो अलग-अलग प्रशासनिक एवं पुलिस टीमें काम करेंगी। योग दिवस के कारण परीक्षा केंद्रों के रूट या ट्रैफिक में कोई बाधा नहीं आनी चाहिए। किसी भी प्रकार के गतिरोध की स्थिति में नीट (NEET) परीक्षा की सुरक्षा और आवश्यकताएं सर्वोपरि रहेंगी।

​सभी जिलाधिकारियों (DMs) और पुलिस अधीक्षकों (SPs) को प्रतिदिन इन तैयारियों की प्रगति की समीक्षा करने का कड़ा निर्देश दिया गया है।

कैबिनेट का बड़ा फैसला: सासामूसा चीनी मिल के 14 हजार किसानों को मिलेगा 43 करोड़ का बकाया, मिल दोबारा शुरू होने का रास्ता साफ

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Patna News: गोपालगंज के गन्ना किसानों के लिए साल की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक खुशखबरी सामने आई है। लंबे समय से अपनी मेहनत की कमाई (बकाये) का इंतजार कर रहे सासामूसा चीनी मिल के 14 हजार किसानों के दिन अब बहुरने वाले हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में किसानों के वर्षों पुराने बकाये के भुगतान के लिए 42.99 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि को मंजूरी दे दी गई है। सरकार के इस कदम से न केवल किसानों के चेहरों पर मुस्कान लौटेगी, बल्कि बंद पड़ी मिल के दोबारा शुरू होने और क्षेत्र में 500 करोड़ रुपये से अधिक के नए निवेश का रास्ता भी पूरी तरह साफ हो गया है।

​सीधे किसानों के खातों में जाएगी राशि, गन्ने की खेती को मिलेगा बढ़ावा

​कैबिनेट से हरी झंडी मिलने के बाद अब प्रशासन स्तर पर भुगतान की प्रक्रिया को तेज कर दिया गया है। 14 हजार गन्ना किसानों को उनके ईख मूल्य का वास्तविक भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इस ऐतिहासिक फैसले से किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, जिससे वे दोबारा गन्ने की खेती की ओर रुख करेंगे। क्षेत्र में गन्ने का उत्पादन बढ़ने से बंद पड़ी सासामूसा चीनी मिल को कच्चे माल की कमी नहीं होगी और इसके पुनर्संचालन की संभावनाएं काफी प्रबल हो गई हैं।

​मुख्य बिंदु: एक नजर में

  • ​कुल लाभार्थी किसान: 14,000 से अधिक
  • ​मंजूर राशि: 42.99 करोड़ रुपये
  • ​अपेक्षित निवेश: ₹500 करोड़ से अधिक का नया औद्योगिक निवेश
  • ​मुख्य फोकस: चीनी के साथ-साथ इथेनॉल और बिजली उत्पादन

 

​“किसानों का हित और औद्योगिक विकास हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता” – गन्ना उद्योग मंत्री

​इस ऐतिहासिक फैसले पर खुशी जाहिर करते हुए राज्य के गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार ने कहा:

​”माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार सरकार किसानों के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। बंद पड़ी चीनी मिलों को दोबारा शुरू करना और राज्य में नए उद्योगों की स्थापना करना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। सासामूसा चीनी मिल के किसानों का बकाया हमारी प्राथमिकता सूची में सबसे ऊपर था।”

 

​उन्होंने आगे जोड़ा कि नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) में लंबित मामलों के कानूनी और विधिसम्मत समाधान के लिए सरकार तेजी से काम कर रही है। कैबिनेट की इस मंजूरी के बाद जल्द ही किसानों के खातों में उनका हक भेज दिया जाएगा। इससे न केवल गोपालगंज बल्कि पूरे आसपास के जिलों में रोजगार और समृद्धि के नए द्वार खुलेंगे।

​रीगा चीनी मिल की तर्ज पर सासामूसा में भी दोहराई जाएगी सफलता

​बिहार सरकार बंद चीनी मिलों को पुनर्जीवित करने के लिए एक बेहद प्रभावी मॉडल पर काम कर रही है। इससे पहले सीतामढ़ी की प्रसिद्ध रीगा चीनी मिल के किसानों के लिए भी सरकार ने 51.31 करोड़ रुपये मंजूर किए थे। एनसीएलटी (NCLT) कोर्ट के फैसले के बाद रीगा मिल को नए सिरे से शुरू करना संभव हो सका और साल 2025 में किसानों को उनके बकाये का पूरा भुगतान मिल गया।

​अब रीगा की इसी बड़ी कामयाबी और ‘सक्सेस मॉडल’ को गोपालगंज के सासामूसा में दोहराने की पूरी तैयारी है।

​इथेनॉल और बिजली उत्पादन से बिहार को मिलेगी नई रफ्तार

​सरकार की इस वृहद और दूरदर्शी योजना का असर सिर्फ चीनी उत्पादन तक सीमित नहीं रहेगा। मिल के दोबारा चालू होने और नए निवेश आने से राज्य में चीनी के साथ-साथ इथेनॉल और ग्रीन एनर्जी (बिजली) का उत्पादन भी बड़े पैमाने पर होगा। इससे बिहार आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ेगा, स्थानीय स्तर पर हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा और राज्य के औद्योगिक विकास को एक नई और मजबूत रफ्तार मिलेगी।

भागलपुर: सन्हौला में क्षतिग्रस्त पुल पर प्रशासन का बड़ा एक्शन, सुरक्षा के मद्देनजर आवागमन पूरी तरह बंद; 1 सप्ताह में मरम्मत के निर्देश

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Bhagalpur News: बिहार के भागलपुर जिला अंतर्गत सन्हौला में क्षतिग्रस्त पुल को लेकर स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गया है। लोक संपर्क विभाग (PRD, बिहार) के संयुक्त निदेशक नागेंद्र गुप्ता द्वारा जारी सूचना के अनुसार, सन्हौला में क्षतिग्रस्त पुल की संवेदनशीलता और आम लोगों की सुरक्षा को देखते हुए उस पर परिचालन को तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है।

​अधिकारियों की टीम ने किया संयुक्त निरीक्षण

​पुल की स्थिति बिगड़ने की सूचना मिलते ही प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) सन्हौला, पथ निर्माण विभाग (RCD) के सहायक अभियंता (AE) और कनीय अभियंता (JE) ने संयुक्त रूप से घटना स्थल का दौरा किया। टीम ने पुल के एक-एक हिस्से का बारीकी से तकनीकी मुआयना किया। जांच के बाद अधिकारियों ने माना कि पुल की वर्तमान स्थिति सुरक्षा के दृष्टिकोण से सही नहीं है, जिसके बाद त्वरित कार्रवाई की गई।

​सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग, परिचालन पर रोक

​निरीक्षण के तुरंत बाद प्रशासन ने किसी भी संभावित हादसे को टालने के लिए पुल पर मजबूत बैरिकेडिंग करवा दी है। सुरक्षा की दृष्टि से अब इस पुल से होकर किसी भी प्रकार के वाहनों या आम लोगों के आवागमन पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सुरक्षा मानकों का पालन करें और बैरिकेडिंग वाले हिस्से की तरफ न जाएं।

​नए पुल पर ‘झटके’ लगने की शिकायत पर भी सख्त रुख

​इस निरीक्षण के दौरान सिर्फ पुराने या क्षतिग्रस्त पुल ही नहीं, बल्कि वहीं पास में बने नव-निर्मित (नए) पुल को लेकर आ रही शिकायतों पर भी कड़ा संज्ञान लिया गया है। स्थानीय लोगों द्वारा लगातार शिकायत की जा रही थी कि नए पुल पर चलते समय तेज झटके महसूस होते हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है।

​प्रशासन ने इस तकनीकी खामी को बेहद गंभीरता से लिया है। बीडीओ और पथ निर्माण विभाग के अभियंताओं ने संबंधित निर्माण एजेंसी और विभाग को निर्देश दिया है कि नए पुल पर लगने वाले झटकों की समस्या को दूर करने के लिए आवश्यक मरम्मत और सुधार कार्य तुरंत शुरू किया जाए।

​एक सप्ताह के भीतर अल्टीमेटम: दूर होगी समस्या

​प्रखंड विकास पदाधिकारी कार्यालय, सन्हौला द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, संबंधित विभाग को इस पूरी समस्या का समाधान करने के लिए एक सप्ताह (7 दिन) का समय दिया गया है। सात दिनों के भीतर मरम्मत और सुधार कार्य सुनिश्चित करने को कहा गया है, ताकि क्षेत्र के आम नागरिकों को जल्द से जल्द सुरक्षित, सुगम और बाधारहित आवागमन की सुविधा दोबारा मिल सके।

​⚖️ भागलपुर कोर्ट का बड़ा फैसला: शराब तस्करी मामले में अभियुक्त को 5 साल की सश्रम जेल, ₹1 लाख का जुर्माना

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Bhagalpur News: बिहार में शराबबंदी कानून को लेकर अदालतें लगातार सख्त रुख अपना रही हैं। भागलपुर के विशेष उत्पाद न्यायालय-02 सह जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश  शिव कुमार शर्मा की अदालत ने मोजाहिदपुर थाना कांड संख्या 178/2024 (विशेष उत्पाद वाद संख्या 2876/2024) में बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने अवैध शराब की बरामदगी मामले में अभियुक्त पुलिस पासवान को बिहार मद्यनिषेध एवं उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा 30(ए) के तहत दोषी पाते हुए 5 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।

​💰 ₹1 लाख का जुर्माना; डिफॉल्ट करने पर अतिरिक्त जेल

​माननीय न्यायालय ने 30 मई 2026 को ही अभियुक्त पुलिस पासवान को दोषी करार दे दिया था, जबकि आज सजा के बिंदु पर अंतिम फैसला सुनाया गया।

  • ​मुख्य सजा: 05 वर्ष का सश्रम कारावास (कठोर जेल)।
  • ​आर्थिक दंड: ₹1,00,000/- (एक लाख रुपये) का जुर्माना।
  • ​अतिरिक्त प्रावधान: यदि दोषी अर्थदंड की राशि जमा नहीं करता है, तो उसे 06 महीने की अतिरिक्त साधारण कारावास की सजा काटनी होगी।

​वहीं, इस मामले के दो अन्य सह-अभियुक्तों—मनोज पासवान और डेजी देवी—को अदालत ने साक्ष्य (सबूतों) के अभाव में बाइज्जत बरी कर दिया है।

​🚗 टाटा जेस्ट कार से बरामद हुई थी विदेशी व देशी शराब

​यह पूरा मामला जुलाई 2024 का है। अभियोजन पक्ष द्वारा कोर्ट में पेश की गई कहानी के अनुसार:

  • ​गुप्त सूचना पर कार्रवाई: 17 जुलाई 2024 को पुलिस को खुफिया जानकारी मिली थी कि एक सफेद रंग की टाटा जेस्ट कार (रजिस्ट्रेशन नंबर: JH-01BN-0957) में अवैध शराब की बड़ी खेप लेकर तस्कर बायपास की तरफ जा रहे हैं।
  • ​घेराबंदी और जब्ती: सूचना के तुरंत बाद पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए ‘बाल्टी कारखाना चौक’ के पास सघन वाहन जांच अभियान चलाया। संदिग्ध कार को रोककर जब उसकी तलाशी ली गई, तो पुलिस के होश उड़ गए।
  • ​बरामदगी: कार के भीतर से विभिन्न ब्रांडों की कुल 15.800 लीटर विदेशी शराब और 600 एमएल देशी शराब बरामद की गई। पुलिस ने तुरंत शराब और कार को जब्त कर केस दर्ज किया था।

​🏛️ कोर्ट में अभियोजन पक्ष ने पेश किए पुख्ता सबूत

​पुलिस अनुसंधान (Investgation) पूरा होने के बाद कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई। ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत के सामने मजबूत मौखिक और दस्तावेजी सबूत पेश किए, जिससे पुलिस पासवान पर लगे आरोप शत-प्रतिशत सिद्ध हो गए।

​इस मामले में सरकार और अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक (Special PP) भोला कुमार मंडल ने बेहद प्रभावी और दमदार बहस की। इस कानूनी लड़ाई में उनके सहयोगी के रूप में अधिवक्ता राजेंद्र कुमार, रविरंजन कुमार और पिंटू कुमार सिंह ने भी सक्रिय भूमिका निभाई और अभियोजन पक्ष का सहयोग किया।

बिहार में फिल्म क्रांति: 4 करोड़ तक की सब्सिडी और कलाकारों को 50% अतिरिक्त अनुदान, रोज़गार के खुलेंगे नए द्वार

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Patna News: बिहार अब फिल्म निर्माताओं और स्थानीय कलाकारों के लिए संभावनाओं का नया केंद्र बनता जा रहा है। कला एवं संस्कृति विभाग के मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा है कि राज्य की नई फिल्म नीति से न केवल बिहार के पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय कलाकारों के लिए रोज़गार के व्यापक अवसर पैदा होंगे।

​यह बात उन्होंने पटना स्थित अपने आवास पर फिल्म अभिनेता कुमार कन्हैया सिंह से शिष्टाचार मुलाकात के दौरान कही। इस मौके पर अभिनेता ने अपनी हालिया हिंदी फिल्म ‘सरकारी मीडियम’ की मोतिहारी में शूटिंग पूरी होने का अनुभव साझा किया और राज्य सरकार के सहयोग की सराहना की।

​🎬 फिल्म नीति 2024: निर्माताओं और स्थानीय प्रतिभाओं के लिए बंपर ऑफर

​माननीय मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने बिहार फिल्म प्रोत्साहन नीति 2024 की बारीकियों को साझा करते हुए दो सबसे महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं:

    1. ​4 करोड़ रुपये तक की सब्सिडी: बिहार में फिल्म की शूटिंग करने वाले निर्माताओं को सरकार ₹4 करोड़ तक का वित्तीय अनुदान (सब्सिडी) दे रही है।
    2. ​स्थानीय कलाकारों को 50% अतिरिक्त लाभ: यदि कोई निर्माता बिहार के स्थानीय कलाकारों को अपनी फिल्म में काम देता है, तो कलाकारों को भुगतान की गई राशि का 50 फीसदी अतिरिक्त अनुदान सरकार द्वारा दिया जाएगा। इससे स्थानीय प्रतिभाओं को अपने ही राज्य में काम और उचित सम्मान मिल रहा है।

​”हमने विभिन्न राज्यों की फिल्म नीतियों का गहरा अध्ययन करने के बाद इसे तैयार किया है। हमारा मकसद फिल्म निर्माताओं को हर संभव सुविधा देना है। अब तक 50 से अधिक फिल्मों को शूटिंग की अनुमति दी जा चुकी है और लगभग सभी की शूटिंग बिना किसी बाधा के पूरी हुई है।”

— डॉ. प्रमोद कुमार, कला एवं संस्कृति मंत्री

 

​💻 ‘सिंगल विंडो क्लियरेंस’ और कलाकारों का डिजिटल डेटाबेस

​फिल्म निर्माताओं को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें, इसके लिए सरकार ने प्रक्रिया को बेहद आसान कर दिया है।

      • ​ऑनलाइन परमिशन: निर्माता अब बिहार फिल्म विकास एवं वित्त निगम के माध्यम से सीधे ऑनलाइन शूटिंग की अनुमति ले सकते हैं।
      • ​रजिस्ट्रेशन पोर्टल लाइव: बिहार के कलाकारों, तकनीशियनों और वेंडर्स की सुविधा के लिए एक डिजिटल डेटाबेस तैयार किया जा रहा है। कोई भी स्थानीय कलाकार या वेंडर निगम की आधिकारिक वेबसाइट film.bihar.gov.in पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन करा सकता है, ताकि निर्माताओं को आसानी से लोकल क्रू मिल सके।

​🎥 मोतिहारी में पूरी हुई फिल्म ‘सरकारी मीडियम’ की शूटिंग

​मुलाकात के दौरान अभिनेता कुमार कन्हैया सिंह ने बताया कि उनकी आगामी हिंदी फिल्म ‘सरकारी मीडियम’ की शूटिंग 17 अप्रैल से 1 मई तक पूर्वी चम्पारण (मोतिहारी) के विभिन्न खूबसूरत लोकेशनों जैसे महात्मा गांधी सेंट्रल यूनिवर्सिटी, चन्द्रहिया और बीडी वर्ल्ड स्कूल में की गई।

      • ​स्थानीय प्रशासन का सहयोग: कन्हैया सिंह ने बताया कि अनुमति मिलने से लेकर शूटिंग पूरी होने तक स्थानीय प्रशासन और फिल्म निगम का पूरा सहयोग मिला।
      • ​बिहार की मुख्य स्टारकास्ट: इस फिल्म में मुख्य भूमिकाओं में कुमार कन्हैया सिंह के साथ डॉक्टर तीस्या श्री, प्रिंस गुप्ता, आयुष पाण्डेय, कमल घिमेरे, रविकांत, गौतम गुलाल और सुकन्या पंडित नज़र आएंगे।
      • ​बिहारी कप्तानी: फिल्म के लेखक और निर्देशक राज सागर हैं, जो मूल रूप से मोतिहारी के ही रहने वाले हैं और पिछले 10 वर्षों से मुंबई फिल्म इंडस्ट्री में सक्रिय हैं।

​📈 आगे की राह: मुंबई के फिल्म मेकर्स के साथ होगी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग

​अभिनेता कुमार कन्हैया सिंह ने मंत्री जी से आग्रह किया कि मुंबई में सक्रिय बिहार के फिल्म निर्माताओं और कलाकारों के साथ एक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) आयोजित की जाए, जिससे उनके फीडबैक के आधार पर आगे की कार्ययोजना बनाई जा सके। उन्होंने बिहार में फिल्म अवार्ड शो आयोजित करने का भी सुझाव दिया, जिससे बॉलीवुड का भरोसा बिहार के प्रति और मजबूत होगा।

​मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने इन सुझावों का स्वागत किया और कहा कि सरकार जल्द ही फिल्म जगत के दिग्गजों के साथ संवाद स्थापित करेगी ताकि बिहार को देश का प्रमुख फिल्म शूटिंग हब बनाया जा सके।

उत्तर बिहार और पटना के बीच का सफर होगा बेहद आसान: जुलाई के पहले हफ्ते में शुरू हो जाएगा कच्ची दरगाह-बिदुपुर 6-लेन मेगा ब्रिज

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Patna News: बिहार की लाइफलाइन कहे जाने वाले महत्वाकांक्षी कच्ची दरगाह–बिदुपुर 6 लेन गंगा सेतु परियोजना को लेकर एक बहुत बड़ी और खुशखबरी वाली खबर सामने आई है। इस मेगा प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य अब अपने आखिरी पड़ाव पर है और जुलाई 2026 के पहले सप्ताह तक इसे हर हाल में पूरा कर लिया जाएगा।

​रविवार को पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने खुद निर्माण स्थल का दौरा कर चल रहे कार्यों का बारीकी से जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने सचिव को आश्वस्त किया कि बचे हुए फिनिशिंग कार्य को तय समय सीमा (जुलाई के प्रथम सप्ताह) के भीतर पूरा कर लिया जाएगा, जिसके बाद इसे आम जनता के आवागमन के लिए खोल दिया जाएगा।

​🛠️ युद्ध स्तर पर चल रहा है काम: 98.1% भौतिक प्रगति हासिल

​समीक्षा के दौरान विभाग के सचिव ने अब तक हुए कार्यों की गुणवत्ता की सराहना की। उन्होंने निर्माण एजेंसी और अभियंताओं को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि अंतिम चरण के काम में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

​सचिव का सख्त निर्देश:

“सभी तकनीकी मानकों (Technical Standards) का सख्ती से पालन करते हुए जुलाई के पहले हफ्ते तक काम को हर हाल में पूरा करें, ताकि उत्तर और दक्षिण बिहार को जोड़ने वाले इस महासेतु का लाभ आम जनता को जल्द से जल्द मिल सके।”

 

​वर्तमान में इस पुल का 98.1 प्रतिशत भौतिक कार्य (Physical Progress) पूरा हो चुका है। अब केवल पुल पर फिनिशिंग वर्क, एक्सपेंशन जॉइंट्स की स्ट्रेसिंग और अन्य जरूरी तकनीकी बारीकियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। बताते चलें कि इसके प्रथम चरण (कच्ची दरगाह, पटना से राघोपुर दियारा, वैशाली – कुल 4.57 किमी) का उद्घाटन पहले ही किया जा चुका है।

​📈 परियोजना की मुख्य विशेषताएं और भूगोल

​यह सिर्फ एक पुल नहीं, बल्कि बिहार के विकास की नई रफ्तार है। आइए समझते हैं इस प्रोजेक्ट के मुख्य आंकड़े:

  • ​कुल लंबाई: 19.76 किलोमीटर (9.76 किमी मुख्य पुल + 10 किमी एप्रोच रोड)।
  • ​कनेक्टिविटी: पटना जिला के NH-30 (कच्ची दरगाह) को वैशाली जिला के NH-103 (बिदुपुर) से सीधे जोड़ेगा।
  • ​रूपांतरण: यह सिक्स-लेन पुल पटना के सबलपुर से शुरू होकर बिदुपुर तक जाएगा और सीधे पटना-बख्तियारपुर बाईपास (NH-30) से कनेक्ट होगा।

​💡 इस महासेतु के बनने से बिहार को क्या होंगे फायदे?

​  महात्मा गांधी सेतु पर घटेगा गाड़ियों का दबाव

​वर्तमान में उत्तर बिहार से पटना आने-जाने के लिए गांधी सेतु मुख्य जरिया है, जिस पर गाड़ियों का भारी दबाव रहता है। बिदुपुर तक इस 6-लेन पुल के चालू होते ही गांधी सेतु का ट्रैफिक लोड बेहद कम हो जाएगा और लोगों को जाम से मुक्ति मिलेगी।

​  मेडिकल इमरजेंसी में संजीवनी बनेगा यह पुल

​उत्तर बिहार या वैशाली, समस्तीपुर के इलाकों से गंभीर मरीजों को पटना AIIMS, PMCH या अन्य अस्पतालों में लाने के लिए घंटों का सफर तय करना पड़ता था। इस पुल के चालू होने से एम्बुलेंस बिना किसी बाधा के चंद मिनटों में पटना पहुंच सकेगी, जिससे कई लोगों की जान बचाई जा सकेगी।

​  व्यापार, उद्योग और कृषि को मिलेगी नई रफ्तार

​निर्बाध सड़क संपर्क (Seamless Connectivity) होने से राघोपुर दियारा समेत वैशाली और समस्तीपुर के किसानों की सब्जियां और उत्पाद सीधे और तेजी से पटना की मंडियों तक पहुंच सकेंगे। इससे क्षेत्र में नए उद्योगों और व्यापार के नए रास्ते खुलेंगे।

नवगछिया में बड़ा साइबर फ्रॉड: लोन दिलाने के नाम पर सैकड़ों महिलाओं से लाखों की ठगी, कंपनी दफ्तर पर ताला लटकाकर फरार

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Bhagalpur News: नवगछिया अनुमंडल में एक कथित तौर पर फर्जी फाइनेंस कंपनी द्वारा सैकड़ों महिलाओं से लाखों रुपये ठगने का एक सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। ‘आईबीएल (IBL) फाइनेंशियल लिमिटेड’ नामक एक कथित कंपनी पर आरोप है कि उसने ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को बेहद कम समय में बड़ा लोन दिलाने का झांसा दिया, उनसे मोटी रकम वसूली और रातों-रात अपना बोरिया-बिस्तर समेट कर रफूचक्कर हो गई।

​रविवार को इस जालसाजी का शिकार हुईं भारी संख्या में पीड़ित महिलाएं नवगछिया साइबर थाना पहुंचीं और पुलिस प्रशासन से न्याय तथा अपनी डूबी रकम वापस दिलाने की गुहार लगाई।

​ NH-31 पर खोला था दफ्तर, गांवों में फैलाया था जाल

​जानकारी के अनुसार, ठगों ने बड़ी चालाकी से नवगछिया के एनएच-31 स्थित संतोष धर्मकांटा के पास अपना मुख्य कार्यालय खोल रखा था, ताकि लोगों को कंपनी असली लगे। इसके बाद कंपनी के तथाकथित एजेंटों और प्रतिनिधियों ने ग्रामीण इलाकों का रुख किया।

​ठगों के निशाने पर मुख्य रूप से इस्माइलपुर, नारायणपुर, बिहपुर और पसराहा क्षेत्र के गांवों की महिलाएं थीं। इन एजेंटों ने गांवों में जाकर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने और छोटे व्यवसाय के लिए बंपर ऑफर दिए।

​ “10 हजार जमा करो, 12 घंटे में पाओ 2 लाख” — ठगी का मास्टरप्लान

​ग्रामीण महिलाओं को जाल में फंसाने के लिए कंपनी ने एक लुभावना ऑफर तैयार किया था। महिलाओं को बताया गया कि यदि वे सिक्योरिटी मनी के तौर पर 10,000 रुपये जमा करती हैं, तो मात्र 12 घंटे के भीतर उनके बैंक खाते में 2,000,000 (दो लाख) रुपये का लोन क्रेडिट कर दिया जाएगा।

​लोन की सख्त जरूरत और सुनहरे भविष्य की उम्मीद में करीब 200 से अधिक महिलाओं ने अपनी जमा-पूंजी, और कई ने तो दूसरों से उधार लेकर नकद व ऑनलाइन माध्यम से कंपनी के खाते में पैसे जमा करा दिए।

​ जब तय समय पर नहीं आया पैसा, तो खुली पोल

​पैसे जमा करने के बाद जब तय समय सीमा (12 घंटे) बीत गई और महिलाओं के मोबाइल पर लोन का कोई मैसेज नहीं आया, तो उन्हें शक हुआ। जब रविवार को पीड़ित महिलाएं पूछताछ करने एनएच-31 स्थित संतोष धर्मकांटा के पास कंपनी के दफ्तर पहुंचीं, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। कार्यालय पर ताला लटका हुआ था और सभी कर्मियों के मोबाइल फोन बंद आ रहे थे।

​ साइबर थाना पुलिस मामले की जांच में जुटी

​धोखाधड़ी का अहसास होते ही महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा और वे एकजुट होकर नवगछिया साइबर थाना पहुंचीं। थाना परिसर में मौजूद पीड़ित महिलाओं ने रो-रोकर अपनी आपबीती सुनाई।

​पुलिस का बयान:

साइबर थाना पुलिस ने पीड़ित महिलाओं से लिखित आवेदन ले लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामला दर्ज कर तकनीकी अनुसंधान (Technical Investigation) शुरू कर दी गई है। जिस बैंक खाते में ऑनलाइन पैसे मंगाए गए हैं, उसे फ्रीज करने की प्रक्रिया की जा रही है और सीसीटीवी फुटेज व मोबाइल लोकेशन के जरिए दोषियों की पहचान कर जल्द ही उन्हें सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।

 

​(सिल्क टीवी न्यूज़ सभी पाठकों से अपील करता है कि किसी भी अनजान फाइनेंस कंपनी को लोन के नाम पर एडवांस पैसे या प्रोसेसिंग फीस न दें। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें।)

भागलपुर को बड़ी राहत: विक्रमशिला सेतु पर बेली ब्रिज का उद्घाटन, आज से दौड़ेंगे छोटे वाहन

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Bhagalpur News: भागलपुर और आसपास के जिलों के वासियों के लिए रविवार का दिन एक बड़ी सौगात लेकर आया। पिछले 3 मई से बंद पड़े विक्रमशिला सेतु पर आखिरकार छोटे वाहनों का परिचालन दोबारा शुरू हो गया है। बिहार सरकार के पथ निर्माण मंत्री इंजीनियर कुमार शैलेंद्र ने रविवार को फीता काटकर और नारियल फोड़कर नवनिर्मित बेली ब्रिज का विधिवत उद्घाटन किया।

​इस ऐतिहासिक पल के गवाह पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल, जिलाधिकारी (DM) डॉ. नवल किशोर चौधरी, वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) प्रमोद कुमार सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि बने।

​ चिलचिलाती गर्मी में BRO की टीम ने किया कमाल, मंत्री ने जताया आभार

​उद्घाटन समारोह के दौरान बेली ब्रिज के निर्माण में दिन-रात एक करने वाले अधिकारियों, अभियंताओं और श्रमिकों को अंगवस्त्र ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।

​मीडिया को संबोधित करते हुए पथ निर्माण मंत्री ई. कुमार शैलेंद्र ने कहा:

​”बॉर्डर रोड्स ऑर्गेनाइजेशन (BRO) की टीम ने जिला प्रशासन के साथ बेहतरीन समन्वय बनाकर काम किया। ये लोग अमूमन ठंडे प्रदेशों में काम करने के आदी हैं, लेकिन भागलपुर की इस भीषण गर्मी में भी उन्होंने हार नहीं मानी। मात्र 16 से 20 दिनों के बेहद सीमित समय के भीतर इस पुल को तैयार कर जनता को सुपुर्द कर दिया गया है। इसके लिए सभी श्रमिक और इंजीनियर्स बधाई के पात्र हैं।”

 

​ “7 जून से पहले का कमिटमेंट पूरा हुआ” — जिलाधिकारी

​इस मौके पर जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने मुख्यमंत्री के निर्देशों और अपनी टीम की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने कहा:

​”माननीय मुख्यमंत्री महोदय का सख्त निर्देश था कि इसे जल्द से जल्द जनता के लिए शुरू किया जाए। हमने आम जनता से वादा किया था कि 7 जून से पहले काम पूरा कर लिया जाएगा और आज हम उस कमिटमेंट को पूरा कर बेहद गौरवान्वित हैं। पुल पूरी तरह सुरक्षित है; इस पर भारी-भरकम क्रेन और रोलर चलाकर टेस्टिंग की जा चुकी है।”

 

​ यात्रियों के लिए जरूरी गाइडलाइन: वन-वे ट्रैफिक और 10 मिनट का धैर्य

​प्रशासन ने पुल के सुचारू संचालन के लिए आम जनता से सहयोग की अपील की है। डीएम ने स्पष्ट किया कि:

  • ​वन-वे ट्रैफिक: पुल पर फिलहाल वन-वे (One-way) व्यवस्था लागू रहेगी।
  • ​10 मिनट का इंतजार: विपरीत दिशा से आ रहे वाहनों के लिए लोगों को अधिकतम 10 मिनट तक का इंतजार करना पड़ सकता है।
  • ​डेली मेंटेनेंस: सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और पुल की रोजाना (Daily) चेकिंग और मेंटेनेंस की जाएगी।

​समारोह की मुख्य झलकियां:

  • ​प्रमुख उपस्थिति: सचिव पंकज कुमार पाल, डीएम डॉ. नवल किशोर चौधरी, एसएसपी प्रमोद कुमार, और सदर अनुमंडल पदाधिकारी (SDO)।
  • ​सम्मान: BRO के अधीक्षण अभियंता विपिन कुमार चंद और उनकी पूरी टीम को उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया।
  • ​राहत: भागलपुर सहित नवगछिया, पूर्णिया, कटिहार और सीमांचल के जिलों को जोड़ने वाली इस लाइफलाइन के शुरू होने से जाम के झंझट से बड़ी मुक्ति मिलेगी।

​(यह विज्ञप्ति संयुक्त निदेशक जनसंपर्क, भागलपुर द्वारा जारी की गई है।)

विक्रमशिला सेतु पर बेली ब्रिज का काम पूरा, आज शाम होगा फाइनल ट्रायल; कल से आम जनता के लिए खुलेगा रास्ता!

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Bhagalpur News: भागलपुर और आसपास के जिलों के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर है। विक्रमशिला सेतु के समांतर निर्मित हो रहे बेली ब्रिज का अंतिम चरण का कार्य अब अपनी पूर्णता की ओर है। भागलपुर के जिलाधिकारी (DM) डॉ. नवल किशोर चौधरी ने शनिवार को निर्माण स्थल का सघन निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद मीडिया से बात करते हुए जिलाधिकारी ने घोषणा की कि कल यानी रविवार से इस पुल को आम जनता के आवागमन के लिए पूरी तरह समर्पित कर दिया जाएगा।

​आज शाम होगा अंतिम ट्रायल, BRO ने दिन-रात की मेहनत

​जिलाधिकारी ने बताया कि सीमा सड़क संगठन (BRO) की विशेषज्ञ टीम और विभागीय अभियंता पिछले कई दिनों से युद्धस्तर पर काम कर रहे हैं। पुल की मुख्य संरचना तैयार हो चुकी है और अब केवल छोटे-मोटे तकनीकी एवं संरचनात्मक कार्यों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

  • ​फाइनल ट्रायल: आज (06 जून) की संध्या में पुल पर वाहनों का अंतिम ट्रायल (Final Trial) किया जाएगा।
  • ​तत्काल सुधार: ट्रायल के दौरान यदि कोई तकनीकी सुझाव या सुधार की आवश्यकता सामने आती है, तो उसे रात भर में तत्काल दुरुस्त कर लिया जाएगा, ताकि कल से जनता बिना किसी असुविधा के सफर कर सके।

​सुरक्षा के लिए बना हाईटेक पुलिस पिकेट और कंट्रोल रूम

​पुल पर सुचारू यातायात व्यवस्था और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुल के समीप ही एक विशेष पुलिस पिकेट और नियंत्रण कक्ष (Control Room) स्थापित किया गया है। जिलाधिकारी ने इस व्यवस्था का जायजा लेते हुए कहा कि यहां तैनात पुलिसकर्मियों को हर मौसम में चौबीसों घंटे ड्यूटी करनी होगी, इसलिए उनके आराम और सुविधा का पूरा ख्याल रखा गया है।

​पुलिस पिकेट की मुख्य विशेषताएं:

  • ​हीट लैमिनेटेड पिकेट: गर्मी से बचाव के लिए पिकेट को खास तौर पर हीट लैमिनेटेड (Heat Laminated) बनाया गया है।
  • ​मूलभूत सुविधाएं: ड्यूटी पर तैनात कर्मियों के लिए पंखा, ठंडा पेयजल (drinking water) और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं ताकि वे बिना किसी परेशानी के अपनी जिम्मेदारी निभा सकें।

​पुल शुरू होने से आम जनता को क्या होगा फायदा?

​विक्रमशिला सेतु पर अक्सर लगने वाले भीषण जाम से त्रस्त जनता के लिए यह बेली ब्रिज किसी लाइफलाइन से कम नहीं होगा।

  1. ​जाम से मिलेगी परमानेंट मुक्ति: इस नए विकल्प के चालू होने से पुराने विक्रमशिला सेतु पर गाड़ियों का दबाव बेहद कम हो जाएगा, जिससे लोगों को दैनिक जाम से मुक्ति मिलेगी।
  2. ​निर्बाध और सुगम सफर: नवगछिया और भागलपुर के बीच का आवागमन अब बिना किसी बाधा के बेहद तीव्र और सुरक्षित हो जाएगा।
  3. ​सुरक्षा के प्रति बढ़ेगा आत्मविश्वास: जिलाधिकारी ने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि जब लोग स्वयं इस पुल से गुजरेंगे, तो उनमें सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था के प्रति आत्मविश्वास और अधिक मजबूत होगा। क्षेत्र के विकास और कनेक्टिविटी की दिशा में यह एक ऐतिहासिक कदम है।

पटना को मिलेगी जाम से मुक्ति: मीठापुर-चिरैयाटांड़ फ्लाईओवर का काम 70% पूरा, सचिव पंकज कुमार पाल ने दिए दिसंबर तक काम खत्म करने के सख्त निर्देश!

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Patna News: राजधानी पटना की यातायात व्यवस्था को सुगम, आधुनिक और पूरी तरह जाममुक्त बनाने के लिए बिहार सरकार बड़े कदम उठा रही है। इसी क्रम में पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने पटना शहर के अंतर्गत निर्माणाधीन मीठापुर-चिरैयाटांड़ फ्लाईओवर परियोजना का औचक स्थल निरीक्षण किया। सचिव ने तकनीकी टीम और विभागीय अभियंताओं के साथ मीठापुर फ्लाईओवर से चिरैयाटांड़ फ्लाईओवर (भाया करबिगहिया) को जोड़ने वाले पहुंच पथ (अप्रोच रोड) और दोनों तरफ बन रही सर्विस लेन के निर्माण कार्य का बारीकी से जायजा लिया।

​लापरवाही बर्दाश्त नहीं, तय समय पर पूरा हो काम

​निरीक्षण के दौरान सचिव पंकज कुमार पाल ने कड़ा रुख अपनाते हुए निर्माण स्थल पर मौजूद संवेदक (कॉन्ट्रैक्टर) और अभियंताओं को स्पष्ट निर्देश दिया कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता या सुस्ती बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सुरक्षा मानकों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करते हुए हर हाल में निर्धारित समयसीमा के भीतर इस महत्वाकांक्षी परियोजना को पूरा करने का आदेश दिया।

​परियोजना की लागत, लंबाई और वर्तमान स्थिति

  • ​कुल लागत: लगभग ₹292.74 करोड़
  • ​कुल लंबाई: 1730 मीटर
  • ​वर्तमान स्थिति: परियोजना के नींव (फाउंडेशन) का कार्य पूरी तरह पूर्ण हो चुका है। वहीं सब-स्ट्रक्चर, सुपर-स्ट्रक्चर और पहुंच पथ (अप्रोच रोड) का कार्य लगभग 70% तक पूरा कर लिया गया है।
  • ​पहला चरण (जुलाई 2026): जी०पी०ओ० गोलम्बर से पुराने बस स्टैंड तक के कार्य को इसी साल जुलाई में पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।
  • ​पूरी परियोजना की डेडलाइन: पूरी परियोजना का कार्य पूर्ण होने की संभावित तिथि दिसंबर 2026 निर्धारित की गई है।

​सचिव ने अधिकारियों को विशेष रूप से निर्देश दिया कि मानसून के प्रारंभ होने से पहले आने वाली संभावित बाधाओं का समय रहते निराकरण कर लिया जाए, ताकि बारिश के मौसम में भी निर्माण कार्य की गति प्रभावित न हो।

​रूट और आम जनता को मिलने वाले बड़े फायदे

​यह फ्लाईओवर आर०-ब्लॉक गोलम्बर – जी०पी०ओ० गोलम्बर – मीठापुर गोलम्बर – करबिगहिया स्टेशन होते हुए कंकड़बाग तक जाएगी, जिससे वाहनों की आवाजाही बिना किसी रुकावट के हो सकेगी। इसके पूर्ण होने से पटनावासियों को निम्नलिखित बड़े फायदे मिलेंगे:

  1. ​करबिगहिया के भीषण जाम से मुक्ति: इस फ्लाईओवर के निर्माण से करबिगहिया स्टेशन के समीप होने वाले दैनिक और गंभीर यातायात जाम से आम जनता को हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी।
  2. ​भारी ट्रैफिक को सुगम मार्ग: नवनिर्मित मीठापुर-महुली फ्लाईओवर से पटना शहर की ओर आने वाले भारी ट्रैफिक को इसके माध्यम से बेहद सुगम और तीव्र मार्ग मिलेगा।
  3. ​NH-30 बाईपास से सीधा जुड़ाव: यह फ्लाईओवर मीठापुर गोलम्बर को सीधे NH-30 बाईपास से जोड़ेगी। इससे बाहरी और अंतर-शहरी वाहनों को शहर के व्यस्ततम अंदरूनी रास्तों में प्रवेश किए बिना ही सीधा निकास (एक्जिट) मिल जाएगा।

​सचिव ने आश्वस्त किया कि इस फ्लाईओवर और एप्रोच रोड के पूर्ण होने से पटना की पूरी यातायात व्यवस्था पहले से कहीं अधिक बेहतर, आधुनिक और सुगम हो जाएगी।