Bhagalpur News: भागलपुर के सबौर थाना क्षेत्र स्थित रामनगर ममलखा गांव से एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है। यहां करंट की चपेट में आने से 40 वर्षीय एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे ने पूरे हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ कर रख दिया है। मृतक की पहचान महेंद्र मंडल के पुत्र सोनू मंडल (40 वर्ष) के रूप में की गई है, जो अपने पीछे पांच छोटे-छोटे बच्चों और पत्नी को बेसहारा छोड़ गए हैं।
कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा?
ग्रामीणों और परिजनों से मिली जानकारी के मुताबिक, सोनू मंडल अपने खेत से मकई का बोझा लेकर घर लौट रहे थे। इसी दौरान घर के पास से गुजर रहा बिजली का हाई-टेंशन या घरेलू सप्लाई का तार अचानक टूट कर गिर गया। तार टूटने की वजह से घर की बिजली गुल हो गई और चारों तरफ अंधेरा छा गया।
अंधेरे को दूर करने और बिजली आपूर्ति बहाल करने के उद्देश्य से सोनू मंडल खुद ही टूटे हुए तार को जोड़ने का प्रयास करने लगे। इसी लापरवाही या अनजाने में वह जिंदा बिजली के तार (लाइव वायर) की चपेट में आ गए। करंट का झटका इतना जोरदार था कि वह दूर जा गिरे, जिससे उनके शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें भी आईं।
अस्पताल पहुंचने से पहले ही थम गईं सांसें
घटना के तुरंत बाद चीख-पुकार मच गई। बदहवास परिजन और ग्रामीण आनन-फानन में सोनू मंडल को इलाज के लिए जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (मायागंज) लेकर भागे। हालांकि, अस्पताल के डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद ही उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर सुनते ही परिजनों में कोहराम मच गया।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा
अस्पताल प्रबंधन की सूचना पर बरारी पुलिस कैंप की टीम तुरंत मायागंज अस्पताल पहुंची। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर कागजी कार्रवाई पूरी की और उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
परिवार का इकलौता सहारा था सोनू, अब दाने-दाने को मोहताज मासूम!
मृतक के वृद्ध पिता महेंद्र मंडल ने रोते हुए बताया कि सोनू ही पूरे परिवार का पेट पालता था। वह घर का इकलौता कमाने वाला सदस्य था। सोनू की असमय मौत के बाद अब इस बड़े परिवार के सामने भरण-पोषण का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
अनाथ हुए 5 मासूम बच्चे:
- बेटियां: 4 छोटी बेटियां (जिनके सिर से पिता का साया उठ गया)
- बेटा: 1 छोटा बेटा
पति की मौत के बाद पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है, वह बार-बार बेहोश हो जा रही है। इस दर्दनाक घटना के बाद से पूरे रामनगर ममलखा गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। हर आंख नम है और ग्रामीण पीड़ित परिवार को इस मुश्किल घड़ी में ढांढस बंधाने में जुटे हैं।


