Patna News: बिहार में त्रि-स्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के सशक्तीकरण, वित्तीय प्रबंधन और ग्रामीण विकास को नई गति देने के लिए आज पंचायती राज विभाग, बिहार के पटना मुख्यालय में एक महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठक आहूत की गई। इस बैठक की अध्यक्षता पंचायती राज मंत्रालय, भारत सरकार की संयुक्त सचिव श्रीमती पलका सहनी ने की।
बैठक में केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से चल रही विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई और बिहार की पंचायतों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने का रोडमैप तैयार किया गया।
📢 “स्थानीय जरूरतों के अनुरूप कार्ययोजना से ही सशक्त होंगी पंचायतें”
बैठक को संबोधित करते हुए संयुक्त सचिव श्रीमती पलका सहनी ने कहा:
”स्थानीय जरूरतों एवं चुनौतियों के अनुरूप बेहतर कार्ययोजना बनाकर ही त्रि-स्तरीय पंचायती राज संस्थाओं को और सशक्त एवं जवाबदेह बनाया जा सकता है।”
उन्होंने बिहार सरकार द्वारा पंचायतों के विकास के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना की और सुझाव दिया कि आगामी वर्षों के लिए रणनीतिक योजनाएं (Strategic Plans) जमीनी हकीकत को ध्यान में रखकर बनाई जाएं।
📊 सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) की ओर बढ़ते बिहार के कदम
बैठक के दौरान पंचायती राज विभाग, बिहार के सचिव मनोज कुमार ने पीपीटी (PPT) के माध्यम से केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य में चल रही योजनाओं की अद्यतन प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।
- सचिव ने बताया कि बिहार की कई ग्राम पंचायतें स्थानीयकृत सतत विकास लक्ष्यों (LSDGs) की प्राप्ति की दिशा में पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही हैं।
- ज़मीनी स्तर पर शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
🏆 ‘पंचायत उन्नति सूचकांक’ और राष्ट्रीय पुरस्कारों पर मंथन
बैठक में भारत सरकार द्वारा विकसित पंचायत उन्नति सूचकांक (Panchayat Development Index) पर बिहार की ग्राम पंचायतों के प्रदर्शन को और बेहतर बनाने की रणनीति पर चर्चा हुई।
- संयुक्त सचिव ने निर्देश दिया कि राज्य की अधिक से अधिक ग्राम पंचायतों को राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार से सम्मानित कराने की दिशा में काम किया जाए।
- इसके लिए बेहतर प्रदर्शन करने वाली ग्राम पंचायतों को विभाग की ओर से विशेष तकनीकी और प्रशासनिक सहयोग प्रदान किया जाएगा।
💡 ‘पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना’ से चमकेंगे बिहार के गाँव (सोलर विलेज)
ग्रामीण क्षेत्रों में ऊर्जा संरक्षण और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए “पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना” पर विस्तृत चर्चा की गई। संयुक्त सचिव ने बिहार के अधिक से अधिक गाँवों को ‘सोलर विलेज’ (Solar Village) के रूप में विकसित करने के लिए विभाग को सक्रिय सहयोग प्रदान करने को कहा।
🏛️ ‘मेरा गाँव मेरी धरोहर’ के तहत पर्यटन का विकास
बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए “मेरा गाँव मेरी धरोहर योजना” पर भी विशेष जोर दिया गया। संयुक्त सचिव ने सचिव, पंचायती राज विभाग को निर्देशित किया कि राज्य की ग्राम पंचायतों में मौजूद ऐतिहासिक और स्थानीय पर्यटन स्थलों की पहचान कर उनके विकास में विभागीय सहयोग सुनिश्चित किया जाए।
💰 वित्तीय प्रबंधन और आर्थिक आत्मनिर्भरता पर बल
पंचायतों के सुदृढ़ीकरण के लिए वित्तीय अनुशासन को सबसे महत्वपूर्ण बताते हुए संयुक्त सचिव ने निर्देश दिए:
- बेहतर वित्तीय प्रबंधन: वित्त आयोग (Finance Commission) द्वारा प्रदान की गई राशि का शत-प्रतिशत और पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
- आय के आंतरिक स्रोत: ग्राम पंचायतों को केवल सरकारी अनुदान पर निर्भर रहने के बजाय आय के अपने स्वयं के स्रोत (Own Source of Revenue – OSR) विकसित करने होंगे, ताकि वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें।
👥 बैठक में उपस्थित प्रमुख पदाधिकारी
इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में केंद्र और राज्य के आला अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे:
- मनोज कुमार, सचिव, पंचायती राज विभाग, बिहार
- नवीन कुमार सिंह, निदेशक, पंचायती राज विभाग
- नजर हुसैन, अपर सचिव, पंचायती राज विभाग, बिहार
- इसके साथ ही विभाग के अन्य वरीय पदाधिकारी एवं कर्मी भी उपस्थित रहे।
पंचायती राज विभाग, बिहार, पटना द्वारा जनहित में प्रसारित।


