Patna News: बिहार की कृषि और किसानों को आत्मनिर्भर, आधुनिक और समृद्ध बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। शुक्रवार को कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने ‘शारदीय (खरीफ) महाभियान 2026’ के शुभारंभ के अवसर पर आयोजित राज्यस्तरीय कर्मशाला को संबोधित किया।
कृषि मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह महाभियान सिर्फ एक सरकारी कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह बिहार के किसानों की समृद्धि और ‘विकसित बिहार’ के निर्माण का एक व्यापक जनआंदोलन है।
📢 “मिट्टी बचाइए, खेती बचाइए, किसान बचाइए”
सनातनी संस्कृति और माटी के महत्व को रेखांकित करते हुए कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने भावुक और कड़ा संदेश दिया:
”हम सब धरती माता को पूजते हैं और सनातन संस्कृति में माटी ही सबसे बड़ा धर्म है। अत्यधिक रासायनिक उर्वरकों के उपयोग से मिट्टी बीमार हो रही है। अपने शरीर को स्वस्थ रखने और परिवार को बचाने के लिए प्राकृतिक खेती को अपनाना आज समय की सबसे बड़ी मांग है। प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को बिहार सरकार विशेष रूप से सम्मानित करेगी।”
🚜 ‘खेत बचाओ अभियान’ के तहत उठाए जाएंगे 5 बड़े कदम
वर्तमान में मिट्टी की घटती उर्वरा शक्ति को देखते हुए कृषि विभाग पूरे राज्य में “खेत बचाओ अभियान” चलाने जा रहा है। इसके तहत निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं पर फोकस रहेगा:
- मृदा परीक्षण (Soil Testing): हर खेत की मिट्टी की जांच कर हेल्थ कार्ड जारी करना।
- संतुलित उर्वरक उपयोग: जरूरत से ज्यादा यूरिया और डीएपी के इस्तेमाल पर रोक।
- प्राकृतिक एवं जैविक खेती: रसायनों से मुक्त, शुद्ध और देसी खेती को बढ़ावा।
- जल संरक्षण: सिंचाई के आधुनिक तरीकों से पानी की बर्बादी रोकना।
- फसल विविधीकरण (Crop Diversification): पारंपरिक खेती के अलावा नकदी फसलों पर जोर।
💻 ‘किसान डिजिटल साक्षरता अभियान’ से हाईटेक होंगे अन्नदाता
बिहार की खेती को 21वीं सदी की तकनीक से जोड़ने के लिए कृषि मंत्री ने “किसान डिजिटल साक्षरता अभियान” की बड़ी घोषणा की। इसके तहत किसानों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाया जाएगा:
- आधुनिक तकनीक: किसानों को ड्रोन (Drone), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और रिमोट सेंसिंग जैसी तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
- डिजिटल प्लेटफॉर्म: ‘फार्मर आईडी’ (Farmer ID), बिहार कृषि मोबाइल ऐप, ऑनलाइन आवेदन और डिजिटल भुगतान का उपयोग सिखाया जाएगा।
- स्मार्ट खेती: मौसम का सटीक पूर्वानुमान और बाजार भाव सीधे किसानों के मोबाइल पर उपलब्ध कराए जाएंगे।
🗣️ अगले महीने से फिर शुरू होगा “किसान जन कल्याण संवाद”
किसानों की समस्याओं के ऑन-स्पॉट (तुरंत) समाधान के लिए कृषि मंत्री ने घोषणा की कि अगले माह से राज्यभर में “किसान जन कल्याण संवाद” कार्यक्रम को दोबारा शुरू किया जा रहा है।
- इसके तहत जिला स्तर पर ‘खुली चर्चा’ आयोजित की जाएगी।
- मंच पर एक साथ किसान, कृषि वैज्ञानिक, एग्री-स्टार्टअप उद्यमी और विभाग के आला अधिकारी मौजूद रहेंगे ताकि समस्याओं का तुरंत निपटारा हो सके।
💼 युवाओं के लिए कृषि क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर
कृषि मंत्री ने कहा कि बिहार सरकार कृषि को सिर्फ आजीविका नहीं, बल्कि रोजगार और उद्यमिता (Entrepreneurship) का सबसे बड़ा केंद्र बनाने जा रही है। इसके तहत युवाओं को इन क्षेत्रों में बढ़ावा दिया जाएगा:
- बीज उत्पादन और कृषि यंत्र सेवा केंद्र।
- गांवों में कमर्शियल ड्रोन सर्विस।
- खाद्य प्रसंस्करण (Food Processing), भंडारण (Storage) और विपणन (Marketing)।
- जैविक उत्पाद और एग्री-स्टार्टअप के लिए विशेष अनुदान।
⚠️ अधिकारियों को सख्त हिदायत: “फाइलों में नहीं, खेतों में दिखे काम”
समीक्षा के दौरान कृषि मंत्री ने विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय करते हुए सख्त लहजे में कहा:
”किसी भी सरकारी योजना की सफलता दफ्तर की फाइलों में नहीं, बल्कि किसान के खेत में दिखाई देनी चाहिए। किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण बीज, उर्वरक और तकनीकी सहायता पहुंचाना विभाग की पहली और आखिरी जिम्मेदारी है।”


