Patna News: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में गृह विभाग और पुलिस मुख्यालय के तमाम वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अपराधियों और असामाजिक तत्वों पर कसेगा शिकंजा
मुख्यमंत्री ने पुलिस प्रशासन को निर्देश दिया है कि अपराधियों, असामाजिक तत्वों और माहौल बिगाड़ने वालों की जिलावार एवं थानावार सूची तैयार की जाए। आदतन अपराधियों पर नकेल कसने के लिए अपराध नियंत्रण अधिनियम (CCA) के तहत सख्त कदम उठाए जाएं। साथ ही, संवेदनशील इलाकों में नियमित गश्त और पुलिस की सक्रिय उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
तकनीक आधारित आपातकालीन सेवाएं (डायल-112)
नागरिकों को त्वरित पुलिस सहायता उपलब्ध कराने वाली ‘डायल-112’ सेवा की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके रिस्पांस टाइम को और बेहतर बनाया जाए। वर्तमान में बिहार में इसका औसत रिस्पांस टाइम लगभग 11 मिनट है, जो राष्ट्रीय औसत (17 मिनट) से काफी अच्छा है। इसे और अधिक प्रभावी बनाने के लिए तकनीक का भरपूर उपयोग करने पर जोर दिया गया।
साइबर अपराध और सोशल मीडिया की मॉनिटरिंग
डिजिटल युग के अपराधों से निपटने के लिए हर जिले में प्रभावी निगरानी व्यवस्था बनाने को कहा गया है। साइबर ठगी या ऑनलाइन धोखाधड़ी की शिकायत के लिए राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, सोशल मीडिया पर भ्रामक या आपत्तिजनक सामग्री फैलाने वालों पर कड़ी नजर रखी जाएगी। डीएम और एसपी को ऐसे संवेदनशील मामलों में दो घंटे के भीतर त्वरित प्रतिक्रिया देने को कहा गया है।
नशा कारोबार और आर्थिक अपराधियों पर प्रहार
नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार में लिप्त लोगों के खिलाफ नारकोटिक्स एजेंसियों और पुलिस को मिलकर बड़ा अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है। वहीं, आर्थिक अपराधों के जरिए अवैध संपत्ति अर्जित करने वालों पर भी कठोर कानूनी शिकंजा कसने की बात कही गई है, ताकि दोषियों को जल्द से जल्द सजा मिल सके।
स्वच्छ और कदाचार-मुक्त परीक्षाएं सरकार की प्राथमिकता
बैठक के अंत में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य में आयोजित होने वाली सभी प्रतियोगी परीक्षाएं पूरी तरह स्वच्छ, पारदर्शी और कदाचार-मुक्त होनी चाहिए। परीक्षाओं में गड़बड़ी करने या नकल कराने वाले गिरोहों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। बैठक में उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, डीजीपी प्रीता वर्मा सहित कई अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित रहे।


