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भागलपुर में ब्राउन शुगर तस्करी का बड़ा खुलासा, 403.20 ग्राम नशीले पदार्थ के साथ 3 गिरफ्तार

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सबौर रेलवे स्टेशन के पास पुलिस की कार्रवाई, गिरफ्तार आरोपियों में एक महिला भी शामिल; तीन मोबाइल फोन बरामद, नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में छापेमारी जारी।

Bhagalpur News: बिहार के भागलपुर जिले में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। सबौर थाना पुलिस ने सबौर रेलवे स्टेशन के पास छापेमारी कर कथित तौर पर ब्राउन शुगर की तस्करी में शामिल तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से 403.20 ग्राम ब्राउन शुगर और तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों में एक महिला भी शामिल है। पुलिस अब इस मामले में अन्य संभावित आरोपियों की तलाश में जुटी है।

‘स्वस्थ युवा, स्वस्थ भागलपुर’ अभियान के तहत कार्रवाई

वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जिले में युवाओं को नशे की लत से बचाने और मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर रोक लगाने के उद्देश्य से ‘स्वस्थ युवा, स्वस्थ भागलपुर’ नाम से विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत सबौर थाना पुलिस ने यह कार्रवाई की।

पुलिस के अनुसार, 11 अक्टूबर 2026 को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ लोग सबौर रेलवे स्टेशन से बाहर निकलकर मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले हैं। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और त्वरित कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी।

पुलिस टीम को देखकर भागने लगे आरोपी

मिली सूचना के सत्यापन और आवश्यक कार्रवाई के लिए पुलिस अधीक्षक नगर की निगरानी में विधि-व्यवस्था डीएसपी, सबौर थानाध्यक्ष और पुलिसकर्मियों की टीम गठित की गई। इसके बाद पुलिस टीम सबौर रेलवे स्टेशन के पास पहुंची और संदिग्धों पर नजर रखने लगी।

पुलिस के मुताबिक, टीम को देखकर कुछ संदिग्ध भागने लगे। हालांकि, पुलिस बल की मदद से तीनों को पकड़ लिया गया। तलाशी के दौरान उनके पास से 403.20 ग्राम ब्राउन शुगर और तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए।

गिरफ्तार आरोपियों में एक महिला भी शामिल

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जय नन्दन कुमार, सोनम प्रिया और कृष्ण कुमार के रूप में की है। इनमें सोनम प्रिया नाम की एक महिला भी शामिल है।

पुलिस बरामद नशीले पदार्थ और मोबाइल फोन के आधार पर मामले की आगे जांच कर रही है। जांच के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कथित तस्करी के इस मामले में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं और नशीले पदार्थ की आपूर्ति कहां से की जा रही थी।

 अन्य तस्करों की तलाश में छापेमारी जारी

इस मामले में संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस के अनुसार, कथित नशा कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।

भागलपुर पुलिस की इस कार्रवाई को जिले में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के अभियान के तहत देखा जा रहा है। अब जांच के दौरान यह स्पष्ट होगा कि बरामद ब्राउन शुगर कहां से लाई गई थी और इसके पीछे कोई बड़ा तस्करी नेटवर्क सक्रिय है या नहीं।

भागलपुर में Blinkit के राइडरों की हड़ताल, मेहनताना घटने से नाराजगी; ग्राहकों की डिलीवरी प्रभावित

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छह महीने में कमाई 40 से 50 फीसदी तक घटने का दावा, पुराने राइडरों ने नए कर्मियों को बोनस देने पर उठाए सवाल; मांगें पूरी होने तक काम बंद रखने की चेतावनी।

Bhagalpur News: बिहार के भागलपुर में ऑनलाइन ग्रॉसरी डिलीवरी सेवा Blinkit के राइडरों ने मेहनताना घटने के विरोध में हड़ताल शुरू कर दी है। शहर के आदमपुर स्थित Blinkit स्टोर पर सोमवार सुबह से राइडरों ने काम बंद कर दिया। राइडरों की नाराजगी का मुख्य कारण पिछले छह महीनों में उनकी कमाई में कथित तौर पर 40 से 50 फीसदी तक की गिरावट आना है। इस हड़ताल के कारण ग्राहकों के ऑर्डर की डिलीवरी भी प्रभावित होने लगी है।

कमाई में गिरावट से राइडरों में नाराजगी

हड़ताल कर रहे राइडरों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में उनकी कमाई में काफी कमी आई है। उनका आरोप है कि पहले की तुलना में अब डिलीवरी के काम से होने वाली आमदनी घट गई है। ऐसे में रोजमर्रा के खर्चों को पूरा करना भी मुश्किल होता जा रहा है।

राइडरों के मुताबिक, डिलीवरी के काम में समय और मेहनत दोनों लगते हैं। पेट्रोल, वाहन के रखरखाव और अन्य खर्चों को देखते हुए कम होती कमाई उनके लिए परेशानी का कारण बन रही है। इसी मुद्दे को लेकर राइडरों ने विरोध का रास्ता अपनाया है।

पुराने राइडरों की कमाई कम, नए राइडरों को बोनस देने पर सवाल

राइडरों की नाराजगी की एक वजह नए और पुराने डिलीवरी पार्टनर्स के बीच भुगतान और बोनस की व्यवस्था को लेकर भी है। प्रदर्शन कर रहे राइडरों का आरोप है कि पुराने राइडरों की कमाई घट रही है, जबकि नए राइडरों को बोनस दिया जा रहा है।

उनका कहना है कि लंबे समय से काम कर रहे राइडरों की आय में कमी और प्रोत्साहन राशि को लेकर बनी स्थिति पर कंपनी को ध्यान देना चाहिए। हालांकि, भुगतान की व्यवस्था और बोनस से संबंधित इन आरोपों पर कंपनी का पक्ष सामने आना बाकी है।

मांगें पूरी होने तक हड़ताल जारी रखने की चेतावनी

आदमपुर स्थित स्टोर पर काम बंद करने वाले राइडरों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों पर सुनवाई नहीं होती और समस्या का समाधान नहीं निकलता, तब तक उनका विरोध जारी रह सकता है। राइडरों की प्रमुख चिंता कम होती आमदनी और भुगतान व्यवस्था में बदलाव को लेकर है।

यदि हड़ताल लंबी चलती है, तो इसका असर शहर में ऑनलाइन ऑर्डर की डिलीवरी व्यवस्था पर और अधिक पड़ सकता है। फिलहाल ग्राहकों को ऑर्डर मिलने में देरी होने की आशंका है।

गिग वर्कर्स की कमाई का मुद्दा फिर चर्चा में

भागलपुर में राइडरों की यह हड़ताल ऑनलाइन डिलीवरी सेवाओं से जुड़े गिग वर्कर्स की आय और कामकाजी परिस्थितियों से जुड़े सवालों को भी सामने लाती है। ऐसे काम में कमाई का सीधा संबंध डिलीवरी की संख्या, भुगतान की दरों और प्रोत्साहन योजनाओं से हो सकता है। इसलिए भुगतान व्यवस्था में बदलाव का असर राइडरों की आमदनी पर पड़ सकता है।

फिलहाल सभी की नजर इस बात पर है कि राइडरों की मांगों पर कंपनी की ओर से क्या कदम उठाया जाता है और हड़ताल कब तक समाप्त होती है।

किशनगंज में सिपाही समीर कुमार की मौत से सुल्तानगंज में मातम, पिता बोले- ड्यूटी के तनाव में रहता था बेटा

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32 वर्षीय समीर कुमार की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मचा कोहराम, अगस्त में छुट्टी लेकर आए थे घर; पत्नी और दो बच्चों के सिर से उठा पिता का साया, मौत की वजह जानने के लिए पुलिस जांच जारी।

Bhagalpur News: बिहार के किशनगंज में सिपाही समीर कुमार की गोली लगने से मौत की खबर ने भागलपुर जिले के सुल्तानगंज में उनके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। सुल्तानगंज थाना क्षेत्र के गंगापुर, वार्ड संख्या 21 स्थित उनके पैतृक घर में मातम पसरा हुआ है। 32 वर्षीय समीर की मौत की सूचना रविवार सुबह करीब आठ बजे परिजनों को मिली। खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।

समीर कुमार बिहार पुलिस में सिपाही के पद पर कार्यरत थे और उनकी तैनाती किशनगंज में थी। परिवार के लिए यह घटना किसी बड़े सदमे से कम नहीं है। जिस बेटे को परिवार ने जिम्मेदारियों के साथ आगे बढ़ते देखा था, उसकी अचानक मौत से घर में दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

पिता बोले- ड्यूटी के तनाव में रहता था बेटा

समीर के पिता नागेश्वर दास सेवानिवृत्त शिक्षक हैं। उन्होंने बताया कि उनका बेटा अगस्त महीने में छुट्टी लेकर घर आया था। इस दौरान उसने परिवार के साथ कुछ समय बिताया और फिर अपनी ड्यूटी पर किशनगंज लौट गया।

परिजनों के मुताबिक, समीर ड्यूटी के तनाव में रहते थे। पिता के इस बयान के बाद उनकी मौत की परिस्थितियों को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, ड्यूटी का तनाव ही उनकी मौत का कारण था या घटना के पीछे कोई अन्य वजह है, इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है। वास्तविक कारण पुलिस जांच पूरी होने और आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

वर्ष 2015 में हुई थी पहली पोस्टिंग

समीर कुमार के पुलिस सेवा से जुड़े सफर की शुरुआत वर्ष 2015 में हुई थी। उनकी पहली पोस्टिंग समस्तीपुर में हुई थी। इसके बाद उनकी तैनाती मधुबनी में रही और फिर उन्हें किशनगंज भेजा गया।

पुलिस सेवा में रहते हुए वह अलग-अलग जिलों में अपनी ड्यूटी निभा रहे थे। परिवार के मुताबिक, समीर की मौत की खबर अचानक मिलने से सभी लोग सदमे में हैं। परिजन अब इस घटना की पूरी जानकारी सामने आने का इंतजार कर रहे हैं।

पत्नी और दो बच्चों के सामने जीवन की बड़ी चुनौती

समीर कुमार की शादी वर्ष 2011 में पूजा कुमारी से हुई थी। उनके परिवार में पत्नी के अलावा दो बच्चे हैं। बेटी तन्नुश्री छठी कक्षा में पढ़ती है, जबकि बेटा आर्यन राज दूसरी कक्षा का छात्र है।

समीर की असमय मौत से उनकी पत्नी और बच्चों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बच्चों के भविष्य और परिवार की जिम्मेदारियों को लेकर भी यह घटना एक बड़ा भावनात्मक आघात है। पिता की मौत की खबर से परिवार के सामने ऐसा खालीपन पैदा हो गया है, जिसकी भरपाई करना आसान नहीं होगा।

सूचना मिलते ही किशनगंज रवाना हुए परिजन

समीर की मौत की सूचना मिलने के बाद उनके परिजन किशनगंज के लिए रवाना हो गए। घर पर रिश्तेदारों और परिचितों के पहुंचने का सिलसिला जारी है। परिवार के लोग घटना की परिस्थितियों को जानने और आगे की प्रक्रिया पूरी करने के लिए किशनगंज पहुंच रहे हैं।

वहीं, पुलिस मामले की जांच में जुटी है। सिपाही समीर कुमार को गोली कैसे लगी, घटना किन परिस्थितियों में हुई और इसके पीछे क्या वजह रही, इन सवालों का जवाब जांच के बाद ही मिल सकेगा।

जांच के बाद ही स्पष्ट होगी मौत की वजह

सिपाही समीर कुमार की मौत ने उनके परिवार को गहरे शोक में डाल दिया है। पिता के मुताबिक, बेटा ड्यूटी के तनाव में रहता था, लेकिन इस बयान के आधार पर मौत की वजह को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।

अब सभी की नजर पुलिस जांच पर टिकी है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और आधिकारिक बयान के बाद ही घटना की वास्तविक परिस्थितियों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल, सुल्तानगंज के गंगापुर स्थित उनके पैतृक घर में मातम पसरा है और परिवार अपने प्रिय सदस्य को खोने के गम में डूबा हुआ है।

भागलपुर में पुलिस की बड़ी कार्रवाई: CNG ऑटो से करीब 15 किलो गांजा बरामद, पवन दास गिरफ्तार

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गोराडीह थाना क्षेत्र में पुलिस की छापेमारी में मिली सफलता, स्वर्गीय प्रकाश दास के पुत्र पवन दास को हिरासत में लेकर पूछताछ; गांजे की सप्लाई कहां होनी थी, पुलिस की जांच पर टिकी नजरें।

Bhagalpur News: बिहार के भागलपुर जिले में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में गोराडीह थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक CNG ऑटो से करीब 15 किलोग्राम गांजा बरामद किया है। इस मामले में पुलिस ने गोराडीह निवासी स्वर्गीय प्रकाश दास के पुत्र पवन दास को गिरफ्तार किया है। ऑटो से इतनी बड़ी मात्रा में गांजा बरामद होने के बाद इलाके में मादक पदार्थों की तस्करी को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं।

गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने की कार्रवाई

मिली जानकारी के अनुसार, गोराडीह थाना पुलिस को मादक पदार्थों की तस्करी से संबंधित सूचना मिली थी। सूचना को गंभीरता से लेते हुए थाना अध्यक्ष ने पुलिस टीम गठित कर मामले की जांच और छापेमारी की कार्रवाई शुरू की। इसी दौरान पुलिस ने संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर कार्रवाई करते हुए पवन दास को पकड़ा।

इसके बाद CNG ऑटो की तलाशी ली गई, जिसमें से करीब 15 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने गांजा बरामद करने के साथ मामले में आरोपी पवन दास को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, गांजे की बरामदगी से जुड़े सभी तथ्यों और इसकी तस्करी के नेटवर्क को लेकर विस्तृत जानकारी पुलिस की आधिकारिक जांच के बाद ही सामने आएगी।

कहां से आया गांजा, कहां होनी थी सप्लाई?

इस मामले में सबसे अहम सवाल यह है कि इतनी बड़ी मात्रा में गांजा कहां से लाया गया था और इसे किस स्थान पर पहुंचाया जाना था। क्या इसके पीछे कोई बड़ा तस्करी नेटवर्क सक्रिय है या मामला किसी अन्य आपूर्ति शृंखला से जुड़ा है, इसकी जानकारी फिलहाल स्पष्ट नहीं है।

पुलिस की जांच में गांजे के स्रोत, संभावित खरीदारों और आपूर्ति से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। इन बिंदुओं पर पुलिस की ओर से आधिकारिक जानकारी मिलने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी।

नशे के अवैध कारोबार पर पुलिस की नजर

भागलपुर जिले में मादक पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने के लिए पुलिस की ओर से निगरानी और कार्रवाई की जा रही है। गोराडीह में हुई इस बरामदगी को भी इसी अभियान के तहत देखा जा रहा है। नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए ऐसे मामलों में बरामदगी, गिरफ्तारी और तस्करी से जुड़े संभावित नेटवर्क की जांच महत्वपूर्ण मानी जाती है।

इस मामले में भागलपुर के लॉ एंड ऑर्डर डीएसपी नवनीत लायन का बयान भी महत्वपूर्ण रहेगा। पुलिस के आधिकारिक बयान से बरामद गांजे की मात्रा, गिरफ्तारी से जुड़े तथ्यों और आगे की कार्रवाई के संबंध में अधिक स्पष्ट जानकारी मिलने की उम्मीद है।

आगे की जांच पर टिकी नजरें

फिलहाल, करीब 15 किलोग्राम गांजे की बरामदगी और पवन दास की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की आगे की कार्रवाई पर नजरें टिकी हैं। जांच के दौरान यह स्पष्ट होना बाकी है कि गांजे की तस्करी में अन्य लोग भी शामिल थे या नहीं और इस अवैध कारोबार का नेटवर्क कहां तक फैला है।

पुलिस की जांच और आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही इस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं का खुलासा हो सकेगा।

भागलपुर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कलश स्थापना, गज पर मां के आगमन को माना जा रहा शुभ

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कचहरी चौक पर अभिजीत मुहूर्त में हुई कलश स्थापना, माता शैलपुत्री की पूजा के साथ शारदीय नवरात्र का शुभारंभ; पंडित विपिन कुमार मिश्रा बोले—हाथी पर मां का आगमन सुख-समृद्धि और अच्छी बारिश का संकेत माना जाता है।

Bhagalpur News: शारदीय नवरात्र के पहले दिन भागलपुर में भक्ति और आस्था का माहौल देखने को मिल रहा है। शहर के मंदिरों और पूजा स्थलों पर मां दुर्गा की आराधना के लिए श्रद्धालु जुटने लगे हैं। इसी कड़ी में शहर के कचहरी चौक स्थित सत्कार क्लब में वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ कलश स्थापना की गई। कलश स्थापना के साथ ही पूजा स्थल का वातावरण भक्तिमय हो गया और श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा से सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की।

सत्कार क्लब में दिन के करीब साढ़े ग्यारह बजे अभिजीत मुहूर्त में कलश स्थापित किया गया। इस दौरान वैदिक मंत्रों के उच्चारण के बीच मां दुर्गा का आह्वान किया गया और नवरात्र की पूजा-अर्चना शुरू हुई। नवरात्र के पहले दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप माता शैलपुत्री की विधि-विधान से पूजा की गई। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्र के पहले दिन माता शैलपुत्री की आराधना का विशेष महत्व है। श्रद्धालुओं ने पूजा में शामिल होकर परिवार की सुख-समृद्धि और कल्याण की प्रार्थना की।

गज पर मां का आगमन, शुभ संकेत की धार्मिक मान्यता

सत्कार क्लब में पूजा करा रहे पंडित विपिन कुमार मिश्रा ने बताया कि इस वर्ष मां दुर्गा का आगमन गज यानी हाथी पर हुआ है। धार्मिक मान्यताओं में हाथी पर मां के आगमन को शुभ माना जाता है। मान्यता है कि यह अच्छी बारिश, सुख-समृद्धि और खुशहाली का संकेत है। नवरात्र के अवसर पर मां दुर्गा के आगमन को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है।

15 वर्षों से पूजा करा रहे हैं पंडित विपिन कुमार मिश्रा

सत्कार क्लब में पिछले करीब 15 वर्षों से मंदार विद्यापीठ गुरुधाम के पंडित विपिन कुमार मिश्रा पूजा-अर्चना कराते आ रहे हैं। उनके मार्गदर्शन में नवरात्र के दौरान धार्मिक अनुष्ठान और पूजा-विधि संपन्न कराई जाती है। इस वर्ष भी पूजा समिति के सदस्यों ने नवरात्र को लेकर विशेष तैयारियां की हैं, ताकि श्रद्धालु शांतिपूर्ण और भक्तिमय वातावरण में मां दुर्गा की आराधना कर सकें।

कलश स्थापना के साथ ही कचहरी चौक स्थित सत्कार क्लब में नवरात्र का उत्सवी माहौल बन गया है। श्रद्धालु मां दुर्गा की भक्ति में लीन होकर पूजा-अर्चना कर रहे हैं। अगले नौ दिनों तक मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की आराधना के साथ पूजा स्थल पर धार्मिक गतिविधियां जारी रहेंगी। नवरात्र के आगमन ने शहर में त्योहार की रौनक और भक्तों का उत्साह बढ़ा दिया है।

भागलपुर में गंगा का कहर: देखते ही देखते नदी में समा गया आशियाना, आपबीती सुनाते रो पड़े प्रमोद मंडल

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राघोपुर काजीकोरिया में करीब 125 मीटर तटबंध कटाव की चपेट में, ग्रामीणों का दावा—अब तक 50 घर गंगा में समाए; कटाव निरोधी कार्यों और करोड़ों रुपये के खर्च का हिसाब सार्वजनिक करने की मांग।

Bhagalpur News: गंगा नदी का कटाव भागलपुर जिले के राघोपुर काजीकोरिया में लोगों की जिंदगी पर भारी पड़ रहा है। आंखों के सामने वर्षों की मेहनत से बना घर गंगा में समा जाए, तो उस दर्द को शब्दों में बयां करना आसान नहीं। कुछ ऐसा ही दर्द कटाव पीड़ित प्रमोद मंडल की आंखों से छलक पड़ा। अपना दुखड़ा सुनाते-सुनाते वह रो पड़े। उन्होंने बताया कि एक-एक रुपया जोड़कर उन्होंने अपना आशियाना बनाया था, लेकिन गंगा के कटाव ने उनकी वर्षों की मेहनत को खत्म कर दिया।

125 मीटर तक तटबंध कटाव की चपेट में, मंदिर भी प्रभावित

राघोपुर काजीकोरिया में महादेवपुर घाट के समीप ब्रह्म बाबा स्थान के पास गंगा नदी का कटाव लगातार ग्रामीणों की चिंता बढ़ा रहा है। स्थानीय जानकारी के अनुसार, करीब 125 मीटर तक तटबंध कटाव की चपेट में है। इसकी वजह से कई घरों को नुकसान पहुंचा है, जबकि ब्रह्म बाबा मंदिर का हिस्सा भी प्रभावित हुआ है।

स्थानीय ग्रामीणों का दावा है कि अब तक करीब 50 घर गंगा नदी में समा चुके हैं। कटाव के कारण प्रभावित परिवारों के सामने रहने और दोबारा अपना जीवन शुरू करने की चुनौती खड़ी हो गई है।

अपनी बर्बादी की कहानी सुनाते हुए रो पड़े प्रमोद मंडल

कटाव पीड़ित प्रमोद मंडल ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए बताया कि उन्होंने बड़ी मेहनत से एक-एक रुपया जोड़कर अपना घर बनाया था। उन्हें उम्मीद थी कि इसी आशियाने में उनका परिवार सुरक्षित रहेगा, लेकिन गंगा के कटाव ने उनका सब कुछ छीन लिया।

उन्होंने बताया कि कटाव के कारण कई परिवारों को अपना ठिकाना छोड़ना पड़ा है। कोई दूसरी जगह शरण तलाश रहा है, तो कोई मजबूरी में कहीं और रहने को विवश है। इस आपदा ने परिवारों की जिंदगी अस्त-व्यस्त कर दी है और कई लोग अपनों से अलग रहने को मजबूर हैं।

प्रमोद मंडल ने प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर प्रभावित परिवारों की समुचित मदद नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने मांग की कि कटाव रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं और पीड़ित परिवारों को राहत एवं पुनर्वास की सुविधा दी जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कटाव रोकने के लिए ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो ग्रामीण आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

कटाव निरोधी कार्यों पर उठे सवाल, खर्च का हिसाब मांग रहे ग्रामीण

गंगा कटाव को लेकर ग्रामीणों ने पहले कराए गए कटाव निरोधी कार्यों पर भी सवाल उठाए हैं। प्रमोद मंडल ने मांग की कि इन कार्यों पर पहले खर्च की गई राशि का पूरा हिसाब सार्वजनिक किया जाए, ताकि लोगों को पता चल सके कि योजनाओं के तहत कितना काम हुआ और कितनी राशि खर्च की गई।

वहीं, जिला परिषद अध्यक्ष बिपिन मंडल ने भी कटाव रोकने के लिए पहले किए गए कार्यों और उन पर खर्च हुए करोड़ों रुपये को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने संबंधित योजनाओं और खर्च का पूरा विवरण सार्वजनिक करने की मांग की।

ग्रामीणों की प्रमुख मांग है कि कटाव निरोधी योजनाओं की जानकारी सार्वजनिक हो, प्रभावित इलाकों में सुरक्षा के प्रभावी इंतजाम किए जाएं और जिन परिवारों के घर नदी में समा चुके हैं, उन्हें उचित सहायता मिले।

प्रशासन और जल संसाधन विभाग ने तेज किए बचाव कार्य

इधर, जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग की ओर से कटाव रोकने के लिए बचाव एवं सुरक्षात्मक कार्य तेज किए जाने की जानकारी दी गई है। प्रशासन के अनुसार, प्रभावित क्षेत्र की लगातार निगरानी की जा रही है। संभावित खतरे को देखते हुए जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए आश्रय स्थलों की व्यवस्था भी की जा रही है।

हालांकि, कटाव प्रभावित परिवारों के सामने तत्काल राहत के साथ-साथ स्थायी पुनर्वास की भी चुनौती है। ग्रामीण चाहते हैं कि ऐसी व्यवस्था की जाए, जिससे उनके घर और जमीन को नदी के कटाव से बचाया जा सके।

पीड़ितों की मांग—कटाव पर लगे रोक, मिले राहत और पुनर्वास

राघोपुर काजीकोरिया में गंगा का कटाव केवल जमीन का नुकसान नहीं, बल्कि उन परिवारों के सपनों और वर्षों की मेहनत पर भी चोट है, जिन्होंने बड़ी मुश्किल से अपना घर बनाया था। प्रमोद मंडल की आंखों से छलका दर्द इसी त्रासदी की तस्वीर पेश करता है।

अब ग्रामीणों की मांग है कि कटाव रोकने के लिए प्रभावी और स्थायी उपाय किए जाएं, बेघर परिवारों को राहत एवं पुनर्वास का लाभ मिले और कटाव निरोधी कार्यों पर खर्च की गई राशि का पूरा विवरण सार्वजनिक किया जाए।

शारदीय नवरात्र के पहले दिन गंगा घाटों पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

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बरारी, पुल, सीढ़ी, खिरनी और आदमपुर घाट पर सुबह से दिखी श्रद्धालुओं की चहल-पहल; गंगाजल लेकर घर लौटे भक्त, विधि-विधान से मां दुर्गा की आराधना की तैयारी।

Bhagalpur News: शारदीय नवरात्र के शुभारंभ के साथ ही अंग नगरी भागलपुर में भक्ति और आस्था का माहौल देखने को मिल रहा है। नवरात्र के पहले दिन कलश स्थापना को लेकर सुबह से ही शहर के विभिन्न गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। श्रद्धालुओं ने मां गंगा में आस्था की डुबकी लगाई और पवित्र गंगाजल लेकर अपने-अपने घरों की ओर रवाना हुए। गंगा स्नान के बाद अब घरों में विधि-विधान से कलश स्थापना कर मां दुर्गा की पूजा-अर्चना की तैयारी की जा रही है।

गंगा घाटों पर सुबह से उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

शारदीय नवरात्र के पहले दिन भागलपुर के बरारी घाट, पुल घाट, सीढ़ी घाट, खिरनी घाट और आदमपुर घाट समेत शहर के विभिन्न गंगा घाटों पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की चहल-पहल बनी रही। नवरात्र के पावन अवसर पर गंगा स्नान करने पहुंचे श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। स्नान के बाद भक्तों ने गंगाजल लिया और घरों में पूजा की तैयारियों में जुट गए।

नवरात्र के पहले दिन गंगा स्नान और कलश स्थापना को धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व दिया जाता है। इसी आस्था के साथ श्रद्धालु पूरे नेम-निष्ठा से मां दुर्गा की आराधना के लिए जुटे हैं।

कलश स्थापना के साथ शुरू होगी नौ दिनों की आराधना

शारदीय नवरात्र के पहले दिन घरों और पूजा स्थलों पर विधि-विधान से कलश स्थापना की जाती है। इसके साथ ही नौ दिनों तक चलने वाली मां दुर्गा की पूजा-अर्चना का शुभारंभ होता है। श्रद्धालु सुख-समृद्धि, शांति और परिवार की खुशहाली की कामना के साथ मां दुर्गा की आराधना करते हैं।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्र के पहले दिन गंगा स्नान और कलश स्थापना का विशेष महत्व है। इसी विश्वास के साथ भक्त पवित्र गंगाजल लेकर घर लौटे और पूजा की तैयारियों में जुट गए।

श्रद्धालुओं में दिखा उत्साह, मां दुर्गा से की सुख-शांति की कामना

गंगा स्नान करने पहुंचीं श्रद्धालु खुशबू राज ने बताया कि नवरात्र का पहला दिन उनके लिए बेहद खास है। उन्होंने कहा कि गंगा स्नान करने के बाद वह पवित्र गंगाजल लेकर घर जाएंगी और विधि-विधान से कलश स्थापना कर मां दुर्गा की पूजा करेंगी।

खुशबू राज के अनुसार, उन्हें मां दुर्गा पर पूरा विश्वास है। उनकी कामना है कि मां अपने भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करें और सभी के जीवन में सुख, शांति एवं शक्ति प्रदान करें।

आस्था और भक्ति के रंग में रंगा भागलपुर

शारदीय नवरात्र के पहले दिन गंगा घाटों पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ ने शहर में धार्मिक उत्साह का माहौल बना दिया। गंगा स्नान से लेकर कलश स्थापना तक, श्रद्धालु पूरे श्रद्धाभाव के साथ पूजा की तैयारियों में जुटे हैं। आने वाले दिनों में नवरात्र के साथ शहर के विभिन्न पूजा स्थलों पर भी भक्ति और धार्मिक गतिविधियां देखने को मिलेंगी।

भागलपुर में दुर्गा पूजा पर पहली बार महिला पुलिसकर्मी संभालेंगी ट्रैफिक की कमान, हाईटेक कैमरों से होगी निगरानी

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श्रद्धालुओं की भीड़ और जाम से निपटने के लिए यातायात पुलिस अलर्ट, डीएसपी संजय कुमार ने जवानों को दिए निर्देश; ड्यूटी पर तैनात महिला पुलिसकर्मियों को मिलेंगे हाईटेक कैमरे।

Bhagalpur News:  दुर्गा पूजा के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए भागलपुर में यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए पुलिस ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इस बार पूजा के दौरान शहर की ट्रैफिक व्यवस्था संभालने में महिला पुलिसकर्मियों की भी अहम भूमिका होगी। पहली बार महिला पुलिसकर्मियों को यातायात नियंत्रण की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। वहीं, यातायात व्यवस्था पर निगरानी रखने के लिए ड्यूटी पर तैनात महिला पुलिसकर्मियों को हाईटेक कैमरे भी उपलब्ध कराए गए हैं।

यातायात थाना में जवानों को दिए गए आवश्यक निर्देश

दुर्गा पूजा के मद्देनजर यातायात डीएसपी संजय कुमार ने यातायात थाना में पुलिस जवानों के साथ आवश्यक दिशा-निर्देश साझा किए। उन्होंने जवानों को यातायात नियमों की जानकारी देते हुए ड्यूटी के दौरान सतर्कता बरतने और भीड़भाड़ वाले इलाकों में यातायात नियंत्रित रखने पर जोर दिया।

डीएसपी ने स्पष्ट किया कि दुर्गा पूजा के दौरान किसी भी परिस्थिति में यातायात व्यवस्था को नियंत्रित रखना पुलिस की प्राथमिकता होगी। इसके लिए सभी जवानों को अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करने और परिस्थितियों के अनुसार तत्परता से कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

हाईटेक कैमरों से रखी जाएगी यातायात पर नजर

इस बार यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए तकनीक का भी सहारा लिया जा रहा है। ड्यूटी पर तैनात महिला पुलिसकर्मियों को हाईटेक कैमरे उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि यातायात की स्थिति पर नजर रखी जा सके। इसका उद्देश्य पूजा के दौरान भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में निगरानी मजबूत करना और यातायात नियंत्रण को अधिक प्रभावी बनाना है।

महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती से यातायात प्रबंधन में उनकी भागीदारी भी बढ़ेगी। हालांकि, उनकी तैनाती किन-किन स्थानों पर होगी और कैमरों की निगरानी की व्यवस्था किस प्रकार संचालित होगी, इसकी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

जाम से निपटने के लिए पुलिस अलर्ट

दुर्गा पूजा के दौरान पूजा पंडालों, प्रमुख सड़कों और बाजारों में श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने से जाम की समस्या उत्पन्न होने की आशंका रहती है। ऐसे में यातायात पुलिस का प्रयास रहेगा कि लोगों को आवागमन में कम से कम परेशानी हो और पूजा के दौरान शहर की यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रहे।

यातायात पुलिस की तैयारियों के बीच अब लोगों की नजर इस बात पर रहेगी कि महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती और हाईटेक कैमरों की मदद से पूजा के दौरान यातायात प्रबंधन कितना प्रभावी रहता है।

भागलपुर में 2 करोड़ रुपये का स्मैक बरामद, दो गिरफ्तार; पुलिस ने घर में की छापेमारी

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नाथनगर के बाबू टोला में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, एक किलो स्मैक जब्त; सिटी एसपी अतुलेश झा ने बताया कि जिले में अब तक इतनी बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ की बरामदगी नहीं हुई थी।

Crime News:  बिहार के भागलपुर में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। नाथनगर थाना क्षेत्र के बाबू टोला में छापेमारी कर पुलिस ने एक किलो स्मैक बरामद किया है। बरामद स्मैक की अनुमानित बाजार कीमत करीब दो करोड़ रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने इस मामले में अमलेश यादव और काजल देवी को गिरफ्तार किया है। इतनी बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ की बरामदगी के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है।

गुप्त सूचना पर पुलिस ने की छापेमारी

सिटी एसपी अतुलेश झा के अनुसार, नाथनगर थाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि बाबू टोला निवासी अमलेश यादव अपने घर में परिवार के साथ मिलकर अवैध मादक पदार्थ का संग्रह करने और उसकी खरीद-बिक्री में संलिप्त है।

सूचना मिलने के बाद पुलिस ने पहले मामले का सत्यापन किया। इसके बाद पुलिस टीम ने संबंधित घर में छापेमारी की। तलाशी के दौरान पुलिस को एक किलो स्मैक मिला। मौके से अमलेश यादव और काजल देवी को गिरफ्तार कर लिया गया।

बरामद स्मैक की कीमत करीब दो करोड़ रुपये

पुलिस के मुताबिक, जब्त स्मैक की अनुमानित बाजार कीमत करीब दो करोड़ रुपये है। इतनी बड़ी कीमत का मादक पदार्थ बरामद होना जिले में नशे के अवैध कारोबार को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।

सिटी एसपी अतुलेश झा ने बताया कि भागलपुर जिले में अब तक इतनी भारी मात्रा में अवैध मादक पदार्थ बरामद नहीं हुआ था। पुलिस इस कार्रवाई को महत्वपूर्ण सफलता मान रही है।

नशे के कारोबार से जुड़े नेटवर्क की जांच

इस मामले में पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है। जांच के दौरान यह पता लगाने का प्रयास किया जा सकता है कि बरामद स्मैक कहां से लाया गया था और इसे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था। इसके अलावा, इस कथित अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच महत्वपूर्ण होगी।

हालांकि, इस नेटवर्क के संबंध में अभी किसी अतिरिक्त जानकारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

पुलिस की कार्रवाई से मादक पदार्थ कारोबारियों में हलचल

नाथनगर के बाबू टोला में हुई इस कार्रवाई ने एक बार फिर भागलपुर में मादक पदार्थों की अवैध खरीद-बिक्री का मुद्दा सामने ला दिया है। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद अब जांच के नतीजों पर नजर रहेगी।

फिलहाल दोनों गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। मामले में जांच पूरी होने के बाद ही अवैध कारोबार से जुड़े अन्य तथ्यों की स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी।

गोपाल मंडल का विवादित बयान: मंत्रियों को कहा ‘बौका’, सांसद अजय मंडल को बताया ‘निरीह प्राणी’

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राघोपुर में गंगा कटाव और छठ पूजा से पहले बेली ब्रिज खोले जाने को लेकर पूर्व विधायक ने सरकार के मंत्रियों और स्थानीय सांसद पर साधा निशाना, समय पर कार्रवाई नहीं होने का लगाया आरोप

Bhagalpur News: बिहार के भागलपुर में गंगा कटाव और विक्रमशिला सेतु पर बेली ब्रिज खोले जाने को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। पूर्व विधायक गोपाल मंडल ने राघोपुर में गंगा कटाव की समस्या और छठ पूजा से पहले बेली ब्रिज खोले जाने को लेकर बिहार सरकार के मंत्रियों तथा स्थानीय सांसद पर तीखा हमला बोला है। अपने विवादित बयान में उन्होंने ऊर्जा मंत्री बुलो मंडल और पथ निर्माण मंत्री इंजीनियर शैलेंद्र को ‘बौका’ कह दिया, जबकि भागलपुर के सांसद अजय मंडल को ‘निरीह प्राणी’ बताया। उनके इस बयान से स्थानीय राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है।

गंगा कटाव को लेकर सरकार पर उठाए सवाल

राघोपुर में गंगा नदी के भीषण कटाव और तटबंध क्षतिग्रस्त होने से स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ी हुई है। कटाव के कारण इलाके में जान-माल और आवासीय संपत्तियों को नुकसान पहुंचने की आशंका बनी हुई है। ऐसे में पूर्व विधायक गोपाल मंडल ने इस मुद्दे को लेकर सरकार और संबंधित जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि समय रहते गंगा कटाव को रोकने के लिए जरूरी पहल नहीं की गई। उनका कहना है कि यदि समय पर प्रभावी कदम उठाए जाते, तो स्थानीय लोगों को इस तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता। हालांकि, उनके इन आरोपों पर संबंधित मंत्रियों और सांसद की प्रतिक्रिया सामने आने पर ही उनका पक्ष स्पष्ट हो सकेगा।

बेली ब्रिज खुलने से लोगों की परेशानी पर नाराजगी

विक्रमशिला सेतु पर बेली ब्रिज खोले जाने का मुद्दा भी गोपाल मंडल के निशाने पर रहा। छठ पूजा से पहले आवागमन को लेकर लोगों की चिंता के बीच उन्होंने व्यवस्था पर नाराजगी जताई। भागलपुर और आसपास के क्षेत्रों के लिए विक्रमशिला सेतु एक महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। ऐसे में पुल से जुड़ी व्यवस्था में बदलाव का असर आम लोगों, यात्रियों और कारोबारियों की आवाजाही पर पड़ सकता है।

गोपाल मंडल ने इस मामले में भी संबंधित जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की। हालांकि, बेली ब्रिज से जुड़ी व्यवस्था और आवागमन की स्थिति को लेकर प्रशासन की आधिकारिक जानकारी अलग से देखी जानी जरूरी है।

मंत्रियों और सांसद पर टिप्पणी से बढ़ी सियासी सरगर्मी

गोपाल मंडल अपने बेबाक अंदाज और विवादित बयानों को लेकर पहले भी चर्चा में रहे हैं। इस बार उन्होंने सीधे तौर पर सरकार के मंत्रियों और स्थानीय सांसद पर टिप्पणी की है। ऊर्जा मंत्री बुलो मंडल और पथ निर्माण मंत्री इंजीनियर शैलेंद्र के लिए ‘बौका’ तथा सांसद अजय मंडल के लिए ‘निरीह प्राणी’ जैसे शब्दों के इस्तेमाल ने राजनीतिक बहस को नया मुद्दा दे दिया है।

गंगा कटाव से प्रभावित लोगों की परेशानी और विक्रमशिला सेतु से जुड़ी समस्याएं पहले से ही स्थानीय स्तर पर महत्वपूर्ण मुद्दे बने हुए हैं। ऐसे में गोपाल मंडल का यह बयान राजनीतिक दृष्टि से भी अहम माना जा रहा है।

अब संबंधित जनप्रतिनिधियों की प्रतिक्रिया पर नजर

गोपाल मंडल के बयान के बाद अब संबंधित मंत्रियों और सांसद अजय मंडल की प्रतिक्रिया का इंतजार रहेगा। साथ ही, राघोपुर में गंगा कटाव से निपटने और बेली ब्रिज से जुड़ी आवागमन व्यवस्था को लेकर प्रशासन तथा सरकार की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर भी लोगों की नजर बनी हुई है।