Bhagalpur News: विक्रमशिला सेतु के बंद होने के बाद से भागलपुर और नवगछिया के बीच गंगा पार आवागमन करने वाले आम लोगों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। इस बीच शुक्रवार को एक चमत्कारी और राहत भरी घटना सामने आई, जहां एसडीआरएफ की नाव पर ही एक गर्भवती महिला ने स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। वहीं दूसरी ओर, प्रशासनिक पहल के जरिए एक 84 वर्षीय गंभीर रूप से बीमार बुजुर्ग को भी मोटरबोट के जरिए सुरक्षित गंगा पार कराया गया।
नाव पर शुरू हुई प्रसव पीड़ा और गूंजी किलकारी
पहली घटना इस्माइलपुर थाना क्षेत्र की है, जहां जयमंगल टोला निवासी संगीता देवी जाह्नवी चौक घाट से बियाडा घाट पहुंची थीं। घाट पर पहुंचते ही उन्हें अचानक तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। स्थिति को भांपते हुए वहां मौजूद मेडिकल टीम से तुरंत मदद मांगी गई। इसी बीच, एसडीआरएफ की नाव पर ही महिला ने एक नवजात को जन्म दिया। इस दौरान एक सुखद संयोग यह रहा कि नाव पर मौजूद तीन महिलाओं ने खुद को एएनएम बताते हुए तुरंत आगे बढ़कर सुरक्षित प्रसव में मदद की और नवजात की प्राथमिक जांच भी की। जज्बा और सतर्कता के कारण जच्चा और बच्चा दोनों सुरक्षित बताए जा रहे हैं।
84 वर्षीय बुजुर्ग को मोटरबोट से कराया गया गंगा पार
दूसरी घटना नवगछिया के खैरपुर कदवा से जुड़ी है। यहां रहने वाले 84 वर्षीय बुजुर्ग रामदास यादव की अचानक तबीयत गंभीर हो गई। विक्रमशिला सेतु बंद होने की वजह से उन्हें अस्पताल ले जाने में भारी परेशानी आ रही थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने त्वरित पहल की और एसडीआरएफ की मोटरबोट की व्यवस्था कर उन्हें सुरक्षित तरीके से गंगा पार कराया, जिससे समय पर उनका इलाज सुनिश्चित हो सका।
आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था पर उठे सवाल
विक्रमशिला सेतु के आवागमन के लिए बंद होने के बाद से गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और गंभीर मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने में हो रही इन दिक्कतों ने एक बार फिर नदी पार के इलाकों के लिए वैकल्पिक और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत को उजागर कर दिया है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से इस रूट पर चिकित्सा और परिवहन की पुख्ता व्यवस्था करने की मांग की है।


