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भागलपुर: NDPS एक्ट के मामले में अभियुक्त को कोर्ट ने सुनाई कठोर सजा, पुलिस की चार्जशीट लाई रंग

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Bhagalpur News: भागलपुर में अपराधियों और नशा तस्करों के खिलाफ भागलपुर पुलिस की न्यायोचित कार्रवाई लगातार रंग ला रही है। पुलिस द्वारा कोर्ट में समय पर प्रस्तुत किए गए ठोस साक्ष्यों और मजबूत चार्जशीट के आधार पर माननीय न्यायालय ने एक बार फिर एक अभियुक्त को सलाखों के पीछे भेजते हुए कठोर सजा सुनाई है।

​यह पूरा मामला एनडीपीएस (NDPS) एक्ट से जुड़ा हुआ है, जिसमें भागलपुर पुलिस की मुस्तैदी और विशेष लोक अभियोजक की दमदार पैरवी के कारण आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा मुकर्रर की गई है।

​जानिए क्या है पूरा मामला और किसे मिली सजा?

​भागलपुर पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार, यह मामला जोगसर थाना कांड संख्या-1111/22 से संबंधित है। इसमें अभियुक्त के खिलाफ धारा-21(A) एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत मामला दर्ज था।

  • ​अभियुक्त का नाम: गुड्डू दास
  • ​पिता का नाम: स्वर्गीय किशोर दास
  • ​पता: साकिन- दीप नगर, थाना- जोगसर, जिला- भागलपुर

​न्यायालय, भागलपुर द्वारा इस मामले की सुनवाई करते हुए अभियुक्त गुड्डू दास को दोषी पाया गया और धारा-21 (A) एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत 09 (नौ) माह 16 (सोलह) दिन के कारावास की कठोर सजा सुनाई गई है। इसके साथ ही आर्थिक जुर्माना भी लगाया गया है।

​विशेष लोक अभियोजक की रही अहम भूमिका

​इस मामले में अभियुक्त को कानून के शिकंजे में कसने और उसे सख्त सजा दिलाने में अभियोजन पक्ष की भूमिका बेहद सराहनीय रही। माननीय न्यायालय में भागलपुर के विशेष लोक अभियोजक श्री श्रीधर कुमार सिंह ने पुलिस की तरफ से दमदार पैरवी की। पुलिस द्वारा समर्पित की गई चार्जशीट और श्रीधर कुमार सिंह द्वारा पेश किए गए अकाट्य साक्ष्यों के आगे अभियुक्त का बच पाना नामुमकिन हो गया, जिसके चलते कोर्ट ने यह अहम फैसला सुनाया।

​भागलपुर पुलिस का कहना है कि अपराधियों को त्वरित और कठोर सजा दिलाने का यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा, ताकि जिले में कानून व्यवस्था पूरी तरह सुदृढ़ बनी रहे।

बिहार: विश्व बैंक के साथ मिलकर संवरेंगे शहर, नीतीश मिश्रा ने दिया 3 महामंत्र

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Patna News: बिहार को विकसित राज्यों की श्रेणी में खड़ा करने के लिए बिहार सरकार ने एक बड़ा रोडमैप तैयार कर लिया है। राजधानी पटना के अधिवेशन भवन में नगर विकास एवं आवास विभाग (UDHD) द्वारा आयोजित दो दिवसीय ‘बिहार अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन प्रोग्राम’ का भव्य शुभारंभ हुआ। विश्व बैंक (World Bank) के सहयोग से शुरू हुए इस कार्यक्रम में बिहार के शहरों को वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर और आधुनिक बनाने की रणनीति पर मुहर लगी।

​कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री नीतीश मिश्रा ने साफ कहा कि अब समय बदल चुका है। बिहार ने पिछले 20 वर्षों में विकास की एक लंबी और सकारात्मक यात्रा तय की है, लेकिन अब हमें विकासशील शहर बसाने और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए ठोस और नवोन्मेषी कदम उठाने होंगे।

​विकसित बिहार के ‘तीन महामंत्र’

​मंत्री नीतीश मिश्रा ने राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए तीन मुख्य स्तंभों को रेखांकित किया:

    • ​शहरीकरण (Urbanization): आधुनिक सुविधाओं से लैस और व्यवस्थित शहरों का निर्माण।
    • ​औद्योगीकरण (Industrialization): नए उद्योगों की स्थापना और निवेश को बढ़ावा।
    • ​पर्यटन (Tourism): बिहार की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहरों को वैश्विक पटल पर लाना।

​”अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने कार्यकाल में ऐसे यादगार कार्य करने चाहिए, जिससे आम जनता की जिंदगी में बड़ा और सकारात्मक बदलाव आए। हमारी पहचान ऐसी होनी चाहिए कि लोग हमें प्रेरणास्रोत के रूप में याद रखें।”

— नीतीश मिश्रा, नगर विकास मंत्री

 

​संपत्ति कर (Property Tax) में बंपर उछाल: 200 करोड़ की वृद्धि

​बिहार के शहरों की वित्तीय स्थिति में सुधार के आंकड़े साझा करते हुए मंत्री ने बताया कि राज्य का संपत्ति कर संग्रहण रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा है:

      • ​वित्तीय वर्ष 2023-24: 332 करोड़ रुपये का संग्रह
      • ​वित्तीय वर्ष 2025-26: 565 करोड़ रुपये का संग्रह (लगभग 200 करोड़ रुपये से ज्यादा की बढ़ोतरी)
      • ​बजट 2026-27 का प्लान: शहरी विकास योजनाओं और प्रतिबद्ध देनदारियों के लिए 15,237 करोड़ रुपये से अधिक के बजट की योजना है।

​मंत्री ने जोर देकर कहा कि संपत्ति कर नगर निकायों की रीढ़ है, इसलिए सभी निकायों को डिजिटल कर संग्रह प्रणाली और शत-प्रतिशत टैक्स अनुपालन को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी होगी।

​विश्व बैंक के साथ 10 साल की ‘मेगा पार्टनरशिप’

​बिहार के शहरी कायाकल्प को गति देने के लिए विश्व बैंक और UDHD के बीच एक ऐतिहासिक साझेदारी हुई है। विश्व बैंक अगले 10 वर्षों तक बिहार के शहरी स्थानीय निकायों (ULBs) को वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर बनाने और उनके बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में तकनीकी व आर्थिक सहयोग प्रदान करेगा।

​इन खास विषयों पर दी जा रही है ट्रेनिंग:

      • ​म्युनिसिपल फाइनेंस (Municipal Finance) और म्युनिसिपल बॉन्ड्स (Municipal Bonds)।
      • ​वित्तीय संसाधनों का सुदृढ़ीकरण और एसेट मैनेजमेंट।
      • ​एकीकृत स्थानिक, आर्थिक और समेकित शहरी नियोजन।
      • ​अर्बन चैलेंज फंड (Urban Challenge Fund): ऐसे प्रोजेक्ट्स जिनमें नवाचार (Innovation) और राजस्व पैदा करने की क्षमता होगी, उन्हें इस फंड के तहत विशेष प्रोत्साहन मिलेगा।

​रोजगार सृजन के लिए व्यवस्थित शहरीकरण जरूरी: प्रधान सचिव

​विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार ने कहा कि पहले ग्रामीण आबादी को ध्यान में रखकर नीतियां बनीं, लेकिन अब रोजगार के नए अवसर पैदा करने और विश्वस्तरीय सुविधाएं देने के लिए ‘नियोजित शहरीकरण’ ही एकमात्र रास्ता है। राज्य में नए सैटेलाइट टाउनशिप विकसित किए जा रहे हैं। शहरीकरण का मतलब सिर्फ नए शहर बसाना नहीं, बल्कि अर्थव्यवस्था और संस्कृति में व्यापक बदलाव लाना है। उन्होंने ULB कर्मियों से PPP (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) प्रोजेक्ट और स्मार्ट फाइनेंसिंग अपनाने की अपील की।

​वहीं, वर्ल्ड बैंक की प्रतिनिधि रोसाना निट्टी ने कहा कि शहरों के बेहतर प्रबंधन के लिए निजी क्षेत्रों से राजस्व हासिल करने के विकल्पों पर काम करना होगा, जिसके लिए यह ट्रेनिंग बेहद अहम है।

​कार्यक्रम में मौजूद रहे ये दिग्गज

​इस उच्चस्तरीय कार्यशाला में नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव अनिमेष कुमार पराशर, विशेष सचिव निलेश रामचंद्र देवरे, अपर सचिव विजय प्रकाश मीणा, नगर आयुक्त (पटना) यशपाल मीणा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। वहीं विश्व बैंक की तरफ से बर्नाडस जे. एच. मस्केन्स, प्रकाश गौर, पूनम अहलूवालिया खनिजो और योजी तोरिउमी ने सक्रिय रूप से भाग लिया।

बिहार के सभी 40 लोकसभा क्षेत्रों में मनेगा ‘पासपोर्ट सेवा दिवस’: डिजीलॉकर से आवेदन करने वालों को मिलेगी प्राथमिकता, 5 लाख का बनेगा रिकॉर्ड

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Patna News: बिहार में पासपोर्ट बनवाने वाले नागरिकों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ी खबर है। भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के अधीन क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय, पटना आगामी 24 जून 2026 को पूरे बिहार में “पासपोर्ट सेवा दिवस 2026” मनाने जा रहा है. इस खास अवसर पर राज्य भर में जन-जागरूकता और नागरिक-केंद्रित सेवाओं को और अधिक सुलभ, पारदर्शी तथा डिजिटल बनाने के लिए कई विशेष कार्यक्रमों की शुरुआत की जा रही है.

यह आयोजन बिहार के सभी 40 लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों में फैले 2 पासपोर्ट सेवा केंद्रों (पटना और दरभंगा) और 38 डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्रों में एक साथ मनाया जाएगा.

24 जून से नई सुविधा: डिजीलॉकर (DigiLocker) का इस्तेमाल करने वालों को मिलेगी प्राथमिकता

​डिजिटल इंडिया अभियान को बढ़ावा देने और कागजी कार्रवाई को कम करने के लिए पासपोर्ट कार्यालय ने एक बड़ा फैसला लिया है:

  • ​फास्ट-ट्रैक वेरिफिकेशन: जो आवेदक पासपोर्ट प्रक्रिया के लिए अपने आवश्यक दस्तावेज डिजीलॉकर (DigiLocker) के माध्यम से ऑनलाइन प्रस्तुत करेंगे, उन्हें पटना और दरभंगा के मुख्य पासपोर्ट सेवा केंद्रों में विशेष प्राथमिकता दी जाएगी.

  • ​जल्द बनेगा पासपोर्ट: डिजिटल माध्यम से दस्तावेज देने वाले आवेदकों के फाइलों का निस्तारण सामान्य आवेदकों की तुलना में अपेक्षाकृत अधिक तीव्रता और तेजी से किया जाएगा. यह नई व्यवस्था 24 जून 2026 से पूरे राज्य में प्रभावी हो जाएगी.

बिहार में पासपोर्ट की भारी मांग, इस साल 5 लाख पार होने की उम्मीद

​पिछले कुछ वर्षों में बिहार के नागरिकों के बीच वैश्विक अवसरों और आर्थिक गतिशीलता के लिए पासपोर्ट की मांग में रिकॉर्ड तोड़ बढ़ोतरी दर्ज की गई है.

  • ​64% से ज्यादा की उछाल: वर्ष 2021 में जहाँ केवल 2,74,758 आवेदन प्राप्त हुए थे, वहीं वर्ष 2025 में यह संख्या बढ़कर 4,51,565 तक पहुँच गई, जो कि 64.3 प्रतिशत की भारी वृद्धि को दर्शाती है.

  • ​ऐतिहासिक रिकॉर्ड की तैयारी: वर्तमान में पासपोर्ट कार्यालय में आवेदनों की जो रफ्तार है, उसके आधार पर अनुमान लगाया गया है कि वर्ष 2026 में करीब 5 लाख से अधिक पासपोर्ट आवेदनों का निस्तारण कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया जाएगा.

बिहार पुलिस का देश भर में डंका, सिर्फ 10 दिनों में हो रहा है वेरिफिकेशन

​पासपोर्ट मिलने की प्रक्रिया को तेज करने में बिहार पुलिस ने एक अभूतपूर्व मिसाल कायम की है. पासपोर्ट कार्यालय, बिहार पुलिस और डाक विभाग के बीच बेहतर समन्वय और लगातार ट्रेनिंग के कारण राज्य में पुलिस सत्यापन (Police Verification) की औसत अवधि घटकर अब मात्र 10 दिन रह गई है. इस उत्कृष्ट और तीव्र कार्यशैली के लिए विदेश मंत्रालय द्वारा वर्ष 2025 में बिहार पुलिस को देश की सर्वोत्तम प्रदर्शन करने वाली राज्य पुलिस इकाइयों में से एक के रूप में सम्मानित भी किया जा चुका है.

​ पासपोर्ट केंद्रों पर लगेंगे विशेष ‘सेल्फी बूथ’, मोबाइल वैन से “पासपोर्ट आपके द्वार”

  • ​सेल्फी बूथ और फीडबैक पट्ट: आवेदकों के अनुभव को यादगार बनाने के लिए पटना, दरभंगा और पाटलिपुत्र केंद्रों पर विशेष Selfie Booth स्थापित किए जाएंगे. इसके साथ ही आवेदक इमोजी (भाव-चिह्न) आधारित प्रतिक्रिया पट्टों के माध्यम से अपना फीडबैक दे सकेंगे.

  • ​पासपोर्ट आपके द्वार: दूर-दराज के इलाकों और बड़े संस्थानों के लिए “पासपोर्ट सेवा मोबाइल वैन शिविर” के तहत अब तक बिहार के विभिन्न हिस्सों में 18 से अधिक कैंप लगाए जा चुके हैं. इसके तहत एम्स पटना, नालंदा विश्वविद्यालय, आईआईटी बोधगया और भागलपुर अभियंत्रण महाविद्यालय (BCE Bhagalpur) जैसे प्रमुख संस्थानों में 2,500 से अधिक आवेदनों का मौके पर ही निपटारा किया गया है.

​भागलपुर: कार और स्कूल वैन में जोरदार टक्कर, दो बच्चे घायल, कार के उड़े परखच्चे

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Bhagalpur News: भागलपुर बाईपास थाना क्षेत्र के दुमका मुख्य मार्ग से एक बड़ी सड़क दुर्घटना की खबर सामने आ रही है। मंगलवार को यहाँ होंडा शोरूम के समीप एक तेज़ रफ्तार कार और स्कूल के बच्चों को ले जा रही मैजिक वैन के बीच आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया, वहीं स्कूल वैन में सवार दो मासूम बच्चे इस हादसे में घायल हो गए हैं। घटना के बाद आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया और घटनास्थल पर स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।

​ टक्कर के बाद मची चीख-पुकार, स्थानीय लोगों ने बच्चों को पहुँचाया अस्पताल

​प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसा बेहद डरावना था। टक्कर होते ही जोर की आवाज हुई और स्कूल वैन के भीतर सवार बच्चों में चीख-पुकार मच गई।

  • ​त्वरित मदद: स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों ने तुरंत तत्परता दिखाते हुए वैन से बच्चों को बाहर निकाला।
  • ​इलाज जारी: हादसे में घायल दो बच्चों को तुरंत इलाज के लिए पास के नजदीकी अस्पताल भेजा गया, जहाँ डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है। गनीमत यह रही कि एक बड़ा हादसा होने के बावजूद बच्चों की जान बच गई।

​ हुसैनाबाद के मोहम्मद आसिफ की है दुर्घटनाग्रस्त कार, मौके पर पहुँचे थानाध्यक्ष

​दुर्घटना के बाद सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। जानकारी के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त कार के मालिक की पहचान भागलपुर के ही हुसैनाबाद (गुलाबबाग) निवासी मोहम्मद आसिफ के रूप में की गई है।

​हादसे की जानकारी मिलते ही बाईपास थाना के थानाध्यक्ष चनबीर यादव अपने पुलिस बल के साथ फौरन मौके पर पहुँचे। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से स्थिति को नियंत्रित किया और दोनों दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाकर अपने कब्जे में ले लिया, जिसके बाद यातायात सामान्य हो सका।

​ मुख्य मार्ग पर बढ़ती दुर्घटनाओं से लोग आक्रोशित, यातायात नियमों को सख्त करने की मांग

​”दुर्घटना के सही कारणों का पता लगाया जा रहा है कि गलती किस वाहन चालक की थी। दोनों गाड़ियों को जब्त कर लिया गया है और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।”

— बाईपास पुलिस प्रशासन

 

​इस हादसे के बाद स्थानीय निवासियों ने दुमका मुख्य मार्ग पर लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों को लेकर गहरी चिंता और नाराजगी व्यक्त की है। लोगों का कहना है कि इस रूट पर वाहनों की रफ्तार पर कोई नियंत्रण नहीं है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और यातायात पुलिस से मांग की है कि मुख्य मार्ग पर ओवरस्पीडिंग रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं और यातायात नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाए।

सुलतानगंज: बोरे में बंद मिला अज्ञात महिला का शव, तेजाब से चेहरा जलाकर हत्या करने की आशंका

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले के सुलतानगंज थाना क्षेत्र से एक बेहद ही खौफनाक और दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहाँ अबजुगंज हॉल्ट से मिरहट्टी पंचायत जाने वाले मार्ग पर सड़क किनारे एक बोरे में बंद अज्ञात महिला का शव मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। शव को जिस बर्बरता से ठिकाने लगाया गया है, उससे इलाके के लोग सहमे हुए हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में खलबली मच गई और आनन-फानन में कई थानों की पुलिस जांच में जुट गई है।

​ बोरे से बाहर निकला हुआ था पैर, ग्रामीणों ने डायल 112 को दी सूचना

​मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार को स्थानीय ग्रामीणों ने अबजुगंज-मिरहट्टी मार्ग के किनारे एक संदिग्ध बोरा देखा। जब लोग उसके करीब गए, तो बोरे के फटे हिस्से से महिला का एक पैर बाहर निकला हुआ दिखाई दिया। यह खौफनाक मंजर देखते ही ग्रामीणों के होश उड़ गए और वहां भारी भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों ने बिना देर किए तुरंत इसकी सूचना ‘डायल 112’ की पुलिस टीम को दी।

​सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम मौके पर पहुँची और मामले की गंभीरता को देखते हुए सुलतानगंज थाना अध्यक्ष धनंजय कुमार भी पुलिस बल के साथ फौरन घटनास्थल पर पहुँचे और शव को अपने कब्जे में लिया।

​ क्रूरता की हदें पार: पहचान मिटाने के लिए तेजाब (Acid) के इस्तेमाल की आशंका

​महिला की हत्या बेहद बेरहमी से की गई है। घटनास्थल पर पहुँचे विधि व्यवस्था (Law & Order) डीएसपी नवनीत कुमार ने मामले की छानबीन के बाद मीडिया को चौंकाने वाली जानकारी दी।

​”शव की स्थिति को देखकर ऐसा साफ प्रतीत हो रहा है कि महिला की हत्या कहीं और की गई है और साक्ष्य छुपाने के उद्देश्य से शव को यहाँ फेंका गया है। अपराधियों ने मृतका की पहचान मिटाने के लिए उसके चेहरे या शरीर पर तेजाब (Acid) का इस्तेमाल किया हो सकता है। पुलिस हर बिंदु पर गहराई से तफ्तीश कर रही है।”

— नवनीत कुमार, विधि व्यवस्था डीएसपी (भागलपुर)

 

​ फॉरेंसिक टीम बुलाई गई, CCTV कैमरों को खंगाल रही है पुलिस

  • ​वैज्ञानिक अनुसंधान: शव की सटीक पहचान और मौत के कारणों का वैज्ञानिक तरीके से पता लगाने के लिए भागलपुर से फॉरेंसिक (FSL) की टीम को मौके पर बुलाया गया है, जो घटनास्थल से साक्ष्य इकट्ठा कर रही है।
  • ​पहचान की कोशिश: पुलिस आसपास के सभी थानों और जिलों से संपर्क साध रही है ताकि हाल के दिनों में लापता हुई महिलाओं के रिकॉर्ड से इसका मिलान किया जा सके।
  • ​रूट की मॉनिटरिंग: अपराधियों का सुराग लगाने के लिए अबजुगंज हॉल्ट और मिरहट्टी मार्ग पर लगे सभी सरकारी व निजी सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज को खंगाला जा रहा है।

भागलपुर: स्कूटी की बैटरी चार्ज करने के दौरान लगा करंट, दो मासूम बच्चों के पिता की तड़पकर मौत

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Bhagalpur News: भागलपुर के मधुसूदनपुर थाना क्षेत्र से एक बेहद ही हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ एक छोटे से घरेलू काम के दौरान हुए हादसे ने हंसते-खेलते परिवार की खुशियां उजाड़ दीं। मंगलवार की अहले सुबह स्कूटी की बैटरी चार्ज करने के दौरान करंट की चपेट में आने से एक युवक की दर्दनाक मौत हो गई। मृतक अपने पीछे दो मासूम बच्चों और पत्नी को रोता-बिलखता छोड़ गया है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है और पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।

​ सुबह 3 बजे काल बनकर दौड़ा करंट, बोर्ड में प्लग लगाते ही हुआ हादसा

​मृतक की पहचान मधुसूदनपुर थाना क्षेत्र के सरदारपुर गांव निवासी हीरामन राय के पुत्र विष्णुदेव राय के रूप में की गई है।

​परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, यह दर्दनाक हादसा मंगलवार की सुबह करीब तीन बजे हुआ। विष्णुदेव राय घर के भीतर अपनी स्कूटी की बैटरी चार्ज करने के लिए बिजली के बोर्ड में चार्जर का प्लग लगा रहे थे। इसी दौरान अचानक बिजली के शॉर्ट सर्किट की वजह से पूरे बोर्ड में हाई-वोल्टेज करंट आ गया। विष्णुदेव को संभलने का मौका तक नहीं मिला और वह बिजली के झटके से बुरी तरह झुलसकर वहीं गिर पड़े।

​ बचाने दौड़े परिजनों को भी लगा झटका, मायागंज अस्पताल में डॉक्टरों ने घोषित किया मृत

​घर के भीतर चीख-पुकार सुनकर सो रहे परिजन तुरंत विष्णुदेव को बचाने के लिए दौड़े। लेकिन करंट इतना तेज था कि उन्हें छूने की कोशिश में परिजनों को भी बिजली का जोरदार झटका लगा। इसके बाद आनन-फानन में मुख्य स्विच से बिजली की सप्लाई को बंद किया गया।

​परिजन गंभीर रूप से झुलसे विष्णुदेव को लेकर तुरंत भागलपुर के मायागंज अस्पताल (JLNMCH) भागे। लेकिन अफसोस, अस्पताल पहुँचने पर डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। अस्पताल प्रशासन की सूचना पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

​ अस्पताल में दहाड़ मारकर रो पड़ी पत्नी, मासूम बच्चों को नहीं पता कि अब सिर से उठ गया पिता का साया

​विष्णुदेव की मौत की खबर मिलते ही उनकी पत्नी और दोनों मासूम बच्चे रोते-बिलखते मायागंज अस्पताल पहुँचे। पति के बेजान शरीर को देखते ही पत्नी दहाड़ मारकर रोने लगी, जिसे देख अस्पताल में मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। वहीं, दूसरी ओर मृतक के दोनों मासूम बच्चे इस बात से पूरी तरह अनजान थे कि उनके पिता अब इस दुनिया में नहीं रहे और उनके सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ चुका है।

भागलपुर में मुहर्रम को लेकर सुरक्षा का सख्त पहरा: ड्रोन से होगी चप्पे-चप्पे की निगरानी, अफवाहबाजों पर सीधे होगी FIR

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Bhagalpur News: मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और भाईचारे के माहौल में संपन्न कराने के लिए भागलपुर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। जिले में अमन-चैन और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासनिक और पुलिस महकमे ने फुलप्रूफ रणनीति तैयार कर ली है। इसी सिलसिले में समाहरणालय स्थित समीक्षा भवन के सभागार में जिलाधिकारी अलंकृता पांडे और वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) प्रमोद कुमार यादव की संयुक्त मौजूदगी में केंद्रीय शांति समिति के सदस्यों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

​बैठक के दौरान मुहर्रम के जुलूस के रूट, सुरक्षा के कड़े इंतजामों और जिले के संवेदनशील इलाकों की मौजूदा स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई।

​ सुरक्षा का ऐसा घेरा कि परिंदा भी पर न मार सके, ड्रोन और CCTV से होगी मॉनिटरिंग

​समीक्षा बैठक के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए भागलपुर के एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने प्रशासन के कड़े तेवरों को साफ कर दिया। उन्होंने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

  • ​संवेदनशील इलाकों पर विशेष नजर: जिले के सभी चिन्हित और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल और मजिस्ट्रेट की तैनाती की जाएगी।
  • ​तीसरी आंख का पहरा: पारंपरिक जुलूस के रास्तों और भीड़भाड़ वाले इलाकों की निगरानी के लिए भारी संख्या में सीसीटीवी (CCTV) कैमरे लगाए जा रहे हैं।
  • ​आसमान से नजर: पूरे मेला और जुलूस क्षेत्र की ड्रोन कैमरों के जरिए हवाई निगरानी (Aerial Surveillance) की जाएगी, ताकि हर गतिविधि पर तुरंत एक्शन लिया जा सके।

​ सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाई तो खैर नहीं, सीधे होगी जेल

​इंटरनेट और सोशल मीडिया के जरिए माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वाले शरारती तत्वों को एसएसपी ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है।

​”मुहर्रम के दौरान सोशल मीडिया के सभी प्लेटफॉर्म्स (Facebook, WhatsApp, X) की चौबीसों घंटे मॉनिटरिंग की जा रही है। अगर किसी ने भी भ्रामक जानकारी, भड़काऊ पोस्ट या अफवाह फैलाने की कोशिश की, तो उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे समाजकंटकों पर पुलिस सीधे कड़ी कानूनी कार्रवाई करते हुए जेल भेजेगी।”

— प्रमोद कुमार यादव, एसएसपी (भागलपुर)

 

​ शांति समिति की बैठक के मुख्य बिंदु और फैसले:

  1. ​रूट का कड़ाई से पालन: मुहर्रम का जुलूस केवल उन्हीं रास्तों से गुजरेगा जो पहले से जिला प्रशासन द्वारा निर्धारित और स्वीकृत हैं। नए रूट की अनुमति बिल्कुल नहीं होगी।
  2. ​सख्त पुलिस गश्त (Patrolling): पर्व के दौरान जिले के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में पुलिस की मोबाइल टीमें लगातार गश्त करती रहेंगी।
  3. ​सद्भाव की अपील: जिला प्रशासन और शांति समिति के सदस्यों ने संयुक्त रूप से सभी जिलेवासियों से अपील की है कि वे वर्षों पुरानी गंगा-जमुनी तहजीब को बरकरार रखते हुए आपसी सौहार्द के साथ शांतिपूर्ण तरीके से मुहर्रम मनाएं।

श्रावणी मेले को लेकर भागलपुर प्रशासन अलर्ट: कांवड़िया पथ से गंगा घाट तक चप्पे-चप्पे पर होगी कड़ी निगरानी

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Bhagalpur News: विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले को लेकर भागलपुर जिला प्रशासन पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गया है। मेले के सफल और सुरक्षित आयोजन को सुनिश्चित करने के लिए समीक्षा भवन के सभागार में एक हाई-लेवल मीटिंग बुलाई गई। इस बैठक की संयुक्त अध्यक्षता भागलपुर की जिलाधिकारी अलंकृता पांडे और वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) प्रमोद कुमार ने की। बैठक में सभी विभागीय अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए कि श्रद्धालुओं की सेवा और सुरक्षा में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

​ सुरक्षा का अभेद्य किला: 15 किलोमीटर के कांवड़िया पथ पर 24 घंटे पुलिस पेट्रोलिंग

​बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए एसएसपी प्रमोद कुमार ने सुरक्षा ब्लूप्रिंट का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि सुल्तानगंज से शुरू होने वाले पवित्र कांवड़िया मार्ग का लगभग 15 किलोमीटर का हिस्सा भागलपुर जिले के अधिकार क्षेत्र में आता है।

  • ​लगातार गश्त: इस पूरे 15 किमी के रूट पर पुलिस की मोबाइल टीमें और पेट्रोलिंग गाड़ियां 24 घंटे मुस्तैद रहेंगी।
  • ​असामाजिक तत्वों पर नज़र: सादे लिबास में भी पुलिस बल की तैनाती की जाएगी ताकि कोई भी अप्रिय घटना न हो।

​ गंगा घाटों पर जल पुलिस का पहरा, नदी में भी होगी गश्त

​सुल्तानगंज के गंगा घाट पर उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए इस बार पानी से लेकर जमीन तक सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं।

  • ​विशेष निगरानी: गंगा घाटों पर वॉच टॉवर और सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी रखी जाएगी।
  • ​रिवर पेट्रोलिंग: नदी के भीतर किसी भी हादसे को रोकने के लिए पुलिस की विशेष टीमें नावों और मोटर बोट के जरिए लगातार गश्त (पेट्रोलिंग) करेंगी। स्थानीय गोताखोरों और एसडीआरएफ (SDRF) की टीम को भी अलर्ट मोड पर रखा जाएगा।

​ “पिछले साल की गलतियों से सीखा सबक, इस बार व्यवस्था होगी बेमिसाल” — SSP

​”पिछले वर्ष श्रावणी मेले के दौरान जो भी छोटी-मोटी कमियां या शिकायतें सामने आई थीं, उन सभी को चिन्हित कर इस बार पूरी तरह से दूर कर लिया गया है। हमारा लक्ष्य है कि देश-विदेश से आने वाले शिवभक्तों को एक सुखद और सुरक्षित माहौल मिले।”

— प्रमोद कुमार, एसएसपी (भागलपुर)

 

​ प्रशासन की टॉप 5 प्राथमिकताएं:

  1. ​यातायात प्रबंधन (Traffic Management): सुल्तानगंज और आसपास के इलाकों में जाम की स्थिति न बने, इसके लिए रूट डायवर्जन और पार्किंग की पुख्ता व्यवस्था।
  2. ​श्रद्धालुओं की सुविधा: कांवड़िया पथ पर शुद्ध पेयजल, रोशनी, स्वास्थ्य शिविर और शौचालय की उत्तम व्यवस्था।
  3. ​शांतिपूर्ण माहौल: मेला क्षेत्र को पूरी तरह से सुरक्षित और शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस का आपसी समन्वय।
  4. ​सख्त मॉनिटरिंग: सभी विभागों को उनकी जिम्मेदारी सौंप दी गई है और अधिकारी खुद ग्राउंड पर उतरकर निरीक्षण करेंगे।

बिहार में बाढ़-सुखाड़ से निपटने की महातैयारी: मुख्य सचिव की अध्यक्षता में क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की हाई-लेवल बैठक

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Patna News: बिहार में मानसून की दस्तक के साथ ही राज्य सरकार संभावित बाढ़ और सुखाड़ की दोहरी चुनौतियों से निपटने के लिए पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। सोमवार को मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप (CMG) की एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस उच्चस्तरीय बैठक में वर्ष 2026 के मानसून सीजन के दौरान राज्य में बाढ़ और सुखाड़ की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने की पूर्व तैयारियों की व्यापक समीक्षा की गई।

​मौसम का मिजाज और 5 सालों का ट्रेंड

​बैठक की शुरुआत में बिहार मौसम सेवा केंद्र के निदेशक डॉ. सी.एन. प्रभु ने आगामी दिनों के लिए मौसम का पूर्वानुमान और मानसून की स्थिति से अधिकारियों को अवगत कराया। इसके बाद आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल ने एक विस्तृत प्रस्तुतीकरण (Presentation) दिया।

​प्रधान सचिव ने पिछले 5 वर्षों के मानसून और वर्षापात के आंकड़ों का विश्लेषण प्रस्तुत किया, जिसके आधार पर इस साल की रणनीति तैयार की गई है।

​ग्राउंड जीरो पर तैयारी: आपदा प्रबंधन विभाग का एक्शन प्लान

​सरकार ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य को समय पर पूरा करने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। बैठक में निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी दी गई:

  • ​राहत सामग्री और पॉलिथीन शीट्स: बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पर्याप्त मात्रा में सूखा राशन, राहत सामग्री और पॉलिथीन शीट्स की उपलब्धता सुनिश्चित कर ली गई है।
  • ​नावों की व्यवस्था: जलभराव या बाढ़ की स्थिति में लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए नावों की समुचित मैपिंग और व्यवस्था की गई है।
  • ​SDRF और NDRF की तैनाती: आपातकालीन स्थितियों से तुरंत निपटने के लिए राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीमों को संवेदनशील जिलों में प्रतिनियुक्त कर दिया गया है।
  • ​मेडिकल टीमें और चलंत एम्बुलेंस: इंसानों के साथ-साथ पशुओं के इलाज के लिए भी दवाओं का पर्याप्त स्टॉक रखा गया है। इसके लिए विशेष चिकित्सा दलों का गठन किया गया है और चलंत एम्बुलेंस (Mobile Ambulances) को तैयार रहने को कहा गया है।

​सामुदायिक रसोई और सुखाड़ से निपटने की अग्रिम योजना

​आपदा प्रबंधन विभाग ने स्पष्ट किया कि यदि बाढ़ के कारण विस्थापन की स्थिति बनती है, तो प्रभावित लोगों के लिए सामुदायिक रसोई केंद्र (Community Kitchens) और बाढ़ राहत शिविरों (Relief Camps) की स्थापना और संचालन की पूरी तैयारी है।

​इसके साथ ही, राज्य के जिन हिस्सों में कम बारिश के कारण सुखाड़ (Drought) जैसी स्थिति बन सकती है, वहाँ के लिए भी सरकार ने अग्रिम कार्ययोजना तैयार कर ली है ताकि किसानों और आम जनता को संकट का सामना न करना पड़े।

​मुख्य सचिव के कड़े निर्देश: ‘आपसी समन्वय से काम करे प्रशासन’

​इस बैठक में राज्य के सभी प्रमंडलीय आयुक्त और सभी जिलों के जिला पदाधिकारी (DM) वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे।

​मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत ने सभी अधिकारियों को सख्त हिदायत देते हुए कहा:

“संभावित आपदाओं को लेकर कोई भी ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी पदाधिकारी पूरी तरह सतर्क रहें। सभी संबंधित विभाग और जिला प्रशासन आपस में बेहतर समन्वय (Coordination) बनाकर सक्रियता से काम करें, ताकि किसी भी विपरीत परिस्थिति में लोगों तक तुरंत मदद पहुंचाई जा सके।”

 

​सभी संसाधनों और व्यवस्थाओं को समयबद्ध (Time-bound) तरीके से पूरा करने का आदेश जारी कर दिया गया है, ताकि जून से अक्टूबर तक की इस संवेदनशील अवधि में राज्य सुरक्षित रहे।

भागलपुर: बात करने से टोका तो युवक की आंख में झोंकी मिर्ची, फिर लाठी-पाइप से पीट-पीटकर कर दिया अधमरा

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Bhagalpur News: नाथनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत चंपानगर के चमर टोली लाइन में मामूली विवाद ने बेहद हिंसक रूप ले लिया। पड़ोसियों के शोर-शराबे और गाली-गलौज का विरोध करने पर एक युवक को तालिबानी सजा दे दी गई। दबंगों ने पहले युवक की आंखों में तीखी मिर्ची का पाउडर (गुंडी) झोंक दिया और जब वह अंधा होकर तड़पने लगा, तो उस पर लाठी, डंडे और लोहे के पाइप से ताबड़तोड़ हमला कर अधमरा कर दिया। इस खौफनाक वारदात के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और तनाव का माहौल है।

​बहन से फोन पर कर रहा था बात, शांत रहने को कहने पर भड़के पड़ोसी

​अस्पताल में जिंदगी और मौत से जंग लड़ रहे पीड़ित तौसीफ अंसारी ने रोते हुए आपबीती सुनाई। तौसीफ के अनुसार, वह अपने घर के पास खड़ा होकर अपनी बहन से मोबाइल फोन पर बातचीत कर रहा था। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाले शाहिद मिस्त्री उर्फ रहमान और उनके परिवार के लोग जोर-जोर से गाली-गलौज और शोर-शराबा कर रहे थे।

​तौसीफ ने जब उन्हें शालीनता से शांत रहने और गाली-गलौज न करने की बात कही, तो आरोपी आगबबूला हो गए और देखते ही देखते विवाद खूनी झड़प में बदल गया।

​आंखों में मिर्च झोंककर किया अंधा, फिर मिलकर ढाया कहर

​पीड़ित तौसीफ ने आरोप लगाया कि विवाद बढ़ते ही शाहिद मिस्त्री, रहमान, छोटू और राजा समेत उनके परिवार के कई लोग लाठी-डंडे और लोहे का पाइप लेकर घर से बाहर निकल आए।

​”उन्होंने सोची-समझी साजिश के तहत सबसे पहले मेरी आंखों में मिर्ची का पाउडर (गुंडी) डाल दिया। मिर्च लगते ही मुझे कुछ दिखना बंद हो गया और मैं अपनी आंखें पकड़कर जमीन पर बैठ गया। इसके बाद उन सबने मिलकर मुझ पर लाठी और पाइप से बेरहमी से हमला कर दिया। वो मुझे तब तक पीटते रहे जब तक मैं लहूलुहान होकर बेहोश नहीं हो गया।”

— तौसीफ अंसारी (पीड़ित युवक)

 

​चिल्लाने की आवाज सुनकर जब तक स्थानीय लोग बीच-बचाव के लिए दौड़े, हमलावर मौके से फरार हो चुके थे। आनन-फानन में स्थानीय लोगों की मदद से खून से लथपथ तौसीफ को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों की देखरेख में इलाज चल रहा है।

​इलाके में तनाव, आरोपियों की तलाश में जुटी नाथनगर पुलिस

​इस बर्बर घटना के बाद चंपानगर इलाके में स्थानीय लोगों के बीच भारी आक्रोश है और कुछ देर के लिए स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी। घटना की लिखित शिकायत नाथनगर थाना पुलिस को दे दी गई है।

​मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस तुरंत एक्शन में आ गई है। पुलिस की एक टीम अस्पताल पहुंचकर घायल का बयान दर्ज कर चुकी है, वहीं दूसरी ओर चमर टोली में दोनों पक्षों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून को हाथ में लेने वाले आरोपियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही सभी हमलावर सलाखों के पीछे होंगे।