Patna News: बिहार में जन वितरण प्रणाली (PDS) के तहत मिलने वाले मुफ्त और रियायती अनाज के वितरण को लेकर सरकार बेहद सख्त रुख अपना रही है। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सचिव दीपक आनंद ने आज राज्य के सभी जिला आपूर्ति पदाधिकारियों (DSOs) और अनुमंडल पदाधिकारियों (SDOs) के साथ एक हाई-लेवल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग समीक्षा बैठक की। बैठक में सचिव ने साफ लफ्जों में चेतावनी दी कि खाद्यान्न वितरण में किसी भी स्तर पर लापरवाही, देरी या अनियमितता को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में राज्य के सभी जिलों के जिला आपूर्ति पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी, सहायक जिला आपूर्ति पदाधिकारी, पणन पदाधिकारी (MOs) और आपूर्ति निरीक्षक शामिल हुए।
पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं: सभी जिलों में चलेगा विशेष अभियान
बैठक के दौरान सचिव दीपक आनंद ने विभाग की प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए फील्ड के अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि सभी पात्र लाभार्थियों को सही समय पर, पूरी मात्रा में और गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न उपलब्ध कराना विभाग का मुख्य संकल्प है।
”सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) की पारदर्शिता और जवाबदेही से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। अगर राशन वितरण में कोई भी डीलर या अधिकारी कोताही बरतता है, तो उसके खिलाफ सीधी और कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
— दीपक आनंद, सचिव, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग
कालाबाजारी और कम तौल पर तत्काल होगी एफआईआर
सचिव ने राज्य के सभी जिलों में जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) दुकानों का सघन निरीक्षण (Special Inspection Drive) करने का आदेश दिया है। इस अभियान के तहत:
- यदि किसी भी दुकान पर राशन की कालाबाजारी, कम तौल (कम अनाज देना) या वितरण में अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित डीलर का लाइसेंस तुरंत रद्द किया जाएगा।
- गड़बड़ी करने वाले डीलरों के खिलाफ तत्काल नियमानुसार प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
संदिग्ध राशन कार्डों की होगी छंटनी, नए कार्डों पर बड़ा फैसला
बैठक में राशन कार्डों के निर्माण और डेटा की शुद्धता पर भी विस्तृत समीक्षा की गई। सचिव ने अधिकारियों को दो प्रमुख मोर्चों पर तेजी से काम करने को कहा है:
- संदिग्ध राशन कार्डों की जांच: राज्य में जितने भी संदिग्ध या फर्जी राशन कार्ड हैं, उनकी स्क्रूटनी तेज की जाएगी। जांच में अपात्र पाए जाने वाले संपन्न या फर्जी लाभुकों के नाम सूची से हटाकर उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
- लंबित आवेदनों का त्वरित निष्पादन: नए राशन कार्ड बनवाने के लिए जितने भी पात्र परिवारों के आवेदन लंबित हैं, उनका बिना किसी देरी के शीघ्र निष्पादन किया जाएगा ताकि गरीबों को उनका हक मिल सके।
समय सीमा के भीतर भरी जाएंगी पीडीएस दुकानों की रिक्तियां
समीक्षा बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि राज्य में जहां भी जन वितरण प्रणाली (PDS) दुकानों की रिक्तियां हैं, उन्हें एक निश्चित समय-सीमा (Deadline) के भीतर भरा जाए ताकि आम जनता को राशन लेने के लिए दूर न जाना पड़े। इसके साथ ही, आम जनता से मिलने वाली राशन संबंधी शिकायतों (Public Grievances) का एक तय समय के भीतर निपटारा करने की जिम्मेदारी स्थानीय अधिकारियों को सौंपी गई है।


