Bhagalpur News: भागलपुर के निवर्तमान उप विकास आयुक्त (DDC) प्रदीप कुमार सिंह के तबादले के बाद विकास भवन स्थित डीआरडीए (DRDA) सभागार में एक भव्य और भावुक विदाई समारोह का आयोजन किया गया। इस मौके पर जिले के तमाम प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों ने उन्हें विदाई दी। करीब दो साल के अपने सफल कार्यकाल के बाद अब वे अपनी नई जिम्मेदारी संभालने के लिए तैयार हैं।
विदाई समारोह में भावुक हुआ माहौल, अधिकारियों की आँखें हुईं नम
विदाई समारोह के दौरान डीआरडीए सभागार का माहौल पूरी तरह से भावुक हो गया। मंच से जब अधिकारियों और कर्मचारियों ने प्रदीप कुमार सिंह के साथ काम करने के अपने अनुभवों को साझा करना शुरू किया, तो कई अधिकारियों की आँखें नम हो गईं। उपस्थित सभी लोगों ने उनके मृदुभाषी स्वभाव और बेहतरीन कार्यशैली की जमकर तारीफ की।
अधिकारियों का संदेश: “सर के साथ काम करने का अनुभव बेहद शानदार रहा। उन्होंने न सिर्फ एक बॉस की तरह बल्कि एक मार्गदर्शक की तरह हम सभी का मार्गदर्शन किया।”
कामकाज में तेजी और जन-समस्याओं का निपटारा थी प्राथमिकता
समारोह को संबोधित करते हुए ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर्स (BDO) और विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों ने कहा कि डीडीसी प्रदीप कुमार सिंह के कार्यकाल में जिले को एक नई दिशा मिली। उन्होंने सरकारी कामकाज को पारदर्शी और बेहतर तरीके से करने, कागजी प्रक्रियाओं में होने वाली देरी को खत्म करने और आम जनता की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर तुरंत निपटाने की बारीकियां सिखाईं। उनके जाने से जिले के प्रशासनिक महकमे में एक शून्यता महसूस होगी।
निवर्तमान DDC ने जताया सबका आभार
अपनी विदाई पर बोलते हुए निवर्तमान डीडीसी प्रदीप कुमार सिंह भी काफी भावुक नजर आए। उन्होंने भागलपुर में अपने दो साल के कार्यकाल को बेहद संतोषजनक बताया। उन्होंने कहा कि जिले में विकास कार्यों को धरातल पर उतारने में सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों, विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों का भरपूर सहयोग मिला, जिसके लिए वे सभी का सहृदय धन्यवाद करते हैं।
अब पर्यटन विभाग में संभालेंगे बड़ी जिम्मेदारी
आपको बता दें कि भागलपुर में शानदार सेवा देने के बाद सरकार द्वारा प्रदीप कुमार सिंह का तबादला कर दिया गया है। वे अब बिहार सरकार के पर्यटन विभाग में संयुक्त सचिव (Joint Secretary) के पद पर अपनी नई पारी की शुरुआत करने जा रहे हैं। विदाई समारोह में जिले के सभी बीडीओ, डीआरडीए के विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, प्रधान लिपिक और बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे।


