Patna News: बिहार अब केवल श्रम देने वाला राज्य नहीं, बल्कि दुनिया को तकनीक और समाधान देने वाला ‘नवाचार केंद्र’ (Innovation Hub) बनने जा रहा है। सूचना प्रावैधिकी विभाग द्वारा पटना में “Bihar AI Policy 2026 (Draft)” पर एक हाई-प्रोफाइल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन मीटिंग का आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक बैठक में देश-विदेश की दिग्गज टेक कंपनियों, एआई विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं ने बिहार को एआई क्रांति का केंद्र बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
बैठक में आईटी मंत्री नीतीश मिश्रा, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, और आईटी सचिव अभय कुमार सिंह सहित Google India, Microsoft India, Sarvam AI, BharatGPT, NASSCOM, IIT Patna, C-DAC, और MithilaStack जैसे बड़े संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
’Migration to Innovation’ का नया दौर: मंत्री नीतीश मिश्रा
बैठक को संबोधित करते हुए आईटी मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि अब बिहार के उदय का समय आ चुका है। राज्य तीव्र गति से विकास के नए युग में प्रवेश कर रहा है और उद्योग जगत को इस ऐतिहासिक परिवर्तन का भागीदार बनना चाहिए।
”बिहार को लेकर बनी पुरानी धारणाओं और सोच को अब पूरी तरह बदलने की आवश्यकता है। आज का बिहार संभावनाओं, नवाचार और उद्यमिता का बिहार है। राज्य अब ‘Migration to Innovation’ और ‘Brain Drain to Brain Gain’ के मंत्र के साथ आगे बढ़ रहा है। बिहार की प्रतिभाएं अब केवल रोजगार खोजने वाली नहीं, बल्कि रोजगार और अवसर पैदा करने वाली शक्ति बनेंगी।”
— नीतीश मिश्रा, आईटी मंत्री, बिहार
एआई पॉलिसी में शामिल होंगे ‘एक्सपोर्ट’ और ‘ग्रीन एनर्जी’
मंत्री ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व का जिक्र करते हुए कहा कि बिहार में निवेश के लिए पूरी तरह अनुकूल माहौल तैयार किया जा रहा है। उन्होंने ड्राफ्ट पॉलिसी को और व्यापक बनाने के लिए दो बेहद महत्वपूर्ण सुझाव दिए:
- निर्यात प्रोत्साहन (Export Promotion): बिहार में बनने वाले एआई प्रोडक्ट्स और सर्विसेज को वैश्विक बाजार मिले।
- हरित ऊर्जा (Green Energy): तकनीक आधारित विकास पूरी तरह सतत (Sustainable) और पर्यावरण के अनुकूल हो।
Ease of Doing Business सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता: मुख्य सचिव
बिहार के मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत ने उद्योग जगत को भरोसा दिलाते हुए कहा कि Ease of Doing Business सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में से एक है।
- सरकार निवेशकों को सभी स्वीकृतियां, अनुमतियां और आवश्यक सेवाएं समयबद्ध (Time-bound) और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध करा रही है।
- नियमों को लगातार सरल बनाया जा रहा है ताकि कंपनियों को काम करने में कोई परेशानी न हो।
- उन्होंने आए हुए प्रतिनिधियों से अपील की कि वे देश-दुनिया में बिहार के इस सकारात्मक बदलाव के ब्रांड एंबेसडर (संदेशवाहक) बनें।
निवेश और रोजगार को मिलेगी अभूतपूर्व गति: आईटी सचिव
सूचना प्रावैधिकी विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह ने विश्वास व्यक्त किया कि इस नई एआई नीति के लागू होने से बिहार में भारी निवेश आकर्षित होगा। इससे न केवल युवाओं के लिए उच्च स्तर के रोजगार पैदा होंगे, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को एक नई गति मिलेगी। उन्होंने उद्योग जगत से बिहार के इस विकास सफर में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
इन 10 बड़े मुद्दों पर हुआ महामंथन
बैठक के दौरान बिहार को एआई का ग्लोबल सेंटर बनाने के लिए निम्नलिखित तकनीकी और बुनियादी विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई:
- AI Research & Start-up Ecosystem: बिहार में एआई रिसर्च और नए स्टार्टअप्स को बढ़ावा देना।
- Skill Development & Training: छात्रों और शिक्षकों के लिए स्पेशल एआई ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू करना।
- Open Data Policy & Data Centres: एआई के विकास के लिए डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा सेंटर्स का निर्माण।
- Cyber Security & Responsible AI: सुरक्षित और नैतिक रूप से सही एआई का विकास सुनिश्चित करना।
- LLMs (Large Language Models): भारतीय और क्षेत्रीय भाषाओं के लिए एआई मॉडल तैयार करना।
- Digital Infrastructure: राज्य के कोने-कोने तक मजबूत डिजिटल कनेक्टिविटी पहुंचाना।
बैठक में शामिल प्रमुख चेहरे
इस विजनरी बैठक में विशेष सचिव (गृह) क्षत्रनील सिंह, सूचना प्रावैधिकी विभाग के विशेष सचिव अरविंद कुमार चौधरी सहित IndiaAI Mission, गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, सर्वम एआई, भारतजीपीटी, नैसकॉम, आईआईटी पटना, सी-डैक और नीलिट (NIELIT) के शीर्ष विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया और बिहार के भविष्य को संवारने के लिए अपने रोडमैप साझा किए।


