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सबौर में अतिक्रमण पर चला प्रशासन का बुलडोजर: प्रखंड कार्यालय के सामने आधा दर्जन अवैध दुकानें और मकान ध्वस्त

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले के सबौर में सरकारी जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराने के लिए प्रशासन ने एक बार फिर बड़ा एक्शन लिया है। सबौर प्रखंड कार्यालय के ठीक सामने वर्षों से पैर पसारे अतिक्रमण पर प्रशासन का बुलडोजर गरजा। सबौर अंचलाधिकारी (CO) सौरभ कुमार के नेतृत्व में चलाई गई इस विशेष मुहिम के तहत सरकारी जमीन पर बने आधा दर्जन से अधिक अवैध मकानों और दुकानों को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया गया।

​ बुलडोजर चलते ही मचा हड़कंप, सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम

​प्रशासन की इस अचानक हुई बड़ी कार्रवाई से पूरे सबौर बाजार और प्रखंड मुख्यालय के आसपास अफरा-तफरी का माहौल बन गया। देखते ही देखते मौके पर सैकड़ों स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। किसी भी प्रकार के विरोध या कानून-व्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए मौके पर दंडाधिकारी (मैजिस्ट्रेट) की तैनाती की गई थी। साथ ही सबौर थाने की भारी पुलिस बल मुस्तैद रही, जिसके कारण पूरा अतिक्रमण हटाओ अभियान बिना किसी बड़े विरोध के शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गया।

​ अंचलाधिकारी का बयान: नोटिस के बाद भी नहीं खाली की थी जमीन

​मामले की जानकारी देते हुए सबौर अंचलाधिकारी सौरभ कुमार ने बताया कि प्रखंड कार्यालय के सामने की यह कीमती जमीन सरकारी थी, जिस पर कुछ लोगों ने अवैध रूप से दुकानें और पक्के-अक्के मकान बना लिए थे। प्रशासन द्वारा इन सभी अतिक्रमणकारियों को पहले ही आधिकारिक नोटिस तामिला कराया गया था। नोटिस के जरिए उन्हें निर्धारित समय के भीतर खुद से अवैध निर्माण हटाने का निर्देश दिया गया था। इसके बावजूद जब तय समय सीमा में जमीन खाली नहीं की गई, तो प्रशासन को मजबूरन नियमानुसार बुलडोजर चलाकर बलपूर्वक अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करनी पड़ी।

​ आगे भी जारी रहेगा अभियान, अवैध कब्जा करने वालों को सख्त चेतावनी

​प्रशासनिक अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि सबौर अंचल क्षेत्र के भीतर किसी भी सरकारी जमीन, सड़क या आम रास्तों पर अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकारी जमीन को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त कराने का यह विशेष अभियान आगे भी ब्लॉक और थाना क्षेत्रों में लगातार जारी रहेगा। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि कोई दोबारा इन जगहों पर कब्जा करने की कोशिश करेगा, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए प्राथमिकी (FIR) भी दर्ज कराई जाएगी।

भीषण सड़क हादसा: तेज रफ्तार हाइवा का टायर फटा, झोपड़ियों पर पलटने से महिला और दो बच्चों सहित 3 की दर्दनाक मौत

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Bhagalpur News: एनएच-31 पर रफ्तार का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। नवगछिया में एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया है, जहां एक तेज रफ्तार बालू लदे हाइवा का पिछला चक्का अचानक ब्लास्ट हो गया। टायर फटने के बाद अनियंत्रित हाइवा सड़क किनारे स्थित फूस के घरों (झोपड़ियों) पर पलट गया। इस भीषण हादसे में मलबे और बालू के नीचे दबने से दो मासूम बच्चों और एक अधेड़ महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि आधे दर्जन से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

​ चीख-पुकार के बीच देवदूत बनी 102 एम्बुलेंस

​हादसे के बाद मौके पर कोहराम मच गया और चारों तरफ चीख-पुकार सुनाई देने लगी। इस संकट की घड़ी में जेनप्लस प्राइवेट लिमिटेड की 102 एम्बुलेंस टीम स्थानीय लोगों और प्रशासन के लिए देवदूत बनकर सामने आई। एम्बुलेंस कर्मियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए तुरंत सभी घायलों को मलबे से निकालकर अस्पताल पहुंचाया और मृतकों के शवों को भी पोस्टमार्टम के लिए भेजा। एम्बुलेंस की त्वरित सेवा के कारण कई घायलों की जान समय पर अस्पताल पहुंचने से बच सकी।

​ मृतकों की हुई पहचान, एक मासूम का शव क्षत-विक्षत

​हादसे का मंजर इतना खौफनाक था कि हाइवा के नीचे आने से तीन झोपड़ियां पूरी तरह जमींदोज हो गईं। मृतकों की पहचान गुड्डू डोम की 4 वर्षीय बेटी राधा कुमारी, 3 वर्षीय बेटे अंकुश कुमार और भिखारी डोम की 50 वर्षीय पत्नी इंदु देवी के रूप में की गई है। टक्कर इतनी जोरदार थी कि एक मासूम बच्चे का शव पूरी तरह से क्षत-विक्षत हो गया, जिसे देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं।

​ जेसीबी की मदद से बालू के नीचे से निकाले गए शव, ट्रैफिक DSP पहुंचे

​घटना की सूचना मिलते ही ट्रैफिक डीएसपी (DSP) अनिल कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। झोपड़ियों पर भारी मात्रा में बालू पलट जाने के कारण शवों को निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। आखिरकार प्रशासन ने जेसीबी (JCC) मशीन मंगवाई और बालू व मलबे को हटवाकर नीचे दबे शवों और घायलों को बाहर निकाला गया।

​ आक्रोशित ग्रामीणों ने NH-31 किया जाम, पुलिस ने समझा-बुझाकर खुलवाया

​इस दर्दनाक हादसे से गुस्साए स्थानीय ग्रामीणों ने मुआवजे और रफ्तार पर लगाम लगाने की मांग को लेकर नेशनल हाईवे (NH-31) को करीब 45 मिनट तक पूरी तरह जाम कर दिया। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। हालांकि, ट्रैफिक डीएसपी और स्थानीय पुलिस प्रशासन के काफी समझाने-बुझाने और उचित कानूनी कार्रवाई के आश्वासन के बाद स्थिति को नियंत्रित किया गया और जाम हटाया जा सका। इसके बाद सड़क पर परिचालन दोबारा सामान्य हो पाया।

भागलपुर में नशे के कारोबार पर पुलिस का बड़ा प्रहार: 3.590 किलो गांजा के साथ तस्कर गिरफ्तार

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Bhagalpur News: भागलपुर को नशामुक्त बनाने और युवाओं को इस दलदल से बचाने के लिए भागलपुर पुलिस लगातार एक्शन मोड में है। इसी कड़ी में पुलिस ने मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ एक और बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की है। ललमटिया थाना क्षेत्र में छापेमारी कर पुलिस ने भारी मात्रा में गांजा बरामद करते हुए एक मुख्य तस्कर को दबोच लिया है। यह पूरी कार्रवाई भागलपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) के निर्देश पर चलाए जा रहे ‘स्वस्थ युवा, स्वस्थ भागलपुर’ विशेष अभियान के तहत की गई है।

​ गुप्त सूचना पर एक्शन: जर्जर पानी टंकी के पास चल रहा था खूनी खेल

​पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि ललमटिया थाना क्षेत्र के मोहनपुर गांव स्थित दुर्गा स्थान के पास एक जर्जर पानी टंकी का कमरा है, जिसे तस्करों ने अपना सेफ हाउस बना रखा है। इस खंडहरनुमा कमरे में अवैध मादक पदार्थों (गांजा) का भारी स्टॉक जमा कर गुपचुप तरीके से उसकी खरीद-बिक्री और सप्लाई की जा रही थी। सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई के लिए एक विशेष टीम का गठन किया।

​ पुलिस को देखते ही भागा तस्कर, तलाशी में मिला भारी गांजा और वेट मशीन

​जब पुलिस टीम ने पूरी तैयारी के साथ मोहनपुर गांव के उस चिन्हित ठिकाने पर छापेमारी की, तो पुलिस की भनक लगते ही वहां मौजूद तस्कर मौके का फायदा उठाकर भागने में सफल रहा। लेकिन जब पुलिस ने उस जर्जर कमरे की बारीकी से तलाशी ली, तो वहां से 3.590 किलोग्राम अवैध गांजा और तस्करी में इस्तेमाल की जाने वाली एक इलेक्ट्रॉनिक वेट मशीन (वजन तोलने वाली मशीन) बरामद हुई।

​ घेराबंदी कर सीटीएस रोड से दबोचा गया मुख्य आरोपी

​मौके से गांजा जब्त करने के बाद पुलिस शांत नहीं बैठी। भागे हुए तस्कर की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने तुरंत तकनीकी इनपुट्स और लोकल नेटवर्क को एक्टिव किया। लगातार की गई छापेमारी और घेराबंदी के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी कमलेश मंडल को सीटीएस रोड (CTS Road) के पास से धर दबोचा।

​ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज, आगे के सिंडिकेट की जांच शुरू

​गिरफ्तारी के बाद पुलिस कमलेश मंडल को थाने लाकर कड़ी पूछताछ कर रही है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) की सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है और उसे न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कमलेश गांजे की यह खेप कहां से लाता था और भागलपुर में उसके इस नेटवर्क से कौन-कौन से छोटे पैडलर जुड़े हुए हैं।

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​”भागलपुर पुलिस जिले में नशे के अवैध कारोबार को पूरी तरह से नेस्तनाबूद करने के लिए संकल्पित है। ‘स्वस्थ युवा, स्वस्थ भागलपुर’ अभियान के तहत ललमटिया थाना क्षेत्र से 3.590 किलोग्राम गांजे के साथ मुख्य आरोपी कमलेश मंडल को गिरफ्तार किया गया है। नशे के सौदागरों के खिलाफ हमारी यह सख्त कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।”

— प्रमोद कुमार यादव, एसएसपी, भागलपुर

बिल्डर के ऑफिस में खूनी खेल: प्यार, तकरार और फिर गला रेतकर कत्ल; 12 घंटे में सनसनीखेज खुलासा

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Crime News: भागलपुर में बुधवार देर रात एक चर्चित बिल्डर की बेरहमी से हत्या की वारदात से सनसनी फैल गई। तिलकामांझी थाना क्षेत्र में स्थित ऑफिस के अंदर खून से लथपथ बिल्डर की लाश मिलने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। हालांकि, भागलपुर पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए महज 12 घंटे के भीतर इस अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझा लिया है। पुलिस के मुताबिक, इस खूनी खेल के पीछे अवैध संबंध, प्यार और आपसी तकरार की खौफनाक कहानी सामने आई है।

​ ऑफिस बना कत्लगाह: देर रात मुलाकात, फिर खूनी वारदात

​घटना तिलकामांझी थाना क्षेत्र की है, जहां चर्चित बिल्डर बजरंग कुमार की उनके ही कार्यालय में गला रेतकर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। जिस ऑफिस में देर रात तक दोनों के बीच मुलाकात चल रही थी, वही जगह कुछ ही घंटों में कत्लगाह में तब्दील हो गई। सुबह जब पुलिस मौके पर पहुंची, तो चारों तरफ खून बिखरा हुआ था और बजरंग कुमार का शव पड़ा था।

​ एसएसपी का खुलासा: अवैध संबंध और आपसी विवाद में गई जान

​मामले की गंभीरता को देखते हुए भागलपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) प्रमोद कुमार यादव के निर्देशन में विशेष टीम का गठन किया गया। एसएसपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि मृतक बजरंग कुमार का पिरपैंती की रहने वाली सीमा कुमारी नामक महिला के साथ पिछले कुछ समय से अवैध संबंध था। घटना की रात भी सीमा कुमारी बिल्डर के उसी कार्यालय में मौजूद थी।

​ नशे की हालत में सो रहा था बिल्डर, महिला ने ‘दबिया’ से रेता गला

​पुलिस की पूछताछ में आरोपी महिला सीमा कुमारी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। सीमा ने बताया कि रात में दोनों के बीच शारीरिक संबंध बने थे, लेकिन उसके बाद किसी बात को लेकर दोनों में तीखी बहस और विवाद हो गया। विवाद के बाद बजरंग कुमार नशे की हालत में वहीं सो गया।

​बजरंग को सोता देख सीमा ने खौफनाक साजिश रची। उसने कार्यालय में ही रखा एक धारदार हथियार (दबिया) उठाया और सोते हुए बजरंग के गले पर ताबड़तोड़ कई वार कर दिए। इसके बाद उसने शरीर के अन्य हिस्सों पर भी हमला किया, जिससे अत्यधिक खून बहने के कारण बजरंग कुमार की मौके पर ही मौत हो गई।

​ वैज्ञानिक जांच और तकनीकी साक्ष्यों से पकड़ी गई कातिल

​वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी सीमा कुमारी मौके से फरार हो गई थी। पुलिस ने मामले की तफ्तीश के लिए वैज्ञानिक जांच, एफएसएल (FSL) की टीम और तकनीकी साक्ष्यों (CCTV और मोबाइल लोकेशन) का सहारा लिया। संदेह के आधार पर जब सीमा कुमारी को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की गई, तो पूरे मामले का पटाक्षेप हो गया।

​ हत्या में इस्तेमाल हथियार और सामान बरामद

​पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी महिला सीमा कुमारी को गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही पुलिस ने उसकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया धारदार दबिया और घटना से जुड़े कई अन्य महत्वपूर्ण सामान भी बरामद कर लिए हैं। फिलहाल पुलिस आरोपी से आगे की कानूनी प्रक्रियाओं के तहत पूछताछ कर रही है और उसे न्यायिक हिरासत में भेजने की तैयारी की जा रही है।

​“बिल्डर बजरंग कुमार हत्याकांड का पुलिस ने 12 घंटे के अंदर सफल उद्भेदन कर लिया है। अवैध संबंधों और आपसी विवाद के कारण इस घटना को अंजाम दिया गया। आरोपी महिला सीमा कुमारी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसके पास से आला-ए-कत्ल (दबिया) भी बरामद कर लिया गया है। मामले में आगे की विधि-सम्मत कार्रवाई की जा रही है।”

— प्रमोद कुमार यादव, एसएसपी, भागलपुर

श्रावणी मेला 2026 को लेकर भागलपुर DM अलंकृता पांडे का बड़ा निर्देश, सुल्तानगंज में लेजर शो और लाइटिंग होगी बेहद भव्य

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Bhagalpur News: विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला-2026 के सफल, सुरक्षित और सुव्यवस्थित आयोजन को लेकर भागलपुर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। मेले की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए आज जिलाधिकारी (DM) अलंकृता पांडे की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक में वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) प्रमोद कुमार यादव भी विशेष रूप से मौजूद रहे। बैठक के दौरान सुल्तानगंज मेला क्षेत्र में चल रही तैयारियों की बिंदुवार और गहन समीक्षा की गई और संबंधित विभागों को कड़े दिशा-निर्देश दिए गए।

​समय सीमा में पूरे होंगे स्टेज निर्माण, लेजर शो होगा मुख्य आकर्षण

​समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी अलंकृता पांडे ने स्पष्ट निर्देश दिया कि मेला क्षेत्र में बनने वाले विभिन्न स्टेजों के निर्माण कार्यों को तय समय-सीमा के भीतर हर हाल में पूरा किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने कार्यों में गुणवत्ता बनाए रखने की हिदायत दी। जिलाधिकारी ने कहा कि इस बार सुल्तानगंज में श्रद्धालुओं के आकर्षण का मुख्य केंद्र बनने वाले लेजर शो और लाइटिंग की व्यवस्था को बेहद आधुनिक, भव्य और आकर्षक बनाया जाए, ताकि यहाँ आने वाले शिवभक्तों को एक दिव्य और यादगार अनुभव मिल सके। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को पूरी कार्ययोजना के अनुरूप काम करने को कहा गया है।

​मूलभूत सुविधाओं और सुरक्षा पर विशेष नजर

​बैठक में मेला क्षेत्र के भीतर पेयजल (साफ पानी), निर्बाध बिजली आपूर्ति, स्वच्छता, स्वास्थ्य शिविरों की व्यवस्था, सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और बैरिकेडिंग जैसे तमाम महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने सभी विभागों को निर्देश देते हुए कहा कि श्रावणी मेले में देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुगम आवागमन प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी विभाग आपस में बेहतर समन्वय (तालमेल) बनाकर काम करें और अपने दायित्वों का पूरी तत्परता और जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करें।

​बैठक में उपस्थित रहे जिले के आला अधिकारी

​श्रावणी मेले की इस हाई-लेवल बैठक में भागलपुर के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक में मुख्य रूप से नगर आयुक्त किसलय कुशवाहा, अपर समाहर्ता दिनेश राम, अपर समाहर्ता धीरेंद्र कुमार मिश्रा, अपर समाहर्ता (विधि-व्यवस्था) राकेश रंजन उपस्थित थे। इनके अलावा गोपनीय शाखा प्रभारी सुधीर कुमार, सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी सदर विकास कुमार सहित मेला प्रबंधन और विभिन्न विभागों से जुड़े तमाम वरीय पदाधिकारी मौजूद रहे।

पटना में नहीं लगेगा जाम! नीतीश मिश्रा का बड़ा फैसला- मेट्रो निर्माण के साथ बेली रोड पर यातायात रहेगा निर्बाध

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Patna News: पटना वासियों को ट्रैफिक जाम की समस्या से मुक्ति दिलाने और शहर में सुगम यातायात व्यवस्था बहाल करने के लिए सरकार ने कमर कस ली है। पटना शहरी क्षेत्र में बढ़ते जाम के स्थायी समाधान को लेकर आज नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री नीतीश मिश्रा की अध्यक्षता में एक हाई-लेवल (उच्च स्तरीय) बैठक संपन्न हुई।

​इस बैठक का मुख्य एजेंडा पटना मेट्रो रेल परियोजना के तहत विद्युत भवन से रुकनपुरा के बीच बनने वाले अंडरग्राउंड मेट्रो टनल के दौरान ट्रैफिक को सुचारू रूप से चलाना था। मंत्री जी ने साफ शब्दों में कहा, “बेली रोड पर यातायात बाधित नहीं होने देंगे।”

​मेट्रो निर्माण भी चलेगा और ट्रैफिक भी रहेगा स्मूथ

​बैठक में बेली रोड पर टनल निर्माण के दौरान होने वाली संभावित दिक्कतों की विस्तृत समीक्षा की गई। मंत्री नीतीश मिश्रा ने कड़े निर्देश देते हुए कहा कि आम नागरिकों की सुविधा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि मेट्रो का निर्माण कार्य देश और राज्य की प्रगति के लिए जरूरी है, लेकिन इसकी वजह से पटना के नागरिकों को रोजमर्रा की जिंदगी में परेशानी नहीं होनी चाहिए। निर्माण कार्य के साथ-साथ वैकल्पिक यातायात व्यवस्था (Alternative Traffic Route) और प्रभावी ट्रैफिक प्रबंधन को हर हाल में सुनिश्चित किया जाए।

​DMRC को 15 दिनों का अल्टीमेटम

​बैठक में पटना के जनप्रतिनिधियों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों से मिले सुझावों के बाद, पटना मेट्रो की कार्यकारी एजेंसी दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) को सख्त निर्देश दिए गए हैं। DMRC को सभी संबंधित विभागों के साथ मिलकर एक विस्तृत सर्वे करना होगा और उसके आधार पर अगले 15 दिनों के भीतर एक समग्र और ठोस कार्ययोजना (Action Plan) विभाग के सामने प्रस्तुत करनी होगी।

​बैठक में शामिल रहे ये माननीय जनप्रतिनिधि और अधिकारी

​पटना के विकास और ट्रैफिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए आयोजित इस महामंथन में कई बड़े चेहरे शामिल हुए। बैठक में विधायक श्याम रजक,  रत्नेश कुमार, संजीव चौरसिया एवं संजय कुमार उपस्थित थे। इसके साथ ही विभाग के प्रधान सचिव  विनय कुमार, पटना नगर निगम की महापौर एवं उपमहापौर, परिवहन विभाग, पथ निर्माण विभाग, नगर विकास एवं आवास विभाग, पुलिस महानिरीक्षक (IG) तथा अन्य संबंधित विभागों के वरीय पदाधिकारी भी मौजूद रहे।

​अंतर्विभागीय समन्वय पर जोर

​मंत्री जी ने स्पष्ट किया कि इस पूरी योजना को सफल बनाने के लिए सभी विभागों को मिलकर काम करना होगा। पथ निर्माण विभाग, परिवहन विभाग, पटना पुलिस और मेट्रो प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा ताकि रूट डायवर्जन या सड़कों के चौड़ीकरण जैसी स्थिति में आम जनता को पहले से जानकारी हो और सड़कों पर गाड़ियों की रफ्तार न थमे।

मनरेगा की जगह अब बिहार में लागू हुई ‘वीबी-जी राम जी’ योजना, 15 दिन में काम नहीं मिला तो सरकार देगी बेरोजगारी भत्ता!

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Patna News: बिहार के ग्रामीण इलाकों के श्रमिकों और कामगारों के लिए एक बेहद युगांतरकारी और बड़ी खबर सामने आई है। राजधानी पटना के अधिवेशन भवन में आयोजित एक भव्य समारोह में सूबे के ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने ‘विकसित भारत-ग्रामीण रोजगार एवं आजीविका गारंटी अधिनियम, 2025’ (वीबी-जी राम जी) योजना का विधिवत शुभारंभ कर दिया है।

​इस मौके पर मंत्री श्रवण कुमार ने साफ लफ्जों में कहा कि मनरेगा के 20 वर्षों के लंबे सफर के बाद अब देश और राज्य ‘वीबी-जी राम जी’ के रूप में एक नई ऐतिहासिक यात्रा पर निकल चुका है। इस नई योजना की सबसे बड़ी ताकत यह है कि अब काम मांगने के 15 दिनों के भीतर यदि मजदूर को रोजगार नहीं मिला, तो वह सीधे बेरोजगारी भत्ते का हकदार होगा।

​लापरवाह अफसरों से होगी भत्ते की वसूली, मजदूरी में देरी पर मिलेगा ‘ब्याज’

​योजना के कड़े नियमों की जानकारी देते हुए ग्रामीण विकास मंत्री ने स्पष्ट किया कि रोजगार न मिलने की स्थिति में पहले 30 दिनों के लिए बेरोजगारी भत्ते की दर एक चौथाई (25%) होगी और शेष वित्तीय वर्ष के लिए यह आधा (50%) निर्धारित रहेगी।

​सबसे खास बात यह है कि अकुशल कामगारों को दी जाने वाली इस भत्ते की राशि का बोझ सरकार खुद नहीं उठाएगी, बल्कि इसकी वसूली लापरवाही बरतने वाले उत्तरदायी पदाधिकारियों और अभिकरणों से 30 दिनों के भीतर की जाएगी। इसके अलावा, यदि काम पूरा होने और मास्टर रोल बंद होने के 15 दिनों के भीतर मजदूरी का भुगतान नहीं होता है, तो बकाया राशि पर 0.05% प्रतिदिन की दर से स्वतः क्षतिपूर्ति (मुआवजा) कामगार के खाते में जोड़ी जाएगी।

​मनरेगा से कितनी अलग है ‘वीबी-जी राम जी’ योजना?

​मंत्री श्रवण कुमार ने बताया कि पुरानी मनरेगा योजना और इस नई योजना में कई बुनियादी और बड़े बदलाव किए गए हैं:

  • ​रोजगार के दिन बढ़े: मनरेगा में जहाँ साल में केवल 100 दिन के रोजगार की गारंटी थी, वहीं ‘वीबी-जी राम जी’ में अब इसे बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है।
  • ​बजट का बदला स्वरूप: मनरेगा पूरी तरह केंद्र के मांग आधारित फंडिंग पर चलती थी, लेकिन नई योजना में राज्यों की जनसंख्या, प्रति व्यक्ति आय और पिछड़ेपन के आधार पर वित्तीय वर्ष की शुरुआत में ही एक निश्चित बजट तय कर दिया जाएगा।
  • ​राज्य सरकार की 40% हिस्सेदारी: पहले अकुशल मजदूरी का पूरा 100% खर्च केंद्र उठाती थी, लेकिन अब इसमें 40 फीसदी राशि राज्य सरकार वहन करेगी और 60 फीसदी केंद्रांश होगा। इस योजना के लिए 9 महीने के वास्ते केंद्रांश के रूप में 6715.83 करोड़ रुपये आवंटित हुए हैं, जबकि बिहार सरकार ने अपने कोटे से 4477.22 करोड़ रुपये का भारी-भरकम प्रावधान किया है।

​ग्राम पंचायतों का ‘A, B, C’ श्रेणियों में होगा बंटवारा

​स्थानीय आवश्यकताओं और विकास को गति देने के लिए सूबे की ग्राम पंचायतों को उनके विकास इंडेक्स और संसाधनों के आधार पर A, B और C जैसी तीन श्रेणियों में बांटा गया है। इसका मुख्य उद्देश्य ‘विकसित भारत 2047’ के विजन के अनुरूप विकेंद्रीकृत और स्थानीय स्तर की योजनाओं को बेहद पारदर्शी और मजबूत बनाना है।

​जल जीवन हरियाली: अब तक 20 करोड़ से अधिक पौधे रोपे गए

​समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री ने पर्यावरण संरक्षण के मोर्चे पर भी विभाग की पीठ थपथपाई। उन्होंने बताया कि ‘जल जीवन हरियाली मिशन’ के तहत राज्य में अब तक 20 करोड़ से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं, जिसके दम पर बिहार का हरित क्षेत्र 9% से बढ़कर सीधे 16% तक पहुंच गया है। इस चालू वित्तीय वर्ष में भी 1.25 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य है और विभाग का अंतिम लक्ष्य सूबे के हरित आवरण को 33% तक पहुँचाना है।

​पारदर्शिता और राष्ट्र निर्माण को समर्पित है यह योजना: प्रधान सचिव

​इस अवसर पर ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार ने योजना को ‘विकसित बिहार’ की अवधारणा को समर्पित करते हुए कहा कि इसमें सिर्फ और सिर्फ विकास और पारदर्शिता को सर्वोपरि रखा गया है। देश और राज्य के निर्माण में अब मजदूर सबसे बड़े भागीदार बनेंगे।

​समारोह में जीविका के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी (CEO)  हिमांशु शर्मा ने अतिथियों का स्वागत किया, जबकि योजना की आयुक्त अनन्या सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन किया। कार्यक्रम में जल जीवन हरियाली के मिशन निदेशक सुमित कुमार और बीआरडीएस के सीईओ संजय कुमार सहित कई आला अधिकारी और जीविका दीदियां मौजूद रहीं।

बिहार: सकरी और रैयाम चीनी मिलों के लिए ऑनलाइन सदस्यता पोर्टल लॉन्च; अब घर बैठे समिति के सदस्य बनेंगे गन्ना किसान

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Patna News: बिहार के गन्ना उत्पादक किसानों के आर्थिक विकास और उन्हें सशक्त बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सकरी (मधुबनी) और रैयाम (दरभंगा) में प्रस्तावित सहकारी चीनी मिलों के लिए ‘प्राथमिक चीनी मिल सहकारी समितियों’ की सदस्यता हेतु एक विशेष ऑनलाइन वेब पोर्टल का शुभारंभ किया है।

​इस डिजिटल पहल से अब क्षेत्र के हजारों किसान बिना किसी दफ्तर के चक्कर काटे, घर बैठे ही बेहद पारदर्शी और सरल तरीके से समिति के सदस्य बन सकेंगे। पोर्टल के उद्घाटन के मौके पर सहकारिता विभाग के सचिव धर्मेन्द्र सिंह, निबंधक सहयोग समितियाँ रजनीश कुमार सिंह और अपर निबंधक विकास कुमार बरियार भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

​इस लिंक पर जाकर करना होगा ऑनलाइन आवेदन

​सहकारिता विभाग द्वारा विकसित आधिकारिक वेब पोर्टल https://esahkari.bihar.gov.in/coop/Sugarcane पर जाकर इच्छुक और पात्र किसान भाई अपना ऑनलाइन निबंधन करा सकते हैं। आवेदन की पूरी प्रक्रिया को समयबद्ध और पारदर्शी बनाया गया है ताकि बिचौलियों की भूमिका खत्म हो सके।

​समिति का सदस्य बनने पर किसानों को मिलेंगे ये बड़े फायदे:

​प्राथमिक चीनी मिल सहकारी समिति से जुड़ने वाले किसानों को सरकार की ओर से कई बेहतरीन सुविधाएं और लाभ दिए जाएंगे:

  1. ​गन्ना उत्पादन के लिए आवश्यक उन्नत बीज, खाद और कृषि आदानों की समय पर उपलब्धता।
  2. ​कृषि विशेषज्ञों द्वारा तकनीकी मार्गदर्शन और मिट्टी परीक्षण (Soil Testing) की मुफ्त सुविधा।
  3. ​कृषि एवं गन्ना विकास से जुड़ी तमाम सरकारी अनुदान और कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ।
  4. ​राज्य सरकार की नीति के तहत गन्ने की सुनिश्चित खरीद और सबसे महत्वपूर्ण— गन्ना मूल्य के भुगतान में 100% पारदर्शिता।

​सदस्यता के लिए क्या हैं जरूरी शर्तें और नियम?

​पोर्टल पर आवेदन करने से पहले किसान भाई इन नियमों और योग्यताओं को ध्यान से समझ लें:

  • ​आयु सीमा: आवेदक किसान की उम्र 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए।
  • ​निवास: किसान को संबंधित चीनी मिल के आयोजन क्षेत्र (कमांड एरिया) का निवासी होना अनिवार्य है।
  • ​भूमि की शर्त: सामान्य श्रेणी के किसानों के लिए न्यूनतम 100 डिसमिल जमीन पर गन्ना उत्पादन (या आगामी दो पेराई सत्रों में उत्पादन की प्रतिबद्धता) जरूरी है। वहीं आरक्षित श्रेणी और महिला किसानों के लिए यह सीमा 50 डिसमिल रखी गई है।
  • ​एक परिवार-एक सदस्य: नियम के मुताबिक, एक परिवार से केवल एक ही सदस्य समिति की सदस्यता के लिए आवेदन कर सकता है।

​सकरी और रैयाम मिलों के तहत आच्छादित होंगे 2400 से अधिक गांव

​राष्ट्रीय सहकारी शक्कर कारखाना संघ लि० (NFCSF), नई दिल्ली द्वारा इन दोनों चीनी मिलों की स्थापना के लिए संभाव्यता प्रतिवेदन और विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) विभाग को सौंप दिया गया है। गन्ने की निर्बाध आपूर्ति के लिए भारी संख्या में गांवों को इससे जोड़ा जा रहा है:

    • ​रैयाम प्राथमिक चीनी मिल समिति (प्रस्तावित): इसके कार्यक्षेत्र के अंतर्गत कुल 1018 गांव शामिल किए गए हैं।
    • ​सकरी प्राथमिक चीनी मिल समिति (प्रस्तावित): इसके कार्यक्षेत्र के अंतर्गत कुल 1383 गांव आच्छादित किए गए हैं।

​किसानों की आर्थिक समृद्धि का बनेगा आधार: मुख्य सचिव

पोर्टल लॉन्च के दौरान बिहार के मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत ने कहा, “बिहार सरकार किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सकरी और रैयाम की ये दोनों सहकारी चीनी मिलें सिर्फ औद्योगिक प्रोजेक्ट नहीं हैं, बल्कि ये इस पूरे इलाके के किसानों की आर्थिक समृद्धि, ग्रामीण विकास और रोजगार सृजन का मुख्य आधार बनेंगी।” उन्होंने सभी पात्र किसानों से समय-सीमा के भीतर अधिक से अधिक संख्या में जुड़ने की अपील की है।

 

​सहायता के लिए यहाँ करें संपर्क, 30 जुलाई आखिरी तारीख

​यदि किसी किसान भाई को ऑनलाइन आवेदन करने में कोई तकनीकी परेशानी आती है, तो वे अपने प्रखंड सहकारिता प्रसार पदाधिकारी (BCO), जिला सहकारिता पदाधिकारी (DCO) या विभाग द्वारा गठित ऑर्गेनाइजर कमेटी से सीधे संपर्क कर मदद ले सकते हैं। ध्यान रहे, सदस्यता आवेदन की अंतिम तिथि 30 जुलाई, 2026 तय की गई है।

​भागलपुर के लाल का कमाल: कोलगामा के कुंदन कुमार बने इंटरनेशनल कुश्ती के कोच, पूरे इलाके में जश्न का माहौल

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Bhagalpur News: प्रतिभा कभी किसी संसाधन की मोहताज नहीं होती, इसे एक बार फिर सच कर दिखाया है भागलपुर जिले के सुल्तानगंज अंतर्गत कोलगामा गांव के रहने वाले लाल कुंदन कुमार ने। कुंदन कुमार ने अपनी दिन-रात की कड़ी मेहनत और कुश्ती के प्रति अटूट लगन की बदौलत ‘कजाक कुराक कुश्ती’ (Kazakh Kuresi) में नेशनल लेवल के कोच के रूप में चयनित होकर पूरे बिहार का नाम देश-दुनिया में रोशन किया है।

​इसके साथ ही उन्होंने नेशनल लेवल की रेफरी परीक्षा में ‘ए प्लस’ (A+) रैंक हासिल की है। इस ऐतिहासिक कामयाबी की खबर मिलते ही सुल्तानगंज सहित पूरे भागलपुर जिले में खुशी की लहर दौड़ गई है।

​20 वर्षों की कड़ी तपस्या का मिला फल

​कुंदन कुमार के लिए यह मुकाम हासिल करना इतना आसान नहीं था। वे बचपन से ही कराटे और कुश्ती के प्रति बेहद जुनूनी थे। उन्होंने पिछले लगभग 20 वर्षों से लगातार बच्चों को मार्शल आर्ट्स, कराटे और कुश्ती का कड़ा प्रशिक्षण देने का काम किया है।

​उनकी इस लंबी तपस्या का ही परिणाम है कि उनके द्वारा तराशे गए कई खिलाड़ी आज इंटरनेशनल और नेशनल लेवल पर देश के लिए मेडल जीत चुके हैं। उनकी इसी खेल भावना और योग्यता को देखते हुए उन्हें इंडियन कजाक कुराक कुश्ती संघ में जॉइंट सेक्रेटरी (संयुक्त सचिव) के बेहद महत्वपूर्ण पद से भी नवाजा गया है।

​बिना घर-बार वाले बच्चों को बनाया ‘चैंपियन’, दिलाया खेल सम्मान

​कुंदन कुमार की सबसे बड़ी खासियत यह रही है कि उन्होंने कभी भी खेल को व्यवसाय नहीं बनाया। उन्होंने समाज के उस अंतिम पायदान पर खड़े बच्चों को अपनी छत्रछाया में लिया, जिनके पास रहने को ठीक से घर तक नहीं था।

​कुंदन कुमार के कुशल नेतृत्व और मार्गदर्शन में ऐसे गरीब और साधनहीन बच्चों ने मैट पर पसीना बहाया और नेशनल लेवल पर पदक जीतकर बिहार सरकार द्वारा ‘खेल सम्मान’ हासिल किया। कुंदन की बदौलत आज ऐसे कई होनहार खिलाड़ियों को सरकार की तरफ से 1-1 लाख रुपये की सम्मान राशि और पहचान मिली है, जिनकी सुध लेने वाला कोई नहीं था।

​शहर और ग्रामीण इलाकों में खुशी की लहर, बधाई देने वालों का तांता

​एक छोटे से गांव कोलगामा से निकलकर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पटल पर अपनी पहचान बनाने वाले कुंदन कुमार की इस कामयाबी से स्थानीय खेल प्रेमियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों का सीना गर्व से चौड़ा हो गया है।

​इलाके के लोगों का कहना है कि कुंदन ने यह साबित कर दिया कि अगर इरादे मजबूत हों, तो ग्रामीण इलाकों से भी वैश्विक स्तर के कोच और रेफरी तैयार हो सकते हैं। सोशल मीडिया से लेकर उनके आवास तक उन्हें बधाई देने और मिठाई खिलाने वालों का तांता लगा हुआ है।

बांकीपुर उपचुनाव: नितिन नबीन के बाद कौन? BJP के लिए ‘साख’ की सीट पर कायस्थ बनाम सवर्ण का पेंच; हरेंद्र सिंह की चर्चा तेज

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Patna News: बिहार की राजनीति में इस समय राजधानी पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट सबसे बड़ा हॉटस्पॉट बन चुकी है। इस सीट से विधायक और बिहार सरकार में मंत्री रहे नितिन नबीन को भाजपा आलाकमान द्वारा राष्ट्रीय अध्यक्ष की बड़ी जिम्मेदारी दिए जाने के बाद, उनके इस्तीफे से यहाँ उपचुनाव की सरगर्मी चरम पर है। यह सीट सिर्फ एक विधानसभा क्षेत्र नहीं, बल्कि भाजपा के लिए अपनी ‘साख’ और ‘परंपरा’ को बचाने की लड़ाई है। जहां एक तरफ विपक्ष इस किले को ढहाने की ताक में है, वहीं बीजेपी नेतृत्व के सामने सबसे बड़ा संकट एक ऐसे चेहरे को उतारने का है जो सामाजिक और सांगठनिक दोनों कसौटियों पर खरा उतरे।

​कायस्थों का पुराना गढ़, लेकिन सवर्ण प्रतिनिधित्व पर उठे सवाल

​बांकीपुर सीट पारंपरिक रूप से कायस्थ मतदाताओं के प्रभाव वाली सीट मानी जाती रही है। दिवंगत नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा से लेकर उनके पुत्र नितिन नबीन तक, दशकों से इस सीट पर कायस्थ समाज का नेतृत्व रहा है। लेकिन इस बार उपचुनाव के समीकरण थोड़े बदले हुए हैं।

​राजनीतिक गलियारों और खुद बीजेपी के भीतर यह चर्चा तेज है कि वर्तमान समय में राजधानी पटना की किसी भी सीट पर कोई सवर्ण (राजपूत/भूमिहार/ब्राह्मण) विधायक नहीं है। चूंकि सवर्ण मतदाता भाजपा के कोर और पारंपरिक वोटर रहे हैं, ऐसे में पार्टी के भीतर से ही यह सवाल उठ रहा है कि क्या राजधानी को सवर्ण नेतृत्व से पूरी तरह खाली रखा जाएगा? यही वजह है कि इस बार कायस्थ समाज के दावों के बीच गैर-कायस्थ सवर्ण चेहरों की दावेदारी भी बेहद मजबूत होकर उभरी है।

​रेस से मयूख बाहर, ऋतुराज सिन्हा और रणवीर नंदन के नामों पर मंथन

​टिकट वितरण को लेकर चल रहे गुणा-भाग में कई बड़े उलटफेर देखने को मिल रहे हैं:

  • ​संजय मयूख: कुछ समय पहले तक भाजपा के मुख्य प्रवक्ता संजय मयूख को इस सीट का सबसे प्रबल दावेदार माना जा रहा था। लेकिन पार्टी द्वारा उन्हें विधान परिषद (MLC) भेजे जाने के बाद अब उनकी दावेदारी समाप्त मानी जा रही है।
  • ​ऋतुराज सिन्हा: राष्ट्रीय राजनीति और संगठन में मजबूत पकड़ रखने वाले ऋतुराज सिन्हा को भाजपा के युवा, आधुनिक और कॉर्पोरेट विंग के चेहरे के रूप में देखा जा रहा है। अगर पार्टी भविष्य के नेतृत्व और युवाओं पर दांव लगाना चाहेगी, तो इनका पलड़ा भारी हो सकता है।
  • ​प्रो. रणवीर नंदन: बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद के अध्यक्ष प्रोफेसर रणवीर नंदन अपनी शैक्षणिक पृष्ठभूमि और सामाजिक छवि के कारण एक गंभीर और परिपक्व विकल्प के रूप में रेस में बने हुए हैं।

​अंदरखाने हरेंद्र सिंह के नाम की भारी गूंज, नवीन सिन्हा के रहे हैं ‘सारथी’

​इन तमाम चेहरों के बीच, कायस्थ समाज से बाहर सवर्ण (राजपूत) समाज से आने वाले भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व पटना महानगर अध्यक्ष हरेंद्र सिंह का नाम अचानक तेजी से उभरा है। हरेंद्र सिंह सिर्फ संगठन के पुराने और समर्पित सिपाही ही नहीं हैं, बल्कि उनका बांकीपुर सीट से बेहद गहरा और भावनात्मक जुड़ाव रहा है।

​वे नितिन नबीन के पिता और भाजपा के दिग्गज नेता दिवंगत नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा के सबसे करीबी सहयोगियों में गिने जाते थे। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि नवीन सिन्हा के पूरे चुनाव का कुशल मैनेजमेंट हरेंद्र सिंह ही संभालते थे। क्षेत्र की जनता, सांगठनिक ढांचे और जमीनी समीकरणों पर उनकी पकड़ बेजोड़ है। ऐसे में संगठन के प्रति उनकी निष्ठा और चुनावी गणित उन्हें इस रेस में सबसे आगे खड़ा कर रहा है।

​बीजेपी आलाकमान के लिए आसान नहीं होगा फैसला

​बांकीपुर का यह उपचुनाव केवल एक सीट जीतने का मामला नहीं है, बल्कि यह भाजपा की भविष्य की राजनीतिक दिशा, सामाजिक संतुलन और सांगठनिक प्राथमिकताओं का लिटमस टेस्ट है। पार्टी के सामने एक तरफ दशकों पुरानी कायस्थ परंपरा को अक्षुण्ण रखने की चुनौती है, तो दूसरी तरफ अपने कोर सवर्ण वोटबैंक को संतुष्ट करने का दबाव। अब देखना दिलचस्प होगा कि बीजेपी नेतृत्व ऋतुराज सिन्हा जैसे युवा चेहरे पर दांव लगाता है, रणवीर नंदन की सामाजिक छवि को चुनता है, या फिर हरेंद्र सिंह जैसे जमीनी और अनुभवी संगठनकर्ता को मौका देकर नया राजनीतिक समीकरण साधता है।