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भागलपुर: सैंडिस कंपाउंड के सामने खुला हिमालया वेलनेस सेंटर का पहला एक्सक्लूसिव शोरूम

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Bhagalpur News: भागलपुर के लोगों के लिए स्वास्थ्य और सौंदर्य से जुड़ी एक बेहद शानदार खबर है। देश की सबसे भरोसेमंद आयुर्वेदिक एवं वेलनेस ब्रांड हिमालया (Himalaya) का एक्सक्लूसिव शोरूम अब आपके अपने शहर में खुल चुका है। तिलकामांझी रोड स्थित ऐतिहासिक सैंडिस कंपाउंड के ठीक सामने इस भव्य ‘हिमालया वेलनेस सेंटर’ की शुरुआत की गई है। इस सेंटर के खुलने से अब भागलपुरवासियों को हिमालया के किसी भी प्रोडक्ट के लिए अलग-अलग दुकानों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।

​शहर के गणमान्य लोगों की मौजूदगी में हुआ शुभारंभ

​इस अत्याधुनिक वेलनेस सेंटर का उद्घाटन मुख्य अतिथि भाजपा नेता बंटी यादव, शोरूम के प्रोपराइटर सोमनाथ शर्मा, रितेश कुमार, पंकज यादव, दीपक तिवारी, अशोक भिवानीवाला सहित शहर के कई प्रतिष्ठित समाजसेवियों और गणमान्य लोगों द्वारा संयुक्त रूप से फीता काटकर किया गया।

​उद्घाटन समारोह में पहुंचे अतिथियों ने शोरूम की सराहना करते हुए कहा कि हिमालया जैसे प्रतिष्ठित ब्रांड का एक्सक्लूसिव सेंटर खुलने से भागलपुर और आस-पास के जिलों के लोगों को अब सीधे कंपनी के प्रामाणिक (Original) उत्पाद मिल सकेंगे, जो सेहत और सुरक्षा के लिहाज से बेहद जरूरी है।

​ क्यों खास है यह हिमालया वेलनेस सेंटर?

​इस शोरूम को पूरी तरह से कस्टमर-फ्रेंडली बनाया गया है, जहाँ आपको एक ही छत के नीचे ये सभी सुविधाएं और प्रोडक्ट्स मिलेंगे:

  • ​कंप्लीट हेल्थ केयर: लिवर, किडनी, डाइजेशन और इम्यूनिटी को मजबूत करने वाली हिमालया की सभी प्रसिद्ध आयुर्वेदिक दवाइयां और टॉनिक।
  • ​स्किन और पर्सनल केयर: युवाओं की पहली पसंद माने जाने वाले हिमालया फेस वॉश, स्क्रब, क्रीम और बॉडी लोशन की पूरी रेंज।
  • ​हेयर केयर रेंज: बालों के झड़ने, डैंड्रफ और पोषण के लिए स्पेशल आयुर्वेदिक शैम्पू और तेल।
  • ​सुरक्षित चाइल्ड केयर: नवजात शिशुओं के लिए हिमालया बेबी पाउडर, सोप, शैम्पू, और बेबी लोशन का पूरा स्टॉक।

​“ग्राहकों को मिलेगी शुद्धता की गारंटी और सही सलाह”

​शोरूम के प्रोपराइटर सोमनाथ शर्मा ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा:

​”भागलपुर में इस एक्सक्लूसिव सेंटर को शुरू करने का हमारा एकमात्र उद्देश्य ग्राहकों को मिलावट से दूर 100% असली और प्रामाणिक उत्पाद उपलब्ध कराना है। यहाँ ग्राहकों को केवल सामान ही नहीं मिलेगा, बल्कि हमारी एक्सपर्ट टीम उन्हें उनकी जरूरत के हिसाब से सही प्रोडक्ट चुनने में उचित मार्गदर्शन भी देगी।”

 

​उन्होंने भागलपुर, बांका, नवगछिया और आस-पास के सभी लोगों से अपील की है कि वे सैंडिस कंपाउंड के सामने स्थित इस शोरूम में एक बार जरूर आएं और आयुर्वेद की इस विशाल श्रृंखला का लाभ उठाएं।

नवगछिया: रंगरा में डिग्री कॉलेज शिफ्ट करने पर भड़के छात्र, शुरू हुआ आमरण अनशन; शिक्षा विभाग के फैसले पर गंभीर सवाल

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Bhagalpur News: बिहार सरकार द्वारा डिग्री कॉलेज विहीन प्रखंडों में उच्च शिक्षा पहुंचाने की महत्वाकांक्षी योजना रंगरा प्रखंड में प्रशासनिक और राजनीतिक खींचतान की भेंट चढ़ती दिख रही है। रंगरा में डिग्री कॉलेज की स्थापना को लेकर विवाद अब इस कदर गहरा गया है कि छात्रों, युवाओं और ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग के तुगलकी फैसले के खिलाफ आमरण अनशन का बिगुल फूंक दिया है। विभाग के एक नए आदेश ने सुगम क्षेत्र में खुल रहे कॉलेज को सुदूर दियारा में धकेल दिया है, जिससे हजारों गरीब छात्र-छात्राओं का भविष्य अधर में लटक गया है।

​पहले मुख्यालय में बंटी मिठाई, फिर अचानक बदल गई अधिसूचना

​पूरा मामला यह है कि पहले शिक्षा विभाग ने रंगरा प्रखंड मुख्यालय स्थित तेज नारायण उच्च माध्यमिक विद्यालय परिसर में डिग्री कॉलेज स्थापित करने की आधिकारिक प्रक्रिया शुरू की थी। यहाँ तक कि प्रभारी प्राचार्य (Principal) की पदस्थापना हो चुकी थी और छात्रों के नामांकन (Admission) की प्रक्रिया भी गति पकड़ चुकी थी। लेकिन अचानक शिक्षा विभाग ने एक नई अधिसूचना जारी कर कॉलेज को यहाँ से हटाकर सुदूर दियारा क्षेत्र के संत विनोवा उच्च माध्यमिक विद्यालय, तिनटंगा में संचालित करने का तुगलकी निर्णय ले लिया। इस यू-टर्न से पूरे प्रखंड के छात्र ठगे से रह गए हैं।

​करोड़ों का भवन बेकार, मॉडल स्कूल में जबरन कॉलेज खोलने की जिद क्यों?

​आंदोलनकारियों और ग्रामीणों का आरोप है कि शिक्षा विभाग का यह निर्णय पूरी तरह से अन्यायपूर्ण और किसी खास लॉबी के दबाव में लिया गया है। ग्रामीणों ने विभाग की मंशा पर कई गंभीर सवाल उठाए हैं:

  • ​संसाधनों की अनदेखी: तेज नारायण उच्च माध्यमिक विद्यालय में पर्याप्त पक्के भवन, विशाल कमरे और कॉलेज संचालन के लिए सभी आवश्यक बुनियादी ढांचा (Infrastructure) पहले से मौजूद है।
  • ​भेदभाव का आरोप: दूसरी तरफ, संत विनोवा उच्च माध्यमिक विद्यालय पहले से ही एक ‘मॉडल स्कूल’ के रूप में अधिसूचित है। उसी परिसर के भीतर जबरन डिग्री कॉलेज को ठूंसना अन्य विद्यालयों और वहां पढ़ रहे बच्चों के साथ सीधा भेदभाव है।

​बाढ़, कटाव और 14 किलोमीटर की दूरी: बेटियों की सुरक्षा पर बड़ा खतरा

​आंदोलन कर रहे युवाओं ने बताया कि कॉलेज को स्थानांतरित करने से सबसे बड़ा झटका गरीब और विशेषकर छात्राओं को लगेगा। दोनों जगहों की भौगोलिक स्थिति में जमीन-आसमान का अंतर है:

  • ​मुख्यालय की सुगमता: तेज नारायण उच्च माध्यमिक विद्यालय प्रखंड मुख्यालय से मात्र डेढ़ किलोमीटर दूर है। यहाँ सड़क, रेल और बस जैसी बेहतरीन परिवहन सुविधाएं हैं। गरीब छात्र-छात्राएं यहाँ पैदल या साइकिल से भी आसानी से पहुंच सकते हैं।
  • ​दियारा का खौफ: इसके विपरीत, तिनटंगा स्थित संत विनोवा विद्यालय मुख्यालय से 12 से 14 किलोमीटर दूर सुदूर दियारा क्षेत्र में है। कई पंचायतों से इसकी दूरी 17 किलोमीटर तक हो जाती है। यह इलाका भीषण गंगा कटाव और बाढ़ प्रभावित क्षेत्र है। बरसात और बाढ़ के दिनों में यहाँ का संपर्क पूरी तरह कट जाता है, जिससे साल में कई महीने पढ़ाई पूरी तरह ठप रहने की आशंका है।

​“आर-पार की लड़ाई”: जब तक आदेश रद्द नहीं होगा, अनशन खत्म नहीं होगा

​प्रखंड मुख्यालय में उच्च शिक्षा के इस एकमात्र साधन को छीने जाने से नाराज युवाओं ने साफ कर दिया है कि यह आंदोलन अब थमने वाला नहीं है। अनशन स्थल पर डटे छात्रों का कहना है कि सरकार एक तरफ ‘बेटी पढ़ाओ’ का नारा देती है, वहीं दूसरी तरफ बेटियों को 14 किलोमीटर दूर असुरक्षित दियारा क्षेत्र में पढ़ने भेजने का आत्मघाती फैसला ले रही है।

​ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जब तक शिक्षा विभाग इस जनविरोधी अधिसूचना को वापस लेकर तेज नारायण विद्यालय में कॉलेज का सुचारू संचालन शुरू नहीं करता, तब तक उनका आमरण अनशन और उग्र आंदोलन जारी रहेगा।

भागलपुर: बारात जा रहे तीन दोस्तों के साथ बड़ा हादसा, दो युवकों की मौके पर ही दर्दनाक मौत, एक गंभीर

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Bhagalpur News: भागलपुर के सुलतानगंज थाना क्षेत्र से एक बेहद हृदयविदारक खबर सामने आ रही है। शादी वाले घर में जहाँ शहनाइयां गूंज रही थीं और खुशियों का माहौल था, वहीं रास्ते में हुए एक भीषण सड़क हादसे ने पल भर में सब कुछ मातम में बदल दिया। यहाँ एक तेज रफ्तार बाइक के दुर्घटनाग्रस्त होने से बारात जा रहे दो सगे दोस्तों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक अन्य युवक गंभीर रूप से घायल है।

​मीरहट्टी फोरलेन के पास काल बनी रफ्तार: एक ही बाइक पर सवार थे तीनों

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह दर्दनाक हादसा सुलतानगंज थाना क्षेत्र के मीरहट्टी फोरलेन के समीप हुआ। बताया जा रहा है कि जगन्नाथपुर गांव से तीन दोस्त—सुजीत कुमार, मिथिलेश कुमार और सदानंद मंडल—एक ही बाइक पर सवार होकर जमालपुर में एक बारात में शामिल होने के लिए निकले थे। बाइक की रफ्तार तेज थी और मीरहट्टी फोरलेन के पास अचानक संतुलन बिगड़ने के कारण बाइक अनियंत्रित होकर सड़क पर बुरी तरह पलट गई।

​मौके पर ही थम गईं दो सांसें, शादी की खुशियां चीख-पुकार में बदलीं

​टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक सवार दो युवकों, सुजीत कुमार और मिथिलेश कुमार, ने मौके पर ही तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। वहीं, उनके साथ मौजूद तीसरा दोस्त सदानंद मंडल इस हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गया।

​घटना स्थल पर मौजूद राहगीरों और स्थानीय लोगों की मदद से तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। आनन-फानन में घायल सदानंद को इलाज के लिए भागलपुर के जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय (मायागंज अस्पताल) में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।

​पुलिस जांच में जुटी, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

​दर्दनाक हादसे की खबर मिलते ही सुलतानगंज थाना पुलिस दलबल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों मृतकों के शवों को अपने कब्जे में लेकर कागजी कार्रवाई पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल भेज दिया है।

​पुलिस प्रशासन का बयान:

“घटना की सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची थी। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और घायल के इलाज की व्यवस्था कराई गई है। दुर्घटना के सटीक कारणों का पता लगाया जा रहा है।”

 

​जैसे ही इस हादसे की खबर मृतकों के गांव और परिजनों तक पहुंची, शादी वाले घर सहित पूरे इलाके में कोहराम मच गया। माता-पिता और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जिन बेटों को सज-धज कर बारात के लिए विदा किया था, उनके शव घर लौटने की खबर से हर आँख नम है।

अबला से ‘सबला’ बनेंगी विधवा, परित्यक्ता और दिव्यांग महिलाएं, क्लस्टर बनाकर खुद का रोजगार शुरू

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Bhagalpur News: समाज के सबसे वंचित और बेसहारा तबके को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ‘जीवन जागृति सोसाइटी’ ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। सोसाइटी ने समाज में सिर्फ जागरूकता फैलाने का काम नहीं किया, बल्कि अब समृद्धि की ओर सीधे कदम बढ़ा दिए हैं। संस्था ने विधवा, परित्यक्ता (पति द्वारा छोड़ी गई) और दिव्यांग महिलाओं को एक मंच पर लाकर उनके लिए रोजगार सृजन (Employment Generation) का एक बड़ा क्लस्टर मॉडल तैयार किया है।

​झिझक मिटाने के लिए अनोखी पहल: 8 विधवा और 4 शादीशुदा महिलाओं का बना ग्रुप

​इस मुहिम की शुरुआत अंगारी की 8 विधवा महिलाओं के एक विशेष ग्रुप से हुई है। समाज में इन महिलाओं को किसी भी प्रकार की झिझक या हीनभावना न हो, इसे ध्यान में रखते हुए संस्था ने इस ग्रुप में 4 अन्य शादीशुदा महिलाओं को भी शामिल किया है। इन सभी 12 महिलाओं के लिए 21 दिवसीय सिलाई-कढ़ाई प्रशिक्षण (Training) शिविर की शुरुआत आज ‘बलुआ चक’ में की गई।

​“शुरुआत में मदद मिलती है, बाद में सब छोड़ देते हैं” — डॉ. अजय कुमार सिंह

​इस बेहद भावुक और प्रेरणादायी अवसर पर जीवन जागृति सोसाइटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार सिंह ने समाज के कड़वे सच को सामने रखा। उन्होंने कहा:

​“हमारे समाज में ऐसी कई कम उम्र की विधवा महिलाएं हैं, जिनके पति का साया अचानक उठ गया और छोटे-छोटे बच्चों के साथ उनकी हंसती-खेलती जिंदगी बदहाल हो गई। शुरुआत में रिश्तेदार थोड़ी-बहुत मदद जरूर करते हैं, लेकिन समय बीतने के साथ वे पूरी तरह बेसहारा और असहाय हो जाती हैं।”

 

​डॉ. सिंह ने आगे कहा कि ऐसी कई परित्यक्ता महिलाएं भी हैं जिनके पति उन्हें छोड़कर कहीं गायब हो गए हैं, वे भी विधवा जैसा ही जीवन जीने को मजबूर हैं। साथ ही कई दिव्यांग महिलाएं जो शारीरिक रूप से अक्षम होने के बावजूद काम करने का जज्बा रखती हैं, उन सभी को इस अभियान से जोड़ा जा रहा है।

​मजदूर नहीं, सेंटर की मालकिन होंगी महिलाएं!

​संस्था की यह योजना केवल ट्रेनिंग देने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके आगे का पूरा बिजनेस मॉडल तैयार है।

  • ​सेंटर की स्थापना: ट्रेनिंग पूरी होने के बाद ‘अंगारी’ में एक अत्याधुनिक सिलाई सेंटर स्थापित किया जाएगा।
  • ​क्या-क्या बनेगा: इस सेंटर पर टी-शर्ट, ट्राउजर, पेटीकोट, ब्लाउज, नाइटी और स्कूल ड्रेस जैसे रेडीमेड कपड़े तैयार किए जाएंगे।
  • ​मार्केटिंग और लाभांश: इन कपड़ों को सीधे मार्केट में सप्लाई किया जाएगा और बेचने के बाद जो भी मुनाफा (Profit) होगा, उसे सीधे इन महिलाओं के बीच बांट दिया जाएगा। यानी ये महिलाएं यहाँ किसी की मजदूर नहीं, बल्कि खुद इस सेंटर की मालकिन होंगी।

​ब्लॉक से लेकर पूरे राज्य तक फैलेगा यह मॉडल: ‘मजदूर नहीं, होनहार बनेंगे बच्चे’

​जीवन जागृति सोसाइटी का विजन बेहद बड़ा है। डॉ. अजय कुमार सिंह ने बताया कि एक जगह इस केंद्र के सफलतापूर्वक संचालित होने के बाद, योजना के पहले चरण में एक प्रखंड (Block) के भीतर ऐसे 4 सेंटर खोले जाएंगे। इसके बाद इस मॉडल का विस्तार पूरे जिले और फिर पूरे राज्य में किया जाएगा।

​इस योजना का मुख्य उद्देश्य समाज की लाचार और विवश महिलाओं को ‘अबला से सबला’ बनाना है, ताकि उनके खोए हुए सपने फिर से सच हो सकें। सबसे बड़ी बात यह है कि आर्थिक तंगी के कारण इन महिलाओं के बच्चे कल को मजबूर होकर बाल-मजदूर न बनें, बल्कि पढ़-लिखकर गांव और देश के होनहार युवक बनें।

​चेहरे पर लौटी मुस्कान: नीलम, गुड़िया, सजनी और हीना ने संभाली कमान

​प्रशिक्षण के पहले दिन नीलम देवी, गुड़िया देवी, सजनी देवी (1), हीना कुमारी और सजनी देवी (2) ने बेहद उत्साह के साथ अपनी ट्रेनिंग की शुरुआत की। अपनों को खोने के गम के बीच, आत्मनिर्भर बनने की इस नई राह को पाकर इन महिलाओं के चेहरे पर खुशी और आत्मविश्वास का भाव साफ झलक रहा था। संस्था के अनुसार, आने वाले दिनों में चिन्हित की गई अन्य महिलाएं भी इस ग्रुप से जुड़कर अपने सुनहरे भविष्य की सिलाई करेंगी।

भागलपुर: मॉर्निंग वॉक पर निकली युवती की संदिग्ध मौत, शव पर चोट के निशान और बदले कपड़ों ने गहराया हत्या का शक

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Bhagalpur News: भागलपुर से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। मोजाहिदपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली एक युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। मृतका की पहचान फातमा उर्फ नाजिया के रूप में हुई है। परिजनों के मुताबिक, नाजिया बीती 30 जून की सुबह हर रोज की तरह मॉर्निंग वॉक के लिए घर से निकली थी। लेकिन जब वह देर तक वापस नहीं लौटी, तो परिवार में कोहराम मच गया। काफी खोजबीन के बाद अगले दिन पुलिस के जरिए एक अज्ञात युवती का शव मिलने की सूचना मिली। सदर अस्पताल पहुंचने पर परिजनों ने उसकी पहचान नाजिया के रूप में की।

​शव पर खरोंच और बदले कपड़े; नानी ने लगाया गंभीर आरोप

​नाजिया की मौत साधारण आत्महत्या है या कोई सोची-समझी साजिश? इस पर अब बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं। मृतका की नानी मुस्सा बीबी ने पुलिस प्रशासन और मीडिया के सामने बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि नाजिया जिन कपड़ों को पहनकर सुबह घर से निकली थी, अस्पताल में जब उसका शव देखा गया तो उसके कपड़े बदले हुए थे। कपड़े बदले होने की इस बात ने परिजनों के शक को और पुख्ता कर दिया है कि नाजिया के साथ कुछ बेहद गलत हुआ है।

​शरीर पर मिले प्रताड़ना के निशान: दांत काटने और नाखूनों के जख्म

​परिजनों का दावा है कि जब डॉक्टरों की मौजूदगी में शव को देखा गया, तो नाजिया के शरीर पर बर्बरता के साफ निशान थे।

​परिजनों के अनुसार: नाजिया के सीने पर दांत से काटने के गहरे निशान, शरीर पर नाखूनों के खरोंच, और चेहरे व गाल पर चोट के निशान पाए गए हैं। इन निशानों को देखने के बाद परिवार का साफ कहना है कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि बेरहमी से की गई हत्या है।

 

​रहस्यमयी ‘हस्तलिखित नोट’ पर उठे सवाल, फॉरेंसिक जांच की मांग

​इस पूरे मामले में पुलिस को मृतका के पास से एक हस्तलिखित (Handwritten) नोट भी बरामद हुआ है। पुलिस का कहना है कि इस नोट में घर से निकलने के बाद अलग-अलग समय पर नाजिया के अलग-अलग जगहों पर मौजूद होने की टाइमलाइन लिखी हुई है। हालांकि, परिजनों ने इस नोट की प्रामाणिकता को सिरे से खारिज कर दिया है। परिवार का कहना है कि यह नोट नाजिया का लिखा हुआ नहीं हो सकता। उन्होंने पुलिस से इस सुसाइड नोट या पत्र की फॉरेंसिक जांच (Handwriting & Forensic Analysis) कराने की मांग की है ताकि सच सामने आ सके।

​क्षेत्र विवाद में उलझा मामला: मोजाहिदपुर से तिलकामांझी तक की गुत्थी

​घटना की कड़ियाँ दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों से जुड़ी हुई हैं। नाजिया मोजाहिदपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली थी, जबकि उसका शव तिलकामांझी थाना क्षेत्र में सड़क किनारे बेहोशी की हालत में मिला था। पुलिस ने उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया था, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। न्याय की गुहार लगाने जब परिजन पहले मोजाहिदपुर थाना पहुंचे, तो उन्हें मामला तिलकामांझी थाना क्षेत्र का बताकर वहां भेज दिया गया।

​परिजनों की मांग—पोस्टमार्टम रिपोर्ट हो सार्वजनिक, दोषियों को मिले सजा

​पीड़ित परिवार ने अब पुलिस के आला अधिकारियों से न्याय की भीख मांगी है। परिवार की मुख्य मांगें निम्नलिखित हैं:

  • ​पूरे मामले की निष्पक्ष और गहराई से उच्च स्तरीय जांच हो।
  • ​नाजिया की पोस्टमार्टम रिपोर्ट को तुरंत सार्वजनिक किया जाए ताकि मौत का असली कारण साफ हो सके।
  • ​यदि यह हत्या है, तो दोषियों को जल्द से जल्द चिह्नित कर गिरफ्तार किया जाए।

​पुलिस का बयान: हर पहलू पर टिकी है तफ्तीश

​मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन मुस्तैद हो गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और रिपोर्ट का इंतजार है। पुलिस फिलहाल किसी भी नतीजे पर पहुंचने से बच रही है और हत्या, आत्महत्या, अपहरण या किसी गहरी साजिश समेत सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की बारीकी से तफ्तीश कर रही है।

भागलपुर जिला विधिज्ञ संघ चुनाव: ‘काम जो दिखता है’ के नारे के साथ मैदान में उतरे अंजनी कुमार, विकास के मुद्दे पर मांग रहे वोट

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Bhagalpur News: भागलपुर के कचहरी परिसर में जिला विधिज्ञ संघ (DBA) के आम चुनाव 2026-28 को लेकर सियासी पारा पूरी तरह चढ़ चुका है. वकीलों के सबसे बड़े संगठन के इस चुनाव में हर बार की तरह इस बार भी मुकाबला बेहद दिलचस्प और कड़ा होने की उम्मीद है. चुनाव प्रचार के इसी सिलसिले के बीच, संघ के निवर्तमान महासचिव और इस बार पुनः महासचिव पद के सबसे मजबूत दावेदारों में से एक, प्रख्यात अधिवक्ता अंजनी कुमार ने अपने मजबूत विज़न और ‘काम जो दिखता है’ के नारे के साथ चुनावी मैदान में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है. अंजनी कुमार अपने पिछले कार्यकाल (2024-26) के दौरान किए गए रिकॉर्डतोड़ विकास कार्यों के दम पर एक बार फिर अधिवक्ताओं के बीच जा रहे हैं.

​ ऐतिहासिक रिपोर्ट कार्ड: पिछले कार्यकाल की 5 बड़ी उपलब्धियां

​चुनावी जनसंपर्क के दौरान अधिवक्ता अंजनी कुमार अपने पिछले दो वर्षों (2024-26) के कार्यकाल का लेखा-जोखा वकीलों के सामने रख रहे हैं, जिसे कचहरी परिसर में खासा पसंद किया जा रहा है. उनके प्रमुख विकासात्मक कार्यों और एजेंडे में ये बातें शामिल हैं:

  • ​संघ के भव्य नए भवन का निर्माण: अधिवक्ताओं को बैठने और महत्वपूर्ण बैठकों के आयोजन के लिए कचहरी परिसर में लंबे समय से एक आधुनिक भवन की आवश्यकता थी, जिसे अंजनी कुमार ने अपने कार्यकाल में अमलीजामा पहनाया.
  • ​हाई-टेक ई-लाइब्रेरी की स्थापना: युवा वकीलों को डिजिटल युग के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने और देश के बड़े कानूनी फैसलों पर शोध करने के लिए एक सर्वसुविधायुक्त ‘ई-लाइब्रेरी’ की शुरुआत की गई.
  • ​डिजिटल इंडिया की तर्ज पर DBA वेबसाइट: जिला विधिज्ञ संघ के इतिहास में पहली बार आधिकारिक वेबसाइट लॉन्च की गई, जिससे संघ के कार्यों में पारदर्शिता आई और वकीलों को डिजिटल सहूलियतें मिलनी शुरू हुईं.
  • ​हर सीट तक पानी, बिजली और स्वच्छता: वकीलों के बैठने की हर टेबल और सीट तक शुद्ध पेयजल (पानी), बिना किसी रुकावट के बिजली की आपूर्ति और कचहरी परिसर में मुकम्मल साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित की गई.
  • ​संघ की भूमि की आधिकारिक डिग्री: लंबे कानूनी और प्रशासनिक प्रयासों के बाद संघ की अपनी कीमती जमीन की आधिकारिक डिग्री हासिल करना पिछले कार्यकाल की सबसे बड़ी रणनीतिक और कानूनी जीत मानी जा रही है.

​ कचहरी में मिला भरपूर समर्थन, मतपत्र के ‘क्रमांक 3’ पर मुहर लगाने की अपील

​जैसे-जैसे चुनाव की तारीख नजदीक आ रही है, अंजनी कुमार का जनसंपर्क अभियान तेज होता जा रहा है. कचहरी परिसर में वरिष्ठ अधिवक्ताओं से लेकर युवा वकीलों की टोलियां उनके साथ कदमताल करती नजर आ रही हैं. अंजनी कुमार ने सभी सम्मानित मतदाता अधिवक्ताओं से अपील की है कि वे विकास की इस रफ्तार को रुकने न दें और संघ की मजबूती व वकीलों के कल्याण के लिए आगामी चुनाव में मतपत्र के क्रमांक 3 पर मुहर लगाकर उन्हें दोबारा सेवा का मौका दें.

​ 08 जुलाई को होगा भाग्य का फैसला; सुबह 9 से शाम 4:30 बजे तक वोटिंग

​जिला विधिज्ञ संघ, भागलपुर के इस आम चुनाव (2026-28) के तहत 08 जुलाई को मतदान होना तय है. वोटिंग की प्रक्रिया सुबह 9:00 बजे से प्रारंभ होकर शाम 4:30 बजे तक चलेगी. जबकि मतगणना 9 जूलाई को होगी l चुनाव समिति और स्थानीय प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं ताकि पूरी मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराई जा सके.

बिहार में ‘स्मार्ट सिटी’ से भी आगे की तैयारी, 12 ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के लिए HUDCO के साथ 1 लाख करोड़ का MoU

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Patna News: बिहार के शहरीकरण को नई ऊंचाइयों पर ले जाने और भविष्य की जरूरतों के मुताबिक आधुनिक शहरों को विकसित करने की दिशा में सम्राट सरकार ने अब तक का सबसे बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है। शुक्रवार को पटना के ‘संकल्प सभागार’ में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की उपस्थिति में बिहार सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग तथा हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (HUDCO) के बीच एक ऐतिहासिक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के तहत राज्य में 12 शानदार ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने के लिए 1,00,000 करोड़ रुपये (एक लाख करोड़ रुपये) के दीर्घकालिक वित्तपोषण (Long-term Financing) को मंजूरी दी गई है।

​मुख्यमंत्री के समक्ष नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार तथा हडको (HUDCO) के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक संजय कुलश्रेष्ठ ने एमओयू का आदान-प्रदान किया।

​ 3 लाख एकड़ से अधिक में बसेंगे नए शहर, 35% शहरीकरण का लक्ष्य

​इस ऐतिहासिक अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि यह समझौता बिहार के शहरी विकास के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगा। इन 12 नए टाउनशिप को लगभग 3 लाख एकड़ से अधिक के विशाल क्षेत्र में विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि इस महापरियोजना के माध्यम से बिहार सरकार राज्य में शहरीकरण के 35 प्रतिशत के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

​ किसानों को लैंड पुलिंग से बनाएंगे भागीदार, 30 दिनों में होगा मुआवजे का भुगतान

​मुख्यमंत्री ने किसानों के हितों का विशेष ध्यान रखते हुए एक बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस महापरियोजना में किसानों को ‘लैंड पुलिंग’ (Land Pooling) के माध्यम से भागीदार बनाया जाएगा। जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को पारदर्शी और तेज रखने के लिए सरकार ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। जो भी किसान मुआवजे के लिए आवेदन देंगे, उन्हें महज 30 दिनों के अंदर उनके मुआवजे का भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा।

​ बिहार में कुल 7 लाख करोड़ का होगा भारी-भरकम इन्वेस्टमेंट

​मुख्यमंत्री ने निवेश के आंकड़ों को साझा करते हुए बताया कि बिहार सरकार इन 12 नए टाउनशिप को लेकर हडको के माध्यम से 1 लाख करोड़ रुपये का निवेश कर रही है। इसके अलावा, इस परियोजना के धरातल पर उतरने से देश और विदेश से लगभग 6 लाख करोड़ रुपये का अतिरिक्त निजी और संस्थागत निवेश (Institutional Investment) बिहार में आएगा। इस प्रकार, इस पूरी योजना से बिहार के आर्थिक विकास को एक अभूतपूर्व गति मिलेगी।

​ विश्वस्तरीय नागरिक सुविधाओं से लैस होंगे स्मार्ट टाउनशिप

​प्रस्तावित ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप पूरी तरह से अत्याधुनिक आधारभूत संरचना से लैस होंगे। इन टाउनशिप में निम्नलिखित विश्वस्तरीय नागरिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी:

  • ​आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर: चौड़ी और आधुनिक सड़कों का नेटवर्क, निर्बाध विद्युत आपूर्ति और अत्याधुनिक सीवरेज सिस्टम।
  • ​हरित क्षेत्र व पर्यावरण: बड़े पैमाने पर ग्रीन ज़ोन (हरित क्षेत्र) और पार्कों का निर्माण।
  • ​बुनियादी आवश्यकताएं: 24 घंटे शुद्ध जलापूर्ति, विश्वस्तरीय शैक्षणिक संस्थान और अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं।
  • ​वाणिज्यिक केंद्र: रोजगार और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए व्यापारिक, सामाजिक और वाणिज्यिक अधोसंरचना का विकास, जिससे लाखों लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।

​ कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री समेत कई शीर्ष अधिकारी रहे मौजूद

​इस ऐतिहासिक बैठक और एमओयू साइनिंग प्रोग्राम में उप मुख्यमंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, नगर विकास एवं आवास सह सूचना प्रावैधिकी मंत्री नीतीश मिश्रा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह व संजय कुमार सिंह, नगर विकास विभाग के सचिव संदीप कुमार आर० पुडकलट्टी, विशेष सचिव नीलेश रामचंद्र देवड़े सहित हडको और नगर विकास विभाग के कई अन्य वरीय अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित थे।

भागलपुर बाइपास पर रफ्तार का कहर: दो अलग-अलग सड़क हादसों में दो लोगों की दर्दनाक मौत, मुआवजे की मांग को लेकर भारी जाम

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Bhagalpur News: भागलपुर के लोदीपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत मुख्य बाइपास सड़क पर रफ्तार के कहर ने दो परिवारों की खुशियां उजाड़ दीं। बाइपास पर कुछ ही दूरी और समय के अंतराल में हुए दो अलग-अलग भीषण सड़क हादसों में दो लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इन घटनाओं से गुस्साए परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग को लेकर मुख्य बाइपास सड़क को पूरी तरह जाम कर दिया, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।

​ पहला हादसा: बच्चे को छोड़कर लौट रहे टोटो चालक को अज्ञात वाहन ने कुचला

​पहली दर्दनाक घटना बाइपास पर तब घटी जब लोदीपुर थाना क्षेत्र के विशनपुर जिछो निवासी शालिग्राम यादव के पुत्र अरविंद यादव अपने टोटो से एक बच्चे को छोड़ने बाइपास की तरफ गए थे। बच्चा छोड़ने के बाद जैसे ही वह वापस लौट रहे थे, तभी एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उनके टोटो में जोरदार टक्कर मार दी। हादसे की चीख-पुकार सुनकर जब तक परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचते, तब तक अत्यधिक चोट लगने के कारण अरविंद यादव की सांसें थम चुकी थीं।

​ दूसरा हादसा: तेज रफ्तार हाइवा ने बुजुर्ग को लिया चपेट में, चालक फरार

​अभी लोग पहले हादसे के दर्द से उबर भी नहीं पाए थे कि बाइपास पर ही दूसरा हादसा हो गया। जिछो गांव के रहने वाले स्वर्गीय लब्बु मंडल के 65 वर्षीय पुत्र उपेन्द्र मंडल सड़क पार कर रहे थे, इसी दौरान एक अनियंत्रित और तेज रफ्तार हाइवा ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। हाइवा की टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि उपेन्द्र मंडल की भी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद हाइवा चालक पुलिस और भीड़ के डर से वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया।

​ सड़क पर उतरे आक्रोशित ग्रामीण, मुआवजे के लिए मुख्य बाइपास को किया जाम

​एक ही इलाके के दो लोगों की सड़क हादसे में मौत के बाद ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। आक्रोशित परिजनों और सैकड़ों ग्रामीणों ने दोनों शवों के साथ मुख्य बाइपास सड़क को पूरी तरह से ब्लॉक कर दिया। ग्रामीणों का कहना था कि बाइपास पर गाड़ियों की रफ्तार पर लगाम नहीं कसी जा रही है, जिससे आए दिन बेकसूर लोग अपनी जान गंवा रहे हैं। प्रदर्शनकारी मृतकों के आश्रितों के लिए अविलंब उचित मुआवजे की मांग कर रहे थे।

​ मौके पर पहुंचीं प्रशिक्षु DSP प्रेरणा सिंह, समझा-बुझाकर हटवाया जाम

​बाइपास जाम होने और हंगामे की सूचना मिलते ही लोदीपुर प्रभारी थानाध्यक्ष सह प्रशिक्षु डीएसपी (DSP) प्रेरणा सिंह भारी पुलिस बल के साथ तुरंत घटनास्थल पर पहुंचीं। उन्होंने आक्रोशित ग्रामीणों और रोते-बिलखते परिजनों को शांत कराया। डीएसपी प्रेरणा सिंह और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा सरकारी नियमानुसार जल्द से जल्द उचित मुआवजा दिलाने का लिखित और ठोस आश्वासन दिए जाने के बाद ग्रामीण शांत हुए और करीब घंटों बाद बाइपास से जाम हटाया जा सका।

​ शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा, कानूनी कार्रवाई में जुटी पुलिस

​जाम हटने के बाद लोदीपुर थाना पुलिस ने दोनों शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भागलपुर के जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय (मायागंज अस्पताल) भेज दिया है। पुलिस ने घटनास्थल से दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को जब्त कर लिया है और फरार हाइवा चालक व अज्ञात वाहन की तलाश के साथ-साथ मामले की आगे की कानूनी तफ्तीश में जुट गई है।

बिहार के पर्यटन स्थलों पर अब सजेंगे ‘जीविका’ के उत्पाद, गांवों में बनेंगे अत्याधुनिक हाट-बाजार

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Patna News: बिहार के ग्रामीण इलाकों की तस्वीर बदलने और गांवों की आर्थिक रीढ़ को मजबूत करने के लिए ग्रामीण विकास विभाग ने एक बड़ा मास्टर प्लान तैयार किया है। अब राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर ‘जीविका’ दीदियों और स्थानीय किसानों के उत्पादों की चमक दिखाई देगी। इसके लिए बड़े पैमाने पर अत्याधुनिक हाट-बाजार बनाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। शुक्रवार को ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने नाबार्ड (NABARD) और विभागीय उच्च अधिकारियों के साथ एक बेहद महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की, जिसमें ग्रामीण अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए कई बड़े नीतिगत फैसले लिए गए।

​ पर्यटन केंद्रों पर बनेंगे वर्ल्ड क्लास हाट, ग्लोबल मंच पर मिलेगी पहचान

​बैठक के दौरान ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि राज्य के प्रमुख पर्यटन केंद्रों पर अत्याधुनिक हाट (Markets) का निर्माण कराया जाए। उन्होंने कहा कि इन पर्यटन स्थलों पर देश-विदेश से सैलानी आते हैं। ऐसे में यहां हाट बनने से जीविका दीदियों और किसानों के हस्तशिल्प व कृषि उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ा मंच मिलेगा। इससे उत्पादों की बेहतर मार्केटिंग होगी, बिचौलियों का खेल खत्म होगा और सीधे तौर पर गांव के गरीब परिवारों की आमदनी में भारी इजाफा होगा।

​ खाली पड़े सरकारी भवनों का होगा कायाकल्प, बनेगा बिजनेस हब

​मंत्री ने एक बेहतरीन विज़न साझा करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में जो पुराने और खाली पड़े सरकारी भवन हैं, उन्हें चिन्हित किया जाए। इन खंडहर या बेकार पड़े भवनों को अब बर्बाद होने से बचाकर शानदार हाट और बाजार के रूप में पुनर्विकसित किया जाएगा। इसके साथ ही, पायलट प्रोजेक्ट के तहत विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने के लिए पेशेवर एजेंसियों का सहयोग लेने पर भी बल दिया गया है।

​ 5 साल में हर ग्राम पंचायत में होगा एक डिजिटल हाट

​बैठक में मौजूद ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार ने नाबार्ड के अधिकारियों से ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं की एक विस्तृत पीपीटी (PPT) मांगी। उन्होंने विभागीय स्तर पर एक बड़ा लक्ष्य निर्धारित करते हुए कहा कि अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि आगामी 5 वर्षों के भीतर राज्य की प्रत्येक ग्राम पंचायत में कम से कम एक आधुनिक हाट बनकर तैयार हो जाए। खास बात यह है कि इन सभी हाट-बाजारों को सिर्फ फिजिकल नहीं, बल्कि डिजिटल मार्केट (E-Commerce) की आधुनिक सुविधाओं से भी जोड़ा जाएगा, ताकि गांव का सामान सीधे ऑनलाइन बिक सके।

​ प्रखंड स्तर पर महिलाओं को ट्रेनिंग और प्लंबिंग जैसे रोजगार पर फोकस

​ग्रामीण युवाओं और महिलाओं के कौशल विकास (Skill Development) के लिए भी बैठक में बड़े निर्णय लिए गए:

  • ​महिला ट्रेनर: प्रखंड स्तर पर कम से कम 10 महिलाओं और युवतियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। ये मास्टर ट्रेनर खुद गुणवत्तापूर्ण उत्पाद तैयार करेंगी और गांव की दूसरी महिलाओं को भी हुनरमंद बनाएंगी।
  • ​प्लंबिंग ट्रेनिंग: गांवों में प्लंबर की बढ़ती मांग को देखते हुए जरूरतमंद युवाओं को प्लंबिंग की प्रोफेशनल ट्रेनिंग दिलाने की योजना बनाई जा रही है।
  • ​खेल मैदान: ग्रामीण क्षेत्रों में युवाओं के लिए व्यवस्थित तरीके से खेल के मैदानों का निर्माण कराया जाएगा।

​ पहाड़ी और आदिवासी इलाकों में बकरी व पशुपालन पर विशेष जोर

​भौगोलिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए मंत्री श्रवण कुमार ने अधिकारियों से कहा कि पश्चिम चंपारण, मुंगेर और नवादा जैसे पहाड़ी व आदिवासी बहुल जिलों में बकरी पालन और पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रस्ताव तैयार किया जाए। पहाड़ी क्षेत्रों की जलवायु पशुपालन के लिए बेहद अनुकूल है। इस योजना का सीधा लाभ स्थानीय गरीब और आदिवासी महिलाओं को मिलेगा, जिससे उनका आर्थिक सशक्तिकरण होगा।

​ बैठक में इन शीर्ष अधिकारियों की रही मौजूदगी

​पटना में आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक में विभागीय प्रधान सचिव पंकज कुमार के अलावा जीविका के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी (CEO) हिमांशु शर्मा, मनरेगा आयुक्त अनन्या सिंह, नाबार्ड (पटना) के मुख्य महाप्रबंधक गौतम कुमार सिंह, उप महाप्रबंधक लक्ष्मण कुमार और मंत्री के आप्त सचिव सुनील कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

ग्राम सड़क पर फिर हुआ अवैध अतिक्रमण: बड़हरा गांव के लोगों में भारी आक्रोश, जिलाधिकारी से लगाई स्थायी समाधान की गुहार

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले के बाथ थाना क्षेत्र अंतर्गत बड़हरा गांव में ग्राम सड़क पर बार-बार हो रहे अतिक्रमण को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। प्रशासनिक दावों के विपरीत, अंचल प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाए जाने के चंद दिनों बाद ही दोबारा सड़क पर अवैध कब्जा कर लिया जाता है। इस समस्या से आजिज आकर बड़हरा गांव के दर्जनों ग्रामीणों ने भागलपुर के जिलाधिकारी (DM) को एक लिखित आवेदन सौंपकर सड़क को हमेशा के लिए अतिक्रमण मुक्त कराने और इसका स्थायी समाधान निकालने की पुरजोर मांग की है।

​ आम गैरमजरूआ सड़क पर बार-बार कब्जा, रोजमर्रा का आना-जाने ठप

​जिलाधिकारी को दिए गए आवेदन में ग्रामीणों ने बताया कि गांव की मुख्य आम गैरमजरूआ ग्राम सड़क को कुछ स्थानीय रसूखदार और दबंग प्रवृत्ति के लोगों द्वारा निशाना बनाया जा रहा है। इस महत्वपूर्ण रास्ते पर बार-बार बांस-बल्ली, मवेशी बांधकर या अन्य सामग्रियां रखकर अवैध अतिक्रमण कर लिया जाता है। सड़क संकरी हो जाने के कारण गांव के लोगों का रोजमर्रा का आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाता है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस वजह से उन्हें रोज आने-जाने में भारी मानसिक और शारीरिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

​ अंचलाधिकारी की कार्रवाई भी साबित हुई बेअसर, महिलाओं ने बयां किया दर्द

​मामले को लेकर स्थानीय महिलाओं ने प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए हैं। महिलाओं का कहना है कि पूर्व में शिकायत करने पर अंचलाधिकारी (CO) द्वारा बलपूर्वक कई बार इस सड़क से अतिक्रमण हटाया गया था। लेकिन प्रशासन की टीम के जाते ही, कुछ ही दिनों के भीतर अतिक्रमणकारी बेखौफ होकर फिर से सड़क को अपनी जागीर बना लेते हैं। इस लुका-छिपी के खेल के कारण सबसे ज्यादा परेशानी गांव की महिलाओं, स्कूल जाने वाले बच्चों और बीमार बुजुर्गों को उठानी पड़ रही है, जिनका पैदल चलना भी दूभर हो गया है।

​ ग्रामीण बोले- “अब अस्थायी कार्रवाई नहीं, चाहिए पक्का और स्थायी समाधान”

​ग्रामीणों का कहना है कि इस गंभीर विषय को लेकर स्थानीय थाना और अंचल कार्यालय को पहले भी दर्जनों बार आवेदन दिया जा चुका है, लेकिन प्रशासन की ढीली कार्रवाई के कारण आज तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल सका। बार-बार के इस झंझट से तंग आकर अब ग्रामीणों ने सीधे जिलाधिकारी के दरबार में गुहार लगाई है। ग्रामीणों की मांग है कि न सिर्फ इस सड़क को अविलंब खाली कराया जाए, बल्कि अतिक्रमणकारियों पर कानूनी शिकंजा कसते हुए ऐसी ठोस व्यवस्था की जाए जिससे भविष्य में दोबारा कोई सरकारी रास्ते को बाधित करने की हिम्मत न कर सके।