Patna News: बिहार के गन्ना उत्पादक किसानों के आर्थिक विकास और उन्हें सशक्त बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सकरी (मधुबनी) और रैयाम (दरभंगा) में प्रस्तावित सहकारी चीनी मिलों के लिए ‘प्राथमिक चीनी मिल सहकारी समितियों’ की सदस्यता हेतु एक विशेष ऑनलाइन वेब पोर्टल का शुभारंभ किया है।
इस डिजिटल पहल से अब क्षेत्र के हजारों किसान बिना किसी दफ्तर के चक्कर काटे, घर बैठे ही बेहद पारदर्शी और सरल तरीके से समिति के सदस्य बन सकेंगे। पोर्टल के उद्घाटन के मौके पर सहकारिता विभाग के सचिव धर्मेन्द्र सिंह, निबंधक सहयोग समितियाँ रजनीश कुमार सिंह और अपर निबंधक विकास कुमार बरियार भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
इस लिंक पर जाकर करना होगा ऑनलाइन आवेदन
सहकारिता विभाग द्वारा विकसित आधिकारिक वेब पोर्टल https://esahkari.bihar.gov.in/coop/Sugarcane पर जाकर इच्छुक और पात्र किसान भाई अपना ऑनलाइन निबंधन करा सकते हैं। आवेदन की पूरी प्रक्रिया को समयबद्ध और पारदर्शी बनाया गया है ताकि बिचौलियों की भूमिका खत्म हो सके।
समिति का सदस्य बनने पर किसानों को मिलेंगे ये बड़े फायदे:
प्राथमिक चीनी मिल सहकारी समिति से जुड़ने वाले किसानों को सरकार की ओर से कई बेहतरीन सुविधाएं और लाभ दिए जाएंगे:
- गन्ना उत्पादन के लिए आवश्यक उन्नत बीज, खाद और कृषि आदानों की समय पर उपलब्धता।
- कृषि विशेषज्ञों द्वारा तकनीकी मार्गदर्शन और मिट्टी परीक्षण (Soil Testing) की मुफ्त सुविधा।
- कृषि एवं गन्ना विकास से जुड़ी तमाम सरकारी अनुदान और कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ।
- राज्य सरकार की नीति के तहत गन्ने की सुनिश्चित खरीद और सबसे महत्वपूर्ण— गन्ना मूल्य के भुगतान में 100% पारदर्शिता।
सदस्यता के लिए क्या हैं जरूरी शर्तें और नियम?
पोर्टल पर आवेदन करने से पहले किसान भाई इन नियमों और योग्यताओं को ध्यान से समझ लें:
- आयु सीमा: आवेदक किसान की उम्र 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए।
- निवास: किसान को संबंधित चीनी मिल के आयोजन क्षेत्र (कमांड एरिया) का निवासी होना अनिवार्य है।
- भूमि की शर्त: सामान्य श्रेणी के किसानों के लिए न्यूनतम 100 डिसमिल जमीन पर गन्ना उत्पादन (या आगामी दो पेराई सत्रों में उत्पादन की प्रतिबद्धता) जरूरी है। वहीं आरक्षित श्रेणी और महिला किसानों के लिए यह सीमा 50 डिसमिल रखी गई है।
- एक परिवार-एक सदस्य: नियम के मुताबिक, एक परिवार से केवल एक ही सदस्य समिति की सदस्यता के लिए आवेदन कर सकता है।
सकरी और रैयाम मिलों के तहत आच्छादित होंगे 2400 से अधिक गांव
राष्ट्रीय सहकारी शक्कर कारखाना संघ लि० (NFCSF), नई दिल्ली द्वारा इन दोनों चीनी मिलों की स्थापना के लिए संभाव्यता प्रतिवेदन और विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) विभाग को सौंप दिया गया है। गन्ने की निर्बाध आपूर्ति के लिए भारी संख्या में गांवों को इससे जोड़ा जा रहा है:
- रैयाम प्राथमिक चीनी मिल समिति (प्रस्तावित): इसके कार्यक्षेत्र के अंतर्गत कुल 1018 गांव शामिल किए गए हैं।
- सकरी प्राथमिक चीनी मिल समिति (प्रस्तावित): इसके कार्यक्षेत्र के अंतर्गत कुल 1383 गांव आच्छादित किए गए हैं।
किसानों की आर्थिक समृद्धि का बनेगा आधार: मुख्य सचिव
पोर्टल लॉन्च के दौरान बिहार के मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत ने कहा, “बिहार सरकार किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सकरी और रैयाम की ये दोनों सहकारी चीनी मिलें सिर्फ औद्योगिक प्रोजेक्ट नहीं हैं, बल्कि ये इस पूरे इलाके के किसानों की आर्थिक समृद्धि, ग्रामीण विकास और रोजगार सृजन का मुख्य आधार बनेंगी।” उन्होंने सभी पात्र किसानों से समय-सीमा के भीतर अधिक से अधिक संख्या में जुड़ने की अपील की है।
सहायता के लिए यहाँ करें संपर्क, 30 जुलाई आखिरी तारीख
यदि किसी किसान भाई को ऑनलाइन आवेदन करने में कोई तकनीकी परेशानी आती है, तो वे अपने प्रखंड सहकारिता प्रसार पदाधिकारी (BCO), जिला सहकारिता पदाधिकारी (DCO) या विभाग द्वारा गठित ऑर्गेनाइजर कमेटी से सीधे संपर्क कर मदद ले सकते हैं। ध्यान रहे, सदस्यता आवेदन की अंतिम तिथि 30 जुलाई, 2026 तय की गई है।


