Bhagalpur News: भागलपुर जिले के बाथ थाना क्षेत्र अंतर्गत बड़हरा गांव में ग्राम सड़क पर बार-बार हो रहे अतिक्रमण को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। प्रशासनिक दावों के विपरीत, अंचल प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाए जाने के चंद दिनों बाद ही दोबारा सड़क पर अवैध कब्जा कर लिया जाता है। इस समस्या से आजिज आकर बड़हरा गांव के दर्जनों ग्रामीणों ने भागलपुर के जिलाधिकारी (DM) को एक लिखित आवेदन सौंपकर सड़क को हमेशा के लिए अतिक्रमण मुक्त कराने और इसका स्थायी समाधान निकालने की पुरजोर मांग की है।
आम गैरमजरूआ सड़क पर बार-बार कब्जा, रोजमर्रा का आना-जाने ठप
जिलाधिकारी को दिए गए आवेदन में ग्रामीणों ने बताया कि गांव की मुख्य आम गैरमजरूआ ग्राम सड़क को कुछ स्थानीय रसूखदार और दबंग प्रवृत्ति के लोगों द्वारा निशाना बनाया जा रहा है। इस महत्वपूर्ण रास्ते पर बार-बार बांस-बल्ली, मवेशी बांधकर या अन्य सामग्रियां रखकर अवैध अतिक्रमण कर लिया जाता है। सड़क संकरी हो जाने के कारण गांव के लोगों का रोजमर्रा का आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाता है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस वजह से उन्हें रोज आने-जाने में भारी मानसिक और शारीरिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
अंचलाधिकारी की कार्रवाई भी साबित हुई बेअसर, महिलाओं ने बयां किया दर्द
मामले को लेकर स्थानीय महिलाओं ने प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए हैं। महिलाओं का कहना है कि पूर्व में शिकायत करने पर अंचलाधिकारी (CO) द्वारा बलपूर्वक कई बार इस सड़क से अतिक्रमण हटाया गया था। लेकिन प्रशासन की टीम के जाते ही, कुछ ही दिनों के भीतर अतिक्रमणकारी बेखौफ होकर फिर से सड़क को अपनी जागीर बना लेते हैं। इस लुका-छिपी के खेल के कारण सबसे ज्यादा परेशानी गांव की महिलाओं, स्कूल जाने वाले बच्चों और बीमार बुजुर्गों को उठानी पड़ रही है, जिनका पैदल चलना भी दूभर हो गया है।
ग्रामीण बोले- “अब अस्थायी कार्रवाई नहीं, चाहिए पक्का और स्थायी समाधान”
ग्रामीणों का कहना है कि इस गंभीर विषय को लेकर स्थानीय थाना और अंचल कार्यालय को पहले भी दर्जनों बार आवेदन दिया जा चुका है, लेकिन प्रशासन की ढीली कार्रवाई के कारण आज तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल सका। बार-बार के इस झंझट से तंग आकर अब ग्रामीणों ने सीधे जिलाधिकारी के दरबार में गुहार लगाई है। ग्रामीणों की मांग है कि न सिर्फ इस सड़क को अविलंब खाली कराया जाए, बल्कि अतिक्रमणकारियों पर कानूनी शिकंजा कसते हुए ऐसी ठोस व्यवस्था की जाए जिससे भविष्य में दोबारा कोई सरकारी रास्ते को बाधित करने की हिम्मत न कर सके।


