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भागलपुर में अपराधियों पर कसने लगा शिकंजा: जून महीने में दर्ज हुए 746 केस, पुलिस ने निपटाए 1044 लंबित मामले

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले में कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने और लंबित पड़े मामलों के त्वरित निपटारे को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में है। आज समीक्षा भवन में वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी), भागलपुर की अध्यक्षता में माह जून-2026 की मासिक अपराध गोष्ठी सह पुलिस सभा का आयोजन किया गया।

​इस हाई-लेवल बैठक में नगर पुलिस अधीक्षक, सभी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO), पुलिस उपाधीक्षक, अंचल पुलिस निरीक्षक और सभी थानों के थानाध्यक्षों ने हिस्सा लिया। बैठक के दौरान अपराध नियंत्रण, विधि-व्यवस्था और मुकदमों के अनुसंधान की गहन समीक्षा की गई।

​ ऐतिहासिक परफॉरमेंस: नए मुकदमों से ज्यादा पुराने केसों का हुआ निष्पादन

​इस अपराध गोष्ठी में भागलपुर पुलिस का एक बेहद सकारात्मक चेहरा सामने आया है, जहां पुलिस ने पुराने पेंडिंग मामलों को तेजी से निपटाया है।

  • ​दर्ज मामले: जून 2026 के महीने में कुल 746 नए कांड प्रतिवेदित (दर्ज) हुए।
  • ​सफलतापूर्वक निपटाए गए मामले: पुलिस ने शानदार कार्यशैली दिखाते हुए दर्ज मामलों के अनुपात में 1044 पुराने व नए कांडों का निष्पादन (निपटारा) कर दिया।

​ एसएसपी के कड़े निर्देश: नए आपराधिक कानून का सख्ती से हो पालन

​बैठक में वरीय पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा जिले के सभी पुलिस अधिकारियों को अपराध नियंत्रण के लिए कई महत्वपूर्ण और कड़े निर्देश जारी किए गए:

  • ​डिजिटल पुलिसिंग और नए कानून: देश में लागू हुए नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी अनुपालन के लिए सभी पुलिसकर्मियों को कंप्यूटर संचालन, ई-साक्ष्य ऐप और विभिन्न सरकारी पोर्टल्स पर दक्षता (स्मार्टली) के साथ कार्य करने का आदेश दिया गया।
  • ​सोशल मीडिया पर 24×7 नजर: अफवाहों और भ्रामक खबरों को रोकने के लिए सोशल मीडिया की चौबीसों घंटे (24×7) कड़ी मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए हैं।
  • ​जमानत पर छूटे अपराधियों पर नजर: अपराध नियंत्रण के लिए पूर्व में जेल से जमानत पर मुक्त हुए अपराधियों की एक विशेष सूची बनाकर उनकी लगातार निगरानी और भौतिक सत्यापन (वेरिफिकेशन) करने को कहा गया है।

​ शहरी इलाकों में बाइक चोरी पर लगेगा लगाम; शनिवार को सुलझेंगे भूमि विवाद

  • ​एंटी-क्राइम एक्शन प्लान: भागलपुर शहरी क्षेत्र में बढ़ती बाइक चोरी और अन्य संपत्ति मूलक अपराधों पर लगाम लगाने के लिए एक विशेष कार्य योजना (Action Plan) बनाकर अभियान चलाने का निर्देश दिया गया।
  • ​जमीन विवाद का शनिवार को निपटारा: भूमि विवाद के लंबित मामलों को तेजी से सुलझाने के लिए सभी थानाध्यक्षों को निर्देश दिया गया है कि वे हर शनिवार अंचलाधिकारी (CO) के साथ मिलकर अनिवार्य रूप से बैठकें करें।
  • ​पीड़ितों को तुरंत न्याय: थानों में आने वाले फरियादियों और पीड़ितों की शिकायतों पर बिना किसी देरी के त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने की हिदायत दी गई है।

​ शानदार काम करने वाले 27 पुलिस अधिकारी ‘प्रशस्ति पत्र’ से सम्मानित

​जून महीने में लंबित मामलों को रिकॉर्ड समय में निपटाने और अपराधियों की धरपकड़ में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 27 पुलिस पदाधिकारियों को एसएसपी द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वाले प्रमुख थानाध्यक्षों में शामिल हैं:

  1. ​पु०नि० विनोद कुमार (थानाध्यक्ष, ततारपुर थाना)
  2. ​पु०नि० अभय शंकर (थानाध्यक्ष, नाथनगर थाना)
  3. ​पु०नि० राजीव रंजन सिंह (थानाध्यक्ष, कोतवाली थाना)
  4. ​पु०अ०नि० विपीन कुमार (थानाध्यक्ष, ललमटिया थाना)
  5. ​पु०अ०नि० सत्यजीत कुमार (थानाध्यक्ष, बबरगंज थाना)
  6. ​पु०अ०नि० बिट्टु कुमार कमल (थानाध्यक्ष, सबौर थाना)
  7. ​पु०अ०नि० रामाशीष कुमार (थानाध्यक्ष, अकबरनगर थाना) (इसके साथ ही कुल 27 पुलिस सब-इंस्पेक्टर्स और अधिकारियों को उनकी कर्तव्यनिष्ठा के लिए नवाजा गया।)

​ पुलिस सभा में कर्मियों के स्वास्थ्य और कल्याण पर भी चर्चा

​अपराध गोष्ठी के साथ-साथ ‘पुलिस सभा’ का भी आयोजन हुआ, जिसमें जिले के पुलिसकर्मियों की कार्यस्थिति, उनके ड्यूटी मैनेजमेंट, संसाधनों की उपलब्धता और स्वास्थ्य कल्याण से जुड़े प्रशासनिक मुद्दों और शिकायतों का संज्ञान लिया गया। एसएसपी ने पुलिसकर्मियों की समस्याओं का मौके पर समाधान करते हुए बल के मनोबल को बढ़ाने पर विशेष जोर दिया।

बिहार में ‘हरित ऊर्जा’ क्रांति की तैयारी: ऊर्जा मंत्री बुलो मंडल ने केंद्र से मांगा 3305 MW ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर का साथ

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Patna News: बिहार को स्वच्छ, प्रदूषण मुक्त और आत्मनिर्भर ऊर्जा राज्य बनाने की दिशा में नीतीश सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। बिहार के ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल और ऊर्जा सचिव-सह-सीएमडी (BSPHCL) अजय यादव ने नई दिल्ली में केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री  प्रह्लाद जोशी और MNRE सचिव संतोष कुमार सारंगी से एक उच्च स्तरीय शिष्टाचार मुलाकात की।

​इस बैठक का मुख्य उद्देश्य बिहार में नवीकरणीय और हरित ऊर्जा (Green Energy) परियोजनाओं को रफ्तार देने के लिए केंद्र सरकार से वित्तीय और तकनीकी सहयोग हासिल करना था। बैठक के दौरान बिहार की ओर से कई बड़े और महत्वपूर्ण प्रस्ताव केंद्र के सामने रखे गए।

​ 3305 मेगावाट का ‘ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर’: बिहार के इन 5 जिलों की बदलेगी तस्वीर

​बैठक में बिहार में 3305 मेगावाट क्षमता के ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर और बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (BESS) के विकास के लिए केंद्र से तुरंत वित्तीय सहयोग और जरूरी स्वीकृतियां देने का अनुरोध किया गया।

​क्यों जरूरी है यह कॉरिडोर?

बिहार के जिन जिलों में बड़े पैमाने पर सौर ऊर्जा परियोजनाएं लगाई जा रही हैं, वहां से पैदा होने वाली बिजली को बिना किसी रुकावट के ग्रिड तक पहुंचाने (Evacuation) और ग्रिड के प्रभावी संतुलन के लिए यह कॉरिडोर लाइफलाइन साबित होगा। इसका सीधा फायदा इन जिलों को मिलेगा:

  • ​जमुई
  • ​बांका
  • ​लखीसराय
  • ​औरंगाबाद
  • ​कैमूर

​ PM सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना: 10 लाख कुटीर ज्योति उपभोक्ताओं को जोड़ने का लक्ष्य

​बिहार सरकार ने केंद्र के सामने सबसे बड़ा और संवेदनशील प्रस्ताव प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के विस्तार को लेकर रखा।

  • ​वर्तमान स्थिति: बिहार में लगभग 58 लाख कुटीर ज्योति (गरीब/ग्रामीण) उपभोक्ता हैं, लेकिन अभी तक केवल 2.5 लाख उपभोक्ताओं को ही 1.1 किलोवाट क्षमता के रूफटॉप सोलर प्लांट लगाने की मंजूरी मिली है।
  • ​बिहार का नया प्रस्ताव: बिहार सरकार ने मांग की है कि इसके पहले चरण का दायरा बढ़ाकर 10 लाख कुटीर ज्योति उपभोक्ताओं को इस योजना का लाभ दिया जाए। ऊर्जा मंत्री ने इस प्रस्ताव को जल्द से जल्द मंजूरी देने का आग्रह किया ताकि गरीबों को मुफ्त बिजली मिल सके।

​ 1000 कृषि फीडरों का सोलराइजेशन और औरंगाबाद में मेगा सोलर पार्क

​बैठक के दौरान बिहार की कृषि और तकनीकी विकास से जुड़े कई अन्य महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर भी मुहर लगाने की मांग की गई:

  1. ​किसानों को फायदा (पीएम-कुसुम योजना): राज्य के 1,000 कृषि फीडरों का सोलराइजेशन (सौर ऊर्जा से जोड़ना) किया जाएगा, जिससे किसानों को सिंचाई के लिए दिन में ही सस्ती और निर्बाध बिजली मिल सकेगी।
  2. ​औरंगाबाद सोलर पार्क: औरंगाबाद में 150 मेगावाट क्षमता के SECI सोलर पार्क की स्थापना को गति देना।
  3. ​बिहार ग्रीन हाइड्रोजन नीति: राज्य में ग्रीन हाइड्रोजन के प्रभावी क्रियान्वयन और उत्पादन पर चर्चा।
  4. ​राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संस्थान (NISE): बिहार में सौर ऊर्जा अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए ‘राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संस्थान’ के एक क्षेत्रीय परिसर (Regional Campus) की स्थापना की मांग।

​ केंद्र से मिला सकारात्मक आश्वासन: बिहार में आएगी ऊर्जा क्रांति

​”बिहार सरकार स्वच्छ और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। केंद्र सरकार के सहयोग से हम राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता का तेजी से विस्तार कर रहे हैं।”

—  शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल, ऊर्जा मंत्री, बिहार

 

​”इन परियोजनाओं के जमीन पर उतरने से बिहार का पावर इन्फ्रास्ट्रक्चर बेहद मजबूत होगा। इससे न केवल स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि हमारे किसानों और आम उपभोक्ताओं को भी सीधा और बड़ा आर्थिक लाभ मिलेगा।”

—  अजय यादव (IAS), ऊर्जा सचिव, बिहार

बिहार के किसानों के लिए वरदान बना ‘सूर्यमुखी + मधुमक्खी’ मॉडल, कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा का बड़ा ऐलान

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Patna News: बिहार की कृषि को आधुनिक, टिकाऊ और अधिक मुनाफेदार बनाने के लिए राज्य सरकार ने एक बेहद अनोखी और प्रभावी पहल की है। बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने घोषणा की है कि राज्य में सूर्यमुखी की खेती के साथ मधुमक्खी पालन (एकीकृत मॉडल) को बढ़ावा दिया जा रही है। इस योजना का उद्देश्य न सिर्फ किसानों की आय को दोगुना करना है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा करना और खाद्य तेलों के क्षेत्र में बिहार को आत्मनिर्भर बनाना भी है।

​कृषि मंत्री के अनुसार, इस एकीकृत मॉडल के बेहद सकारात्मक और उत्साहजनक परिणाम सामने आने लगे हैं।

​ प्रकृति का अद्भुत तालमेल: जब सूर्यमुखी और मधुमक्खी आए साथ

​कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने इस मॉडल की वैज्ञानिक और प्राकृतिक खूबी को समझाते हुए कहा कि गर्मी के मौसम में आमतौर पर प्रकृति में फूलों की कमी हो जाती है। ऐसे समय में सूर्यमुखी की फसल मधुमक्खियों के लिए ‘प्राकृतिक अमृत’ (नेक्टर) और पराग का एक सबसे बड़ा स्रोत बनती है।

​इस जुगलबंदी से दोहरे फायदे हो रहे हैं:

    • ​मधुमक्खियों का संरक्षण और शुद्ध शहद: संकट के मौसम में मधुमक्खी कॉलोनियों को जीवनदान मिलता है, जिससे उच्च गुणवत्ता वाले शहद का बंपर उत्पादन होता है।
    • ​सूर्यमुखी की फसल में रिकॉर्ड उत्पादन: मधुमक्खियों द्वारा किए जाने वाले प्राकृतिक परागण (Pollination) से सूर्यमुखी के दानों का भराव बेहतर होता है, बीजों की क्वालिटी सुधरती है और कुल पैदावार में भारी बढ़ोतरी दर्ज की जाती है।

​”यह मॉडल किसानों और मधुमक्खी पालकों दोनों के लिए ‘win-win situation’ (समान रूप से लाभकारी) सिद्ध हो रहा है।” – विजय कुमार सिन्हा, कृषि मंत्री, बिहार

 

​ ‘उत्पादन से प्रसंस्करण तक’: सिर्फ खेती नहीं, तेल मिलों के लिए भी मिलेगी सहायता

​श्री सिन्हा ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार केवल फसल का उत्पादन बढ़ाने तक ही सीमित नहीं है। सरकार का मुख्य फोकस कटाई उपरांत प्रसंस्करण (Post-Harvest Processing) और मूल्य संवर्धन (Value Addition) पर भी है।

​योजना के तहत सरकार निम्नलिखित कदम उठा रही है:

      1. ​तेल मिलों की स्थापना: राज्य में नई तेल मिलों की स्थापना और पुरानी मिलों के आधुनिकीकरण के लिए भारी आर्थिक सहायता दी जा रही है।
      2. ​लागत में कमी: किसानों को अपनी उपज का प्रोसेसिंग स्थानीय स्तर पर ही मिल जाएगी, जिससे उनका परिवहन खर्च (भाड़ा) बचेगा।
      3. ​स्थानीय रोजगार: ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध खाद्य तेल का उत्पादन बढ़ेगा, जिससे स्थानीय स्तर पर युवाओं को रोजगार मिलेगा।

​ बिहार के इन जिलों में शुरू हुआ ‘सक्सेस मॉडल’

​कृषि मंत्री ने बताया कि इस योजना को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर बिहार के तीन प्रमुख हिस्सों में 25-25 एकड़ के क्लस्टर में सफलतापूर्वक लागू किया गया है:

      • ​बांका जिला: धोरैया प्रखंड
      • ​शिवहर जिला: पिपराही प्रखंड
      • ​सारण (छपरा) जिला

​इन क्षेत्रों में मिले शानदार परिणामों को देखते हुए अब सरकार इस मॉडल को राज्य के अन्य सभी जिलों में भी चरणबद्ध (Step-by-Step) तरीके से लागू करने की तैयारी कर रही है।

​ कृषि मंत्री की अपील: ‘आत्मनिर्भर बिहार’ के निर्माण में भागीदार बनें किसान

​प्रेस विज्ञप्ति के अंत में कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बिहार के तमाम किसान भाइयों और बहनों से विशेष आह्वान किया। उन्होंने कहा कि किसान पारंपरिक खेती से थोड़ा आगे बढ़ें और सूर्यमुखी की खेती, मधुमक्खी पालन तथा मूल्य संवर्धन (Value Addition) आधारित इस आधुनिक मॉडल को अपनाएं। इससे न सिर्फ उनकी व्यक्तिगत आय बढ़ेगी, बल्कि वे एक ‘विकसित एवं आत्मनिर्भर बिहार’ के सपने को सच करने में अपनी महत्वपूर्ण भागीदारी निभा सकेंगे।

बिहार में बिजली सेवाओं का होगा पूर्ण डिजिटलीकरण, ऊर्जा सचिव ने दिए ‘ई-ऑफिस’ और C-SOC को मजबूत करने के कड़े निर्देश

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Patna News: बिहार के बिजली उपभोक्ताओं को पारदर्शी, त्वरित और अत्याधुनिक सेवाएं प्रदान करने के उद्देश्य से ऊर्जा विभाग ने अपनी डिजिटल प्रणालियों को और अधिक सशक्त बनाने की कवायद तेज कर दी है। सोमवार को ऊर्जा सचिव-सह-अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (BSPHCL)  अजय यादव (IAS) ने विभाग की विभिन्न महत्वपूर्ण डिजिटल परियोजनाओं की एक विस्तृत समीक्षा बैठक की।

​इस उच्च स्तरीय बैठक में साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (SBPDCL) के प्रबंध निदेशक  सौरभ जोरवाल (IAS) सहित बिहार विद्युत कंपनियों के तमाम वरिष्ठ अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

​ हर हाल में लागू हो ‘ई-ऑफिस’ प्रणाली: ऊर्जा सचिव

​बैठक के दौरान ऊर्जा सचिव अजय यादव ने सभी अधीनस्थ कार्यालयों में शत-प्रतिशत ई-ऑफिस प्रणाली को अपनाने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा:

​”डिजिटल प्रणालियों के प्रभावी उपयोग से न केवल कार्यों में पारदर्शिता, दक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी, बल्कि उपभोक्ताओं को भी बिना किसी देरी के बेहतर और त्वरित सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।”

 

​ मुख्य डिजिटल परियोजनाओं की समीक्षा और निर्देश

​बैठक में बिजली कंपनियों की रीढ़ मानी जाने वाली निम्नलिखित चार प्रमुख डिजिटल प्रणालियों की कार्यप्रणाली का गहन आकलन किया गया:

​1. RMS (रेवेन्यू मैनेजमेंट सिस्टम)

  • ​फोकस: राजस्व संग्रहण (Revenue Collection), बिलिंग, बकाया वसूली और वित्तीय निगरानी।
  • ​निर्देश: वित्तीय प्रबंधन को पूरी तरह पारदर्शी बनाने और बिलिंग से जुड़ी उपभोक्ताओं की समस्याओं को न्यूनतम करने के निर्देश दिए गए।

​2. ERP (एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग)

  • ​फोकस: मानव संसाधन (HR), वित्त, सामग्री प्रबंधन (Material Management), खरीद, और लेखा।
  • ​निर्देश: विभाग की सभी प्रशासनिक और आंतरिक प्रक्रियाओं को एकीकृत (Integrated) कर डिजिटल रूप से संचालित करने की प्रगति की जांच की गई, ताकि फाइलों का निष्पादन तेजी से हो सके।

​3. ‘सुविधा बिहार’ ऐप (Suvidha Bihar App)

  • ​फोकस: नए विद्युत कनेक्शन, ऑनलाइन बिल भुगतान, और उपभोक्ता शिकायत निवारण।
  • ​निर्देश: नागरिक सेवाओं को और अधिक सरल बनाने पर जोर दिया गया ताकि उपभोक्ताओं को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।

​4. C-SOC (साइबर सिक्योरिटी ऑपरेशन सेंटर)

  • ​फोकस: आईटी (IT) और ओटी (Operational Technology) नेटवर्क की सुरक्षा।
  • ​निर्देश: बिजली ग्रिड और उपभोक्ता डेटा की सुरक्षा के लिए 24×7 साइबर निगरानी को और मजबूत करने को कहा गया। संभावित साइबर खतरों की समय रहते पहचान और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता (Incident Response) को अपग्रेड करने के निर्देश दिए गए।

​ समय सीमा के भीतर काम पूरा करने की चेतावनी

​ऊर्जा सचिव ने बैठक के अंत में अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि सभी डिजिटल परियोजनाओं का क्रियान्वयन तय समय सीमा (Timeline) के भीतर सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सभी तकनीकी और प्रशासनिक विंग को आपसी समन्वय (Coordination) के साथ काम करने की हिदायत दी, ताकि तकनीक आधारित इन सेवाओं का सीधा लाभ बिहार के आम उपभोक्ताओं तक पारदर्शी रूप से पहुंचे और राज्य में विद्युत सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार हो।

​भागलपुर में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया राजद का 30वां स्थापना दिवस, केक काटकर हुआ भव्य कार्यक्रम का शुभारंभ

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Bhagalpur News: राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के 30वें स्थापना दिवस के अवसर पर भागलपुर में पार्टी कार्यकर्ताओं का भारी उत्साह देखने को मिला। हबीबपुर स्थित जिला प्रधान कार्यालय में ‘जिला राष्ट्रीय जनता दल, भागलपुर’ के बैनर तले एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि पूर्व सांसद जयप्रकाश नारायण यादव, रजनीश यादव, जिलाध्यक्ष चन्द्रशेखर यादव, जेड हसन और वरिष्ठ पार्टी नेताओं द्वारा केक काटकर की गई, जिसके बाद पूरा परिसर “राजद जिंदाबाद” के नारों से गूंज उठा।

​इस ऐतिहासिक अवसर पर कार्यकर्ताओं और नेताओं ने एक-दूसरे को स्थापना दिवस की बधाई दी तथा ज़मीनी स्तर पर पार्टी की मजबूती और संगठन विस्तार का संकल्प लिया।

​उत्सव के रंग में रंगा राजद कार्यालय: कार्यकर्ताओं में दिखा भारी उत्साह

​स्थापना दिवस को लेकर राजद कार्यकर्ताओं में सुबह से ही खासा जोश देखा गया। पूरे कार्यालय परिसर को पार्टी के हरे रंग के झंडों, बड़े-बड़े बैनरों और आकर्षक पोस्टरों से दुल्हन की तरह सजाया गया था। बड़ी संख्या में राजद कार्यकर्ता, पदाधिकारी और समर्थक कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे। मिठाई खिलाने और बधाई देने का सिलसिला देर शाम तक चलता रहा, जिससे पूरा माहौल उत्सव में तब्दील हो गया।

​सामाजिक न्याय के 30 साल: नेताओं ने याद किया गौरवशाली सफर

​समारोह को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने पार्टी के तीन दशकों के राजनीतिक सफर को रेखांकित किया। वरिष्ठ नेताओं ने कहा:

​”राष्ट्रीय जनता दल सिर्फ एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय की एक मजबूत विचारधारा है। पिछले 30 वर्षों से पार्टी ने हमेशा गरीबों, किसानों, मजदूरों, पिछड़ों, अति पिछड़ों और समाज के हर वंचित वर्ग की आवाज़ को बुलंद किया है।”

 

​नेताओं ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव के संदेशों को जन-जन तक पहुंचाएं और संगठन को और अधिक धारदार बनाएं।

​नाथनगर प्रत्याशी ज़ेड हसन समेत कई दिग्गज रहे मौजूद

​इस भव्य समारोह में नाथनगर विधानसभा से राजद के कद्दावर नेता और पूर्व प्रत्याशी ज़ेड हसन मुख्य रूप से उपस्थित रहे। उनके साथ कई वरिष्ठ नेताओं, जिला पदाधिकारियों एवं युवा विंग के कार्यकर्ताओं ने मंच साझा किया। सभी नेताओं ने सामूहिक रूप से स्थापना दिवस का केक काटा और विपक्षी ताकतों के खिलाफ एकजुटता एवं मजबूती का संदेश दिया।

​मिशन 2029/2030: आगामी चुनाव को लेकर बनी रणनीति

​इस स्थापना दिवस समारोह में सिर्फ जश्न ही नहीं मना, बल्कि भविष्य की सियासी बिसात भी बिछाई गई। कार्यक्रम के अंतिम चरण में कार्यकर्ताओं में आगामी बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर एक विशेष ऊर्जा और उत्साह देखने को मिला। नेताओं ने बूथ स्तर पर कमेटियों को मजबूत करने और जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं को उठाने का निर्देश दिया, ताकि आने वाले चुनावों में राजद की एकतरफा जीत सुनिश्चित की जा सके।

ममता शर्मसार: भागलपुर में सड़क किनारे फेंकी गई नवजात बच्ची, रोने की आवाज सुन फरिश्ता बनकर पहुंचे ग्रामीण

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Bhagalpur News: बिहार के भागलपुर से दिल को झकझोर देने वाली एक घटना सामने आई है, जहां एक कलयुगी मां ने अपनी नवजात बच्ची को सड़क किनारे लावारिस हालत में मरने के लिए छोड़ दिया। मामला सबौर थाना क्षेत्र के सरधो पंचायत स्थित बड़ी सरधो नवटोलिया का है। सड़क किनारे कपड़े में लिपटी एक नवजात बच्ची के मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। हालांकि, इस बीच एक ग्रामीण मासूम के लिए फरिश्ता बनकर सामने आया और उसे गोद ले लिया।

​कुत्तों के भौंकने और रोने की आवाज से खुली पोल

​मिली जानकारी के अनुसार, रात के अंधेरे या अहले सुबह किसी अज्ञात व्यक्ति ने नवजात बच्ची को कपड़े में लपेटकर सड़क किनारे फेंक दिया था। गनीमत रही कि स्थानीय ग्रामीणों की नजर उस पर समय रहते पड़ गई। ग्रामीणों ने बताया कि इलाके में आवारा कुत्ते लगातार भौंक रहे थे और साथ ही किसी बच्चे के रोने की आवाज आ रही थी। अनहोनी की आशंका में जब ग्रामीण आवाज की दिशा में आगे बढ़े, तो वहां का नजारा देख दंग रह गए। एक नवजात बच्ची कपड़े में लिपटी तड़प रही थी।

​मौके पर पहुंची डायल-112 और सबौर पुलिस

​ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत इस बात की सूचना सबौर थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही सबौर थाना पुलिस और डायल-112 की टीम तुरंत हरकत में आई और मौके पर पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने ग्रामीणों से पूछताछ की, जिसमें लोगों ने बताया कि कुत्तों के शोर और बच्ची की चीख सुनकर ही वे यहां तक पहुंचे थे, अन्यथा कोई बड़ा हादसा हो सकता था। प्राथमिक जांच में आशंका है कि लोक-लाज या किसी अन्य वजह से किसी अज्ञात महिला ने अपनी इस कलयुगी करतूत को अंजाम दिया है।

​नीरज यादव बने तारणहार, बच्ची को लिया गोद

​”जहां एक तरफ ममता को शर्मसार करने वाली तस्वीर दिखी, वहीं दूसरी तरफ इंसानियत की मिसाल भी सामने आई।”

 

​मंजर को देखकर गांव के ही रहने वाले नीरज यादव का दिल पसीज गया। उन्होंने तुरंत आगे आकर उस लावारिस बच्ची को अपनाने और उसका पालन-पोषण करने की इच्छा जताई। पुलिस ने प्रशासनिक नियमों के तहत नीरज यादव का बयान दर्ज किया।

​स्वास्थ्य परीक्षण के बाद बच्ची सुपुर्द

​पुलिस प्रशासन ने कानूनी प्रक्रिया को कानूनी अमलीजामा पहनाते हुए सबसे पहले बच्ची का स्वास्थ्य परीक्षण (Medical Check-up) कराया। डॉक्टरों द्वारा बच्ची को पूरी तरह स्वस्थ घोषित करने और साफ-सफाई के बाद, पुलिस ने कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर बच्ची को आधिकारिक रूप से नीरज यादव के सुपुर्द कर दिया।

भागलपुर जिला स्तरीय सुब्रतो मुखर्जी फुटबॉल प्रतियोगिता संपन्न: मुस्लिम हाई स्कूल और बरारी उच्च विद्यालय की टीमें चमकीं, राज्य स्तर के लिए किया क्वालीफाई

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Bhagalpur News: खेल विभाग, बिहार राज्य खेल प्राधिकरण (पटना) एवं जिला प्रशासन भागलपुर के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को जिला स्तरीय सुब्रतो मुखर्जी बालक अंडर-15 एवं अंडर-17 फुटबॉल प्रतियोगिता का शानदार आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में जिले के युवा खिलाड़ियों ने मैदान पर अपना दमखम और बेहतरीन खेल कौशल दिखाया।

​कड़े मुकाबलों के बाद अंडर-17 बालक वर्ग में ‘इंटर लेवल मुस्लिम हाई स्कूल’ और अंडर-15 बालक वर्ग में ‘R.H.M.T.B उच्च विद्यालय, बरारी (भागलपुर)’ की टीम ने खिताबी जीत हासिल करते हुए राज्य स्तरीय सुब्रतो मुखर्जी फुटबॉल प्रतियोगिता के लिए क्वालीफाई कर लिया है।

​ विजेताओं को मिला मेडल और ट्रॉफी, अतिथियों ने बढ़ाया हौसला

​प्रतियोगिता के समापन पर जिला खेल पदाधिकारी (भागलपुर) जय नारायण कुमार और जिला फुटबॉल संघ के सचिव मोहम्मद फारूक आजम ने संयुक्त रूप से विजेता और उपविजेता टीम के खिलाड़ियों को मेडल एवं चमचमाती ट्रॉफी देकर सम्मानित किया।

​”भागलपुर के मैदानों से निकले ये खिलाड़ी कल राज्य और देश का नाम रोशन करेंगे। सुब्रतो मुखर्जी प्रतियोगिता इन युवाओं के लिए एक बड़ा मंच है।”

— जय नारायण कुमार, जिला खेल पदाधिकारी

 

​इस गौरवशाली अवसर पर जिला फुटबॉल संघ से मोहम्मद असर आलम, उच्च विद्यालय बरारी की शारीरिक शिक्षिका  खुशबू कुमारी, कार्यालय लिपिक सतीश चंद्र, मृणाल किशोर,  रूबी कुमारी एवं कार्यपालक सहायक आमिर खान सहित कई खेल प्रेमी और गणमान्य लोग उपस्थित थे। मैच को निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने में निर्णायक (रेफरी) की भूमिका कृष्ण कुमार, अनूप घोष, इजान मजीद और आकाश कुमार ने निभाई।

​ राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए चयनित खिलाड़ियों की पूरी सूची

​जिला खेल पदाधिकारी जय नारायण कुमार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, दोनों वर्गों में राज्य स्तर पर भागलपुर का प्रतिनिधित्व करने वाले चयनित खिलाड़ियों की सूची इस प्रकार है:

​ 1. अंडर-15 बालक वर्ग (राज्य स्तरीय प्रतियोगिता: 10 जुलाई से मुंगेर में)

​उच्च विद्यालय बरारी के चयनित खिलाड़ी जो मुंगेर में अपना हुनर दिखाएंगे:

  • ​देव आनंद, अविनाश कुमार, साहिल कश्यप, अर्णव कुमार, शिवम कुमार।
  • ​पीयूष कुमार, मोहम्मद ईदुल, मोहम्मद कैफ आलम, कृष्ण कुमार, विकास कुमार।
  • ​रघुवंशी यादव, सुमित कुमार, शिवम कुमार (द्वितीय), रिशु यादव, अक्षय कुमार।

​ 2. अंडर-17 बालक वर्ग (राज्य स्तरीय प्रतियोगिता: 10 जुलाई से किशनगंज में)

​किशनगंज में होने वाली प्रतियोगिता के लिए चुने गए दमदार खिलाड़ी:

  • ​रवि कुमार, अर्जुन कुमार, पिंटू कुमार, कुणाल कुमार, संदीप कुमार।
  • ​सौरभ कुमार, पंकज टुडू, संजय कुमार, गोविंद कुमार, अभिजीत कुमार ठाकुर।
  • ​शिवम कुमार, विष्णु कुमार, इजान इलाही, बादल कुमार, अमित घोष, श्रीलाल हेंब्रम।

​ प्राचार्यों ने दी शुभकामनाएं, जीत की उम्मीद

​खिलाड़ियों के इस शानदार प्रदर्शन और राज्य स्तर पर चयन होने पर इंटर लेवल मुस्लिम स्कूल के प्राचार्य मोहम्मद सफीउल्लाह एवं उच्च विद्यालय बरारी के प्राचार्य गणेश प्रसाद चौधरी ने सभी विजेता खिलाड़ियों और खेल शिक्षकों को बधाई दी है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि भागलपुर की टीमें राज्य स्तर पर भी अपनी जीत का परचम लहराकर जिले का नाम ऊंचा करेंगी।

बड़ी खबर: नीति आयोग की तर्ज पर अब बिहार में भी बनेगा अपना आयोग, CM सम्राट चौधरी का बड़ा फैसला

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Patna News: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प सभागार’ में योजना एवं विकास विभाग की एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक में राज्य के समग्र विकास को गति देने और योजनाओं में पारदर्शिता लाने के लिए कई ऐतिहासिक फैसले लिए गए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार के नीति आयोग की तर्ज पर अब बिहार में भी एक विशेष आयोग का गठन किया जाएगा।

​इस महत्वपूर्ण बैठक में योजना एवं विकास मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव  दीपक कुमार, विकास आयुक्त  मिहिर कुमार सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

​ ​बैठक के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विकास की रफ्तार को तेज करने के लिए निम्नलिखित दिशा-निर्देश जारी किए:

  • ​नीति आयोग की तर्ज पर नया आयोग: यह आयोग बिहार के दीर्घकालिक विकास का विजन तैयार करेगा, विभागों में तालमेल बिठाएगा और नीतिगत सुझाव देगा।
  • ​विधायकों के लिए समर्पित पोर्टल: जनप्रतिनिधियों (विधायकों एवं विधान परिषद सदस्यों) की योजनाओं की ऑनलाइन ट्रैकिंग, अनुश्रवण और पारदर्शिता के लिए एक स्पेशल पोर्टल बनेगा।
  • ​हर जिले का अपना बजट: स्थानीय आवश्यकताओं और संसाधनों को ध्यान में रखकर अब हर जिले की अपनी अलग बजट योजना तैयार की जाएगी।
  • ​विकसित बिहार @2037: वर्ष 2037 में बिहार अपनी स्थापना के 125 वर्ष पूरे करेगा। इस ऐतिहासिक मौके तक ‘विकसित बिहार’ का रोडमैप तैयार करने का निर्देश दिया गया है।
  • ​मौसम अलर्ट की डिजिटल व्यवस्था: मौसम का पूर्वानुमान अब सीधे सांसदों, विधायकों, मुखियाओं और अधिकारियों को व्हाट्सएप व मैसेज के जरिए तुरंत भेजा जाएगा।

​ बिहार के विकास को मिलेगी नई दिशा: CM सम्राट चौधरी

​बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना एवं विकास विभाग का काम सिर्फ योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उन्हें जमीन पर उतारना और उनके वास्तविक परिणाम सुनिश्चित करना है।

​”विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना जरूरी है।”

— सम्राट चौधरी, मुख्यमंत्री (बिहार)

 

​उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर की सर्वश्रेष्ठ कार्यप्रणालियों (Best Practices) का अध्ययन कर उन्हें बिहार की जरूरतों के हिसाब से लागू किया जाए। आकांक्षी जिलों के साथ-साथ सभी जिलों और प्रखंडों (Blocks) के लिए भी परिणामोन्मुखी दीर्घकालिक कार्ययोजना बनाई जाए ताकि क्षेत्रीय असंतुलन को खत्म किया जा सके।

​ इन प्रमुख योजनाओं की हुई समीक्षा

​बैठक के दौरान योजना एवं विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव डॉ० एन० विजयालक्ष्मी ने एक विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया। इस दौरान विभाग की उपलब्धियों और भावी योजनाओं पर चर्चा की गई, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:

  1. ​मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना
  2. ​संसद सदस्य स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (MPLAD)
  3. ​पंचायत सरकार भवन का निर्माण
  4. ​कब्रिस्तान घेराबंदी योजना (संवेदनशील स्थलों की सूची बनाकर काम जल्द पूरा करने के निर्देश)

​ मौसम विभाग की सूचनाएं अब सीधे पहुंचेंगी जनप्रतिनिधियों तक

​बैठक में बिहार मौसम सेवा केंद्र की कार्यप्रणाली की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि मौसम संबंधी महत्वपूर्ण सूचनाएं और भारी बारिश या आपदा का पूर्वानुमान प्रतिदिन सांसदों, विधायकों, जिला परिषद अध्यक्षों, मुखियाओं और जिलाधिकारियों तक समय पर पहुंचाया जाए। इसके लिए व्हाट्सएप और एसएमएस (SMS) जैसे डिजिटल माध्यमों का उपयोग कर एक मजबूत सूचना तंत्र विकसित किया जाएगा।

बख्तियारपुर-ताजपुर पुल हादसे के बाद एक्शन में सरकार: पथ निर्माण विभाग ने जारी की प्रेस विज्ञप्ति, युद्ध स्तर पर मरम्मत शुरू!

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Patna News: बिहार सरकार के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट बख्तियारपुर–ताजपुर पुल परियोजना के निर्माण स्थल से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। शनिवार की सुबह लगभग 9 बजे प्रोजेक्ट के पिलर संख्या P-38 पर निर्माण कार्य के दौरान अचानक एक बड़ा तकनीकी फॉल्ट आ गया। कार्य के दौरान उपयोग की जा रही CFT मशीन के एक हिस्से में आई खराबी के कारण उसके नीचे लगी सपोर्टिंग ट्रे एक तरफ झुक गई। इस अचानक हुई दुर्घटना में वहां काम कर रहे चार श्रमिक घायल हो गए हैं।

​घायल श्रमिकों का चल रहा समुचित इलाज, विभाग रख रहा नजर

​घटना की जानकारी मिलते ही निर्माण स्थल पर हड़कंप मच गया। राहत और बचाव कार्य शुरू करते हुए सभी चारों घायल श्रमिकों को बिना समय गंवाए तत्काल नजदीकी अस्पताल भेजा गया। पथ निर्माण विभाग के अधिकारियों के अनुसार, सभी घायलों का समुचित और बेहतर इलाज कराया जा रहा है। विभाग के वरिष्ठ अधिकारी लगातार डॉक्टरों के संपर्क में हैं और श्रमिकों के स्वास्थ्य की पल-पल की निगरानी की जा रही है।

​“श्रमिकों की सुरक्षा और जीवन हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता”: पथ निर्माण विभाग

​हादसे के तुरंत बाद बिहार सरकार के पथ निर्माण विभाग ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर स्थिति को स्पष्ट किया है। विभाग ने कहा है कि राज्य सरकार और विभाग के लिए निर्माण कार्य में लगे हर एक श्रमिक का जीवन, उनका स्वास्थ्य और सुरक्षा सबसे ऊपर (सर्वोच्च प्राथमिकता) है।

​त्वरित कार्रवाई: घटना के तुरंत बाद ही संबंधित पिलर (P-38) पर विशेषज्ञ इंजीनियरों की टीम पहुंच चुकी है। हादसे के कारणों की आवश्यक तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है और क्षतिग्रस्त हिस्से को ठीक करने के लिए मरम्मत का कार्य भी तेजी से चालू कर दिया गया है।

 

​परियोजना की गुणवत्ता और सुरक्षा से समझौता नहीं

​पथ निर्माण विभाग, ने स्पष्ट किया है कि वह इस महासेतु परियोजना की निर्माण गुणवत्ता, श्रमिकों की सुरक्षा और इसे समय पर पूरा करने (समयबद्ध निर्माण) के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। भविष्य में ऐसी तकनीकी खामियां दोबारा न हों, इसके लिए निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों को और कड़ा किया जा रहा है।

बेंगलुरु में ‘बिहार आईटी इंडस्ट्री मीट 2026’: Adobe और Mercedes-Benz जैसी वैश्विक कंपनियों ने बिहार में निवेश के लिए दिखाई गहरी रुचि

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Patna News: बिहार को देश का अगला बड़ा डिजिटल और टेक्नोलॉजी हब बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक और ऐतिहासिक कदम बढ़ाया है। आईटी हब बेंगलुरु में आयोजित ‘बिहार आईटी इंडस्ट्री मीट 2026’ के दौरान देश और दुनिया की अग्रणी प्रौद्योगिकी कंपनियों, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) लीडर्स, स्टार्टअप्स और वेंचर कैपिटल फर्मों ने बिहार में निवेश को लेकर जबरदस्त उत्साह दिखाया है। इस उच्चस्तरीय सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य बिहार में वैश्विक तकनीकी कंपनियों को आकर्षित करना और राज्य को डिजिटल अर्थव्यवस्था का प्रमुख केंद्र बनाना है।

​नवाचार और युवाओं की प्रतिभा को एक साथ आगे बढ़ाएगी सरकार: नीतीश मिश्रा

​समारोह को संबोधित करते हुए बिहार के सूचना प्रावैधिकी (IT) मंत्री नीतीश मिश्रा ने सरकार के विज़न को साफ किया। उन्होंने कहा:

​”हमारा लक्ष्य केवल निवेश प्राप्त करना नहीं है, बल्कि बिहार में एक ऐसा आधुनिक तकनीकी इकोसिस्टम विकसित करना है, जहां नवाचार (Innovation), उद्योग और हमारे युवाओं की अद्भुत प्रतिभा एक साथ आगे बढ़ सके।”

 

​मंत्री नीतीश मिश्रा ने जोर देकर कहा कि बिहार आईटी पॉलिसी 2024 और हाल ही में लाई गई बिहार ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) पॉलिसी 2026 राज्य में बड़े पैमाने पर उच्च गुणवत्ता वाले रोजगार पैदा करने और बिहार को वैश्विक तकनीकी मानचित्र पर नई पहचान दिलाने में मील का पत्थर साबित होंगी। उन्होंने निवेशकों को ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, सिंगल विंडो क्लीयरेंस और बेहतरीन डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का पूरा भरोसा दिया।

​दिग्गज कंपनियों के साथ वन-टू-वन बिजनेस मीटिंग्स

​सम्मेलन के दौरान सूचना प्रावैधिकी विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह ने वैश्विक कंपनियों के शीर्ष नेतृत्व के साथ कई महत्वपूर्ण रणनीतिक बैठकें कीं। इन बैठकों में बिहार में निवेश की संभावनाओं का विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया गया:

  • ​Quess Corp: कंपनी के वरिष्ठ नेतृत्व के साथ राज्य में रोजगार सृजन, कौशल विकास और तकनीकी सहयोग पर विस्तृत चर्चा हुई।
  • ​वैश्विक दिग्गज (Adobe, Mercedes-Benz, XLR Partners): इन प्रतिष्ठित संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ बिहार में डिजिटल निवेश, रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) और नए ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) स्थापित करने पर सार्थक बातचीत हुई।
  • ​अन्य प्रमुख कंपनियां: इसके अलावा Honeywell, Oracle, Salesforce, Mphasis, Razorpay, MyGate, NetApp, Trend Micro और Tejas Networks जैसी दिग्गज कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ भी सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग, एआई (AI) आधारित समाधान और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण पर गंभीर विमर्श हुआ।

​उद्योग अनुकूल माहौल और पारदर्शी नीतियां बनीं आकर्षण का केंद्र

​विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह ने कंपनियों को आश्वस्त किया कि बिहार सरकार निवेशकों की आवश्यकताओं के अनुरूप पूरी तरह से पारदर्शी, सरल और प्रतिस्पर्धी व्यावसायिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। आज का बिहार उद्योगों को अनुकूल वातावरण के साथ-साथ एक बहुत बड़ा कुशल मानव संसाधन (Skilled Youth Talent) भी प्रदान कर रहा है।

​बैठक में शामिल हुए विभिन्न उद्योग प्रतिनिधियों ने बिहार सरकार की नई औद्योगिक नीतियों और खासकर GCC पॉलिसी 2026 की खुलकर सराहना की। टेक लीडर्स ने माना कि बिहार की युवा प्रतिभा और सरकार की स्पष्ट नीतिगत प्रतिबद्धता भविष्य के निवेश के लिए एक बेहद शानदार और सुरक्षित विकल्प है।