Home Blog Page 45

भागलपुर में दिनदहाड़े लूट: मां-बेटी को बंधक बनाकर सोने-चांदी के जेवर और नकदी ले उड़े बेखौफ बदमाश

0

Bhagalpur News: भागलपुर में अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि अब उन्हें कानून का कोई खौफ नहीं रह गया है। ताजा मामला जिले के मधुसूदनपुर थाना क्षेत्र का है, जहां बेखौफ बदमाशों ने दिनदहाड़े एक बड़ी डकैती की वारदात को अंजाम देकर पुलिसिया गश्त और सुरक्षा दावों की पोल खोल कर रख दी है। अपराधियों ने घर में घुसकर महिला और उसकी मासूम बेटी को बंधक बनाया और फिर अलमारी में रखे लाखों के जेवर और नकदी लेकर रफूचक्कर हो गए।

​बहाने से घर में घुसे, फिर आंखों पर बांधी पट्टी

​घटना मधुसूदनपुर थाना क्षेत्र के नूरपुर गांव की है। पीड़ित रविशंकर कुमार की पत्नी नीतू देवी अपने घर के बाहर खड़ी थीं। इसी दौरान तीन से चार अज्ञात युवक वहां पहुंचे। बदमाशों ने बेहद शातिर तरीके से किसी बात का बहाना बनाया और नीतू देवी को घर के अंदर ले गए। घर के अंदर दाखिल होते ही अपराधियों ने अपना असली रंग दिखाया और महिला की आंखों पर जबरन पट्टी बांध दी। इसके बाद बदमाशों ने हथियार के बल पर डरा-धमकाकर अलमारी की चाबी छीन ली।

​स्कूल से लौटी बेटी को भी बनाया बंधक, दी जान से मारने की धमकी

​लूटपाट की इस वारदात के दौरान ही नीतू देवी की बेटी स्कूल से पढ़ाई कर वापस घर लौटी। जैसे ही वह घर के अंदर आई, बदमाशों ने उसे भी दबोच लिया। अपराधियों ने मासूम बच्ची को एक कोने में बैठाकर मुंह बंद रखने और शोर मचाने पर जान से मारने की धमकी दी। मां-बेटी को पूरी तरह असहाय करने के बाद बदमाशों ने अलमारी को खंगाला और उसमें रखे सोने-आभूषण और भारी मात्रा में नकद रुपये समेट लिए। शातिराना अंदाज में भागते समय अपराधी घर का मोबाइल फोन भी अपने साथ ले गए, ताकि कोई तुरंत पुलिस या परिजनों को सूचना न दे सके। हालांकि, कुछ दूरी पर जाकर उन्होंने मोबाइल फेंक दिया।

​चीख-पुकार सुनकर दौड़े ग्रामीण, इलाके में दहशत का माहौल

​अपराधियों के घर से फरार होने के बाद पीड़ित नीतू देवी ने किसी तरह खुद को संभाला और घर से बाहर निकलकर शोर मचाना शुरू किया। महिला की चीख-पुकार और रोने की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर इकट्ठा हो गए। घर के अंदर का नजारा देखकर लोग दंग रह गए। ग्रामीणों ने बिना वक्त गंवाए तुरंत स्थानीय मधुसूदनपुर थाना पुलिस को इस दुस्साहसिक लूटकांड की जानकारी दी। दिनदहाड़े हुई इस घटना के बाद से पूरे नूरपुर गांव और आसपास के इलाके में दहशत का माहौल व्याप्त है।

​सिटी एसपी ने किया घटनास्थल का मुआयना, सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस

​लूट की इतनी बड़ी वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए भागलपुर के सिटी एसपी ने खुद दलबल के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने पीड़ित परिवार से घटना की पूरी जानकारी ली। अपराधियों की पहचान और उनकी धरपकड़ के लिए पुलिस इलाके में लगे तमाम सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाल रही है, ताकि बदमाशों के भागने के रूट का सुराग मिल सके।

​मामले पर क्या बोले भागलपुर के एसएसपी? 

​घटना को लेकर भागलपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) प्रमोद कुमार यादव ने कहा:

​”मधुसूदनपुर थाना क्षेत्र के नूरपुर में एक घर में घुसकर लूटपाट की घटना सामने आई है। पुलिस मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है। सिटी एसपी के नेतृत्व में एक विशेष (एसआईटी) टीम का गठन कर दिया गया है। घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। जल्द ही इस पूरे लूटकांड का खुलासा कर लिया जाएगा और घटना में शामिल सभी अपराधियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।”

भागलपुर जदयू में बड़ा धमाका: प्रदेश सचिव बनते ही सुडडू साईं ने दिया इस्तीफा, 16 साल के रिश्ते पर सोशल मीडिया पोस्ट से लगाया पूर्णविराम

0

Bhagalpur News: बिहार की सत्ताधारी पार्टी जनता दल यूनाइटेड (JDU) को भागलपुर में एक बड़ा झटका लगा है। जदयू के वरिष्ठ नेता और पार्टी के समर्पित सिपाही माने जाने वाले सुद्दू साईं  ने आज सोशल मीडिया के माध्यम से अपने सभी पदों से इस्तीफा देकर प्रदेश नेतृत्व को चौंका दिया है। हैरान करने वाली बात यह है कि आज ही जदयू ने उन्हें प्रदेश सचिव की बड़ी जिम्मेदारी सौंपी थी, लेकिन इस आधिकारिक नोटिफिकेशन के जारी होने के चंद घंटों के भीतर ही उन्होंने पार्टी से नाता तोड़ लिया। उनके इस अचानक लिए गए फैसले से भागलपुर जदयू संगठन में खलबली मच गई है।

​2010 से 2026: संघर्ष और वफादारी का 16 वर्षों का सफर

​सुद्दू साईं ने साल 2010 में जनता दल यूनाइटेड की सदस्यता ग्रहण की थी। इन 16 वर्षों के लंबे सफर में उन्होंने जमीन पर उतरकर पार्टी को मजबूत करने का काम किया।

  • ​साल 2015: सुद्दू साईं ने सुल्तानगंज विधानसभा क्षेत्र से अपनी मजबूत दावेदारी पेश की थी।
  • ​साल 2016: उनके सांगठनिक कौशल को देखते हुए पार्टी ने उन्हें जिला महानगर अध्यक्ष की कमान सौंपी।
  • ​साल 2020: विधानसभा चुनाव में उन्होंने एक बार फिर अपनी उम्मीदवारी पेश की, लेकिन गठबंधन और सियासी समीकरणों के चलते वे टिकट से वंचित रह गए। इसके बावजूद उन्होंने बगावत नहीं की और पार्टी के लिए काम करते रहे।

​वादा मिला सम्मानित पद का, मिला प्रदेश सचिव का पद लेकिन…

​साल 2020 में टिकट न मिलने के बाद संगठन ने सुद्दू साईं को भरोसा दिलाया था कि 2025 में प्रदेश नेतृत्व उन्हें पार्टी में कोई बड़ा और सम्मानित पद देगा। इसी वादे के तहत साल 2026 में उन्हें राज्य परिषद का सदस्य बनाया गया।

​आज (बुधवार) जदयू मुख्यालय द्वारा जारी आधिकारिक सूची में सुद्दू साईं को प्रदेश सचिव की जिम्मेदारी दी गई थी। उम्मीद जताई जा रही थी कि वे इस पद को संभालकर भागलपुर में पार्टी को नई धार देंगे, लेकिन पद मिलने की खुशी मनाने के बजाय उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए अपना इस्तीफा सौंप कर सबको हैरान कर दिया।

​सांसद अजय मंडल और कहकशां परवीन के माने जाते हैं बेहद करीबी

​सुद्दू साईं को भागलपुर की राजनीति में एक कद्दावर चेहरा माना जाता है। भागलपुर के वर्तमान सांसद अजय मंडल और पूर्व राज्यसभा सांसद कहकशां परवीन समेत जदयू के कई मंत्रियों और शीर्ष नेताओं से उनके बेहद मधुर और गहरे संबंध रहे हैं। विधानसभा चुनाव हो या लोकसभा चुनाव, सुद्दू साईं ने हमेशा फ्रंटफुट पर रहकर पार्टी उम्मीदवारों के पक्ष में जमकर पसीना बहाया और उन्हें ऐतिहासिक जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

​इस्तीफे के पीछे क्या है वजह?

​पार्टी के लिए हमेशा संकटमोचक बनकर खड़े रहने वाले सुद्दू साईं के इस आत्मघाती कदम के पीछे आंतरिक नाराजगी या टिकटों के वितरण को लेकर पुराना असंतोष माना जा रहा है। हालांकि, सुद्दू साईं ने अभी तक खुलकर अपने पत्ते नहीं खोले हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर उनके इस इस्तीफे ने भागलपुर से लेकर पटना तक जदयू के भीतर गुटबाजी और असंतोष की चर्चाओं को एक बार फिर गर्म कर दिया है।

​अब देखना यह होगा कि क्या जदयू का शीर्ष नेतृत्व उन्हें मनाने की कोशिश करता है या फिर सुद्दू साईं का यह इस्तीफा भागलपुर में जदयू के लिए एक नए राजनीतिक संकट की शुरुआत है।

भागलपुर: सुबह कोचिंग के लिए निकला छात्र संदिग्ध परिस्थितियों में लापता, पुलिस जांच में जुटी

0

Bhagalpur News: भागलपुर जिले के नाथनगर थाना क्षेत्र  चम्पानगर (तुलसी मिश्रा लेन, ज्ञाननगर) के रहने वाले गिरिराज नारायण का बड़ा बेटा दिव्यांश कुमार संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया है। घटना मंगलवार (7 जुलाई 2026) सुबह की है, जब दिव्यांश रोज की तरह सुबह 5 बजे अपने घर के पास स्थित ‘P.P.T.P कोचिंग’ में पढ़ने के लिए निकला था, लेकिन वह न तो कोचिंग पहुंचा और न ही घर वापस लौटा।

2 घंटे बाद शुरू हुई तलाश, हर जगह निराशा हाथ लगी

​पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, जब दिव्यांश कोचिंग जाने के 2 घंटे बाद भी घर नहीं लौटा, तो परिजनों को चिंता हुई। उन्होंने तुरंत कोचिंग क्लास में पता किया, जहां मालूम चला कि वह आज कोचिंग पहुंचा ही नहीं था। इसके बाद बदहवास परिजनों ने अपने स्तर पर रिश्तेदारों, दोस्तों और संभावित ठिकानों पर दिव्यांश की काफी खोजबीन की, लेकिन उसका कहीं कोई सुराग नहीं मिल पाया है।

​नाथनगर थाने में मामला दर्ज, BNS के तहत जांच शुरू

​थक-हारकर पीड़ित पिता गिरिराज नारायण ने नाथनगर थाना प्रभारी को आवेदन देकर बच्चे की सकुशल बरामदगी की गुहार लगाई है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत एक्शन लिया है।

​केस डायरी अपडेट:

नाथनगर थाने में इस मामले को लेकर कांड संख्या 199/26 दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 140(3) के तहत मामला पंजीकृत किया है। केस की संवेदनशीलता को देखते हुए अनुसंधान (Investigation) का जिम्मा A.S.I. पवन कुमार राम को सौंपा गया है।

मदद की अपील: अगर कहीं दिखे दिव्यांश, तो इन नंबरों पर करें संपर्क

​परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। यदि किसी भी व्यक्ति को दिव्यांश कुमार के बारे में कोई भी जानकारी या सुराग मिले, तो कृपया तुरंत नीचे दिए गए नंबरों पर संपर्क कर पुलिस और परिवार की मदद करें:

  • ​परिजनों का मोबाइल नंबर: 9939824302

  • ​जांच अधिकारी (A.S.I. Pawan Kr Ram): 7488559869

  • ​स्थानीय पुलिस: नाथनगर थाना, भागलपुर

बिहार में एक्सप्रेसवे और फोरलेन परियोजनाओं की रफ्तार तेज: सचिव पंकज कुमार पाल का कड़ा निर्देश— ‘यूटिलिटी शिफ्टिंग’ में देरी बर्दाश्त नहीं

0

Patna News: बिहार में बुनियादी सड़क ढांचे को मजबूत करने और राज्य की बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को तय समय पर पूरा करने के लिए सरकार ने कमर कस ली है। बुधवार को पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल की अध्यक्षता में एक हाई-लेवल मीटिंग की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य नेशनल हाईवे (NHAI), ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे और नए बाईपासों के निर्माण में आ रहे अवरोधों (यूटिलिटी शिफ्टिंग) जैसे— बिजली के पोल/तार, नहर क्रॉसिंग एनओसी (NOC) और पानी की पाइपलाइनों को हटाने के काम की समीक्षा करना था। सचिव ने साफ कहा कि जनहित की इन योजनाओं में किसी भी स्तर पर देरी बर्दाश्त नहीं होगी।

​हाई-लेवल बैठक में कई विभागों के अधिकारी रहे मौजूद

​समीक्षा भवन में आयोजित इस बैठक में बिजली, जल संसाधन, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) और गेल (GAIL) के बड़े अधिकारी शामिल हुए। बैठक में मुख्य रूप से NBPDCL के एमडी राहुल कुमार, पथ निर्माण विभाग की विशेष सचिव डॉ. शैलजा शर्मा, SBPDCL के एमडी सौरभ जोरवाल सहित कई प्रमंडलों के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े।

​बैठक में बिहार की 6 सबसे बड़ी सड़क परियोजनाओं के रास्ते में आ रही बाधाओं को दूर करने का निर्देश दिया गया:

​ अरवल-बिहारशरीफ फोर-लेन (NH-33)

  • ​परियोजना की लंबाई: 89 किलोमीटर (अत्यंत महत्वपूर्ण रूट)।
  • ​कनेक्टिविटी: अरवल, जहानाबाद और नालंदा।
  • ​ताजा अपडेट: इसके रास्ते में आ रहे बिजली के खंभों और हाई-टेंशन (HT) लाइनों को हटाने के लिए संयुक्त सर्वे पूरा हो चुका है। सचिव ने एस्टीमेट (प्राक्कलनों) को तुरंत फाइनल कर बिजली पोल शिफ्टिंग का काम शुरू करने को कहा है।

​ पटना-पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे

  • ​महत्व: यह एक्सप्रेसवे बिहार के पूर्व और पश्चिम हिस्से के संपर्क (कनेक्टिविटी) को अभूतपूर्व मजबूती देगा।
  • ​अवरोध: एक्सप्रेसवे के रूट में जलापूर्ति पाइपलाइनें, चापाकल और सीवरेज आ रहे हैं।
  • ​ताजा अपडेट: दरभंगा, समस्तीपुर और सहरसा प्रमंडलों के अभियंताओं को पाइपलाइन ट्रांसफर के लंबित एस्टीमेट को तुरंत मंजूर कर मुख्यालय भेजने का अल्टीमेटम दिया गया है।

​ मशरख-चकिया-भिट्ठामोड़ (राम जानकी मार्ग)

  • ​महत्व: धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से बेहद खास सड़क।
  • ​अवरोध: सारण, गोपालगंज और पूर्वी चंपारण में विभिन्न नहरों पर क्रॉसिंग बनाने में आ रही दिक्कत।
  • ​ताजा अपडेट: जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे एक सप्ताह के भीतर संयुक्त रूप से स्थल निरीक्षण कर एनओसी (No Objection Certificate) जारी करें।

​ जयनगर उत्तरी एवं दक्षिणी बाईपास (NH-227)

  • ​लंबाई: कुल 20 किलोमीटर।
  • ​फायदा: जयनगर शहर को ट्रैफिक जाम से पूरी तरह मुक्ति मिलेगी।
  • ​ताजा अपडेट: झंझारपुर प्रमंडल में बाढ़ नियंत्रण विभाग के साथ संयुक्त सर्वे पूरा हो गया है। एनओसी के लिए तकनीकी स्वीकृति की अनुशंसा जल संसाधन विभाग को भेज दी गई है।

​ बेतिया-मंगलपुर सड़क परियोजना

  • ​कनेक्टिविटी: पश्चिमी और पूर्वी चंपारण को आपस में जोड़ती है।
  • ​ताजा अपडेट: इस मार्ग में आ रही रेलवे क्रॉसिंग और बिजली के तारों की बाधाओं को दूर करने के लिए मोतिहारी और बेतिया प्रमंडलों में युद्ध स्तर पर काम शुरू करने का निर्देश दिया गया है।

​ मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी-सोनबरसा फोरलेन (NH-22) और मणिकपुर-साहिबगंज मार्ग

  • ​लंबाई: 86.80 किलोमीटर (भारत-नेपाल सीमा को जोड़ने वाला मार्ग)।
  • ​ताजा अपडेट: साहिबगंज-मणिकपुर (NH-139W) और इस फोरलेन मार्ग में नहर क्रॉसिंग के जितने भी लंबित एनओसी मामले हैं, उन्हें इसी सप्ताह के भीतर हर हाल में क्लियर करने का आदेश दिया गया है।

​आपसी तालमेल के लिए हर विभाग में बनेगा ‘नोडल अधिकारी’

​काम को बिना किसी रुकावट के तेजी से आगे बढ़ाने के लिए सचिव पंकज कुमार पाल ने एक बड़ा फैसला लिया है। अब यूटिलिटी शिफ्टिंग और एनओसी क्लीयरेंस से जुड़े हर संबंधित विभाग में एक नोडल अधिकारी (Node Officer) की नियुक्ति की जाएगी। यह अधिकारी हर सप्ताह काम की प्रगति रिपोर्ट सौंपेगा। सचिव ने कहा कि इन सड़कों के बनने से बिहार में परिवहन, अर्थव्यवस्था और कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव आएगा, इसलिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ तय डेडलाइन के भीतर काम पूरा करें।

बिहार में बाढ़ पूर्व तैयारियों की समीक्षा: एक्शन मोड में जल संसाधन सचिव, सारण और वैशाली में कटावरोधी कार्यों का औचक निरीक्षण

0

Patna News: बिहार में बाढ़ 2026 की पूर्व तैयारियों और तटबंधों की सुरक्षा को लेकर जल संसाधन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। बाढ़ पूर्व तैयारियों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और कार्यों की गति जांचने के लिए विभाग के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह लगातार खुद ग्राउंड जीरो पर उतरकर संवेदनशील स्थलों का निरीक्षण कर रहे हैं। इसी क्रम में बुधवार को सचिव ने सारण और वैशाली जिलों का सघन दौरा किया और वहां चल रहे बाढ़ सुरक्षात्मक व कटाव निरोधक कार्यों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को समय सीमा के भीतर काम पूरा करने का कड़ा अल्टीमेटम दिया।

​सारण में सचिव का निर्देश: 10 दिनों में पूरा करें बोल्डर एप्रोन का कार्य

​सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने सबसे पहले सारण जिले के सोनपुर प्रखंड अंतर्गत सबलपुर पछियारी टोला का दौरा किया। वहां गंगा नदी के तट पर चल रहे कटाव निरोधक कार्यों का स्थल निरीक्षण करते हुए उन्होंने काम की गति पर असंतोष जताया। सचिव ने अधिकारियों को दो-टूक निर्देश दिया कि बोल्डर एप्रोन का कार्य हर हाल में अगले 10 दिनों के भीतर पूरा हो जाना चाहिए। इसके साथ ही स्लोप में बोल्डर पिचिंग सहित अन्य सभी सहायक कार्यों को इसी माह (जुलाई) के अंत तक हर परिस्थिति में पूर्ण कराने की समय-सीमा तय की गई है।

​वैशाली में अंतिम चरण में काम, NH-122B की सुरक्षा हुई पुख्ता

​सारण के बाद सचिव महोदय वैशाली जिले के सहदेई बुजुर्ग प्रखंड अंतर्गत गनियारी ग्राम पहुंचे। यहां चल रहे कटाव निरोधक कार्यों की प्रगति पर उन्होंने संतोष जताया। गनियारी गांव के साथ-साथ महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग NH-122B की सुरक्षा हेतु यहां बोल्डर एप्रोन और स्लोप पिचिंग का कार्य चल रहा है, जो अब अपने अंतिम चरण में है। सचिव ने बताया कि इसे अगले एक सप्ताह के भीतर पूरी तरह मुकम्मल कर लिया जाएगा।

​पिछले साल अतिआक्रामक रहे 5 स्थलों पर विशेष फोकस (भागलपुर का इस्माइलपुर-बिंदटोली भी शामिल)

​जल संसाधन विभाग पिछले वर्ष (2025) आई बाढ़ के दौरान ‘अतिआक्रामक श्रेणी’ (अत्यधिक संवेदनशील) में रहे 5 मुख्य स्थलों पर विशेष नजर रख रहा है। सचिव ने बताया कि वे खुद इन सभी जगहों की मॉनिटरिंग कर रहे हैं:

  1. ​सारण (मकेर प्रखंड): हैजलपुर ग्राम (गंडक नदी किनारे) – यहाँ सुरक्षा कार्य पूरी तरह पूर्ण हो चुका है।
  2. ​भागलपुर (नवगछिया): इस्माइलपुर–बिंदटोली तटबंध (गंगा नदी) – हाल ही में सचिव द्वारा निरीक्षण किया गया, कार्य अंतिम दौर में है।
  3. ​वैशाली (सहदेई बुजुर्ग): गनियारी ग्राम (गंगा नदी) – एक सप्ताह में कार्य पूरा होगा।
  4. ​सारण (सोनपुर): सबलपुर पछियारी टोला (गंगा नदी) – 10 दिनों का अल्टीमेटम दिया गया है।
  5. ​भोजपुर (शाहपुर प्रखंड): जवईनियाँ ग्राम (गंगा नदी) – कार्य इस माह के अंत तक पूरा करा लिया जाएगा।

​₹1115 करोड़ की लागत से 381 स्थलों पर सुरक्षा कवच तैयार

​बाढ़ अवधि 2026 से बिहार के जन-धन की रक्षा के लिए जल संसाधन विभाग ने इस बार व्यापक स्तर पर योजना तैयार की है। राज्य के विभिन्न नदी बेसिनों जैसे— गंडक, बूढ़ी गंडक, बागमती, कमला बलान, कोशी, महानंदा और गंगा आदि के अंतर्गत कुल 381 संवेदनशील स्थलों को चिह्नित किया गया। इन सभी जगहों पर ₹1115.08 करोड़ की भारी-भरकम लागत से समयबद्ध तरीके से कटाव निरोधक और बाढ़ सुरक्षात्मक कार्यों का कार्यान्वयन कराया गया है ताकि तटबंध सुरक्षित रहें।

​📊 आंकड़ों में समझें बिहार में बाढ़ की भयावहता:

  • ​73.06 प्रतिशत हिस्सा: बिहार के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल (94.16 लाख हेक्टेयर) का लगभग 68.80 लाख हेक्टेयर क्षेत्र बाढ़ प्रवण (Flood Prone) है।
  • ​29 जिले प्रभावित: राज्य के कुल 38 जिलों में से 29 जिले बाढ़ की विभीषिका झेलने के लिए संवेदनशील श्रेणी में आते हैं।
  • ​मुख्य कारण: बिहार में बाढ़ की समस्या का मुख्य कारण अंतर्राष्ट्रीय (नेपाल) एवं अंतर्राज्यीय सीमाओं से राज्य में प्रवेश करने वाली नदियां हैं, जिनका जलस्तर अचानक बढ़ता है।

​श्रावणी मेले में महज 22 दिन शेष: सुल्तानगंज में जिला प्रशासन की तैयारियां युद्ध स्तर पर, कांवरियों को मिलेंगी हाईटेक सुविधाएं

0

Bhagalpur News: विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक श्रावणी मेले के आयोजन में अब महज 22 दिन का समय शेष रह गया है। इसे देखते हुए भागलपुर जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। सुल्तानगंज के नमामि गंगे घाट और बाबा अजगैवीनाथ गंगा घाट पर तैयारियों को युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया गया है। देश-विदेश से आने वाले लाखों कांवरियों की सुरक्षा, सुविधा और सुलभ जलभराव को लेकर चौबीसों घंटे काम चल रहा है ताकि इस बार का मेला ऐतिहासिक और सुगम हो सके।

​बाबा भोलेनाथ की कलाकृतियों और बैनर-पोस्टर से सज रहे घाट

​मेला क्षेत्र को पूरी तरह शिवमय बनाने की कवायद शुरू हो चुकी है। नमामि गंगे घाट पर उद्घाटन स्थल को भव्य रूप दिया जा रहा है। पूरे घाट परिसर को आकर्षक होर्डिंग्स, बैनर, पोस्टरों और भगवान शिव की सुंदर कलाकृतियों से सजाया जा रहा है। गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। घाटों पर मजबूत बैरिकेडिंग और डेंजर जोन को चिह्नित करने का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है ताकि कोई भी अप्रिय घटना न हो।

​जर्मन हैंगर टेंट में ठहरेंगे कांवरिये, मिलेंगी वीआईपी सुविधाएं

​इस बार जिला प्रशासन कांवरियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं देने की तैयारी में जुटा है। सुल्तानगंज में बड़े पैमाने पर जर्मन हैंगर टेंट लगाए जा रहे हैं। इन टेंटों में शिवभक्तों के ठहरने, विश्राम करने और भोजन की उत्तम व्यवस्था होगी। इसके साथ ही कांवरियों के मनोरंजन और भक्ति रस में सराबोर करने के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। टेंट परिसर में चौबीसों घंटे शुद्ध पेयजल, निर्बाध बिजली आपूर्ति और पर्याप्त संख्या में साफ-सुथरे शौचालयों की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।

​अजगैवीनाथ मंदिर में इस बार ‘अर्घा’ से होगा जलार्पण

​भीड़ को नियंत्रित करने और देवघर की तर्ज पर सुल्तानगंज के प्रसिद्ध बाबा अजगैवीनाथ मंदिर में भी इस बार विशेष व्यवस्था की जा रही है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए इस वर्ष अर्घा के माध्यम से जल अर्पण कराने की तैयारी है। इससे न केवल मंदिर परिसर में भगदड़ जैसी स्थिति से बचा जा सकेगा, बल्कि कतार में खड़े सभी शिवभक्त बेहद आसानी और शांतिपूर्ण तरीके से बाबा अजगैवीनाथ पर गंगाजल अर्पित कर सकेंगे।

​कांवड़ियों के स्वागत के लिए रेलवे भी तैयार, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

​जिला प्रशासन के साथ-साथ पूर्व रेलवे भी कांवरियों के स्वागत के लिए कमर कस चुका है। सुल्तानगंज रेलवे स्टेशन परिसर को विशेष रूप से सजाया और संवारा जा रहा है। स्टेशन पर उतरने वाले शिवभक्तों के लिए:

  • ​अतिरिक्त ठहराव स्थल (Holding Areas) का निर्माण किया जा रहा है।
  • ​परिसर में चौबीसों घंटे स्वास्थ्य चिकित्सा शिविर सक्रिय रहेंगे, जहां डॉक्टरों की टीम दवाइयों के साथ तैनात रहेगी।
  • ​सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए स्टेशन और आसपास के क्षेत्रों में भारी संख्या में आरपीएफ (RPF), जीआरपी (GRP) और अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की जा रही है।

​जिला प्रशासन और रेलवे का संयुक्त प्रयास है कि सुलतानगंज पहुंचने वाले किसी भी शिवभक्त को परेशानी का सामना न करना पड़े और उनकी उत्तरवाहिनी गंगा से जल उठाने की यात्रा मंगलमय हो।

भागलपुर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों का हाईवोल्टेज ड्रामा: बच्चे के गले से सोने का लॉकेट छीन भाग रहा झपटमार रंगे हाथों दबोचा

0

Bhagalpur News: भागलपुर रेलवे स्टेशन परिसर बुधवार को उस समय रणक्षेत्र में बदल गया जब एक शातिर झपटमार को यात्रियों ने रंगे हाथों पकड़ लिया। बताया जा रहा है कि आरोपी स्टेशन पर मौजूद एक मासूम बच्चे के गले से सोने का लॉकेट छीनकर भागने की फिराक में था। लेकिन यात्रियों की सूझबूझ और सतर्कता के कारण आरोपी अपनी साजिश में नाकाम रहा और मौके पर ही दबोच लिया गया।

​लॉकेट झपटते ही मचा शोर, यात्रियों ने खदेड़कर पकड़ा

​प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आरोपी युवक काफी देर से रेलवे स्टेशन परिसर में संदिग्ध परिस्थितियों में घूम रहा था और रेकी कर रहा था। जैसे ही उसे मौका मिला, उसने वहां मौजूद एक परिवार के बच्चे के गले में पहने सोने के लॉकेट पर हाथ साफ करने की कोशिश की और झपट्टा मारकर भागने लगा। बच्चे के परिजनों द्वारा शोर मचाए जाने पर आसपास मौजूद यात्री तुरंत हरकत में आए और घेराबंदी कर भाग रहे झपटमार को दबोच लिया।

​भीड़ ने सिखाया सबक, मौके पर पहुंची पुलिस ने बचाया

​झपटमार के पकड़े जाने के बाद स्टेशन पर मौजूद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। उग्र भीड़ ने आरोपी की मौके पर ही जमकर धुनाई कर दी और लात-घूंसे बरसाने शुरू कर दिए। स्टेशन परिसर में हंगामे की सूचना मिलते ही रेल पुलिस और स्थानीय पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने सूझबूझ का परिचय देते हुए किसी तरह आरोपी को आक्रोशित भीड़ के चंगुल से सुरक्षित बाहर निकाला और अपने कब्जे में लिया।

​पुलिस कर रही है कड़ाई से पूछताछ

​स्टेशन पर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने बताया कि आरोपी को हिरासत में लेकर थाने लाया गया है, जहां उससे कड़ाई से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या यह आरोपी किसी अंतरजिला पॉकेटमार या झपटमार गैंग का हिस्सा है और इससे पहले स्टेशन परिसर में इसने ऐसी कितनी घटनाओं को अंजाम दिया है। मामले में पीड़ित पक्ष के बयान पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

श्रावणी मेले को लेकर SSP सख्त: बेहतर काम करने वाले पुलिसकर्मी सम्मानित, फिसड्डी कप्तानों से मांगा जवाब

0

Bhagalpur News: भागलपुर के समीक्षा भवन में वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) प्रमोद कुमार यादव की अध्यक्षता में मासिक अपराध समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस हाई-लेवल बैठक में जिले के सभी डीएसपी, अंचल निरीक्षक और थाना प्रभारी मौजूद रहे। बैठक का मुख्य एजेंडा जिले में अपराध नियंत्रण, लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन और आगामी विश्वप्रसिद्ध श्रावणी मेले की सुरक्षा व्यवस्था रहा। बैठक के दौरान एसएसपी का सख्त और कड़ा रुख देखने को मिला।

​बेहतर प्रदर्शन पर सम्मान, लापरवाही पर सीधे शो-कॉज

​मासिक समीक्षा के दौरान एसएसपी ने सभी थानों के कामकाज का बारीकी से मूल्यांकन किया। इस दौरान जिन पुलिस पदाधिकारियों ने कांडों के निष्पादन, अपराधियों की गिरफ्तारी और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में बेहतरीन प्रदर्शन किया, उन्हें एसएसपी ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया और उनका हौसला बढ़ाया। वहीं दूसरी ओर, जिन थानों में लंबित मामलों की संख्या अधिक पाई गई और जिनका प्रदर्शन अपेक्षित नहीं था, उन थाना प्रभारियों क्लास लगाते हुए सीधे स्पष्टीकरण (शो-कॉज) मांगा गया है।

​श्रावणी मेले को लेकर विशेष रोडमैप तैयार

​आगामी श्रावणी मेले को देखते हुए भागलपुर पुलिस अलर्ट मोड पर है। सुलतानगंज से लेकर पूरे मेला रूट में सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने के लिए एसएसपी ने सभी अधिकारियों को विशेष दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कांवरियों की सुरक्षा और सुविधा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मेला क्षेत्र में असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर रखने के लिए सादे लिबास में भी पुलिस बल की तैनाती की जाएगी।

​ट्रैफिक मैनेजमेंट और विधि-व्यवस्था पर रहेगा खास फोकस

​एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा:

​”श्रावणी मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, सुचारू यातायात नियंत्रण (Traffic Management), श्रद्धालुओं की सुविधा और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी अधिकारियों को पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। लापरवाही बरतने वाले किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा। सभी को पूरी जिम्मेदारी के साथ फील्ड में उतरकर कार्य करना होगा।”

 

​अपराधियों के खिलाफ चलेगा विशेष अभियान

​बैठक में फरार अपराधियों की गिरफ्तारी, कुख्यात अपराधियों पर सीसीए (CCA) के तहत कार्रवाई और शराबबंदी कानून को सख्ती से लागू करने पर भी चर्चा हुई। एसएसपी ने सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में रात्रि गश्त (Night Patrolling) बढ़ाने और संदिग्धों की लगातार चेकिंग करने का अल्टीमेटम दिया है ताकि मेले से पहले जिले में पूरी तरह शांतिपूर्ण माहौल कायम रहे।

भागलपुर जिला विधिज्ञ संघ चुनाव: कड़ी सुरक्षा के बीच बंपर वोटिंग, हाई कोर्ट बेंच की मांग पर रहा जोर

0

Bhagalpur News: भागलपुर जिला विधिज्ञ संघ के नए नेतृत्व को चुनने के लिए बुधवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतदान शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। सुबह से ही मतदान केंद्र पर अधिवक्ताओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। युवा हो या बुजुर्ग, सभी अधिवक्ताओं ने बेहद उत्साह के साथ लोकतंत्र के इस उत्सव में भाग लिया और अपने मताधिकार का प्रयोग किया।

​निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव प्रक्रिया की सराहना

​मतदान के दौरान सिविल कोर्ट परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। चुनाव प्रक्रिया को लेकर वरीय अधिवक्ताओं और  मतदाताओं ने बेहद संतोष जताया। अधिवक्ताओं का कहना था कि इस बार की चुनाव प्रक्रिया काफी व्यवस्थित और पारदर्शी रही, जिससे बिना किसी परेशानी के सभी ने अपने वोट डाले। परिसर में दिनभर “पहले मतदान, फिर जलपान” का नारा भी गूंजता रहा।

​’योग्य और ईमानदार नेतृत्व ही बचाएगा अधिवक्ताओं का हित’

​वोट डालने पहुंचे अधिवक्ताओं ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि विधिज्ञ संघ के लिए एक योग्य, कर्मठ और ईमानदार नेतृत्व का चयन बेहद जरूरी है। अधिवक्ताओं की कई स्थानीय समस्याएं हैं, जिनके समाधान के लिए एक मजबूत कार्यकारिणी की आवश्यकता है। नए पदाधिकारियों से उम्मीद है कि वे अधिवक्ताओं के हितों और उनके कल्याणकारी योजनाओं की रक्षा के लिए पूरी निष्ठा से काम करेंगे।

​भागलपुर में हाई कोर्ट बेंच की स्थापना मुख्य मुद्दा

​इस बार के चुनाव में सबसे बड़ा और संवेदनशील मुद्दा भागलपुर में हाई कोर्ट की बेंच की स्थापना रहा। मतदान करने आए अधिवक्ताओं ने साफ तौर पर कहा:

​”नया नेतृत्व ऐसा होना चाहिए जो भागलपुर में लंबे समय से लंबित हाई कोर्ट बेंच की मांग को राज्य और केंद्र सरकार के सामने मजबूती से उठाए। इसके साथ ही स्थानीय न्यायिक व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी व बेहतर बनाने की दिशा में काम करे।”

 

​अब नतीजों का इंतजार, दावों का दौर शुरू

​मतदान की प्रक्रिया शांतिपूर्ण समाप्त होने के बाद अब सभी की नजरें मतगणना और चुनाव परिणाम पर टिक गई हैं। विभिन्न पदों पर खड़े उम्मीदवारों की किस्मत अब मतपेटियों में बंद हो चुकी है। कचहरी परिसर में अब हार-जीत के गणित को लेकर कयासों का दौर शुरू हो गया है। देखना दिलचस्प होगा कि जिला विधिज्ञ संघ की नई कमान भागलपुर के अधिवक्ता किस उम्मीदवार के हाथों में सौंपते हैं।

​भागलपुर के सैंडिस कंपाउंड में मिली ‘करोड़ों साल पुरानी’ प्राकृतिक धरोहर, सहेजने के लिए संग्रहालय भेजे गए दो अतिप्राचीन वृक्ष जीवाश्म

0

Bhagalpur News: भागलपुर के ऐतिहासिक सैंडिस कंपाउंड में एक ऐसी अद्भुत खोज हुई है, जिसने भूविज्ञान (Geology) और इतिहास के जानकारों को चौंका दिया है। सैंडिस कंपाउंड से संयोगवश दो अतिप्राचीन वृक्षों के जीवाश्म (Tree Fossils) प्राप्त हुए हैं। जिलाधिकारी के विशेष निर्देश पर इन अमूल्य प्राकृतिक धरोहरों को पूरी तरह सुरक्षित रखते हुए भागलपुर संग्रहालय में संरक्षित कर दिया गया है। इसके साथ ही, इनके वैज्ञानिक परीक्षण और विस्तृत अध्ययन की प्रक्रिया भी आधिकारिक तौर पर शुरू कर दी गई है।

​ तितलियों की फोटोग्राफी और एक ‘पत्थर’ पर बैठना… ऐसे हुई इस बड़ी धरोहर की खोज

​इस ऐतिहासिक खोज की कहानी किसी फिल्म की पटकथा जैसी रोचक है। दरअसल, यह खोज कल सुबह उस वक्त हुई जब जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी-cum-सहायक संग्रहालयाध्यक्ष अंकित रंजन सैंडिस कंपाउंड में मॉर्निंग वॉक कर रहे थे और साथ में तितलियों की तस्वीरें ले रहे थे।

​भ्रमण के दौरान जब वे थककर विश्राम करने के लिए एक ‘पत्थरनुमा संरचना’ पर बैठे, तो कैमरे से प्रकृति को निहारते समय उनकी नजर पास ही पड़े एक दूसरे पत्थर पर गई। उसकी बनावट सामान्य पत्थरों से बिल्कुल अलग थी। ध्यान से देखने पर उन्हें संदेह हुआ कि यह कोई आम पत्थर नहीं, बल्कि एक प्राचीन वृक्ष का जीवाश्म (फॉसिल) है। इसके बाद जब उन्होंने उस संरचना की भी जांच की जिस पर वे खुद बैठे थे, तो वह भी हूबहू उसी विशेषता का वृक्ष जीवाश्म निकला।

​ पटना यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञों और बिहार सरकार ने की पुष्टि

​प्रथम दृष्टया इसे बड़ी खोज मानते हुए अंकित रंजन ने तुरंत अलग-अलग एंगल से तस्वीरें लीं और पटना विश्वविद्यालय के भूविज्ञान विभाग के अध्यक्ष व जीवाश्म विशेषज्ञ डॉ. अतुल आदित्य पाण्डेय को भेजीं। डॉ. पाण्डेय ने फोन पर चर्चा के दौरान तस्वीरों के आधार पर इसके वृक्ष जीवाश्म होने की प्रबल संभावना जताई और खोज की सराहना की।

​इसके बाद:

  • ​निदेशक से मिला सुझाव: संग्रहालय एवं पुरातत्व निदेशालय (बिहार) के निदेशक श्री कृष्ण कुमार को इसकी जानकारी दी गई, जिन्होंने इसे तुरंत म्यूजियम में सुरक्षित करने का निर्देश दिया।

  • ​जिलाधिकारी का ग्रीन सिग्नल: भागलपुर की जिलाधिकारी महोदया को जब पूरे साक्ष्य दिखाए गए, तो उन्होंने इस अनमोल खोज की तारीफ करते हुए इसे तुरंत भागलपुर संग्रहालय में शिफ्ट करने की हरी झंडी दे दी।

​ म्यूजियम पहुंचे जीवाश्म: आम लोग और शोधकर्ता भी कर सकेंगे दीदार

​जिलाधिकारी के आदेश पर अंकित रंजन की देखरेख में दोनों भारी-भरकम जीवाश्मों को बेहद सावधानी के साथ सैंडिस कंपाउंड से उठाकर भागलपुर संग्रहालय लाया गया है।

  • ​प्राथमिक संरक्षण पूरा: म्यूजियम में इनका प्राइमरी कंजर्वेशन (प्राथमिक रासायनिक उपचार व सफाई) कर लिया गया है।

  • ​दर्शकों के लिए उपलब्ध: वर्तमान में दोनों जीवाश्म सुरक्षित रख दिए गए हैं और अब ये आम जनता, विद्यार्थियों तथा शोधकर्ताओं के देखने के लिए उपलब्ध रहेंगे।

​## लखनऊ का ‘बीरबल साहनी संस्थान’ खोलेगा करोड़ों साल पुराना राज

​आगे की वैज्ञानिक कार्रवाई को लेकर अंकित रंजन ने बताया कि इस खोज की आधिकारिक रिपोर्ट बिहार सरकार को भेज दी गई है। इसके साथ ही भारत के सबसे प्रतिष्ठित वैज्ञानिक संस्थान बीरबल साहनी इंस्टीट्यूट ऑफ पेलियोसाइंसेज़ (BSIP), लखनऊ से लिखित पत्राचार किया गया है।

​वैज्ञानिक जांच से क्या पता चलेगा?

  1. ​अनुमानित उम्र: यह जीवाश्म कितने लाख या करोड़ साल पुराना है।

  1. ​वृक्ष की प्रजाति: यह किस प्रागैतिहासिक पेड़ का हिस्सा है।

  1. ​भूवैज्ञानिक काल: यह पृथ्वी के किस कालखंड (जैसे- जुरासिक, क्रेटेशियस आदि) से संबंधित है।

​”इन जीवाश्मों का वैज्ञानिक अध्ययन भागलपुर और अंग क्षेत्र के प्राचीन प्राकृतिक इतिहास, प्राचीन वनस्पतियों (Flora), और उस दौर की पर्यावरणीय परिस्थितियों को समझने में एक क्रांतिकारी मील का पत्थर साबित होगा।” – अंकित रंजन, जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी, भागलपुर