Patna News: बिहार के बिजली उपभोक्ताओं को पारदर्शी, त्वरित और अत्याधुनिक सेवाएं प्रदान करने के उद्देश्य से ऊर्जा विभाग ने अपनी डिजिटल प्रणालियों को और अधिक सशक्त बनाने की कवायद तेज कर दी है। सोमवार को ऊर्जा सचिव-सह-अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (BSPHCL) अजय यादव (IAS) ने विभाग की विभिन्न महत्वपूर्ण डिजिटल परियोजनाओं की एक विस्तृत समीक्षा बैठक की।
इस उच्च स्तरीय बैठक में साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (SBPDCL) के प्रबंध निदेशक सौरभ जोरवाल (IAS) सहित बिहार विद्युत कंपनियों के तमाम वरिष्ठ अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
हर हाल में लागू हो ‘ई-ऑफिस’ प्रणाली: ऊर्जा सचिव
बैठक के दौरान ऊर्जा सचिव अजय यादव ने सभी अधीनस्थ कार्यालयों में शत-प्रतिशत ई-ऑफिस प्रणाली को अपनाने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा:
”डिजिटल प्रणालियों के प्रभावी उपयोग से न केवल कार्यों में पारदर्शिता, दक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी, बल्कि उपभोक्ताओं को भी बिना किसी देरी के बेहतर और त्वरित सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।”
मुख्य डिजिटल परियोजनाओं की समीक्षा और निर्देश
बैठक में बिजली कंपनियों की रीढ़ मानी जाने वाली निम्नलिखित चार प्रमुख डिजिटल प्रणालियों की कार्यप्रणाली का गहन आकलन किया गया:
1. RMS (रेवेन्यू मैनेजमेंट सिस्टम)
- फोकस: राजस्व संग्रहण (Revenue Collection), बिलिंग, बकाया वसूली और वित्तीय निगरानी।
- निर्देश: वित्तीय प्रबंधन को पूरी तरह पारदर्शी बनाने और बिलिंग से जुड़ी उपभोक्ताओं की समस्याओं को न्यूनतम करने के निर्देश दिए गए।
2. ERP (एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग)
- फोकस: मानव संसाधन (HR), वित्त, सामग्री प्रबंधन (Material Management), खरीद, और लेखा।
- निर्देश: विभाग की सभी प्रशासनिक और आंतरिक प्रक्रियाओं को एकीकृत (Integrated) कर डिजिटल रूप से संचालित करने की प्रगति की जांच की गई, ताकि फाइलों का निष्पादन तेजी से हो सके।
3. ‘सुविधा बिहार’ ऐप (Suvidha Bihar App)
- फोकस: नए विद्युत कनेक्शन, ऑनलाइन बिल भुगतान, और उपभोक्ता शिकायत निवारण।
- निर्देश: नागरिक सेवाओं को और अधिक सरल बनाने पर जोर दिया गया ताकि उपभोक्ताओं को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।
4. C-SOC (साइबर सिक्योरिटी ऑपरेशन सेंटर)
- फोकस: आईटी (IT) और ओटी (Operational Technology) नेटवर्क की सुरक्षा।
- निर्देश: बिजली ग्रिड और उपभोक्ता डेटा की सुरक्षा के लिए 24×7 साइबर निगरानी को और मजबूत करने को कहा गया। संभावित साइबर खतरों की समय रहते पहचान और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता (Incident Response) को अपग्रेड करने के निर्देश दिए गए।
समय सीमा के भीतर काम पूरा करने की चेतावनी
ऊर्जा सचिव ने बैठक के अंत में अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि सभी डिजिटल परियोजनाओं का क्रियान्वयन तय समय सीमा (Timeline) के भीतर सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सभी तकनीकी और प्रशासनिक विंग को आपसी समन्वय (Coordination) के साथ काम करने की हिदायत दी, ताकि तकनीक आधारित इन सेवाओं का सीधा लाभ बिहार के आम उपभोक्ताओं तक पारदर्शी रूप से पहुंचे और राज्य में विद्युत सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार हो।


