Patna News: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प सभागार’ में योजना एवं विकास विभाग की एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक में राज्य के समग्र विकास को गति देने और योजनाओं में पारदर्शिता लाने के लिए कई ऐतिहासिक फैसले लिए गए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार के नीति आयोग की तर्ज पर अब बिहार में भी एक विशेष आयोग का गठन किया जाएगा।
इस महत्वपूर्ण बैठक में योजना एवं विकास मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विकास की रफ्तार को तेज करने के लिए निम्नलिखित दिशा-निर्देश जारी किए:
- नीति आयोग की तर्ज पर नया आयोग: यह आयोग बिहार के दीर्घकालिक विकास का विजन तैयार करेगा, विभागों में तालमेल बिठाएगा और नीतिगत सुझाव देगा।
- विधायकों के लिए समर्पित पोर्टल: जनप्रतिनिधियों (विधायकों एवं विधान परिषद सदस्यों) की योजनाओं की ऑनलाइन ट्रैकिंग, अनुश्रवण और पारदर्शिता के लिए एक स्पेशल पोर्टल बनेगा।
- हर जिले का अपना बजट: स्थानीय आवश्यकताओं और संसाधनों को ध्यान में रखकर अब हर जिले की अपनी अलग बजट योजना तैयार की जाएगी।
- विकसित बिहार @2037: वर्ष 2037 में बिहार अपनी स्थापना के 125 वर्ष पूरे करेगा। इस ऐतिहासिक मौके तक ‘विकसित बिहार’ का रोडमैप तैयार करने का निर्देश दिया गया है।
- मौसम अलर्ट की डिजिटल व्यवस्था: मौसम का पूर्वानुमान अब सीधे सांसदों, विधायकों, मुखियाओं और अधिकारियों को व्हाट्सएप व मैसेज के जरिए तुरंत भेजा जाएगा।
बिहार के विकास को मिलेगी नई दिशा: CM सम्राट चौधरी
बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना एवं विकास विभाग का काम सिर्फ योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उन्हें जमीन पर उतारना और उनके वास्तविक परिणाम सुनिश्चित करना है।
”विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना जरूरी है।”
— सम्राट चौधरी, मुख्यमंत्री (बिहार)
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर की सर्वश्रेष्ठ कार्यप्रणालियों (Best Practices) का अध्ययन कर उन्हें बिहार की जरूरतों के हिसाब से लागू किया जाए। आकांक्षी जिलों के साथ-साथ सभी जिलों और प्रखंडों (Blocks) के लिए भी परिणामोन्मुखी दीर्घकालिक कार्ययोजना बनाई जाए ताकि क्षेत्रीय असंतुलन को खत्म किया जा सके।
इन प्रमुख योजनाओं की हुई समीक्षा
बैठक के दौरान योजना एवं विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव डॉ० एन० विजयालक्ष्मी ने एक विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया। इस दौरान विभाग की उपलब्धियों और भावी योजनाओं पर चर्चा की गई, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
- मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना
- संसद सदस्य स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (MPLAD)
- पंचायत सरकार भवन का निर्माण
- कब्रिस्तान घेराबंदी योजना (संवेदनशील स्थलों की सूची बनाकर काम जल्द पूरा करने के निर्देश)
मौसम विभाग की सूचनाएं अब सीधे पहुंचेंगी जनप्रतिनिधियों तक
बैठक में बिहार मौसम सेवा केंद्र की कार्यप्रणाली की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि मौसम संबंधी महत्वपूर्ण सूचनाएं और भारी बारिश या आपदा का पूर्वानुमान प्रतिदिन सांसदों, विधायकों, जिला परिषद अध्यक्षों, मुखियाओं और जिलाधिकारियों तक समय पर पहुंचाया जाए। इसके लिए व्हाट्सएप और एसएमएस (SMS) जैसे डिजिटल माध्यमों का उपयोग कर एक मजबूत सूचना तंत्र विकसित किया जाएगा।


