Homeबिहारपटनाबिहार में बाढ़ पूर्व तैयारियों की समीक्षा: एक्शन मोड में जल संसाधन...

बिहार में बाढ़ पूर्व तैयारियों की समीक्षा: एक्शन मोड में जल संसाधन सचिव, सारण और वैशाली में कटावरोधी कार्यों का औचक निरीक्षण

सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता जांचने के लिए संभाला मोर्चा; अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश— 10 दिन में पूरा करें बोल्डर एप्रोन का काम।

Patna News: बिहार में बाढ़ 2026 की पूर्व तैयारियों और तटबंधों की सुरक्षा को लेकर जल संसाधन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। बाढ़ पूर्व तैयारियों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और कार्यों की गति जांचने के लिए विभाग के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह लगातार खुद ग्राउंड जीरो पर उतरकर संवेदनशील स्थलों का निरीक्षण कर रहे हैं। इसी क्रम में बुधवार को सचिव ने सारण और वैशाली जिलों का सघन दौरा किया और वहां चल रहे बाढ़ सुरक्षात्मक व कटाव निरोधक कार्यों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को समय सीमा के भीतर काम पूरा करने का कड़ा अल्टीमेटम दिया।

​सारण में सचिव का निर्देश: 10 दिनों में पूरा करें बोल्डर एप्रोन का कार्य

​सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने सबसे पहले सारण जिले के सोनपुर प्रखंड अंतर्गत सबलपुर पछियारी टोला का दौरा किया। वहां गंगा नदी के तट पर चल रहे कटाव निरोधक कार्यों का स्थल निरीक्षण करते हुए उन्होंने काम की गति पर असंतोष जताया। सचिव ने अधिकारियों को दो-टूक निर्देश दिया कि बोल्डर एप्रोन का कार्य हर हाल में अगले 10 दिनों के भीतर पूरा हो जाना चाहिए। इसके साथ ही स्लोप में बोल्डर पिचिंग सहित अन्य सभी सहायक कार्यों को इसी माह (जुलाई) के अंत तक हर परिस्थिति में पूर्ण कराने की समय-सीमा तय की गई है।

​वैशाली में अंतिम चरण में काम, NH-122B की सुरक्षा हुई पुख्ता

​सारण के बाद सचिव महोदय वैशाली जिले के सहदेई बुजुर्ग प्रखंड अंतर्गत गनियारी ग्राम पहुंचे। यहां चल रहे कटाव निरोधक कार्यों की प्रगति पर उन्होंने संतोष जताया। गनियारी गांव के साथ-साथ महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग NH-122B की सुरक्षा हेतु यहां बोल्डर एप्रोन और स्लोप पिचिंग का कार्य चल रहा है, जो अब अपने अंतिम चरण में है। सचिव ने बताया कि इसे अगले एक सप्ताह के भीतर पूरी तरह मुकम्मल कर लिया जाएगा।

​पिछले साल अतिआक्रामक रहे 5 स्थलों पर विशेष फोकस (भागलपुर का इस्माइलपुर-बिंदटोली भी शामिल)

​जल संसाधन विभाग पिछले वर्ष (2025) आई बाढ़ के दौरान ‘अतिआक्रामक श्रेणी’ (अत्यधिक संवेदनशील) में रहे 5 मुख्य स्थलों पर विशेष नजर रख रहा है। सचिव ने बताया कि वे खुद इन सभी जगहों की मॉनिटरिंग कर रहे हैं:

  1. सारण (मकेर प्रखंड): हैजलपुर ग्राम (गंडक नदी किनारे) – यहाँ सुरक्षा कार्य पूरी तरह पूर्ण हो चुका है।
  2. भागलपुर (नवगछिया): इस्माइलपुर–बिंदटोली तटबंध (गंगा नदी) – हाल ही में सचिव द्वारा निरीक्षण किया गया, कार्य अंतिम दौर में है।
  3. वैशाली (सहदेई बुजुर्ग): गनियारी ग्राम (गंगा नदी) – एक सप्ताह में कार्य पूरा होगा।
  4. सारण (सोनपुर): सबलपुर पछियारी टोला (गंगा नदी) – 10 दिनों का अल्टीमेटम दिया गया है।
  5. भोजपुर (शाहपुर प्रखंड): जवईनियाँ ग्राम (गंगा नदी) – कार्य इस माह के अंत तक पूरा करा लिया जाएगा।

​₹1115 करोड़ की लागत से 381 स्थलों पर सुरक्षा कवच तैयार

​बाढ़ अवधि 2026 से बिहार के जन-धन की रक्षा के लिए जल संसाधन विभाग ने इस बार व्यापक स्तर पर योजना तैयार की है। राज्य के विभिन्न नदी बेसिनों जैसे— गंडक, बूढ़ी गंडक, बागमती, कमला बलान, कोशी, महानंदा और गंगा आदि के अंतर्गत कुल 381 संवेदनशील स्थलों को चिह्नित किया गया। इन सभी जगहों पर ₹1115.08 करोड़ की भारी-भरकम लागत से समयबद्ध तरीके से कटाव निरोधक और बाढ़ सुरक्षात्मक कार्यों का कार्यान्वयन कराया गया है ताकि तटबंध सुरक्षित रहें।

​📊 आंकड़ों में समझें बिहार में बाढ़ की भयावहता:

  • 73.06 प्रतिशत हिस्सा: बिहार के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल (94.16 लाख हेक्टेयर) का लगभग 68.80 लाख हेक्टेयर क्षेत्र बाढ़ प्रवण (Flood Prone) है।
  • 29 जिले प्रभावित: राज्य के कुल 38 जिलों में से 29 जिले बाढ़ की विभीषिका झेलने के लिए संवेदनशील श्रेणी में आते हैं।
  • मुख्य कारण: बिहार में बाढ़ की समस्या का मुख्य कारण अंतर्राष्ट्रीय (नेपाल) एवं अंतर्राज्यीय सीमाओं से राज्य में प्रवेश करने वाली नदियां हैं, जिनका जलस्तर अचानक बढ़ता है।
विजय सिन्हा
विजय सिन्हाhttp://silktvnews.com
Hindi News, हिंदी न्यूज, Latest News in Hindi, Aaj ki Taaja Khabar पढ़ें SilkTVNews पर.
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Bhāgalpur
overcast clouds
29.3 ° C
29.3 °
29.3 °
75%
2.5m/s
100%
Sun
36 °
Mon
35 °
Tue
35 °
Wed
32 °
Thu
34 °

Most Popular