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​श्रावणी मेला को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट: मंत्री निशांत ने की समीक्षा, कांवरिया पथ पर हर 2 किमी पर लगेंगे हेल्थ कैंप

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Patna News: बिहार के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक ‘श्रावणी मेला 2026’ के सफल, सुरक्षित और सुव्यवस्थित आयोजन को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। गुरुवार को पटना स्थित स्वास्थ्य विभाग के सभागार में स्वास्थ्य मंत्री निशांत और स्वास्थ्य विभाग के सचिव  कुमार रवि की उपस्थिति में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

​वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस बैठक में श्रावणी मेला से जुड़े बिहार के 14 जिलों के सिविल सर्जनों ने तैयारियों की विस्तृत रिपोर्ट पेश की। स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि मेले में आने वाले देश-विदेश के लाखों श्रद्धालुओं को गुणवत्तापूर्ण, सुलभ और त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं मिलनी चाहिए।

​ स्वास्थ्य विभाग के बड़े फैसले

  • ​टोल फ्री नंबर जारी: निःशुल्क एम्बुलेंस सेवा के लिए टोल फ्री नंबर 102 और स्वास्थ्य संबंधी सहायता व जानकारी के लिए 104 चौबीसों घंटे चालू रहेगा।
  • ​अस्थायी स्वास्थ्य शिविर: सुल्तानगंज-देवघर कांवरिया पथ सहित प्रमुख मेला क्षेत्रों में हर दो से तीन किलोमीटर की दूरी पर अस्थायी हेल्थ कैंप बनाए जाएंगे।
  • ​लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस: आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए एडवांस लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस (ALSA) और बेसिक लाइफ Support एम्बुलेंस (BLSA) तैनात रहेंगी।
  • ​विशेष दवाओं का स्टॉक: सर्पदंश (Snake Bite) और जलजनित रोगों के इलाज के लिए एंटी स्नेक वेनम सीरम (ASVS) और एंटी रेबीज वैक्सीन (ARV) का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने के निर्देश।

​कांवरिया पथ पर डॉक्टरों की तैनाती और मुस्तैद व्यवस्था

​स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने कहा कि श्रावणी मेले में देश के कोने-कोने से श्रद्धालु आते हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा और सेहत हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

​”मेला के दौरान किसी प्रकार की दुर्घटना न हो, इसका खास ध्यान रखा जाए। शिविरों से रेफर होने वाले मरीजों को बड़े अस्पतालों में त्वरित उपचार मिले, इसके लिए पूरी व्यवस्था को अभी से दुरुस्त कर लिया जाए।”

— निशांत, स्वास्थ्य मंत्री, बिहार

 

​विभागीय निर्देश के अनुसार, कांवरिया मार्ग पर बनने वाले अस्थायी शिविरों में डॉक्टर, एएनएम (ANM), पैरा मेडिकल स्टाफ और अन्य स्वास्थ्यकर्मी चौबीसों घंटे तैनात रहेंगे। इन शिविरों में प्राथमिक उपचार, जरूरी दवाएं, बेड, ऑक्सीजन और आवश्यक चिकित्सा उपकरण पहले से उपलब्ध करा दिए जाएंगे।

​शुद्ध भोजन और साफ-सफाई पर रहेगा विशेष जोर

​बैठक के दौरान स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि ने मेला क्षेत्रों में स्वच्छता बनाए रखने पर विशेष बल दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि मेला परिसर और कांवरिया पथ पर दुकान लगाने वाले खाद्य वेंडरों को प्रशिक्षित किया जाए, ताकि वे श्रद्धालुओं को पूरी तरह शुद्ध और स्वच्छ खाद्य पदार्थ (Food Items) उपलब्ध करा सकें। मिलावटखोरी और गंदगी पर सख्त नजर रखी जाएगी।

​बिहार के इन 14 जिलों में अलर्ट और सिविल सर्जनों को टास्क

​स्वास्थ्य विभाग ने श्रावणी मेला क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी प्रमुख जिलों को विशेष कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया है। इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:

​भागलपुर, बांका, जमुई, मुंगेर, मुजफ्फरपुर, सारण, वैशाली, दरभंगा, पूर्वी चम्पारण, जहानाबाद, लखीसराय, मधुबनी, समस्तीपुर और सिवान।

 

​इन सभी जिलों के सिविल सर्जनों, जिला कार्यक्रम प्रबंधकों (DPM) और प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधकों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में की जा रही तैयारियों का नियमित निरीक्षण और अनुश्रवण (Monitoring) करें।

​श्रावणी मेला 2026: स्वास्थ्य व्यवस्था का खाका

सुविधा का प्रकार

दूरी / उपलब्धता

मुख्य उद्देश्य

अस्थायी स्वास्थ्य शिविर

प्रत्येक 2 से 3 किलोमीटर पर

श्रद्धालुओं को तत्काल प्राथमिक चिकित्सा सहायता

निःशुल्क एम्बुलेंस सेवा

टोल फ्री नंबर 102

आपातकालीन स्थिति में मरीजों को तुरंत शिफ्ट करना

हेल्थ हेल्पलाइन नंबर

टोल फ्री नंबर 104

स्वास्थ्य संबंधी सहायता और जानकारी के लिए

इमरजेंसी एम्बुलेंस कैटगरी

ALSA एवं BLSA

गंभीर मरीजों के लिए एडवांस और बेसिक लाइफ सपोर्ट

विशेष जीवन रक्षक दवाएं

पर्याप्त स्टॉक (सभी कैंपों में)

सर्पदंश (Snake Venom) और एंटी रेबीज का तत्काल इलाज

व्यापक जन-जागरूकता अभियान और डॉक्टरों के संपर्क नंबर

​मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रमुख स्थलों और स्वास्थ्य शिविरों पर बड़े-बड़े होर्डिंग्स, बैनर और पोस्टर लगाए जाएंगे। इन प्रचार सामग्रियों पर वहां तैनात डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के मोबाइल नंबर साफ तौर पर लिखे होंगे, ताकि किसी भी आपात स्थिति में श्रद्धालु या उनके परिजन सीधे संपर्क कर सकें।

बिहार के सरकारी अस्पतालों में आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार: PMCH में इसी महीने शुरू होंगी 2 सीटी स्कैन और रिसर्च आधारित MRI मशीन

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Patna News: बिहार के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) में मरीजों को विश्वस्तरीय और अत्याधुनिक जांच सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ी पहल होने जा रही है। इसी महीने पीएमसीएच के नए रेडियोलॉजी भवन में दो अत्याधुनिक सीटी स्कैन (CT Scan) और एक रिसर्च आधारित एमआरआई (MRI) मशीन स्थापित कर दी जाएगी।

​इन मशीनों के चालू होने से न सिर्फ आम मरीजों को कम समय में उच्च गुणवत्ता वाली जांच रिपोर्ट मिलेगी, बल्कि डॉक्टरों को जटिल बीमारियों के बेहतर अध्ययन और शोध (Research) में भी बड़ी मदद मिलेगी।

​ PMCH की नई व्यवस्था के बड़े फायदे

  • ​बिहार में पहली बार: राज्य के किसी सरकारी अस्पताल में पहली बार रिसर्च आधारित एमआरआई और सीटी स्कैन मशीनें लगाई जा रही हैं।
  • ​लंबी वेटिंग से राहत: नई मशीनों की क्षमता इतनी अधिक होगी कि हर मशीन से 24 घंटे में औसतन 100 से अधिक मरीजों की जांच हो सकेगी।
  • ​न्यूनतम शुल्क: मरीजों को आर्थिक बोझ से बचाने के लिए रोगी कल्याण समिति की बैठक में न्यूनतम रेट (जांच शुल्क) तय किया जाएगा।
  • ​तकनीकी टीम की तैनाती: मशीनों के सुचारू संचालन के लिए BMSICL के माध्यम से जल्द ही प्रशिक्षित टेक्नीशियनों की नियुक्ति होगी।

​मरीजों को इलाज और जांच के लिए बाहर जाने की जरूरत नहीं: स्वास्थ्य मंत्री

​बिहार की स्वास्थ्य सेवाओं में हो रहे इस बड़े बदलाव पर स्वास्थ्य मंत्री श्री निशांत ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग अस्पतालों में आधुनिक और विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रहा है।

​”पीएमसीएच में अत्याधुनिक सीटी स्कैन और एमआरआई मशीनों की स्थापना बिहार की स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देगी। हमारी सरकार की प्राथमिकता है कि मरीजों को इलाज और जांच के लिए दूसरे राज्यों का रुख न करना पड़े। कम लागत पर बेहतर जांच सुविधा अब अपने ही राज्य में उपलब्ध होगी।”

— निशांत, स्वास्थ्य मंत्री, बिहार

 

​महीने के अंत तक शुरू हो जाएगी सेवा: अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह

​पीएमसीएच के अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह ने बताया कि इस महीने के अंत तक नए रेडियोलॉजी भवन में तीनों नई मशीनों का इंस्टॉलेशन पूरा कर लिया जाएगा और इसके तुरंत बाद जांच सेवा शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि ये मशीनें केवल रूटीन जांच तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि विभिन्न गंभीर बीमारियों पर शोध के लिए भी उपयोग की जाएंगी।

​जांच क्षमता का नया रिकॉर्ड: जून महीने में 2.34 लाख से अधिक टेस्ट

​पीएमसीएच में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार का असर जमीन पर दिखने लगा है। अस्पताल के पैथोलॉजी विभाग ने अकेले जून महीने में 2,34,018 से अधिक जांचें सफलतापूर्वक पूरी करके एक नया रिकॉर्ड बनाया है। नई सीटी स्कैन और एमआरआई मशीनों के आने के बाद अस्पताल की जांच क्षमता और अधिक मजबूत हो जाएगी।

​PMCH रेडियोलॉजी विभाग का नया ढांचा

मशीन का नाम

संख्या

क्षमता (प्रति 24 घंटे)

मुख्य विशेषता

अत्याधुनिक सीटी स्कैन

02

100+ मरीज (प्रति मशीन)

कम समय में उच्च गुणवत्ता रिपोर्ट

रिसर्च आधारित एमआरआई

01

100+ मरीज

मरीजों की जांच के साथ-साथ जटिल बीमारियों पर शोध

बिहार में बाढ़ से निपटने को सरकार मुस्तैद: डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी ने दिए रात्रिकालीन औचक निरीक्षण के निर्देश

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Patna News: बिहार में मानसून की दस्तक के साथ ही संभावित बाढ़ से निपटने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। गुरुवार को पटना के सिंचाई भवन स्थित विभागीय सभागार में जल संसाधन विभाग की एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता माननीय उपमुख्यमंत्री (सह जल संसाधन मंत्री)  विजय कुमार चौधरी ने की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के सभी बाढ़ परिक्षेत्रों के मुख्य अभियंताओं के साथ क्षेत्रवार तैयारियों की बिंदुवार समीक्षा की गई।

​उपमुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई होगी, जबकि संकट के समय में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को प्रोत्साहित किया जाएगा।

​ बैठक के बड़े फैसले

  • ​वन वीक डेडलाइन: बचे हुए सभी कटाव निरोधक कार्यों को एक सप्ताह के भीतर हर हाल में पूरा करने का अल्टीमेटम।
  • ​रात्रिकालीन औचक निरीक्षण: मुख्य अभियंताओं को सप्ताह में कम से कम दो बार रात में औचक निरीक्षण करने के निर्देश।
  • ​मटेरियल ऑडिट: एक सप्ताह बाद मुख्यालय और जिला प्रशासन की टीमें सामग्री भंडारण का जमीनी सत्यापन (Verification) करेंगी।
  • ​जीरो टॉलरेंस: तटबंधों पर अतिक्रमण पाए जाने पर जिला प्रशासन के साथ मिलकर तत्काल कार्रवाई होगी।

​लापरवाही बर्दाश्त नहीं, एक सप्ताह में पूरे हों बचे हुए काम

​समीक्षा के दौरान उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि राज्य बाढ़ के मौसम में प्रवेश कर चुका है। ऐसी स्थिति में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयारियां समय रहते पूरी होनी चाहिए।

​”कटाव निरोधक कार्यों की स्वीकृति साल के शुरुआत में ही इसीलिए दी गई थी ताकि बाढ़ आने से पहले काम खत्म हो जाए। अधिकांश जगहों पर काम पूरा हो चुका है, जहाँ थोड़ा-बहुत काम बाकी है, उसे एक सप्ताह के अंदर हर हाल में पूरा करें।”

— विजय कुमार चौधरी, उपमुख्यमंत्री

 

​रात में होगी चेकिंग, संवेदनशील स्थलों पर रहेगी चौकसी

​बाढ़ के दौरान तटबंधों की सुरक्षा को लेकर डिप्टी सीएम ने अधिकारियों को फील्ड पर उतरने का निर्देश दिया है।

  • ​इंजीनियरों का कैंप: संवेदनशील और अतिसंवेदनशील स्थलों पर इंजीनियरों और श्रमिकों को चौबीसों घंटे कैंप करने के निर्देश दिए गए हैं।
  • ​फ्लड फाइटिंग मटेरियल: नदियों में पानी बढ़ने का इंतजार किए बिना, सभी जरूरी सामग्रियों (बालू की बोरियाँ, बोल्डर आदि) का भंडारण पहले ही करने को कहा गया है।
  • ​लाइटिंग और सड़कें: रात में प्रभावी निगरानी के लिए तटबंधों पर पर्याप्त रोशनी (Lighting) की व्यवस्था और आपातकालीन आवाजाही के लिए पहुंच मार्गों (Approach Roads) को तुरंत दुरुस्त करने का आदेश दिया गया है।

​रैट होल्स और फॉक्स होल्स की होगी मरम्मत

​इंजीनियरों को विशेष निर्देश दिया गया है कि वे वर्षा के मौसम में छिप जाने वाले रैट होल्स (चूहों के बिल) और फॉक्स होल्स की मरम्मत अभी से पूरी कर लें, ताकि पानी के दबाव के समय तटबंध कमजोर न पड़ें और वे पूरी तरह सुदृढ़ रहें।

​तैयारियों का टाइमलाइन चार्ट

कार्य का विवरण

तय समय सीमा (Deadline)

जिम्मेदारी

कटाव निरोधक कार्य (बचे हुए)

1 सप्ताह के भीतर

क्षेत्रीय मुख्य अभियंता

बाढ़ सामग्री भंडारण (Flood Material)

1 सप्ताह के भीतर

संबंधित कार्यपालक अभियंता

रात्रिकालीन औचक निरीक्षण

सप्ताह में कम से कम 2 बार

सभी मुख्य अभियंता (Chief Engineers)

तैयारियों का भौतिक सत्यापन

1 सप्ताह के बाद

मुख्यालय एवं जिला प्रशासन की टीम

 

आवाज और मुस्तैदी: मौसम के पूर्वानुमान पर रखें पैनी नजर

​बैठक में जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने भी अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मौसम के पूर्वानुमान (Weather Forecast) पर लगातार नजर रखी जाए। जलस्तर बढ़ने का इंतजार करने के बजाय, पूर्व तैयारी के साथ हर समय पूरी तरह सतर्क (Alert) और मुस्तैद रहें।

​बैठक में उपस्थित प्रमुख अधिकारी:

इस हाई-लेवल मीटिंग में तकनीकी परामर्शी मनोज रमण, अभियंता प्रमुख वरूण कुमार, मुख्य अभियंता धर्मेंद्र कुमार सहित विभाग के कई अन्य वरीय पदाधिकारी भौतिक और वर्चुअल रूप से उपस्थित रहे।

नवगछिया में ABVP ने धूमधाम से मनाया 78वाँ स्थापना दिवस, विश्व गुरु भारत के निर्माण का लिया संकल्प

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Bhagalpur News: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के 78वें स्थापना दिवस (राष्ट्रीय छात्र दिवस) के अवसर पर नवगछिया नगर इकाई द्वारा एक भव्य झंडोत्तोलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का नेतृत्व मुख्य रूप से नगर अध्यक्ष श्रीओम सिंह और नगर मंत्री शुभम कुमार ने संयुक्त रूप से किया। ध्वजारोहण के तुरंत बाद उपस्थित सभी कार्यकर्ताओं ने सामूहिक रूप से गर्व और देशप्रेम के साथ ‘वंदे मातरम्’ का गायन किया।

​व्यक्ति निर्माण से राष्ट्रीय पुनर्निर्माण का संकल्प: विश्वास वैभव

​कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के बिहार प्रांत के ‘राष्ट्रीय कला मंच’ संयोजक विश्वास वैभव ने संगठन के गौरवशाली इतिहास पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा:

​”ABVP की स्थापना 9 जुलाई, 1949 को हुई थी। तब से लेकर आज तक यह संगठन लगातार ‘व्यक्ति निर्माण के माध्यम से राष्ट्रीय पुनर्निर्माण’ के कार्य में जुटा हुआ है। आज परिषद के सफल 78 वर्ष पूरे हो चुके हैं। यह एक सतत चलने वाला संगठन है, जिसके कार्यकर्ता कैंपस (कॉलेज) से लेकर समाज के विभिन्न क्षेत्रों में देश हित के लिए दिन-रात कार्य कर रहे हैं।”

 

​उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि ABVP ‘ज्ञान, शील और एकता’ के मूल मंत्र पर चलने वाला संगठन है। हम सभी युवा शक्ति को आज यह प्रण लेना चाहिए कि जब संगठन अपना 100वाँ स्थापना दिवस मनाए, तब तक हम अपने योगदान से भारत को पुनः ‘विश्व गुरु’ के पद पर आसीन कर दें।

​युवाओं की आवाज़ है विद्यार्थी परिषद: श्रीओम सिंह

​नगर अध्यक्ष श्रीओम सिंह ने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा कि विद्यार्थी परिषद पूरी तरह से युवाओं की आवाज़ है। यह संगठन युवाओं के लिए सोचता है और युवाओं के दम पर ही चलता है। इस प्रकार युवा देश को आगे बढ़ाने में अपनी सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि “छात्र शक्ति ही राष्ट्र शक्ति है।”

​शिक्षकों और पूर्व कार्यकर्ताओं को दी गई शुभकामनाएं

​इस ऐतिहासिक अवसर पर नगर मंत्री शुभम कुमार ने संगठन की नींव को मजबूत करने वाले सभी वर्तमान कार्यकर्ताओं, पूर्व कार्यकर्ताओं और शिक्षक कार्यकर्ताओं को स्थापना दिवस की हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं दीं।

​कार्यक्रम में ये रहे मुख्य रूप से उपस्थित

​इस गरिमामयी झंडोत्तोलन कार्यक्रम में मुख्य रूप से:

  • ​विश्वास वैभव (प्रांत संयोजक, राष्ट्रीय कला मंच)
  • ​श्रीओम सिंह (नगर अध्यक्ष)
  • ​शुभम कुमार (नगर मंत्री)
  • ​अंश राज (जीबी कॉलेज मंत्री)
  • ​शुभम कुमार (जीबी कॉलेज उपाध्यक्ष)

​इसके साथ ही छोटू, अक्षय, सुजीती, मुस्कान, ईशा, अदिति, कनिष्का, काजल, रजनी सहित दर्जनों की संख्या में छात्र और राष्ट्रभक्त कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

बदलेगा सबौर! जब जीविका दीदियों ने नुक्कड़ नाटक से खोल दी नशेड़ियों की पोल, बीडीओ ने थपथपाई पीठ।

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Bhagalpur News: भागलपुर के सबौर प्रखंड में सामाजिक कुप्रथाओं और नशे के खिलाफ एक बड़े जनआंदोलन की शुरुआत हो चुकी है। प्रखंड क्षेत्र में “नशे की लत को छोड़ो, स्वस्थ जीवन से नाता जोड़ो” अभियान के तहत एक व्यापक और भव्य जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान जीविका दीदियों ने अपनी कला और जीवंत अभिनय के दम पर नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया, जिसने वहां मौजूद हर शख्स को सोचने पर मजबूर कर दिया। कार्यक्रम के जरिए समाज को पूरी तरह नशा मुक्त बनाने और एक स्वस्थ, खुशहाल जीवनशैली अपनाने का पुरजोर संदेश दिया गया।

​प्रशासनिक अमले की रही गरिमामयी मौजूदगी, सबने लिया नशा मुक्ति का संकल्प

​इस बेहद महत्वपूर्ण सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों और शिक्षा जगत से जुड़े लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। मौके पर सबौर के प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) प्रभात रंजन, बीसीओ विकास कुमार, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) राकेश कुमार, और जीविका स्कूल संघ की अध्यक्ष मानुषी देवी मुख्य रूप से उपस्थित रहीं। इनके अलावा प्रखंड के कई अधिकारी, कर्मचारी और सैकड़ों की संख्या में जीविका दीदियां मौजूद थीं। कार्यक्रम में आए सभी लोगों ने एक सुर में नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए सामूहिक रूप से शपथ ली और महासंकल्प दोहराया।

​नुक्कड़ नाटक ने दिखाया नशे का खौफनाक सच: बिखरते परिवार और डूबता बचपन

​जीविका दीदियों और कलाकारों द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा। नाटक के माध्यम से बेहद मार्मिक ढंग से यह दिखाया गया कि कैसे शराब, स्मैक और अन्य मादक पदार्थों की लत एक हंसते-खेलते परिवार को बर्बादी की कगार पर ला खड़ा करती है। कलाकारों ने जीवंत अभिनय से दर्शाया कि नशा न सिर्फ इंसान के फेफड़े और सेहत को चाट जाता है, बल्कि घर की आर्थिक रीढ़ तोड़ देता है। इससे सामाजिक मान-प्रतिष्ठा धूमिल होती है और सबसे बुरा असर मासूम बच्चों की पढ़ाई और उनके भविष्य पर पड़ता है। नाटक देखकर कई ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं।

​बीडीओ प्रभात रंजन की अपील: गांव-गांव जाकर अलख जगाएंगी जीविका दीदियां

​कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रभात रंजन ने कहा कि नशा किसी भी सभ्य समाज के विकास में सबसे बड़ा रोड़ा है। जब तक समाज नशे की गिरफ्त में रहेगा, तब तक तरक्की की कल्पना अधूरी है। उन्होंने जीविका दीदियों के हौसले की सराहना करते हुए कहा कि हमारी ये दीदियां अब गांव-गांव और घर-घर जाकर इस अभियान को एक बड़े जनआंदोलन का रूप देंगी। जब महिलाएं जागरूक होंगी, तो पुरुष अपने आप नशे से तौबा कर लेंगे और हर घर में खुशहाली का दीया जलेगा।

​अभियान को लेकर क्या बोले परियोजना पदाधिकारी? 

​कार्यक्रम के उद्देश्यों और सफलता पर बात करते हुए परियोजना पदाधिकारी अभिषेक कुमार ने कहा:

​”इस जागरूकता अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज के हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित करना है। नशा मुक्ति सिर्फ सरकार या पुलिस के भरोसे सफल नहीं हो सकती, इसके लिए जनभागीदारी जरूरी है। जीविका दीदियों के माध्यम से हम जमीनी स्तर पर लोगों की सोच बदल रहे हैं। आने वाले दिनों में इसके बेहद सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे और सबौर प्रखंड नशा मुक्ति के मामले में एक मिसाल बनेगा।”

सुलतानगंज में महिला की हत्या कर टोटो से फेंका था शव, मुख्य आरोपी अजय मोदी समेत 3 गिरफ्तार

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Bhagalpur News:  भागलपुर पुलिस को अपराधियों के खिलाफ एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने सुलतानगंज थाना क्षेत्र में हुए अंधी महिला हत्याकांड (Blind Murder Case) का महज कुछ ही दिनों के भीतर सफल खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने वाले तीन मुख्य साजिशकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही हत्या में इस्तेमाल किया गया टोटो (ई-रिक्शा) और शव को ठिकाने लगाने वाली प्लास्टिक की बोरी भी बरामद कर ली गई है। भागलपुर के सिटी एसपी अतुलेश झा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस पूरे मामले का पर्दाफाश किया।

​मीरहट्टी के पास बोरे में बंद मिला था अज्ञात महिला का शव

​इस रोंगटे खड़े कर देने वाले मामले की शुरुआत बीते 22 जून 2026 को हुई थी, जब सुलतानगंज थाना क्षेत्र के मीरहट्टी के समीप सड़क किनारे एक अज्ञात महिला का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई थी। शव को छुपाने की नीयत से उसे प्लास्टिक की बोरी में बंद किया गया था। घटना की सूचना मिलते ही सुलतानगंज थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लिया और जांच शुरू की। शुरुआती तफ्तीश और शिनाख्त के दौरान मृतका की पहचान मधुसूदनपुर थाना क्षेत्र के रहने वाले बंटी तांती की पत्नी तेतरी देवी के रूप में हुई।

​सिटी एसपी के नेतृत्व में बनी SIT: वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों ने खोला राज

​महिला की पहचान होने के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया। सिटी एसपी अतुलेश झा ने बताया कि इस हत्या की गुत्थी को सुलझाना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती था। लेकिन विशेष टीम ने हार नहीं मानी और वैज्ञानिक अनुसंधान, मोबाइल सर्विलांस, तकनीकी साक्ष्य, घटना स्थल के आसपास के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज और मानवीय सूचनाओं (Human Intelligence) का सहारा लिया। कड़ियों से कड़ियां जुड़ती गईं और अंततः पुलिस हत्यारों के गिरेबान तक पहुंच गई।

​छापेमारी में दबोचे गए तीन कसाई, मुख्य आरोपी की निशानदेही पर टोटो जब्त

​पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस जघन्य हत्याकांड में शामिल तीन मुख्य आरोपियों को अलग-अलग ठिकानों से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों के नाम इस प्रकार हैं:

  1. ​अजय कुमार उर्फ अजय मोदी (मुख्य आरोपी)
  2. ​अर्जुन यादव
  3. ​मंतोष कुमार बिंद

​गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने मुख्य आरोपी अजय मोदी से कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने उस टोटो रिक्शा को भी जब्त कर लिया है, जिससे तेतरी देवी की हत्या करने के बाद उसके शव को मीरहट्टी के पास ले जाकर फेंका गया था। इसके अलावा आरोपियों के पास से 5 स्मार्टफोन भी बरामद हुए हैं।

​हत्या के कारणों की कड़ाई से पूछताछ जारी

​सिटी एसपी ने प्रेस वार्ता में बताया कि तीनों आरोपियों को जेल भेजा जा रहा है। हालांकि, महिला की हत्या किस रंजिश या वजह से की गई, इसके हर पहलू की गहराई से जांच की जा रही है। पुलिस रिमांड पर लेकर इनसे आगे की पूछताछ भी कर सकती है ताकि इस हत्याकांड के पीछे छिपे असली मकसद और किसी अन्य मददगार का पता लगाया जा सके।

​प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या बोले सिटी एसपी?

​मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए भागलपुर के सिटी एसपी अतुलेश झा ने बताया:

​”22 जून को मीरहट्टी के पास मिले महिला के शव मामले में सुलतानगंज पुलिस ने त्वरित और वैज्ञानिक कार्रवाई करते हुए तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अपराधियों ने साक्ष्य छुपाने के लिए शव को बोरे में बंद कर टोटो से फेंका था। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त टोटो, बोरी और 5 मोबाइल जब्त किए हैं। इस मामले में स्पीडी ट्रायल चलाकर अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी।”

सबौर के भिट्ठी में बढ़ा कैंसर का कहर: विशेष शिविर में 27 मरीजों की जांच, अब इलाके के पानी और पर्यावरण की वैज्ञानिक जांच की उठी मांग

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले का सबौर प्रखंड इस समय एक बेहद गंभीर और साइलेंट हेल्थ क्राइसिस (स्वास्थ्य संकट) से जूझ रहा है। सबौर के भिट्ठी स्वास्थ्य केंद्र में हाल ही में एक विशेष कैंसर जांच शिविर का आयोजन किया गया, जिसने इलाके की डरावनी हकीकत को एक बार फिर सामने ला दिया है। इस शिविर में कुल 27 संभावित कैंसर पीड़ितों की गहन स्वास्थ्य जांच की गई। शिविर का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में तेजी से पैर पसार रही इस जानलेवा बीमारी की समय रहते पहचान करना और मरीजों को उच्च स्तरीय इलाज के लिए सही दिशा निर्देश देना था।

​चिंताजनक रूप से बढ़ रहा मौत का आंकड़ा, पत्र लिखने के बाद लगा शिविर

​शिविर के दौरान मौजूद स्वास्थ्य कर्मियों और स्थानीय प्रतिनिधियों ने सुलतानपुर-भिट्ठी क्षेत्र की भयावह स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की। अधिकारियों और जागरूक कर्मियों के मुताबिक, इस पूरे बेल्ट में कैंसर के मरीजों की संख्या में अप्रत्याशित बढ़ोतरी देखी जा रही है। सबसे ज्यादा परेशान करने वाली बात यह है कि यहां कैंसर के कारण होने वाली मौतों का ग्राफ भी लगातार ऊपर जा रहा है। इस गंभीर और जानलेवा स्थिति को भांपते हुए पहले स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों को पत्र लिखकर यहां विशेष टीम भेजने और कैंप लगाने की गुहार लगाई गई थी, जिसके बाद इस शिविर का रास्ता साफ हुआ।

​सिर्फ इलाज काफी नहीं, पानी और मिट्टी की हो वैज्ञानिक जांच!

​कार्यक्रम के दौरान यह मांग पुरजोर तरीके से उठी कि केवल मरीजों की पहचान और उनका इलाज कर देना ही इस गंभीर समस्या का स्थाई समाधान नहीं है। आखिर क्या वजह है कि एक विशेष भौगोलिक क्षेत्र (सुलतानपुर-भिट्ठी) में ही इतनी बड़ी आबादी कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी की गिरफ्त में आ रही है? स्थानीय विशेषज्ञों और जनप्रतिनिधियों का मानना है कि कहीं न कहीं इस इलाके के भूगर्भ जल (Groundwater), मिट्टी या पर्यावरण में कोई ऐसा जानलेवा तत्व या भारी धातु (जैसे आर्सेनिक या यूरेनियम) तो नहीं घुल गया है, जो लोगों को बीमार कर रहा है। इसलिए सरकार से मांग की गई है कि पर्यावरण और जल जांच टीम भेजकर इसकी उच्च स्तरीय वैज्ञानिक जांच कराई जाए।

​पीड़ित परिवारों को मुआवजा और आर्थिक राहत देने की मांग

​कैंसर न सिर्फ इंसान की जान लेता है, बल्कि पूरे परिवार को आर्थिक रूप से भी तबाह कर देता है। भिट्ठी में इस बीमारी के कारण कई घरों के कमाऊ सदस्य दुनिया छोड़ चुके हैं। इसे देखते हुए सरकार और जिला प्रशासन से यह मांग की गई है कि इस क्षेत्र में कैंसर के कारण जान गंवाने वाले लोगों के आश्रित परिवारों को उचित सरकारी मुआवजा और आर्थिक सहायता दी जाए, ताकि उनके सामने भरण-पोषण का संकट खड़ा न हो।

​अब सरकार और प्रशासन के रुख पर टिकी सबकी निगाहें

​भिट्ठी स्वास्थ्य केंद्र में लगे इस कैंप ने स्वास्थ्य महकमे के लिए एक बड़ा अलार्म बजा दिया है। अब सबसे बड़ा यक्ष प्रश्न यही है कि क्या स्वास्थ्य विभाग इस कैंप के बाद गहरी नींद से जागेगा? क्या भिट्ठी और सुलतानपुर के पानी की जांच के लिए कोई ठोस कदम उठाए जाएंगे? इलाके की जनता अब प्रशासन और सरकार की अगली कार्रवाई का बेसब्री से इंतजार कर रही है।

​मामले पर क्या बोले जिम्मेदार? 

​1. निशांत आजाद (सदर अस्पताल कर्मी):

​”इलाके में कैंसर के मामले लगातार बढ़ रहे थे, जिसके बाद विशेष पत्राचार कर इस शिविर का आयोजन कराया गया ताकि मरीजों की समय पर स्क्रीनिंग हो सके। स्थिति वाकई चिंताजनक है और इस पर बड़े स्तर पर काम करने की जरूरत है।”

 

​2. सुनील कुमार चौधरी (मुखिया, ग्राम पंचायत भिट्ठी):

​”हमारे पंचायत और आसपास के क्षेत्रों में कैंसर से कई मौतें हो चुकी हैं। हमारी सरकार से पुरजोर मांग है कि यहां के पानी और पर्यावरण की वैज्ञानिक जांच कराई जाए ताकि बीमारी की जड़ का पता चल सके। साथ ही, मृतक के परिवारों को मुआवजा मिलना चाहिए।”

 

​3. रेखा देवी (स्थानीय पीड़िता/ग्रामीण):

​”गांव के लोग बहुत डरे हुए हैं। हर थोड़े दिन में किसी न किसी को कैंसर होने की बात सामने आती है। सरकार को हमारे पीने के पानी की जांच करानी चाहिए और बीमार लोगों के इलाज की मुफ्त व्यवस्था करनी चाहिए।”

नवगछिया में सोशल मीडिया पर हथियार चमकाने वाले दो शातिर गिरफ्तार, 2 देसी कट्टा और 11 कारतूस बरामद

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Bhagalpur News: सोशल मीडिया पर लाइक्स और व्यूज के चक्कर में अवैध हथियारों का प्रदर्शन करने वाले अपराधियों के खिलाफ नवगछिया पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने फेसबुक-इंस्टाग्राम पर वायरल हुए एक वीडियो को संज्ञान में लेते हुए त्वरित जाल बिछाया और दो शातिर आरोपियों को दबोच लिया। गिरफ्तार अपराधियों के पास से पुलिस ने दो अवैध देसी कट्टा और भारी मात्रा में (11 पीस) जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। नवगछिया पुलिस अधीक्षक (SP) के कड़े निर्देश पर हुई इस कार्रवाई से इलाके के लंपट तत्वों और अपराधियों में हड़कंप मच गया है।

​वायरल वीडियो ने खोला राज, एसपी ने दिए तुरंत ऐक्शन के आदेश

​मामला नवगछिया पुलिस जिला के गोपालपुर थाना क्षेत्र का है। दरअसल, पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा था, जिसमें एक युवक खुलेआम अवैध हथियार लहराते हुए रौब झाड़ता दिख रहा था। वीडियो जैसे ही नवगछिया एसपी के सामने आया, उन्होंने इसे बेहद गंभीरता से लिया। एसपी के निर्देश पर तकनीकी सेल और गोपालपुर थाना पुलिस ने वीडियो की पड़ताल शुरू की। जांच में आरोपी की पहचान होते ही पुलिस की एक विशेष टीम ने इलाके में ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू कर दी।

​अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी, अवैध कट्टा और गोलियों के साथ धरे गए आरोपी

​गोपालपुर थाना पुलिस ने मुखबिरों और तकनीकी इनपुट के आधार पर दो अलग-अलग गांवों में घेराबंदी की:

  • ​पहली गिरफ्तारी: पुलिस ने पहली कार्रवाई तीनटंगा करारी गांव में की। यहां से पुलिस ने अवधेश यादव के बेटे अनिल कुमार को धर दबोचा। जब पुलिस ने अनिल की तलाशी ली, तो उसके पास से एक लोड देसी कट्टा और 4 पीस जिंदा कारतूस बरामद हुए।
  • ​दूसरी गिरफ्तारी: इसी कड़ी में मिली एक गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने तीनटंगा करारी बाबू टोला में दूसरी दबिश दी। यहां से महेंद्र यादव के बेटे सुमित कुमार को गिरफ्तार किया गया। सुमित के पास से भी पुलिस ने एक देसी कट्टा और 7 पीस जिंदा कारतूस (कुल 11 कारतूस) जब्त किए।

​आरोपियों पर दर्ज हुआ मुकदमा, भेजे जा रहे जेल

​पुलिस ने दोनों आरोपियों को रंगेहाथ हथियारों के साथ गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है। इस मामले में गोपालपुर थाना में आर्म्स एक्ट के तहत कांड संख्या 234/26 और 235/26 दर्ज की गई है। पुलिस दोनों आरोपियों के आपराधिक इतिहास और इस बात की भी जांच कर रही है कि वे इन हथियारों को कहां से लाए थे और किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में तो नहीं थे।

​पुलिस की चेतावनी: सोशल मीडिया पर हथियार लहराया तो खैर नहीं

​मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए नवगछिया के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) अनिकेत कुमार ने बताया:

​”सोशल मीडिया पर हथियार प्रदर्शन का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसपर त्वरित कार्रवाई करते हुए गोपालपुर पुलिस ने दो आरोपियों अनिल कुमार और सुमित कुमार को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 2 कट्टा और 11 कारतूस मिले हैं। नवगछिया पुलिस आम जनता से अपील करती है कि सोशल मीडिया या सार्वजनिक स्थानों पर हथियार लहराना, उसका प्रदर्शन करना या डराना एक गंभीर और दंडनीय अपराध है। ऐसे मामलों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”

भागलपुर में दहेज लोभियों ने नवविवाहिता को बेरहमी से पीटा, फिर जबरन पिलाया कीटनाशक, मायागंज में जिंदगी की जंग लड़ रही निशा

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Bhagalpur News: सूबे में कड़े कानूनों के दावों के बावजूद दहेज दानवों का अत्याचार थमने का नाम नहीं ले रहा है। भागलपुर के सजौर थाना क्षेत्र से एक ऐसी ही दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहां महज कुछ रुपयों की खातिर एक नवविवाहिता को मौत के मुंह में धकेलने की कोशिश की गई। ससुराल वालों पर आरोप है कि उन्होंने पहले विवाहिता के साथ बेरहमी से मारपीट की और फिर जबरन उसे कीटनाशक (जहर) पिला दिया। फिलहाल गंभीर हालत में पीड़िता का इलाज भागलपुर के जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल (मायागंज) में चल रहा है, जहां उसकी स्थिति नाजुक बनी हुई है।

​एक साल पहले हुई थी शादी, किश्तों में मांग रहे थे दहेज

​गंभीर रूप से जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही पीड़िता निशा कुमारी खैरा की रहने वाली है। उसकी शादी करीब एक वर्ष पहले सजौर थाना क्षेत्र के दरियापुर पंचायत स्थित घोरगांव निवासी मोहम्मद शाहबाज के साथ हुई थी। निशा ने बताया कि शादी के कुछ दिनों बाद से ही पति, सास और ससुर का असली चेहरा सामने आ गया और वे रुपयों की मांग को लेकर उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने लगे। पीड़िता के अनुसार, मायके वालों ने पहले 25 हजार रुपये दिए, फिर 50 हजार रुपये भी दिए। लेकिन लालचियों की भूख यहीं नहीं मिटी और वे मायके से 4 लाख रुपये नकद लाने का लगातार दबाव बनाने लगे।

​मासूम बच्चे की भी नहीं की परवाह, पहले पीटा फिर जबरन पिलाया जहर

​निशा का एक तीन महीने का छोटा बच्चा भी है, लेकिन हैवान बन चुके ससुराल वालों को उस मासूम पर भी तरस नहीं आया। मांग पूरी न होने पर निशा को अक्सर प्रताड़ित किया जाता था। बीती रात मामूली विवाद को बहाना बनाकर पति शाहबाज, सास और ससुर ने मिलकर पहले निशा को बुरी तरह पीटा। जब इससे भी उनका मन नहीं भरा, तो उन्होंने निशा को जबरन पकड़कर कीटनाशक दवा पिला दी।

​ई-रिक्शा से लेकर पहुंचे मायागंज, मायके वालों ने बचाई जान

​जहर पीने के बाद जब निशा की तबीयत बिगड़ने लगी और वह तड़पने लगी, तो ससुराल वाले उसे तड़पता छोड़ पीछे हट गए। घटना की जानकारी मिलते ही पीड़िता के मायके वाले आनन-फानन में घोरगांव पहुंचे। काफी मशक्कत और जद्दोजहद के बाद परिजनों ने निशा को एक ई-रिक्शा पर लादा और गंभीर हालत में भागलपुर के मायागंज अस्पताल लेकर पहुंचे। समय पर अस्पताल पहुंचने के कारण डॉक्टरों ने तुरंत इलाज शुरू किया, जिससे उसकी जान तो बच गई है, लेकिन हालत अभी भी खतरे से बाहर नहीं है।

​कानूनी कार्रवाई की तैयारी, पुलिस जांच का इंतजार

​पीड़िता निशा और उसके परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। निशा ने बताया कि घर टूटने के डर से उसने पहले हुई मारपीट की घटनाओं की शिकायत पुलिस में नहीं की थी, लेकिन इस बार जान पर बन आने के कारण वे लोग न्याय के लिए कानून का दरवाजा खटखटाएंगे। इस पूरे मामले में जब सजौर थानाध्यक्ष से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उनसे संपर्क नहीं हो सका। परिजनों को उम्मीद है कि लिखित शिकायत के बाद पुलिस त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को जेल भेजेगी।

​पीड़िता का बयान 

​अस्पताल के बेड पर जिंदगी की जंग लड़ रही पीड़िता निशा ने रोते हुए बताया:

​”शादी के बाद से ही 4 लाख रुपये के लिए पति, सास और ससुर हमेशा मारते-पीटते थे। पहले भी दो बार पैसे दिए गए थे। कल रात उन लोगों ने मुझे पहले बहुत मारा और फिर जबरन पकड़कर मुंह में कीटनाशक दवा उड़ेल दी। मैं इंसाफ चाहती हूं, पुलिस उन लोगों को सजा दे।”

भागलपुर में गंगा का रौद्र रूप: लगातार बारिश से तेजी से बढ़ा जलस्तर, मंडराया भीषण कटाव का खतरा

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Bhagalpur News: पहाड़ों और मैदानी इलाकों में हो रही लगातार मूसलाधार बारिश का असर अब सिल्क सिटी भागलपुर में साफ दिखने लगा है। भागलपुर में गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान की ओर तेजी से बढ़ रहा है। गंगा में उफान आने के साथ ही तटीय इलाकों में भीषण कटाव का खतरा गहरा गया है। संभावित तबाही और बाढ़ के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। कटाव को रोकने और प्रभावित आबादी को सुरक्षित रखने के लिए प्रभावित इलाकों में युद्ध स्तर पर बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है।

​माणिक सरकार घाट पर मंडराया संकट, पिछले साल की तबाही से सहमे लोग

​भागलपुर का ऐतिहासिक माणिक सरकार घाट और उसके आसपास का इलाका इस समय सबसे संवेदनशील बना हुआ है। गंगा की तेज लहरें सीधे तटबंधों और रिहायशी इलाकों को टक्कर दे रही हैं। गौरतलब है कि पिछले वर्ष इसी इलाके में गंगा के भीषण कटाव के कारण कई पक्के मकान ताश के पत्तों की तरह ढह गए थे और कई परिवार बेघर हो गए थे। पिछले साल की उस भयावह तस्वीर को याद कर स्थानीय ग्रामीण और तटीय इलाकों के लोग एक बार फिर गहरे खौफ में हैं।

​जियो बैग डालकर तटों को किया जा रहा मजबूत, फ्लड फाइटिंग टीम तैनात

​गंगा की तेज धारा से हो रहे भू-कटाव को रोकने के लिए विभाग द्वारा एहतियातन कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। सबसे संवेदनशील और डेंजर जोन माने जाने वाले हिस्सों में बड़े पैमाने पर जियो बैग (Geo Bags) और क्रेट डाले जा रहे हैं, ताकि मिट्टी के कटाव को तुरंत रोका जा सके और तट को मजबूती दी जा सके। फ्लड फाइटिंग से जुड़े इंजीनियरों और मजदूरों की टीम दिन-रात मौके पर कैंप कर रही है।

​हाई अलर्ट पर प्रशासन, 24 घंटे रखी जा रही है जलस्तर पर नजर

​बाढ़ और कटाव की इस गंभीर स्थिति पर जिला प्रशासन और संबंधित विभाग के वरीय अधिकारी पल-पल की नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों का साफ कहना है कि केंद्रीय जल आयोग (CWC) के समन्वय से गंगा के जलस्तर की चौबीसों घंटे मॉनिटरिंग की जा रही है। किसी भी आपातकालीन या डेंजरस स्थिति से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन की टीमों को भी अलर्ट रहने को कहा गया है। प्रशासन का दावा है कि इस बार समय रहते सुरक्षा उपाय शुरू कर दिए गए हैं, जिससे जान-माल के नुकसान को हर हाल में रोका जा सकेगा।

​प्रशासन की अपील: अफवाहों से बचें, सतर्क रहें

​अधिकारियों ने तटीय और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। साथ ही कहा गया है कि किसी भी आपात स्थिति या कटाव की सूचना तुरंत स्थानीय प्रशासन या नियंत्रण कक्ष को दें, ताकि समय रहते त्वरित कार्रवाई की जा सके।