Patna News: बिहार में बुनियादी सड़क ढांचे को मजबूत करने और राज्य की बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को तय समय पर पूरा करने के लिए सरकार ने कमर कस ली है। बुधवार को पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल की अध्यक्षता में एक हाई-लेवल मीटिंग की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य नेशनल हाईवे (NHAI), ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे और नए बाईपासों के निर्माण में आ रहे अवरोधों (यूटिलिटी शिफ्टिंग) जैसे— बिजली के पोल/तार, नहर क्रॉसिंग एनओसी (NOC) और पानी की पाइपलाइनों को हटाने के काम की समीक्षा करना था। सचिव ने साफ कहा कि जनहित की इन योजनाओं में किसी भी स्तर पर देरी बर्दाश्त नहीं होगी।
हाई-लेवल बैठक में कई विभागों के अधिकारी रहे मौजूद
समीक्षा भवन में आयोजित इस बैठक में बिजली, जल संसाधन, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) और गेल (GAIL) के बड़े अधिकारी शामिल हुए। बैठक में मुख्य रूप से NBPDCL के एमडी राहुल कुमार, पथ निर्माण विभाग की विशेष सचिव डॉ. शैलजा शर्मा, SBPDCL के एमडी सौरभ जोरवाल सहित कई प्रमंडलों के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े।
बैठक में बिहार की 6 सबसे बड़ी सड़क परियोजनाओं के रास्ते में आ रही बाधाओं को दूर करने का निर्देश दिया गया:
अरवल-बिहारशरीफ फोर-लेन (NH-33)
- परियोजना की लंबाई: 89 किलोमीटर (अत्यंत महत्वपूर्ण रूट)।
- कनेक्टिविटी: अरवल, जहानाबाद और नालंदा।
- ताजा अपडेट: इसके रास्ते में आ रहे बिजली के खंभों और हाई-टेंशन (HT) लाइनों को हटाने के लिए संयुक्त सर्वे पूरा हो चुका है। सचिव ने एस्टीमेट (प्राक्कलनों) को तुरंत फाइनल कर बिजली पोल शिफ्टिंग का काम शुरू करने को कहा है।
पटना-पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे
- महत्व: यह एक्सप्रेसवे बिहार के पूर्व और पश्चिम हिस्से के संपर्क (कनेक्टिविटी) को अभूतपूर्व मजबूती देगा।
- अवरोध: एक्सप्रेसवे के रूट में जलापूर्ति पाइपलाइनें, चापाकल और सीवरेज आ रहे हैं।
- ताजा अपडेट: दरभंगा, समस्तीपुर और सहरसा प्रमंडलों के अभियंताओं को पाइपलाइन ट्रांसफर के लंबित एस्टीमेट को तुरंत मंजूर कर मुख्यालय भेजने का अल्टीमेटम दिया गया है।
मशरख-चकिया-भिट्ठामोड़ (राम जानकी मार्ग)
- महत्व: धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से बेहद खास सड़क।
- अवरोध: सारण, गोपालगंज और पूर्वी चंपारण में विभिन्न नहरों पर क्रॉसिंग बनाने में आ रही दिक्कत।
- ताजा अपडेट: जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे एक सप्ताह के भीतर संयुक्त रूप से स्थल निरीक्षण कर एनओसी (No Objection Certificate) जारी करें।
जयनगर उत्तरी एवं दक्षिणी बाईपास (NH-227)
- लंबाई: कुल 20 किलोमीटर।
- फायदा: जयनगर शहर को ट्रैफिक जाम से पूरी तरह मुक्ति मिलेगी।
- ताजा अपडेट: झंझारपुर प्रमंडल में बाढ़ नियंत्रण विभाग के साथ संयुक्त सर्वे पूरा हो गया है। एनओसी के लिए तकनीकी स्वीकृति की अनुशंसा जल संसाधन विभाग को भेज दी गई है।
बेतिया-मंगलपुर सड़क परियोजना
- कनेक्टिविटी: पश्चिमी और पूर्वी चंपारण को आपस में जोड़ती है।
- ताजा अपडेट: इस मार्ग में आ रही रेलवे क्रॉसिंग और बिजली के तारों की बाधाओं को दूर करने के लिए मोतिहारी और बेतिया प्रमंडलों में युद्ध स्तर पर काम शुरू करने का निर्देश दिया गया है।
मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी-सोनबरसा फोरलेन (NH-22) और मणिकपुर-साहिबगंज मार्ग
- लंबाई: 86.80 किलोमीटर (भारत-नेपाल सीमा को जोड़ने वाला मार्ग)।
- ताजा अपडेट: साहिबगंज-मणिकपुर (NH-139W) और इस फोरलेन मार्ग में नहर क्रॉसिंग के जितने भी लंबित एनओसी मामले हैं, उन्हें इसी सप्ताह के भीतर हर हाल में क्लियर करने का आदेश दिया गया है।
आपसी तालमेल के लिए हर विभाग में बनेगा ‘नोडल अधिकारी’
काम को बिना किसी रुकावट के तेजी से आगे बढ़ाने के लिए सचिव पंकज कुमार पाल ने एक बड़ा फैसला लिया है। अब यूटिलिटी शिफ्टिंग और एनओसी क्लीयरेंस से जुड़े हर संबंधित विभाग में एक नोडल अधिकारी (Node Officer) की नियुक्ति की जाएगी। यह अधिकारी हर सप्ताह काम की प्रगति रिपोर्ट सौंपेगा। सचिव ने कहा कि इन सड़कों के बनने से बिहार में परिवहन, अर्थव्यवस्था और कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव आएगा, इसलिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ तय डेडलाइन के भीतर काम पूरा करें।


